1 पौलà¥à¤¸ की ओर से जो परमेशà¥à¤µà¤° की इचà¥â€à¤›à¤¾ से यीशॠमसीह का पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ होने के लिथे बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ गया और à¤à¤¾à¤ˆ सोसà¥à¤¯à¤¿à¤¨à¥‡à¤¸ की ओर से। 2 परमेशà¥à¤µà¤° की उस कलीसिया के नामि जो कà¥à¤°à¤¿à¤¨à¥à¤¯à¥à¤¸ में है, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€ उन के नाम जो मसीह यीशॠमें पवितà¥à¤° किठगà¤, और पवितà¥à¤° होने के लिथे बà¥à¤²à¤¾à¤ गठहैं; और उन सब के नाम à¤à¥€ जो हर जगह हमारे और अपके पà¥à¤°à¤à¥ यीशॠमसीह के नाम की पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करते हैं। 3 हमारे पिता परमेशà¥à¤µà¤° और पà¥à¤°à¤à¥ यीशॠमसीह की ओर से तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ और शानà¥â€à¤¤à¤¿ मिलती रहे।। 4 मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ विषय में अपके परमेशà¥à¤µà¤° का धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ सदा करता हूं, इसलिथे कि परमेशà¥à¤µà¤° का यह अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ तà¥à¤® पर मसीह यीशॠमें हà¥à¤†à¥¤ 5 कि उस में होकर तà¥à¤® हर बात में अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€ सारे वचन और सारे जà¥à¤žà¤¾à¤¨ में धनी किठगà¤à¥¤ 6 कि मसीह की गवाही तà¥à¤® में पकà¥à¤•à¥€ निकली। 7 यहां तक कि किसी बरदान में तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ घटी नहीं, और तà¥à¤® हमारे पà¥à¤°à¤à¥ यीशॠमसीह के पà¥à¤°à¤—ट होने की बाट जोहते रहते हो। 8 वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनà¥â€à¤¤ तक दृॠà¤à¥€ करेगा, कि तà¥à¤® हमारे पà¥à¤°à¤à¥ यीशॠमसीह के दिन में निरà¥à¤¦à¥‹à¤· ठहरो। 9 परमेशà¥à¤µà¤° सचà¥â€à¤šà¤¾ है; जिस ने तà¥à¤® को अपके पà¥à¤¤à¥à¤° हमारे पà¥à¤°à¤à¥ यीशॠमसीह की संगति में बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ है।। 10 हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹, मैं तà¥à¤® से यीशॠमसीह जो हमारा पà¥à¤°à¤à¥ है उसके नाम के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बिनती करता हूं, कि तà¥à¤® सब à¤à¤• ही बात कहो; और तà¥à¤® में फूट न हो, परनà¥â€à¤¤à¥ à¤à¤• ही मन और à¤à¤• ही मत होकर मिले रहो। 11 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हे मेरे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚, खलोठके घराने के लोगोंने मà¥à¤à¥‡ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ विषय में बताया है, कि तà¥à¤® में फगड़े हो रहे हैं। 12 मेरा कहना यह है, कि तà¥à¤® में से कोई तो अपके आप को पौलà¥à¤¸ का, कोई अपà¥à¤²à¥à¤²à¥‹à¤¸ का, कोई कैफा का, कोई मसीह का कहता है। 13 कà¥â€à¤¯à¤¾ मसीह बट गया कà¥â€à¤¯à¤¾ पौलà¥à¤¸ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे कà¥à¤°à¥‚स पर चढ़ाया गया या तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ पौलà¥à¤¸ के नाम पर बपतिसà¥à¥˜à¤¾ मिला 14 मैं परमेशà¥à¤µà¤° का धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ करता हूं, कि कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥â€à¤ªà¥à¤¸ और गयà¥à¤¸ को छोड़, मैं ने तà¥à¤® में से किसी को à¤à¥€ बपतिसà¥à¥˜à¤¾ नहीं दिया। 15 कहीं à¤à¤¸à¤¾ नह हो, कि कोई कहे, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ मेरे नाम पर बपतिसà¥à¥˜à¤¾ मिला। 16 और मैं ने सà¥â€à¤¤à¤¿à¤«à¤¨à¤¾à¤¸ के घराने को à¤à¥€ बपतिसà¥à¥˜à¤¾ दिया; इन को छोड़, मैं नहीं जानता कि मैं ने और किसी को बपतिसà¥à¥˜à¤¾ दिया। 17 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मसीह ने मà¥à¤à¥‡ बपतिसà¥à¥˜à¤¾ देने को नहीं, बरन सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥‡ को à¤à¥‡à¤œà¤¾ है, और यह à¤à¥€ शबà¥â€à¤¦à¥‹à¤‚के जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नहीं, à¤à¤¸à¤¾ न हो कि मसीह का कà¥à¤°à¥‚स वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¯ ठहरे। 18 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¥à¤°à¥‚स की कया नाश होनेवालोंके निकट मूरà¥à¤–ता है, परनà¥â€à¤¤à¥ हम उदà¥à¤§à¤¾à¤° पानेवालोंके निकट परमेशà¥à¤µà¤° की सामरà¥à¤¯ है। 19 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤•à¤¿ लिखा है, कि मैं जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚के जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को नाश करूंगा, और समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚की समठको तà¥à¤šà¥â€à¤› कर दूंगा। 20 कहां रहा जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤µà¤¾à¤¨ कहां रहा शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ कहां इस संसार का विवादी कà¥â€à¤¯à¤¾ परमेशà¥à¤µà¤° ने संसार के जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को मूरà¥à¤–ता नहीं ठहराया 21 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जब परमेशà¥à¤µà¤° के जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° संसार ने जà¥à¤žà¤¾à¤¨ से परमेशà¥à¤µà¤° को न जाना तो परमेशà¥à¤µà¤° को यह अचà¥â€à¤›à¤¾ लगा, कि इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की मूरà¥à¤–ता के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करनेवालोंको उदà¥à¤§à¤¾à¤° दे। 22 यहूदी तो चिनà¥â€à¤¹ चाहते हैं, और यूनानी जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की खोज में हैं। 23 परनà¥â€à¤¤à¥ हम तो उस कà¥à¤°à¥‚स पर चढ़ाठहà¥à¤ मसीह का पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करते हैं जो यहूदियोंके निकट ठोकर का कारण, और अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के निकट मूरà¥à¤–ता है। 24 परनà¥â€à¤¤à¥ जो बà¥à¤²à¤¾à¤ हà¥à¤ हैं कà¥â€à¤¯à¤¾ यहूदी, कà¥â€à¤¯à¤¾ यूनानी, उन के निकट मसीह परमेशà¥à¤µà¤° की सामरà¥à¤¯, और परमेशà¥à¤µà¤° का जà¥à¤žà¤¾à¤¨ है। 25 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि परमेशà¥à¤µà¤° की मूरà¥à¤–ता मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के जà¥à¤žà¤¾à¤¨ से जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤µà¤¾à¤¨ है; और परमेशà¥à¤µà¤° की निरà¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के बल से बहà¥à¤¤ बलवान है।। 26 हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹, अपके बà¥à¤²à¤¾à¤ जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बहà¥à¤¤ जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤µà¤¾à¤¨, और न बहà¥à¤¤ सामरà¥à¤¯à¥€, और न बहà¥à¤¤ कà¥à¤²à¥€à¤¨ बà¥à¤²à¤¾à¤ गà¤à¥¤ 27 परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° ने जगत के मूरà¥à¤–ोंको चà¥à¤¨ लिया है, कि जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤µà¤¾à¤²à¥‹à¤‚को लजà¥à¥›à¤¿à¤¤ करे; और परमेशà¥à¤µà¤° ने जगत के निरà¥à¤¬à¤²à¥‹à¤‚को चà¥à¤¨ लिया है, कि बलवानोंको लजà¥à¥›à¤¿à¤¤ करे। 28 और परमेशà¥à¤µà¤° ने जगत के नीचोंऔर तà¥à¤šà¥â€à¤›à¥‹à¤‚को, बरन जो हैं à¤à¥€ नहीं उन को à¤à¥€ चà¥à¤¨ लिया, कि उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ जो हैं, वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¯ ठहराà¤à¥¤ 29 ताकि कोई पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ परमेशà¥à¤µà¤° के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ घमणà¥â€à¤¡ न करने पाà¤à¥¤ 30 परनà¥â€à¤¤à¥ उसी की ओर से तà¥à¤® मसीह यीशॠमें हो, जो परमेशà¥à¤µà¤° की ओर से हमारे लिथे जà¥à¤žà¤¾à¤¨ ठहरा अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€ धरà¥à¤®, और पवितà¥à¤°à¤¤à¤¾, और छà¥à¤Ÿà¤•à¤¾à¤°à¤¾à¥¤ 31 ताकि जैसा लिखा है, वैसा ही हो, कि जो घमणà¥â€à¤¡ करे वह पà¥à¤°à¤à¥ में घमणà¥â€à¤¡ करे।।
1 और हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚, जब मैं परमेशà¥à¤µà¤° का à¤à¥‡à¤¦ सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤¾ हà¥à¤† तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास आया, तो वचन या जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की उतà¥à¤¤à¤®à¤¤à¤¾ के साय नहीं आया। 2 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं ने यह ठान लिया या, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ बीच यीशॠमसीह, बरन कà¥à¤°à¥‚स पर चढ़ाठहà¥à¤ मसीह को छोड़ और किसी बात को न जानूं। 3 और मैं निरà¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ और à¤à¤¯ के साय, और बहà¥à¤¤ यरयराता हà¥à¤† तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ साय रहा। 4 ओर मेरे वचन, और मेरे पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° में जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की लà¥à¤à¤¾à¤¨à¥‡à¤µà¤¾à¤²à¥€ बातें नहीं; परनà¥â€à¤¤à¥ आतà¥à¥˜à¤¾ और सामरà¥à¤¯ का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ या। 5 इसलिथे कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पर नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° की सामरà¥à¤¯ पर निरà¥à¤à¤° हो।। 6 फिर à¤à¥€ सिदà¥à¤§ लोगोंमें हम जà¥à¤žà¤¾à¤¨ सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¥‡ हैं: परनà¥â€à¤¤à¥ इस संसार का और इस संसार के नाश होनेवाले हाकिमोंका जà¥à¤žà¤¾à¤¨ नहीं। 7 परनà¥â€à¤¤à¥ हम परमेशà¥à¤µà¤° का वह गà¥à¤ªà¥â€à¤¤ जà¥à¤žà¤¾à¤¨, à¤à¥‡à¤¦ की रीति पर बताते हैं, जिसे परमेशà¥à¤µà¤° ने सनातन से हमारी महिमा के लिथे ठहराया। 8 जिसे इस संसार के हाकिमोंमें से किसी ने नहीं जाना, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यदि जानते, तो तेजोमय पà¥à¤°à¤à¥ को कà¥à¤°à¥‚स पर न चढ़ाते। 9 परनà¥â€à¤¤à¥ जैसा लिखा है, कि जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सà¥à¤¨à¤¾, और जो बातें मनà¥à¤·à¥à¤¯ के चितà¥à¤¤ में नहीं चढ़ी वे ही हैं, जो परमेशà¥à¤µà¤° ने अपके पà¥à¤°à¥‡à¤® रखनेवालोंके लिथे तैयार की हैं। 10 परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° ने उन को अपके आतà¥à¥˜à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हम पर पà¥à¤°à¤—ट किया; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि आतà¥à¥˜à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हम पर पà¥à¤°à¤—ट किया; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि आतà¥à¥˜à¤¾ सब बातें, बरन परमेशà¥à¤µà¤° की गूढ़ बातें à¤à¥€ जांचता है। 11 मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚में से कौन किसी मनà¥à¤·à¥à¤¯ की बातें जानता, केवल मनà¥à¤·à¥à¤¯ की बातें à¤à¥€ कोई नहीं जानता, केवल परमेवर का आतà¥à¥˜à¤¾à¥¤ 12 परनà¥â€à¤¤à¥ हम ने संसार की आतà¥à¥˜à¤¾ नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ वह आतà¥à¥˜à¤¾ पाया है, जो परमेशà¥à¤µà¤° की ओर से है, कि हम उन बातोंको जानें, जो परमेशà¥à¤µà¤° ने हमें दी हैं। 13 जिन को हम मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की सिखाई हà¥à¤ˆ बातोंमें नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ आतà¥à¥˜à¤¾ की सिखाई हà¥à¤ˆ बातोंमें, आतà¥à¥˜à¤¿à¤• बातें आतà¥à¥˜à¤¿à¤• बातोंसे मिला मिलाकर सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। 14 परनतॠशारीरिक मनà¥à¤·à¥à¤¯ परमेशà¥à¤µà¤° के आतà¥à¥˜à¤¾ की बातें गà¥à¤°à¤¹à¤£ नहीं करता, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे उस की दृषà¥â€à¤Ÿà¤¿ में मूरà¥à¤–ता की बातें हैं, और न वह उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ जान सकता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि उन की जांच आतà¥à¥˜à¤¿à¤• रीति से होती है। 15 आतà¥à¥˜à¤¿à¤• जन सब कà¥à¤› जांचता है, परनà¥â€à¤¤à¥ वह आप किसी से जांचा नहीं जाता। 16 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¤à¥ का मन किस ने जाना है, कि उसे सिखलाठपरनà¥â€à¤¤à¥ हम में मसीह का मन है।।
1 हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚, मैं तà¥à¤® से इस रीति से बातें न कर सका, जैसे आतà¥à¥˜à¤¿à¤• लोगोंसे; परनà¥â€à¤¤à¥ जैसे शारीरिक लोगोंसे, और उन से जो मसीह में बालक हैं। 2 में ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूध पिलाया, अनà¥à¤¨ न खिलाया; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤® उस को न खा सकते थे; बारन अब तक à¤à¥€ नहीं खा सकते हो। 3 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि अब तक शारीरिक हो, इसलिथे, कि जब तà¥à¤® में डाह और फगड़ा है, तो कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® शारीरिक नहीं और मनà¥à¤·à¥à¤¯ की रीति पर नहीं चलते 4 इसलिथे कि जब à¤à¤• कहता है, कि मैं पौलà¥à¤¸ का हूं, और दूसरा कि मैं अपà¥à¤²à¥à¤²à¥‹à¤¸ का हूं, तो कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® मनà¥à¤·à¥à¤¯ नहीं 5 अपà¥à¤²à¥à¤²à¥‹à¤¸ कà¥â€à¤¯à¤¾ है और पौलà¥à¤¸ कà¥â€à¤¯à¤¾ केवल सेवक, जिन के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ तà¥à¤® ने विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ किया, जैसा हर à¤à¤• को पà¥à¤°à¤à¥ ने दिया। 6 मैं ने लगाया, अपà¥à¤²à¥à¤²à¥‹à¤¸ ने सींचा, परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° ने बढ़ाया। 7 इसलिथे न तो लगानेवाला कà¥à¤› है, और न सींचनेवाला, परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° जो बढ़ानेवाला है। 8 लगानेवाला और सींचनेवाला दानोंà¤à¤• हैं; परनà¥â€à¤¤à¥ हर à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपके ही परिशà¥à¤°à¥à¤® के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अपकà¥à¤•à¥€ ही मजदूरी पाà¤à¤—ा। 9 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हम परमेशà¥à¤µà¤° के सहकरà¥à¤®à¥€ हैं; तà¥à¤® परमेशà¥à¤µà¤° की खेती और परमेशà¥à¤µà¤° की रचना हो। 10 परमेशà¥à¤µà¤° के उस अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, जो मà¥à¤à¥ˆ दिया गया, मैं ने बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ राजमिसà¥à¤°à¥€ की नाईं नेव डाली, और दूसरा उस पर रदà¥à¤¦à¤¾ रखता है; परनà¥â€à¤¤à¥ हर à¤à¤• मनà¥à¤·à¥à¤¯ चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रदà¥à¤¦à¤¾ रखता है। 11 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशॠमसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता। 12 और यदि कोई इस नेव पर सोना या चानà¥â€à¤¦à¥€ या बहà¥à¤®à¥‹à¤² पतà¥à¤¯à¤° या काठया घास या फूस का रदà¥à¤¦à¤¾ रखता है। 13 तो हर à¤à¤• का काम पà¥à¤°à¤—ट हो जाà¤à¤—ा; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह दिन उसे बताà¤à¤—ा; इसलिथे कि आग के साय पà¥à¤°à¤—ट होगा: और वह आग हर à¤à¤• का काम परखेगी कि कैसा है 14 जिस का काम उस पर बना हà¥à¤† सà¥à¤¯à¤¿à¤° रहेगा, वह मजदूरी पाà¤à¤—ा। 15 और यदि किसी का काम जल जाà¤à¤—ा, तो हानि उठाà¤à¤—ा; पर वह आप बच जाà¤à¤—ा परनà¥â€à¤¤à¥ जलते जलते।। 16 कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® नहीं जानते, कि तà¥à¤® परमेशà¥à¤µà¤° का मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° हो, और परमेशà¥à¤µà¤° का आतà¥à¥˜à¤¾ तà¥à¤® में वास करता है 17 यदि कोई परमेशà¥à¤µà¤° के मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° को नाश करेगा तो परमेशà¥à¤µà¤° उसे नाश करेगा; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि परमेशà¥à¤µà¤° का मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° पवितà¥à¤° है, और वह तà¥à¤® हो। 18 कोई अपन आप को धोखा न दे: यदि तà¥à¤® में से कोई इस संसार में अपके आप को जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€ समà¤à¥‡, तो मूरà¥à¤– बने; कि जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€ हो जाà¤à¥¤ 19 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इस संसार का जà¥à¤žà¤¾à¤¨ परमेशà¥à¤µà¤° के निकट मूरà¥à¤–ता है, जैसा लिखा है; कि वह जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को उन की चतà¥à¤°à¤¾à¤ˆ में फंसा देता है। 20 और फिर पà¥à¤°à¤à¥ जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की चिनà¥â€à¤¤à¤¾à¤“ं को जानता है, कि वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¯ हैं। 21 इसलिथे मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚पर कोई घमणà¥â€à¤¡ न करे, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि सब कà¥à¤› तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ है। 22 कà¥â€à¤¯à¤¾ पौलà¥à¤¸, कà¥â€à¤¯à¤¾ अपà¥à¤²à¥à¤²à¥‹à¤¸, कà¥â€à¤¯à¤¾ कैफा, कà¥â€à¤¯à¤¾ जगत, कà¥â€à¤¯à¤¾ जीवन, कà¥â€à¤¯à¤¾ मरण, कà¥â€à¤¯à¤¾ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨, कà¥â€à¤¯à¤¾ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯, सब कà¥à¤› तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ है, 23 और तà¥à¤® मसीह के हो, और मसीह परमेशà¥à¤µà¤° का है।।
1 मनà¥à¤·à¥à¤¯ हमें मसीह के सेवक और परमेशà¥à¤µà¤° के à¤à¥‡à¤¦à¥‹à¤‚के à¤à¤£à¥â€à¤¡à¤¾à¤°à¥€ समà¤à¥‡à¥¤ 2 फिर यहां à¤à¤£à¥â€à¤¡à¤¾à¤°à¥€ में यह बात देखी जाती है, कि विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ योगà¥à¤¯ निकले। 3 परनà¥â€à¤¤à¥ मेरी दृषà¥â€à¤Ÿà¤¿ में यह बहà¥à¤¤ छोटी बात है, कि तà¥à¤® या मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚का कोई नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€ मà¥à¤à¥‡ परखे, बरन मैं आप ही अपके आप को नहीं परखता। 4 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मेरा मन मà¥à¤à¥‡ किसी बात में दोषी नहीं ठहराता, परनà¥â€à¤¤à¥ इस से मैं निरà¥à¤¦à¥‹à¤· नहीं ठहरता, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मेरा परखने वाला पà¥à¤°à¤à¥ है। 5 सो जब तक पà¥à¤°à¤à¥ न आà¤, समय से पहिले किसी बात का नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ न करो: वही तो अनà¥â€à¤§à¤•à¤¾à¤° की छिपी बातें जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿ में दिखाà¤à¤—ा, और मनोंकी मतियोंको पà¥à¤°à¤—ट करेगा, तब परमेशà¥à¤µà¤° की ओर से हर à¤à¤• की पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा होगी।। 6 हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚, मैं ने इन बातोंमें तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे अपकà¥à¤•à¥€ और अपà¥à¤²à¥à¤²à¥‹à¤¸ की चरà¥à¤šà¤¾, दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ की रीति पर की है, इसलिथे कि तà¥à¤® हमारे दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ यह सीखो, कि लिखे हà¥à¤ से आगे न बढ़ना, और à¤à¤• के पठमें और दूसरे के विरोध में गरà¥à¤µ न करना। 7 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤ में और दूसरे में कौन à¤à¥‡à¤¦ करता है और तेरे पास कà¥â€à¤¯à¤¾ है जो तू ने (दूसरे से) नहीं पाया: और जब कि तॠने (दूसरे से) पाया है, तो à¤à¤¸à¤¾ घमणà¥â€à¤¡ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚करता है, कि मानोंनही पाया 8 तà¥à¤® तो तृपà¥â€à¤¤ हो चà¥à¤•à¥‡; तà¥à¤® धनी हो चà¥à¤•à¥‡, तà¥à¤® ने हमारे बिना राजà¥à¤¯ किया; परनà¥â€à¤¤à¥ à¤à¤²à¤¾ होता कि तà¥à¤® राजà¥à¤¯ करते कि हम à¤à¥€ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ साय राजà¥à¤¯ करते। 9 मेरी समठमें परमेशà¥à¤µà¤° ने हम पà¥à¤°à¤°à¤¿à¤¤à¥‹à¤‚को सब के बाद उन लोगोंकी नाई ठहराया है, जिन की मृतà¥à¤¯à¥ की आजà¥à¤žà¤¾ हो चà¥à¤•à¥€ हो; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हम जगत और सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—दूतोंऔर मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के लिथे तमाशा ठहरे हैं। 10 हम मसीह के लिथे मूरà¥à¤– है; परनà¥â€à¤¤à¥ तà¥à¤® मसीह में बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ हो: हम निरà¥à¤¬à¤² हैं परनà¥â€à¤¤à¥ तà¥à¤® बलवान हो: तà¥à¤® आदर पाते हो, परनà¥â€à¤¤à¥ हम निरादर होते हैं। 11 हम इस घड़ी तक à¤à¥‚खे-पà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥‡ और नंगे हैं, और घूसे खाते हैं और मारे मारे फिरते हैं; और अपके ही हाथोंके काम करके परिशà¥à¤°à¥à¤® करते हैं। 12 लोग बà¥à¤°à¤¾ कहते हैं, हम आशीष देते हैं; वे सताते हैं, हम सहते हैं। 13 वे बदना करते हैं, हम बिनती करते हैं: हम आज तक जगत के कूड़े और सब वसà¥â€à¤¤à¥à¤“ं की खà¥à¤°à¤šà¤¨ की नाई ठहरे हैं।। 14 मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ लजà¥à¥›à¤¿à¤¤ करते के लिथे थे बातें नहीं लिखता, परनà¥â€à¤¤à¥ अपके पà¥à¤°à¤¿à¤¯ बालक जानकर उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ चितात हूं। 15 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यदि मसीह में तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ सिखानेवाले दस हजार à¤à¥€ होते, तौà¤à¥€ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पिता बहà¥à¤¤ से नहीं, इसलिथे कि मसीह यीशॠमें सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ पिता हà¥à¤†à¥¤ 16 सो मैं तà¥à¤® से बिनती करता हूं, कि मेरी सी चाल चलो। 17 इसलिथे मैं ने तीमà¥à¤¯à¤¿à¤¯à¥à¤¸ को जो पà¥à¤°à¤à¥ में मेरा पà¥à¤°à¤¿à¤¯ और विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤¯ पà¥à¤¤à¥à¤° है, तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास à¤à¥‡à¤œà¤¾ है, और वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ मसीह में मेरा चरितà¥à¤° सà¥à¥˜à¤°à¤£ कराà¤à¤—ा, जैसे कि मैं हर जगह हर à¤à¤• कलीसिया में उपकेश करता हूं। 18 कितने तो उसे फूल गठहैं, मानोंमैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास आने ही का नहीं। 19 परनà¥â€à¤¤à¥ पà¥à¤°à¤à¥ चाहे तो मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास शीघà¥à¤° ही आऊंगा, और उन फूले हà¥à¤“ं की बातोंको नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ उन की सामरà¥à¤¯ को जान लूंगा। 20 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि परमशà¥â€à¥‡à¤µà¤° का राजà¥à¤¯ बातोंमें नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ सामरà¥à¤¯ में है। 21 तà¥à¤® कà¥â€à¤¯à¤¾ चाहते हो कà¥â€à¤¯à¤¾ मैं छड़ी लेकर तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास आऊं या पà¥à¤°à¥‡à¤® और नमà¥à¤°à¤¤à¤¾ की आतà¥à¥˜à¤¾ के साय
1 यहां तक सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ में आता है, कि तà¥à¤® में वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° होता है, बरन à¤à¤¸à¤¾ वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° जो अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚में à¤à¥€ नहीं होता, कि à¤à¤• मनà¥à¤·à¥à¤¯ अपके पिता की पतà¥â€à¤¨à¥€ को रखता है। 2 और तà¥à¤® शोक तो नहीं करते, जिस से à¤à¤¸à¤¾ काम करनेवाला तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ बीच में से निकाला जाता, परनà¥â€à¤¤à¥ घमणà¥â€à¤¡ करते हो। 3 मैं तो शरीर के à¤à¤¾à¤µ से दूर या, परनà¥â€à¤¤à¥ आतà¥à¥˜à¤¾ के à¤à¤¾à¤µ से तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ साय होकर, मानो उपसà¥à¤¯à¤¿à¤¤à¤¿ ही दशा में à¤à¤¸à¥‡ काम करनेवाले के विषय में यह आजà¥à¤žà¤¾ दे चà¥à¤•à¤¾ हूं। 4 कि जब तà¥à¤®, और मेरी आतà¥à¥˜à¤¾, हमारे पà¥à¤°à¤à¥ यीशॠकी सामरà¥à¤¯ के साय इकटà¥à¤ े हो, तो à¤à¤¸à¤¾ मनà¥à¤·à¥à¤¯, हमारे पà¥à¤°à¤à¥ यीशॠके नाम से। 5 शरीर के विनाश के लिथे शैतान को सौंपा जाà¤, ताकि उस की आतà¥à¥˜à¤¾ पà¥à¤°à¤à¥ यीशॠके दिन में उदà¥à¤§à¤¾à¤° पाà¤à¥¤ 6 तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ घमणà¥â€à¤¡ करना अचà¥â€à¤›à¤¾ नहीं; कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® नहीं जानते, कि योड़ा सा खमीर पूरे गूंधे हà¥à¤ आटे को खमीर कर देता है। 7 पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ खमीर निकाल कर, अपके आप को शà¥à¤¦à¥à¤§ करो: कि नया गूंधा हà¥à¤† आटा बन जाओ; ताकि तà¥à¤® अखमीरी हो, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हमारा à¤à¥€ फसह जो मसीह है, बलिदान हà¥à¤† है। 8 सो आओ हम उतà¥â€à¤¸à¤µ में आननà¥â€à¤¦ मनावें, न तो पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ खमीर से और न बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ और दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¤à¤¾ के खमीर से, परनà¥â€à¤¤à¥ सीधाई और सचà¥â€à¤šà¤¾à¤ˆ की अखमीरी रोटी से।। 9 मैं ने अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥à¤°à¥€ में तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ लिखा है, कि वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की संगति न करना। 10 यह नहीं, कि तà¥à¤® बिलकà¥à¤² इस जगत के वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, या लोà¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, या अनà¥â€à¤§à¥‡à¤° करनेवालों, या मूतà¥à¤¤à¤¿à¤ªà¥‚जकोंकी संगति न करो; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दशा में तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ जगत में से निकल जाना ही पड़ता। 11 मेरा कहना यह है; कि यदि कोई à¤à¤¾à¤ˆ कहलाकर, वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤°à¥€, या लोà¤à¥€, या मूतà¥à¤¤à¤¿à¤ªà¥‚जक, या गाली देनेवाला, या पिय?ड़, या अनà¥â€à¤§à¥‡à¤° करनेवाला हो, तो उस की संगति मत करना; बरन à¤à¤¸à¥‡ मनà¥à¤·à¥à¤¯ के साय खाना à¤à¥€ न खाना। 12 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मà¥à¤à¥‡ बाहरवालोंका नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ करने से कà¥â€à¤¯à¤¾ काम कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® à¤à¥€à¤¤à¤°à¤µà¤¾à¤²à¥‹à¤‚का नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ नहीं करते 13 परनà¥â€à¤¤à¥ बाहरवालोंका नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ परमेशà¥à¤µà¤° करता है: इसलिथे उस कà¥à¤•à¤°à¥à¤®à¥€ को अपके बीच में से निकाल दो।।
1 कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® में से किसी को यह हियाव है, कि जब दूसरे के साय फगड़ा हो, तो फैसले के लिथे अधिमिरà¥à¤¯à¥‹à¤‚के पास जाà¤; और पवितà¥à¤° लागोंके पास न जाठ2 कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® नहीं जानते, कि पवितà¥à¤° लोग जगत का नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ करेंगे सो जब तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ जगत का नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ करना हे, तो कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® छोटे से छोटे फगड़ोंका à¤à¥€ निरà¥à¤£à¤¯ करने के योगà¥à¤¯ नहीं 3 कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® नहीं जानते, कि हम सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—दूतोंका नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ करेंगे तो कà¥â€à¤¯à¤¾ सांसारिक बातोंका निरà¥à¤£à¤¯ करना हो, तो कà¥â€à¤¯à¤¾ उनà¥â€à¤¹à¥€à¤‚ को बैठाओगे जो कलीसिया में कà¥à¤› नहीं समà¤à¥‡ जाते हैं 4 सो यदि तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ सांसारिक बातोंका निरà¥à¤£à¤¯ करना हो, तो कà¥â€à¤¯à¤¾ उनà¥â€à¤¹à¥€à¤‚ को बैठाओगे जो कलीसिया में कà¥à¤› नहीं समà¤à¥‡ जाते हैं 5 मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ लजà¥à¥›à¤¿à¤¤ करने के लिथे यह कहता हूं: कà¥â€à¤¯à¤¾ सचमà¥à¤š तà¥à¤® में से à¤à¤• à¤à¥€ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ नहीं मिलता, जो अपके à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚का निरà¥à¤£à¤¯ कर सके 6 बरन à¤à¤¾à¤ˆ à¤à¤¾à¤ˆ में मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¤¾ होता है, और वह à¤à¥€ अविशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡à¥¤ 7 परनà¥â€à¤¤à¥ सचमà¥à¤š तà¥à¤® में बड़ा दोष तो यह है, कि आपस में मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¤¾ करते हो: बरन अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚नहीं सहते अपकà¥à¤•à¥€ हानि कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚नहीं सहते 8 बरन अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ करते और हानि पहà¥à¤‚चाते हो, और वह à¤à¥€ à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚को। 9 कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® नहीं जानते, कि अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€ लोग परमेशà¥à¤µà¤° के राजà¥à¤¯ के वारिस न होंगे धोखा न खाओ, न वेशà¥à¤¯à¤¾à¤—ामी, न मूतà¥à¤¤à¤¿à¤ªà¥‚जक, न परसà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤—ामी, न लà¥à¤šà¥â€à¤šà¥‡, न पà¥à¤°à¥‚षगामी। 10 न चोर, न लोà¤à¥€, न पिय?ड़, न गाली देनेवाले, न अनà¥â€à¤§à¥‡à¤° करनेवाले परमेशà¥à¤µà¤° के राजà¥à¤¯ के वारिस होंगे। 11 और तà¥à¤® में से कितने à¤à¤¸à¥‡ ही थे, परनà¥â€à¤¤à¥ तà¥à¤® पà¥à¤°à¤à¥ यीशॠमसीह के नाम से और हमारे परमेशà¥à¤µà¤° के आतà¥à¥˜à¤¾ से धोठगà¤, और पवितà¥à¤° हà¥à¤ और धरà¥à¤®à¥€ ठहरे।। 12 सब वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ मेरे लिथे उचित तो हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ सब वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ लाठकी नहीं, सब वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ मेरे लिथे उचित हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ मैं किसी बात के आधीन न हूंगा। 13 à¤à¥‹à¤œà¤¨ पेट के लिथे, और पेट à¤à¥‹à¤œà¤¨ के लिथे है, परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° इस को और उस को दोनोंको नाश करेगा, परनà¥â€à¤¤à¥ देह वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° के लिथे नहीं, बरन पà¥à¤°à¤à¥ के लिथे; और पà¥à¤°à¤à¥ देह के लिथे है। 14 और परमेशà¥à¤µà¤° ने अपकà¥à¤•à¥€ सामरà¥à¤¯ से पà¥à¤°à¤à¥ को जिलाया, और हमें à¤à¥€ जिलाà¤à¤—ा। 15 कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® नहीं जानते, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ देह मसीह के अंग हैं सो कà¥â€à¤¯à¤¾ मैं मसीह के अंग लेकर उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ वेशà¥à¤¯à¤¾ के अंग बनाऊं कदापि नहीं। 16 कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® नहीं जानते, कि जो कोई वेशà¥à¤¯à¤¾ से संगति करता है, वह उसके साय à¤à¤• तन हो जाता है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह कहता है, कि वे दोनोंà¤à¤• तन होंगे। 17 और जो पà¥à¤°à¤à¥ की संगति में रहता है, वह उसके साय à¤à¤• आतà¥à¥˜à¤¾ हो जाता है। 18 वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° से बचे रहो: जितने और पाप मनà¥à¤·à¥à¤¯ करता है, वे देह के बाहर हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° करनेवाला अपकà¥à¤•à¥€ ही देह के विरूदà¥à¤§ पाप करता है। 19 कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® नहीं जानते, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ देह पवितà¥à¤°à¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾ का मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° है; जो तà¥à¤® में बसा हà¥à¤† है और तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ परमेशà¥à¤µà¤° की ओर से मिला है, और तà¥à¤® अपके नहीं हो 20 कयोंकि दाम देकर मोल लिथे गठहो, इसलिथे अपकà¥à¤•à¥€ देह के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ परमेशà¥à¤µà¤° की महिमा करो।।
1 उन बातोंके विषय में जो तà¥à¤® ने लिखीं, यह अचà¥â€à¤›à¤¾ है, कि पà¥à¤°à¥‚ष सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ को न छà¥à¤à¥¤ 2 परनà¥â€à¤¤à¥ वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° के डर से हर à¤à¤• पà¥à¤°à¥‚ष की पतà¥â€à¤¨à¥€, और हर à¤à¤• सतà¥à¤°à¥€ का पति हो। 3 पति अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥â€à¤¨à¥€ का ह? पूरा करे; और वैसे ही पतà¥â€à¤¨à¥€ à¤à¥€ अपके पति का। 4 पतà¥â€à¤¨à¥€ को अपकà¥à¤•à¥€ देह पर अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ नहीं पर उसके पति का अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ है; वैसे ही पति को à¤à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ देह पर अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ पतà¥â€à¤¨à¥€ को। 5 तà¥à¤® à¤à¤• दूसरे से अलग न रहो; परनà¥â€à¤¤à¥ केवल कà¥à¤› समय तक आपस की समà¥à¤®à¤¤à¤¿ से कि पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ के लिथे अवकाश मिले, और फिर à¤à¤• साय रहो, à¤à¤¸à¤¾ न हो, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ असंयम के कारण शैतान तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ परखे। 6 परनà¥â€à¤¤à¥ मैं जो यह कहता हूं वह अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ है न कि आजà¥à¤žà¤¾à¥¤ 7 मैं यह चाहता हूं, कि जैसा मैं हूं, वैसा ही सब मनà¥à¤·à¥à¤¯ हों; परनà¥â€à¤¤à¥ हर à¤à¤• को परमेशà¥à¤µà¤° की ओर से विशेष विशेष बरदान मिले हैं; किसी को किसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° का, और किसी को किसी और पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° का।। 8 परनà¥â€à¤¤à¥ मैं अविवाहितोंऔर विधवाओं के विषय में कहता हूं, कि उन के लिथे à¤à¤¸à¤¾ ही रहना अचà¥â€à¤›à¤¾ है, जैसा मैं हूं। 9 परनà¥â€à¤¤à¥ यदि वे संयम न कर सकें, तो विवाह करें; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि विवाह करना कामतà¥à¤° रहने से à¤à¤²à¤¾ है। 10 जिन का बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ हो गया है, उन को मैं नहीं, बरन पà¥à¤°à¤à¥ आजà¥à¤žà¤¾ देता है, कि पतà¥â€à¤¨à¥€ अपके पति से अलग न हो। 11 (और यदि अलग à¤à¥€ हो जाà¤, तो बिन दूसरा बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ किठरहे; या अपके पति से फिर मेल कर ले) और न पति अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥â€à¤¨à¥€ को छोड़े। 12 दूसरें से पà¥à¤°à¤à¥ नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ मैं ही कहता हूं, यदि किसी à¤à¤¾à¤ˆ की पतà¥â€à¤¨à¥€ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ न रखती हो, और उसके साय रहते से पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ हो, तो वह उसे न छोड़े। 13 और जिस सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का पति विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ न रखता हो, और उसके साय रहने से पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ हो; वह पति को न छोड़े। 14 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¤¾ पति जो विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ न रखता हो, वह पतà¥â€à¤¨à¥€ के कारण पवितà¥à¤° ठहरता है, और à¤à¤¸à¥€ पतà¥â€à¤¨à¥€ जो विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ नहीं रखती, पति के कारण पवितà¥à¤° ठहरती है; नहीं तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लड़केबालें अशà¥à¤¦à¥à¤§ होते, परनà¥â€à¤¤à¥ अब तो पवितà¥à¤° हैं। 15 परनà¥â€à¤¤à¥ जो पà¥à¤°à¥‚ष विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ नहीं रखता, यदि वह अलग हो, तो अलग होने दो, à¤à¤¸à¥€ दशा में कोई à¤à¤¾à¤ˆ या बहिन बनà¥â€à¤§à¤¨ में नहीं; परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° ने तो हमें मेल मिलाप के लिथे बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ है। 16 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हे सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€, तू कà¥â€à¤¯à¤¾ जानती है, कि तà¥à¤® अपके पति का उदà¥à¤§à¤¾à¤° करा ले और हे पà¥à¤°à¥‚ष, तू कà¥â€à¤¯à¤¾ जानता है कि तू अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥â€à¤¨à¥€ का उदà¥à¤§à¤¾à¤° करा ले 17 पर जैसा पà¥à¤°à¤à¥ ने हर à¤à¤• को बांटा है, और परमेशà¥à¤µà¤° ने हर à¤à¤• को बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ है; वैसा ही वह चले: और मैं सब कलीसियाओं में à¤à¤¸à¤¾ ही ठहराताह हूं। 18 जो खतना किया हà¥à¤… बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ गया हो, वह खतनारिहत न बने: जो खतनारिहत बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ गया हो, वह खतना न कराà¤à¥¤ 19 न खतना कà¥à¤› है, और न खतनारिहत परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° की आजà¥à¤žà¤¾à¤“ं को मानना ही सब कà¥à¤› है। 20 हर à¤à¤• जन जिस दशा में बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ गया हो, उसी में रहे। 21 यदि तू दास की दशा में बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ गया हो तो चिनà¥â€à¤¤à¤¾ न कर; परनà¥â€à¤¤à¥ यदि तू सà¥â€à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° हो सके, तो à¤à¤¸à¤¾ ही काम कर। 22 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जो दास की दशा में पà¥à¤°à¤à¥ में बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ गया है, वह पà¥à¤°à¤à¥ का सà¥â€à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° किया हà¥à¤† है: और वैसे ही जो सà¥â€à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ की दशा में बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ गया है, वह मसीह का दास है। 23 तà¥à¤® दाम देकर मोल लिथे गठहो, मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के दास न बनो। 24 हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹, जो कोई जिस दशा में बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ गया हो, वह उसी में परमेशà¥à¤µà¤° के साय रहे।। 25 कà¥à¤‚वारियोंके विषय में पà¥à¤°à¤à¥ की कोई आजà¥à¤žà¤¾ मà¥à¤à¥‡ नहीं मिली, परनà¥â€à¤¤à¥ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤¯ होने के लिथे जैसी दया पà¥à¤°à¤à¥ ने मà¥à¤ पर की है, उसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° समà¥à¤®à¤¤à¤¿ देता हूं। 26 सो मेरी समठमें यह अचà¥â€à¤›à¤¾ है, कि आजकल कà¥â€à¤²à¥‡à¤¶ के कारण मनà¥à¤·à¥à¤¯ जैसा है, वैसा ही रहे। 27 यदि तेरे पतà¥â€à¤¨à¥€ है, तो उस से अलग होने का यतà¥â€à¤¨ न कर: और यदि तेरे पतà¥â€à¤¨à¥€ नहीं, तो पतà¥â€à¤¨à¥€ की खोज न कर: 28 परनà¥â€à¤¤à¥ यदि तू बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ à¤à¥€ करे, तो पाप नहीं; और यदि कà¥à¤‚वारी बà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥€ जाठतो कोई पाप नहीं; परनà¥â€à¤¤à¥ à¤à¤¸à¥‹à¤‚को शारीरिक दà¥à¤– होगा, और मैं बचाना चाहता हूं। 29 हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹, मैं यह कहता हूं, कि समय कम किया गया है, इसलिथे चाहिठकि जिन के पतà¥â€à¤¨à¥€ हों, वे à¤à¤¸à¥‡ होंमानो उन के पतà¥â€à¤¨à¥€ नहीं। 30 और रोनेवाले à¤à¤¸à¥‡ हों, मानो रोते नहीं; और आननà¥â€à¤¦ करनेवाले à¤à¤¸à¥‡ हों, मानो आननà¥â€à¤¦ नहीं करते; और मोल लेनेवाले à¤à¤¸à¥‡ हों, कि मानो उन के पास कà¥à¤› है नहीं। 31 और इस संसार के बरतनेवाले à¤à¤¸à¥‡ हों, कि संसार ही के न हो लें; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इस संसार की रीति और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° बदलते जाते हैं। 32 सो मैं यह चाहता हूं, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ चिनà¥â€à¤¤à¤¾ न हो: अविवाहित पà¥à¤°à¥‚ष पà¥à¤°à¤à¥ की बातोंकी चिनà¥â€à¤¤à¤¾ में रहता है, कि पà¥à¤°à¤à¥ को कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ रखे। 33 परनà¥â€à¤¤à¥ विवाहित मनà¥à¤·à¥à¤¯ संसार की बातोंकी चिनà¥â€à¤¤à¤¾ में रहता है, कि अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥â€à¤¨à¥€ को किस रीति से पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ रखे। 34 विवाहिता और अविवाहिता में à¤à¥€ à¤à¥‡à¤¦ है: अविवाहिता पà¥à¤°à¤à¥ की चिनà¥â€à¤¤à¤¾ में रहती है, कि वह देह और आतà¥à¥˜à¤¾ दोनोंमें पवितà¥à¤° हो, परनà¥â€à¤¤à¥ विवाहिता संसार की चिनà¥â€à¤¤à¤¾ में रहती है, कि अपके पति को पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ रखे। 35 यह बात तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ ही लाठके लिथे कहता हूं, न कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ फंसाने के लिथे, बरन इसलिथे कि जैसा सोहता है, वैसा ही किया जाà¤; कि तà¥à¤® à¤à¤• चितà¥à¤¤ होकर पà¥à¤°à¤à¥ की सेवा में लगे रहो। 36 और यदि कोई यह समà¤à¥‡, कि मैं अपकà¥à¤•à¥€ उस कà¥à¤‚वारी का ह? मान रहा हूं, जिस की जवानी ढल चकà¥à¤•à¥€ है, और पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¥€ होà¤, तो जैसा चाहे, वैसा करे, इस में पाप नहीं, वह उसका बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ होने दे। 37 परनà¥â€à¤¤à¥ जो मन में दृॠरहता है, और उस को पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤œà¤¨ न हो, बरन अपकà¥à¤•à¥€ इचà¥â€à¤›à¤¾ पूरी करने में अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ रखता हो, और अपके मन में यह बात ठान ली हो, कि मैं अपकà¥à¤•à¥€ कà¥à¤‚वारी लड़की को बिन बà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥€ रखूंगा, वह अचà¥â€à¤›à¤¾ करता है। 38 सो जो अपकà¥à¤•à¥€ कà¥à¤‚वारी का बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ कर देता है, वह अचà¥â€à¤›à¤¾ करता है और जो बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ नहीं कर देता, वह और à¤à¥€ अचà¥â€à¤›à¤¾ करता है। 39 जब तक किसी सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का पति जीवित रहता है, तब तक वह उस से बनà¥â€à¤§à¥€ हà¥à¤ˆ है, परनà¥â€à¤¤à¥ जब उसका पति मर जाà¤, तो जिस से चाहे विवाह कर सकती है, परनà¥â€à¤¤à¥ केवल पà¥à¤°à¤à¥ में। 40 परनतॠजेसी है यदि वैसी ही रहे, तो मेरे विचार में और à¤à¥€ धनà¥à¤¯ है, और मैं समà¤à¤¤à¤¾ हूं, कि परमेशà¥à¤µà¤° का आतà¥à¥˜à¤¾ मà¥à¤ में à¤à¥€ है।।
1 अब मूरतोंके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ बलि की हà¥à¤ˆ वसà¥â€à¤¤à¥à¤“ं के विषय में हम जानते हैं, कि हम सब को जà¥à¤žà¤¾à¤¨ है: जà¥à¤žà¤¾à¤¨ घमणà¥â€à¤¡ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करता है, परनà¥â€à¤¤à¥ पà¥à¤°à¥‡à¤® से उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ होती है। 2 यदि कोई समà¤à¥‡, कि मैं कà¥à¤› जानता हूं, तो जैसा जानना चाहिठवैसा अब तक नहीं जानता। 3 परनà¥â€à¤¤à¥ यदि कोई परमेशà¥à¤µà¤° से पà¥à¤°à¥‡à¤® रखता है, तो उसे परमेशà¥à¤µà¤° पहिचानता है। 4 सो मूरतोंके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ बलि की हà¥à¤ˆ वसà¥â€à¤¤à¥à¤“ं के खाने के विषय में हम जानते हैं, कि मूरत जगत में कोई वसà¥â€à¤¤à¥ नहीं, और à¤à¤• को छोड़ और कोई परमेशà¥à¤µà¤° नहीं। 5 यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ आकाश में और पृयà¥â€à¤µà¥€ पर बहà¥à¤¤ से ईशà¥à¤µà¤° कहलाते हैं, (जैसा कि बहà¥à¤¤ से ईशà¥à¤µà¤° ओर बहà¥à¤¤ से पà¥à¤°à¤à¥ हैं)। 6 तौà¤à¥€ हमारे निकट तो à¤à¤• ही परमेशà¥à¤µà¤° है: अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€ पिता जिस की ओर से सब वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ हैं, और हम उसी के लिथे हैं, और à¤à¤• ही पà¥à¤°à¤à¥ है, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€ यीशॠमसीह जिस के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सब वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ हà¥à¤ˆ, और हम à¤à¥€ उसी के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हैं। 7 परनà¥â€à¤¤à¥ सब को यह जà¥à¤žà¤¾à¤¨ नही; परनà¥â€à¤¤à¥ कितने तो अब तक मूरत को कà¥à¤› समà¤à¤¨à¥‡ के कारण मूरतोंके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ बलि की हà¥à¤ˆ को कà¥à¤› वसà¥â€à¤¤à¥ समà¤à¤•à¤° खाते हैं, और उन का विवेक निरà¥à¤¬à¤² होकर अशà¥à¤¦à¥à¤§ होता है। 8 à¤à¥‡à¤œà¤¨ हमें परमेशà¥à¤µà¤° के निकट नहीं पहà¥à¤‚चाता, यदि हम न खांà¤, तो हमारी कà¥à¤› हानि नहीं, और यदि खाà¤à¤‚, तो कà¥à¤› लाठनहीं। 9 परनà¥â€à¤¤à¥ चौकस रहो, à¤à¤¸à¤¾ न हो, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ यह सà¥â€à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ कहीं निरà¥à¤¬à¤²à¥‹à¤‚के लिथे ठोकर का कारण हो जाà¤à¥¤ 10 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यदि कोई तà¥à¤ जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€ को मूरत के मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° में à¤à¥‹à¤œà¤¨ करते देखे, और वह निरà¥à¤¬à¤² जन हो, तो कà¥â€à¤¯à¤¾ उसके विवेक में मूरत के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ बलि की हà¥à¤ˆ वसà¥â€à¤¤à¥ के खाने का हियाव न हो जाà¤à¤—ा। 11 इस रीति से तेरे जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के कारण वह निरà¥à¤¬à¤² à¤à¤¾à¤ˆ जिस के लिथे मसीह मरा नाश हो जाà¤à¤—ा। 12 सो à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚का अपराध करने से ओर उन के निरà¥à¤¬à¤² विवेक को चोट देने से तà¥à¤® मसीह का अपराध करते हो। 13 इस कारण यदि à¤à¥‹à¤œà¤¨ मेरे à¤à¤¾à¤ˆ को ठोकर खिलाà¤, तो मैं कà¤à¥€ किसी रीति से मांस न खाऊंगा, न हो कि मैं अपके à¤à¤¾à¤ˆ के ठोकर का कारण बनूं।
1 कà¥â€à¤¯à¤¾ मैं सà¥â€à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° नहीं कà¥â€à¤¯à¤¾ मैं पà¥à¤°à¤°à¤¿à¤¤ नहीं कà¥â€à¤¯à¤¾ मैं ने यीशॠको जो हमारा पà¥à¤°à¤à¥ है, नहीं देखा, कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® पà¥à¤°à¤à¥ में मेरे बनाठहà¥à¤ नहीं 2 यदि मैं औरोंके लिथे पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ नहीं, तौà¤à¥€ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे तो हूं; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤® पà¥à¤°à¤à¥ में मेरी पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤à¤¾à¤ˆ पर छाप हो। 3 जो मà¥à¤à¥‡ जांचते हैं, उन के लिथे यीह मेरा उतà¥à¤¤à¤° है। 4 कà¥â€à¤¯à¤¾ हमें खाने-पीने का अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ नहीं 5 कà¥â€à¤¯à¤¾ हमें यह अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ नहीं, कि किसी मसीही बहिन को बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ कर के लिठफिरें, जैसा और पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ और पà¥à¤°à¤à¥ के à¤à¤¾à¤ˆ और कैफा करते हैं 6 या केवल मà¥à¤à¥‡ और बरनबास को अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ नहीं कि कमाई करना छोड़ें। 7 कौन कà¤à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ गिरह से खाकर सिपाही का काम करता है: कौन दाख की बारी लगाकर उसका फल नहीं खाता कौन à¤à¥‡à¤¡à¤¼à¥‹à¤‚की रखवाली करके उन का दूध नहीं पीता 8 कà¥â€à¤¯à¤¾ मैं थे बातें मनà¥à¤·à¥à¤¯ ही की रीति पर बोलता हूं 9 कà¥â€à¤¯à¤¾ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ यही नहीं कहती कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मूसा की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ में लिखा है कि दांठमें चलते हà¥à¤ बैल का मà¥à¤‚ह न बानà¥â€à¤§à¤¨à¤¾: कà¥â€à¤¯à¤¾ परमेशà¥à¤µà¤° बैलोंही की चिनà¥â€à¤¤à¤¾ करता है या विशेष करके हमारे लिथे कहता है। 10 हां, हमारे लिथे ही लिखा गया, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि उचित है, कि जातनेवाला आशा से जोते, और दावनेवाला à¤à¤¾à¤—ी होने की आशा से दावनी करे। 11 सो जब कि हम ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे आतà¥à¥˜à¤¿à¤• वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ बोई, तो कà¥â€à¤¯à¤¾ यह कोई बड़ी बात है, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ शारीरिक वसà¥â€à¤¤à¥à¤“ं की फसल काटें। 12 जब औरोंका तà¥à¤® पर यह अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ है, तो कà¥â€à¤¯à¤¾ हमारा इस से अधिक न होगा परनà¥â€à¤¤à¥ हम यह अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ काम में नहीं लाà¤; परनà¥â€à¤¤à¥ सब कà¥à¤› सहते हैं, कि हमारे दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मसीह के सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° की कà¥à¤› रोक न हो। 13 कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® नहीं जानते कि जो पवितà¥à¤° वसà¥â€à¤¤à¥à¤“ं की सेवा करते हैं, वे मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° में से खाते हैं; और जो वेदी की सेवा करते हैं; वे वेदी के साय à¤à¤¾à¤—ी होते हैं 14 इसी रीति से पà¥à¤°à¤à¥ ने à¤à¥€ ठहराया, कि जो लोग सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¥‡ हैं, उन की जीविका सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° से हो। 15 परनà¥â€à¤¤à¥ मैं इन में से कोई à¤à¥€ बात काम में न लाया, और मैं ने तो थे बातें इसलिथे नहीं लिखीं, कि मेरे लिथे à¤à¤¸à¤¾ किया जाà¤, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इस से तो मेरा मरना ही à¤à¤²à¤¾ है; कि कोई मेरा घमणà¥â€à¤¡ वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¯ ठहराà¤à¥¤ 16 और यदि मैं सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° सà¥à¤¨à¤¾à¤Šà¤‚, तो मेरा कà¥à¤› घमणà¥â€à¤¡ नहीं; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यह तो मेरे लिथे अवशà¥à¤¯ है; और यदि मैं सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° न सà¥à¤¨à¤¾à¤Šà¤‚, तो मà¥à¤ पर हाथ। 17 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यदि अपकà¥à¤•à¥€ इचà¥â€à¤›à¤¾ से यह करता हूं, तो मजदूरी मà¥à¤à¥‡ मिलती है, और यदि अपकà¥à¤•à¥€ इचà¥â€à¤›à¤¾ से नहीं करता, तौà¤à¥€ à¤à¤£à¥â€à¤¡à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ मà¥à¤à¥‡ सौंपा गया है। 18 सो मेरी कौन सी मजदूरी है यह कि सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥‡ में मैं मसीह का सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° सेंत मेंत कर दूं; यहां तक कि सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° में जो मेरा अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ है, उस को मैं पूरी रीति से काम में लाऊं। 19 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि सब से सà¥â€à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° होने पर à¤à¥€ मैं ने अपके आप को सब का दास बना दिया है; कि अधिक लोगोंको खींच लाऊं। 20 मैं यहूदियोंके लिथे यहूदी बना कि यहूदियोंको खींच लाऊं, जो लोग वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ के आधीन हैं उन के लिथे मैं वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ के आधीन न होने पर à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ के आधीन बना, कि उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ जो वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ के आधीन हैं, खींच लाऊं। 21 वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥€à¤¨à¥‹à¤‚के लिथे मैं (जो परमेशà¥à¤µà¤° की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ से हीन नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ मसीह की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ के आधीन हूं) वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥€à¤¨ सा बना, कि वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥€à¤¨à¥‹à¤‚को खींच लाऊं। 22 मैं निरà¥à¤¬à¤²à¥‹à¤‚के लिथे निरà¥à¤¬à¤² सा बना, कि निरà¥à¤¬à¤²à¥‹à¤‚को खींच लाऊं, मैं सब मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के लिथे सब कà¥à¤› बना हूं, कि किसी न किसी रीति से कई à¤à¤• का उदà¥à¤§à¤¾à¤° कराऊं। 23 और मैं सब कà¥à¤› सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° के लिथे करता हूं, कि औरोंके साय उसका à¤à¤¾à¤—ी हो जाऊं। 24 कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® नहीं जानते, कि दौड़ में तो छौड़ते सब ही हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ इनाम à¤à¤• ही ले जाता है तà¥à¤® वैसे ही दौड़ो, कि जीतो। 25 और हर à¤à¤• पहलवान सब पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° का संयम करता है, वे तो à¤à¤• मà¥à¤°à¤«à¤¾à¤¨à¥‡à¤µà¤¾à¤²à¥‡ मà¥à¤•à¥à¤Ÿ को पाने के लिथे यह सब करते हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ हम तो उस मà¥à¤•à¥à¤Ÿ के लिथे करते हैं, जो मà¥à¤°à¤«à¤¾à¤¨à¥‡ का नहीं। 26 इसलिथे मैं तो इसी रीति से दौड़ता हूं, परनà¥â€à¤¤à¥ बेठिकाने नहीं, मैं à¤à¥€ इसी रीति से मà¥?ोंसे लड़ता हूं, परनà¥â€à¤¤à¥ उस की नाईं नहीं जो हवा पीटता हà¥à¤† लड़ता है। 27 परनतॠमैं अपकà¥à¤•à¥€ देह को मारता कूटता, और वश में लाता हूं; à¤à¤¸à¤¾ न हो कि औरोंको पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करके, मैं आप ही किसी रीति से निकमà¥à¤®à¤¾ ठहरूं।।
1 हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚, मैं नहीं चाहता, कि तà¥à¤® इस बात से अजà¥à¤žà¤¾à¤¤ रहो, कि हमारे सब बापदादे बादल के नीचे थे, और सब के सब समà¥à¤¦à¥à¤° के बीच से पार हो गà¤à¥¤ 2 और सब ने बादल में, और समà¥à¤¦à¥à¤° में, मूसा का बपितिसà¥à¥˜à¤¾ लिया। 3 और सब ने à¤à¤• ही आतà¥à¥˜à¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ किया। 4 और सब ने à¤à¤• ही आतà¥à¥˜à¤¿à¤• जल पीया, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे उस आतà¥à¥˜à¤¿à¤• चटान से पीते थे, जो उन के साय-साय चलती यी; और वह चटान मसीह या। 5 परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° उन में के बहà¥à¤¤à¥‡à¤°à¥‹à¤‚से पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ न हà¥à¤†, इसलिथे वे जंगल में ढेर हो गà¤à¥¤ 6 थे बातें हमारे लिथे दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ ठहरी, कि जैसे उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने लालच किया, वैसे हम बà¥à¤°à¥€ वसà¥â€à¤¤à¥à¤“ं का लालच न करें। 7 और न तà¥à¤® मूरत पूजनेवाले बनों; जैसे कि उन में से कितने बन गठथे, जैसा लिखा है, कि लोग खाने-पीने बैठे, और खेलने-कूदने उठे। 8 और न हम वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° करें; जैसा उन में से कितनोंने किया: à¤à¤• दिन में तेईस हजार मर गथे। 9 और न हम पà¥à¤°à¤à¥ को परखें; जैसा उन में से कितनोंने किया, और सांपोंके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नाश किठगà¤à¥¤ 10 और नतà¥à¤® कà¥à¤¡à¤¼à¤•à¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤, जिस रीति से उन में से कितने कà¥à¤¡à¤¼à¤•à¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤, और नाश करनेवाले के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नाश किठगà¤à¥¤ 11 परनà¥â€à¤¤à¥ थे सब बातें, जो उन पर पड़ी, दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ की रीति पर à¤à¥€: और वे हमारी चितावनी के लिथे जो जगत के अनà¥â€à¤¤à¤¿à¤® समय में रहते हैं लिखी गईं हैं। 12 इसलिथे जो समà¤à¤¤à¤¾ है, कि मैं सà¥à¤¯à¤¿à¤° हूं, वह चौकस रहे; कि कहीं गिर न पकें। 13 तà¥à¤® किसी à¤à¤¸à¥€ पकà¥à¤•à¥€à¤à¤¾ में नहीं पके, जो मनà¥à¤·à¥à¤¯ के सहने से बाहर है: और परमेशà¥à¤µà¤° सचà¥â€à¤šà¤¾ है: वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ सामरà¥à¤¯ से बाहर पकà¥à¤•à¥€à¤à¤¾ में न पड़ने देगा, बरन पकà¥à¤•à¥€à¤à¤¾ के साय निकास à¤à¥€ करेगा; कि तà¥à¤® सह सको।। 14 इस कारण, हे मेरे पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤‚मूतà¥à¤¤à¤¿à¤°à¥ पूजा से बचे रहो। 15 मैं बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ जानकर, तà¥à¤® से कहता हूं: जो मैं कहता हूं, उसे तà¥à¤® परखो। 16 वह धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ का कटोरा, जिस पर हम धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ करते हैं, कà¥â€à¤¯à¤¾ मसीह के लोहू की सहà¤à¤¾à¤—िता नहीं वह रोटी जिसे हम तोड़ते हैं, कà¥â€à¤¯à¤¾ मसीह की देह की सहà¤à¤¾à¤—िता नहीं 17 इसलिथे, कि à¤à¤• ही रोटी है सो हम à¤à¥€ जो बहà¥à¤¤ हैं, à¤à¤• देह हैं: कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हम सब उसी à¤à¤• रोटी में à¤à¤¾à¤—ी होते हैं। 18 जो शरीर के à¤à¤¾à¤µ से इसà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤à¤²à¥€ हैं, उन को देखो: कà¥â€à¤¯à¤¾ बलिदानोंके खानेवाले वेदी के सहà¤à¤¾à¤—ी नहीं 19 फिर मैं कà¥â€à¤¯à¤¾ कहता हूं कà¥â€à¤¯à¤¾ यह कि मूरत का बलिदान कà¥à¤› है, या मूरत कà¥à¤› है 20 नहीं, बरन यह, कि अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ जो बलिदान करते हैं, वे परमेशà¥à¤µà¤° के लिथे नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤“ं के लिथे बलिदान करते हैं: और मैं नहीं चाहता, कि तà¥à¤® दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤“ं के सहà¤à¤¾à¤—ी हो। 21 तà¥à¤® पà¥à¤°à¤à¥ के कटोरे, और दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤“ं के कटोरे दानोंमें से नहीं पी सकते! तà¥à¤® पà¥à¤°à¤à¥ की मेज और दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤“ं की मेज दानोंके साफी नहीं हो सकते। 22 कà¥â€à¤¯à¤¾ हम पà¥à¤°à¤à¥ को रिस दिलाते हैं कà¥â€à¤¯à¤¾ हम उस से शकà¥à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ हैं 23 सब वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ मेरे लिथे उचित तो हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ सब लाठकी नहीं: सब वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ मेरे लिथे उचित तो हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ सब वसà¥â€à¤¤à¥à¤“ं से उनà¥à¤¨à¤¿à¤¤ नहीं। 24 कोई अपकà¥à¤•à¥€ ही à¤à¤²à¤¾à¤ˆ को न ढूंढे, बरन औरोंकी। 25 जो कà¥à¤› कसà¥â€à¤¸à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚के यहां बिकता है, वह खाओ और विवेक के कारण कà¥à¤› न पूछो। 26 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤•à¤¿ पृयà¥â€à¤µà¥€ और उसकी à¤à¤°à¤ªà¥‚री पà¥à¤°à¤à¥ की है। 27 और यदि अविशà¥à¤µà¤¾à¤¯à¤¥à¥‡à¤‚ में से कोई तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ नेवता दे, और तà¥à¤® जाना चाहो, तो जो कà¥à¤› तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ रखा जाठवही खाओ: और विवेक के कारण कà¥à¤› न पूछो। 28 परनà¥â€à¤¤à¥ यदि कोई तà¥à¤® से कहे, यह तो मूरत को बलि की हà¥à¤ˆ वसà¥â€à¤¤à¥ है, तो उसी बतानेवाले के कारण, और विवेक के कारण न खाओ। 29 मेरा मतलब, तेरा विवेक नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ उस दूसरे का। à¤à¤²à¤¾, मेरी सà¥â€à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ दूसरे के विचार से कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚परखी जाà¤: 30 यदि मैं धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ करके साफी होता हूं, तो जिस पर मैं धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ करता हूं, उसके कारण मेरी बदनामीं कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚होती है 31 सो तà¥à¤® चाहे खाओ, चाहे पीओ, चाहे जो कà¥à¤› करो, सब कà¥à¤› परमेशà¥à¤µà¤° की महीमा के लिथे करो। 32 तà¥à¤® न यहूदियों, न यूनानियों, और न परमेशà¥à¤µà¤° की कलीसिया के लिथे ठोकर का कारण बनो। 33 जैसा मैं à¤à¥€ सब बातोंमें सब को पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ रखता हूं, और अपना नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ बहà¥à¤¤à¥‹à¤‚का लाठढूंढ़ता हूं, कि वे उदà¥à¤§à¤¾à¤° पाà¤à¤‚।
1 तà¥à¤® मेरी सी चाल चलो जैसा मैं मसीह की सी चाल चलता हूं।। 2 हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚, मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ सराहता हूं, कि सब बातोंमें तà¥à¤® मà¥à¤à¥‡ सà¥à¥˜à¤°à¤£ करते हो: और जो वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° मैं ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ सौंप दिठहैं, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ धारण करते हो। 3 सो मैं चाहता हूं, कि तà¥à¤® यह जान लो, कि हर à¤à¤• पà¥à¤°à¥‚ष का सिर मसीह है: और सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का सिर पà¥à¤°à¥‚ष है: और मसीह का सिर परमेशà¥à¤µà¤° है। 4 जो पà¥à¤°à¥‚ष सिर ढांके हà¥à¤ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ या à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ करता है, वह अपके सिर का अपमान करता है। 5 परनà¥â€à¤¤à¥ जो सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ उघाड़े सिर पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ या à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤µà¤¾à¤£à¥€ करती है, वह अपके सिर का अपमान करती है, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह मà¥à¤£à¥â€à¤¡à¥€ होने के बराबर है। 6 यदि सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ आढ़नी न ओढ़े, तो बाल à¤à¥€ कटा ले; यदि सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के लिथे बाल कटाना या मà¥à¤£à¥â€à¤¡à¤¾à¤¨à¤¾ लजà¥à¥›à¤¾ की बात है, तो ओढ़नी ओढ़े। 7 हां पà¥à¤°à¥‚ष को अपना सिर ढांकना उचित हनीं, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह परमेशà¥à¤µà¤° का सà¥â€à¤µà¤°à¥‚प और महिमा है; परनà¥â€à¤¤à¥ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¥‚ष की महिमा! 8 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¥‚ष सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ से नहीं हà¥à¤†, परनà¥â€à¤¤à¥ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ से हà¥à¤ˆ है। 9 और पà¥à¤°à¥‚ष सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के लिथे नहीं सिरजा गया, परनà¥â€à¤¤à¥ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¥‚ष के लिथे सिरजी गई है। 10 इसीलिथे सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—दूतोंके कारण सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ को उचित है, कि अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ अपके सिर पर रखे। 11 तौà¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¥ में न तो सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ बिना पà¥à¤°à¥‚ष और न पà¥à¤°à¥‚ष बिना सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के है। 12 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जैसे सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¥‚ष से है, वैसे ही पà¥à¤°à¥‚ष सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ है; परनà¥â€à¤¤à¥ सब वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ परमेशà¥à¤µà¤° के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हैं। 13 तà¥à¤® आप ही विचार करो, कà¥â€à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ को उघाड़े सिर परमेशà¥à¤µà¤° से पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करना सोहना है 14 कà¥â€à¤¯à¤¾ सà¥â€à¤µà¤¾à¤à¤¿à¤µà¤¿à¤• रीति से à¤à¥€ तà¥à¤® नहीं जानते, कि यदि पà¥à¤°à¥‚ष लमà¥à¤¬à¥‡ बाल रखे, तो उसके लिथे अपमान है। 15 परनà¥â€à¤¤à¥ यदि सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ लमà¥à¤¬à¥‡ बाल रखे; तो उसके लिथे शोà¤à¤¾ है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि बाल उस को ओढ़नी के लिथे दिठगठहैं। 16 परनतॠयदि कोई विवाद करना चाहे, तो यह जाने कि न हमारी और न परमेशà¥à¤µà¤° की कलीसियोंकी à¤à¤¸à¥€ रीति है।। 17 परनतॠयह आजà¥à¤žà¤¾ देते हà¥à¤, मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ नहीं सराहता, इसलिथे कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ इकटà¥à¤ े होने से à¤à¤²à¤¾à¤ˆ नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ हानि होती है। 18 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि पहिले तो मैं यह सà¥à¤¨à¤¤à¤¾ हूं, कि जब तà¥à¤® कलीसिया में इकटà¥à¤ े हाते हो, तो तà¥à¤® में फूट होती है और मैं कà¥à¤› कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ à¤à¥€ करता हूं। 19 कà¥â€à¤¯à¤¾à¤‚कि विधरà¥à¤® à¤à¥€ तà¥à¤® में अवशà¥à¤¯ होंगे, इसलिथे कि जो लागे तà¥à¤® में खरे निकले हैं, वे पà¥à¤°à¤—ट हो जांà¤à¥¤ 20 सो तà¥à¤® जो à¤à¤• जगह में इकटà¥à¤ े होते हो तो यह पà¥à¤°à¤à¥ à¤à¥‹à¤œ खाने के लिथे नहीं। 21 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि खाने के समय à¤à¤• दूसरे से पहिले अपना à¤à¥‹à¤œ खा लेता है, सो कोई तो à¤à¥‚खा रहता है, और कोई मतवाला हो जाता है। 22 कà¥â€à¤¯à¤¾ खाने पीने के लिथे तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ घर नहीं या परमेशà¥à¤µà¤° की कलीसिया को तà¥à¤šà¥â€à¤› जानते हो, और जिन के पास नहीं है उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ लजà¥à¥›à¤¿à¤¤ करते हो मैं तà¥à¤® से कà¥â€à¤¯à¤¾ कहूं कà¥â€à¤¯à¤¾ इस बात में तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा करूं मैं पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा नहीं करता। 23 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यह बात मà¥à¤à¥‡ पà¥à¤°à¤à¥ से पहà¥à¤‚ची, और मैं ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ पहà¥à¤‚चा दी; कि पà¥à¤°à¤à¥ यीशॠने जिस रात पकड़वाया गया रोटी ली। 24 और धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ करके उसे तोड़ी, और कहा; कि यह मेरी देह है, जो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे है: मेरे सà¥à¥˜à¤°à¤£ के लिथे यही किया करो। 25 इसी रीति से उस ने बियारी के पीछे कटोरा à¤à¥€ लिया, और कहा; यह कटोरा मेरे लोहू में नई वाचा है: जब कà¤à¥€ पीओ, तो मेरे सà¥à¥˜à¤°à¤£ के लिथे यही किया करो। 26 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जब कà¤à¥€ तà¥à¤® यह रोटी खाते, और इस कटोरे में से पीते हो, तो पà¥à¤°à¤à¥ की मृतà¥à¤¯à¥ को जब तक वह न आà¤, पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करते हो। 27 इसलिथे जो कोई अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ रीति से पà¥à¤°à¤à¥ की रोटी खाà¤, या उसके कटोरे में से पीà¤, वह पà¥à¤°à¤à¥ की देह और लोहू का अपराधी ठहरेगा। 28 इसलिथे मनà¥à¤·à¥à¤¯ अपके आप को जांच ले और इसी रीति से इस रोटी में से खाà¤, और इस कटोरे में से पीà¤à¥¤ 29 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जो खाते-पीते समय पà¥à¤°à¤à¥ की देह को न पहिचाने, वह इस खाने और पीने से अपके ऊपर दणà¥â€à¤¡ लाता है। 30 इसी कारण तà¥à¤® में से बहà¥à¤¤ से निरà¥à¤¬à¤² और रोगी हैं, और बहà¥à¤¤ से सो à¤à¥€ गà¤à¥¤ 31 यदि हम अपके आप में जांचते, तो दणà¥â€à¤¡ न पाते। 32 परनà¥â€à¤¤à¥ पà¥à¤°à¤à¥ हमें दणà¥â€à¤¡ देकर हमारी ताड़ना करता है इसलिथे कि हम संसार के साय दोषी न ठहरें। 33 इसलिथे, हे मेरे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚, जब तà¥à¤® खाने के लिथे इकटà¥à¤ े होते हो, तो à¤à¤• दूसरे के लिथे ठहरा करो। 34 यदि कोई à¤à¥‚खा हो, तो अपके घर में खा ले जिस से तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤° इकटà¥à¤ ा होना दणà¥â€à¤¡ का कारण न हो: और शेष बातोंको मैं आकर ठीक कर दूंगा।।
1 हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚, मैं नहीं चाहता कि तà¥à¤® आतà¥à¥˜à¤¿à¤• बरदानोंके विषय में अजà¥à¤žà¤¾à¤¤ रहो। 2 तà¥à¤® जानते हो, कि जब तà¥à¤® अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ थे, तो गूंगी मूरतोंके पीछे जेसे चलाठजाते थे वैसे चलते थे। 3 इसलिथे मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ चितौनी देता हूं कि जो कोई परमेशà¥à¤µà¤° की आतà¥à¥˜à¤¾ की अगà¥à¤†à¤ˆ से बोलता है, वह नहीं कहता कि यीशॠसà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ है; और न कोई पवितà¥à¤° आतà¥à¥˜à¤¾ के बिना कह सकता है कि यीशॠपà¥à¤°à¤à¥ है।। 4 बरदान तो कई पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° के हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ आतà¥à¥˜à¤¾ à¤à¤• ही है। 5 और सेवा à¤à¥€ कई पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की है, परनà¥â€à¤¤à¥ पà¥à¤°à¤à¥ à¤à¤• ही है। 6 और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ कारà¥à¤¯à¥à¤¯ कई पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° के हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ परमशà¥â€à¥‡à¤µà¤° à¤à¤• ही है, जो सब में हर पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करता है। 7 किनà¥â€à¤¤à¥ सब के लाठपहà¥à¤‚चाने के लिथे हर à¤à¤• को आतà¥à¥˜à¤¾ का पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤¶ दिया जाता है। 8 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• को आतà¥à¥˜à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बà¥à¤¿à¤¦à¥à¤µ की बातें दी जाती हैं; और दूसरे को उसी आतà¥à¥˜à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की बातें। 9 और किसी को उसी आतà¥à¥˜à¤¾ से विशà¥à¤µà¤¾à¤¸; और किसी को उसी à¤à¤• आतà¥à¥˜à¤¾ से चंगा करने का बरदान दिया जाता है। 10 फिर किसी को सामरà¥à¤¯ के काम करने की शकà¥à¤¤à¤¿; और किसी को à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ की; और किसी को अनेक पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की à¤à¤¾à¤·à¤¾; और किसी को à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं का अरà¥à¤¯ बताना। 11 परनà¥â€à¤¤à¥ थे सब पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ कारà¥à¤¯à¥à¤¯ वही à¤à¤• आतà¥à¥˜à¤¾ करवाता है, और जिसे जो चाहता है वह बांट देता है।। 12 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° देह तो à¤à¤• है और उसके अंग बहà¥à¤¤ से हैं, और उस à¤à¤• देह के सब अंग, बहà¥à¤¤ होने पर à¤à¥€ सब मिलकर à¤à¤• ही देह हैं, उसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° मसीह à¤à¥€ है। 13 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हम सब ने कà¥â€à¤¯à¤¾ यहूदी हो, कà¥â€à¤¯à¤¾ यà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¥€, कà¥â€à¤¯à¤¾ दास, कà¥â€à¤¯à¤¾ सà¥â€à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° à¤à¤• ही आतà¥à¥˜à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤• देह होने के लिथे बपतिसà¥à¥˜à¤¾ लिया, और हम à¤à¤• को à¤à¤• ही आतà¥à¥˜à¤¾ पिलाया गया। 14 इसलिथे कि देह में à¤à¤• ही अंग नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ बहà¥à¤¤ से हैं। 15 यदि पांव कहे: कि मैं हाथ नहीं, इसलिथे देह का नहीं, तो कà¥â€à¤¯à¤¾ वह इस कारण देह का नहीं 16 और यदि कान कहे; कि मैं आंख का नहीं, इसलिथे देह का नहीं, तो कà¥â€à¤¯à¤¾ वह इस कारण देह का नहीं। 17 यदि सारी देह आंख की होती तो सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ कहां से होता यदि सारी देह कान ही होती तो सूंघना कहां होता 18 परनà¥â€à¤¤à¥ सचमà¥à¤š परमेशà¥à¤µà¤° ने अंगो को अपकà¥à¤•à¥€ इचà¥â€à¤›à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤• à¤à¤• करके देह में रखा है। 19 यदि वे सब à¤à¤• ही अंग होते, तो देह कहां होती 20 परनà¥â€à¤¤à¥ अब अंग तो बहà¥à¤¤ से हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ देह à¤à¤• ही है। 21 आंख हाथ से नहीं कह सकती, कि मà¥à¤à¥‡ तेरा पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤œà¤¨ नहीं, और न सिर पांवोंसे कह सकता है, कि मà¥à¤à¥‡ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤œà¤¨ नहीं। 22 परनà¥â€à¤¤à¥ देह के वे अंग जो औरोंसे निरà¥à¤¬à¤² देख पड़ते हैं, बहà¥à¤¤ ही आवशà¥à¤¯à¤• हैं। 23 और देह के जिन अंगो को हम आदर के योगà¥à¤¯ नहीं समà¤à¤¤à¥‡ हैं उनà¥â€à¤¹à¥€ को हम अधिक आदर देते हैं; और हमारे शोà¤à¤¾à¤¹à¥€à¤¨ अंग और à¤à¥€ बहà¥à¤¤ शोà¤à¤¾à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ हो जाते हैं। 24 फिर à¤à¥€ हमारे शोà¤à¤¾à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ अंगो को इस का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤œà¤¨ नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° ने देह को à¤à¤¸à¤¾ बना दिया है, कि जिस अंग को घटी यी उसी को और à¤à¥€ बहà¥à¤¤ आदर हो। 25 ताकि देह में फूट न पके, परनà¥â€à¤¤à¥ अंग à¤à¤• दूसरे की बराबर चिनà¥â€à¤¤à¤¾ करें। 26 इसलिथे यदि à¤à¤• अंग दà¥:ख पाता है, तो सब अंग उसके साय दà¥:ख पाते हैं; और यदि à¤à¤• अंग की बड़ाई होती है, तो उसके साय सब अंग आननà¥â€à¤¦ मनाते हैं। 27 इसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° तà¥à¤® सब मिलकर मसीह की देह हो, और अलग अलग उसके अंग हो। 28 और परमशà¥â€à¥‡à¤µà¤° ने कलीसिया में अलग अलग वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ नियà¥à¤•à¥à¤¤ किठहैं; पà¥à¤°à¤¯à¤® पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤, दूसरे à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾, तीसरे शिà¤à¤•, फिर सामरà¥à¤¯ के काम करनेवाले, फिर चंगा करनेवाले, और उपकार करनेवाले, और पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨, और नाना पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की à¤à¤¾à¤·à¤¾ बालनेवाले। 29 कà¥â€à¤¯à¤¾ सब पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ हैं कà¥â€à¤¯à¤¾ सब à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ हैं कà¥â€à¤¯à¤¾ सब उपकेशक हैं कà¥â€à¤¯à¤¾ सब सामरà¥à¤¯ के काम करनेवाले हैं 30 कà¥â€à¤¯à¤¾ सब को चंगा करने का बरदान मिला है कà¥â€à¤¯à¤¾ सब नाना पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की à¤à¤¾à¤·à¤¾ बोलते हैं 31 कà¥â€à¤¯à¤¾ सब अनà¥à¤µà¤¾à¤¦ करते हैं तà¥à¤® बड़ी से बड़ी बरदानोंकी धà¥à¤¨ में रहो! परनà¥â€à¤¤à¥ मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ और à¤à¥€ सब से उतà¥à¤¤à¤® मारà¥à¤— बताता हूं।।
1 यदि मैं मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚, और सवरà¥à¤—दूतोंकी बोलियां बोलूं, और पà¥à¤°à¥‡à¤® न रखूं, तो मैं ठनठनाता हà¥à¤† पीतल, और फंफनाती हà¥à¤ˆ फांफ हूं। 2 और यदि मैं à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ कर सकूं, और सब à¤à¥‡à¤¦à¥‹à¤‚और सब पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° के जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को समà¤à¥‚ं, और मà¥à¤à¥‡ यहां तक पूरा विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ हो, कि मैं पहाड़ोंको हटा दूं, परनà¥â€à¤¤à¥ पà¥à¤°à¥‡à¤® न रखूं, तो मैं कà¥à¤› à¤à¥€ नहीं। 3 और यदि मैं अपकà¥à¤•à¥€ समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ संपतà¥à¤¤à¤¿ कंगालोंको खिला दूं, या अपकà¥à¤•à¥€ देह जलाने के लिथे दे दूं, और पà¥à¤°à¥‡à¤® न रखूं, तो मà¥à¤à¥‡ कà¥à¤› à¤à¥€ लाठनहीं। 4 पà¥à¤°à¥‡à¤® धीरजवनà¥â€à¤¤ है, और कृपाल है; पà¥à¤°à¥‡à¤® डाल नहीं करता; पà¥à¤°à¥‡à¤® अपकà¥à¤•à¥€ बड़ाई नहीं करता, और फूलता नहीं। 5 वह अनरीति नहीं चलता, वह अपकà¥à¤•à¥€ à¤à¤²à¤¾à¤ˆ नहीं चाहता, फà¥à¤‚फलाता नहीं, बà¥à¤°à¤¾ नहीं मानता। 6 कà¥à¤•à¤°à¥à¤® से आननà¥â€à¤¦à¤¿à¤¤ नहीं होता, परनà¥â€à¤¤à¥ सनà¥à¤¯ से आननà¥â€à¤¦à¤¿à¤¤ होता है। 7 वह सब बातें सह लेता है, सब बातोंकी पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ करता है, सब बातोंकी आशा रखता है, सब बातोंमें धीरज धरता है। 8 पà¥à¤°à¥‡à¤® कà¤à¥€ टलता नहीं; à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हों, तो समापà¥â€à¤¤ हो जाà¤à¤‚गी, à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤à¤‚ हो तो जाती रहेंगी; जà¥à¤žà¤¾à¤¨ हो, तो मिट जाà¤à¤—ा। 9 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हमारा जà¥à¤žà¤¾à¤¨ अधूरा है, और हमारी à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ अधूरी। 10 परनà¥â€à¤¤à¥ जब सवरà¥à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ आà¤à¤—ा, तो अधूरा मिट जाà¤à¤—ा। 11 जब मैं बालक या, तो मैं बालकोंकी नाईं बोलता या, बालकोंका सा मन या बालकोंकी सी समठयी; परनà¥â€à¤¤à¥ सियाना हो गया, तो बालकोंकी बातें छोड़ दी। 12 अब हमें दरà¥à¤ªà¤£ में धà¥à¤‚धला सा दिखाई देता है; परनà¥â€à¤¤à¥ उस समय आमने सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ देखेंगे, इस समय मेरा जà¥à¤žà¤¾à¤¨ अधूरा है; परनà¥â€à¤¤à¥ उस समय à¤à¤¸à¥€ पूरी रीति से पहिचानूंगा, जैसा मैं पहिचाना गया हूं। 13 पर अब विशà¥à¤µà¤¾à¤¸, आशा, पà¥à¤°à¥‡à¤® थे तीनोंसà¥à¤¯à¤¾à¤ˆ है, पर इन में सब से बड़ा पà¥à¤°à¥‡à¤® है।
1 पà¥à¤°à¥‡à¤® का अनà¥à¤•à¤°à¤£ करो, और आतà¥à¥˜à¤¿à¤• बरदानोंकी à¤à¥€ धà¥à¤¨ में रहो विशेष करके यह, कि à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ करो। 2 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जो अनà¥à¤¯à¤à¤¾à¤·à¤¾ में बातें करता है; वह मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚से नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° से बातें करता है; इसलिथे कि उस की कोई नहीं समà¤à¤¤à¤¾; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह à¤à¥‡à¤Ÿ की बातें आतà¥à¥˜à¤¾ में होकर बोलता है। 3 परनà¥â€à¤¤à¥ जो à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ करता है, वह मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚से उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿, और उपकेश, और शानà¥â€à¤¤à¤¿ की बातें कहता है। 4 जो अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में बातें करता है, वह अपकà¥à¤•à¥€ ही उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ करता है; परनà¥â€à¤¤à¥ जो à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ करता है, वह कलीसिया की उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ करता है। 5 मैं चाहता हूं, कि तà¥à¤® सब अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं में बातें करो, परनà¥â€à¤¤à¥ अधिकतर यह चाहता हूं कि à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ करो: कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यदि अनà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ बोलनेवाला कलीसिया की उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ के लिथे अनà¥à¤µà¤¾à¤¦ न करे तो à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤µà¤¾à¤£à¥€ करनेवाला उस से बढ़कर है। 6 इसलिथे हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚, यदि मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास आकर अनà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में बातें करूं, और पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤¶, या जà¥à¤žà¤¾à¤¨, या à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€, या उपकेश की बातें तà¥à¤® से न कहूं, तो मà¥à¤ से तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥â€à¤¯à¤¾ लाठहोगा 7 इसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° यदि निरà¥à¤œà¥€à¤µ वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ à¤à¥€, जिन से धà¥â€à¤µà¤¨à¤¿ निकलती है जेसे बांसà¥à¤°à¥€, या बीन, यदि उन के सà¥â€à¤µà¤°à¥‹à¤‚में à¤à¥‡à¤¦ न हो तो जो फूंका या बजाया जाता है, वह कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर पहिचाना जाà¤à¤—ा 8 और यदि तà¥à¤°à¤¹à¥€ का शबà¥â€à¤¦ साफ न हो तो कौन लड़ाई के लिथे तैयारी करेगा 9 à¤à¤¸à¥‡ ही तà¥à¤® à¤à¥€ यदि जीठसे साफ बातें न कहो, तो जो कà¥à¤› कहा जाता है वह कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर समà¤à¤¾ जाà¤à¤—ा तà¥à¤® तो हवा से बातें करनेवाले ठहरोगे। 10 जगत में कितने की पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤à¤‚ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚न हों, परनà¥â€à¤¤à¥ उन में से कोई à¤à¥€ बिना अरà¥à¤¯ की न होगी। 11 इसलिथे यदि मैं किसी à¤à¤¾à¤·à¤¾ का अरà¥à¤¯ न समà¤à¥‚ं, तो बोलनेवाले की दृषà¥â€à¤Ÿà¤¿ में परदेशी ठहरूंगा; और बोलनेवाला मेरे दृषà¥â€à¤Ÿà¤¿ में परदेशी ठहरेगा। 12 इसलिथे तà¥à¤® à¤à¥€ जब आतà¥à¥˜à¤¿à¤• बरदानोंकी धà¥à¤¨ में हो, तो à¤à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥â€à¤¨ करो, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ बरदानोंकी उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ से कलीसिया की उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ हो। 13 इस कारण जो अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ बोले, तो वह पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करे, कि उसका अनà¥à¤µà¤¾à¤¦ à¤à¥€ कर सके। 14 इसलिथे यदि मैं अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करूं, तो मेरी आतà¥à¥˜à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करती है, परनà¥â€à¤¤à¥ मेरी बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ काम नहीं देती। 15 सो कà¥â€à¤¯à¤¾ करना चाहिठमैं आतà¥à¥˜à¤¾ से à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करूंगा, और बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ से à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करूंगा; मैं आतà¥à¥˜à¤¾ से गाऊंगा, और बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ से à¤à¥€ गाऊंगा। 16 नहीं तो यदि तू आतà¥à¥˜à¤¾ ही से धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ करेगा, तो फिर अजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€ तेरे धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ पर आमीन कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि कहेगा इसलिथे कि वह तो नहीं जानता, कि तू कà¥â€à¤¯à¤¾ कहता है 17 तू तो à¤à¤²à¥€ à¤à¤¾à¤‚ति से धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ करता है, परनà¥â€à¤¤à¥ दूसरे की उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ नहीं होती। 18 मैं अपके परमेशà¥à¤µà¤° का धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ करता हूं, कि मैं तà¥à¤® सब से अधिक अनà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में बोलता हूं। 19 परनà¥â€à¤¤à¥ कलीसिया में अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में दस हजार बातें कहने से यह मà¥à¤à¥‡ और à¤à¥€ अचà¥â€à¤›à¤¾ जान पड़ता है, कि औरोंके सिखाने के लिथे बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ से पांच ही बातें कहूं।। 20 हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹, तà¥à¤® समठमें बालक न बनो: तौà¤à¥€ बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ में तो बालक रहो, परनà¥â€à¤¤à¥ समठमें सियाने बानो। 21 वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ में लिखा है, कि पà¥à¤°à¤à¥ कहता है; मैं अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ बोलनेवालोंके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾, और पराठमà¥à¤– के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इन लोगोंसे बात करूंगा तौà¤à¥€ वे मेरी न सà¥à¤¨à¥‡à¤‚गे। 22 इसलिथे अनà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤à¤‚ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के लिथे नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ अविशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के लिथे चिनà¥â€à¤¹ हैं, और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ अविशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥€à¤¯à¥‹à¤‚के लिथे नहीं परनà¥â€à¤¤à¥ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के लिथे चिनà¥â€à¤¹ हैं। 23 सो यदि कलीसिया à¤à¤• जगह इकटà¥à¤ ी हो, और सब के सब अनà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ बोलें, और अनपढ़े या अविशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥€ लोग à¤à¥€à¤¤à¤° आ जाà¤à¤‚ तो कà¥â€à¤¯à¤¾ वे तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ पागल न कहेंगे 24 परनà¥â€à¤¤à¥ यदि सब à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ करने लगें, और कोई अविशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥€ या अनपढ़ा मनà¥à¤·à¥à¤¯ à¤à¥€à¤¤à¤° आ जाà¤, तो सब उसे दोषी ठहरा देंगे और परख लेंगे। 25 और उसके मन के à¤à¥‡à¤… पà¥à¤°à¤—ट हो जाà¤à¤‚गे, और तब वह मà¥à¤‚ह के बल गिरकर परमेशà¥à¤µà¤° को दणà¥â€à¤¡à¤µà¤¤ करेगा, और मान लेगा, कि सचमà¥à¤š परमेशà¥à¤µà¤° तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ बीच में है। 26 इसलिथे हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹ कà¥â€à¤¯à¤¾ करना चाहिठजब तà¥à¤® इकटà¥à¤ े होते हो, तो हर à¤à¤• के हà¥à¤°à¥ƒà¤¦à¤¯ में à¤à¤œà¤¨, या उपकेश, या अनà¥à¤¯à¤à¤¾à¤·à¤¾, या पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤¶, या अनà¥à¤¯à¤à¤¾à¤·à¤¾ का अरà¥à¤¯ बताना रहता है: सब कà¥à¤› आतà¥à¥˜à¤¿à¤• उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ के लिथे होना चाहिà¤à¥¤ 27 यदि अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में बातें करनीं हों, तो दो दो, या बहà¥à¤¤ हो तो तीन तीन जन बारी बारी बोलें, और à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अनà¥à¤µà¤¾à¤¦ करे। 28 परनà¥â€à¤¤à¥ यदि अनà¥à¤µà¤¾à¤¦ करनेवाला न हो, तो अनà¥à¤¯à¤à¤¾à¤·à¤¾ बालनेवाला कलीसिया में शानà¥â€à¤¤ रहे, और अपके मन से, और परमेशà¥à¤µà¤° से बातें करे। 29 à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं में से दो या तीन बोलें, और शेष लोग उन के वचन को परखें। 30 परनà¥â€à¤¤à¥ यदि दूसरे पर जो बैठा है, कà¥à¤› ईशà¥à¤µà¤°à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤¶ हो, तो पहिला चà¥à¤ª हो जाà¤à¥¤ 31 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤® सब à¤à¤• à¤à¤• करके à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ कर सकते हो ताकि सब सीखें, और सब शानà¥â€à¤¤à¤¿ पाà¤à¤‚। 32 और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं की आतà¥à¥˜à¤¾ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं के वश में है। 33 कà¥â€à¤¥à¥‡à¤‚कि परमेशà¥à¤µà¤° गड़बड़ी का नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ शानà¥â€à¤¤à¤¿ का करà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¾ है; जैसा पवितà¥à¤° लोगोंकी सब कलीसियाओं में है।। 34 सà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कलीसिया की सà¤à¤¾ में चà¥à¤ª रहें, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ बातें करने की आजà¥à¤žà¤¾ नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ आधीन रहने की आजà¥à¤žà¤¾ है: जैसा वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ में लिखा à¤à¥€ है। 35 और यदि वे कà¥à¤› सीखना चाहें, तो घर में अपके अपके पति से पूछें, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का कलीसिया में बातें करना लजà¥à¥›à¤¾ की बात है। 36 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚परमशà¥â€à¥‡à¤µà¤° का वचन तà¥à¤® में से निकला या केवल तà¥à¤® ही तक पहà¥à¤‚चा है 37 यदि कोई मनà¥à¤·à¥à¤¯ अपके आप को à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ या आतà¥à¥˜à¤¿à¤• जन समà¤à¥‡, तो यह जान ले, कि जो बातें मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ लिखता हूं, वे पà¥à¤°à¤à¥ की आजà¥à¤žà¤¾à¤à¤‚ हैं। 38 परनà¥â€à¤¤à¥ यदि कोई न जाने, तो न जाने।। 39 सो हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚, à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ करने की धà¥à¤¨ में रहो और अनà¥à¤¯à¤à¤¾à¤·à¤¾ बोलने से मना न करो। 40 पर सारी बातें सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ और कà¥à¤°à¤®à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° की जाà¤à¤‚।
1 हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚, मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ वही सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° बताता हूं जो पहिले सà¥à¤¨à¤¾ चà¥à¤•à¤¾ हूं, जिसे तà¥à¤® ने अंगीकार à¤à¥€ किया या और जिस में तà¥à¤® सà¥à¤¯à¤¿à¤° à¤à¥€ हो। 2 उसी के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ उदà¥à¤§à¤¾à¤° à¤à¥€ होता है, यदि उस सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° को जो मैं ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¤¾ या सà¥à¥˜à¤°à¤£ रखते हो; नहीं तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करना वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¯ हà¥à¤†à¥¤ 3 इसी कारण मैं ने सब से पहिले तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ वही बात पहà¥à¤‚चा दी, जो मà¥à¤à¥‡ पहà¥à¤‚ची यी, कि पवितà¥à¤° शासà¥â€à¤¤à¥à¤° के वचन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यीशॠमसीह हमारे पापोंके लिथे मर गया। 4 ओर गाड़ा गया; और पवितà¥à¤° शासà¥â€à¤¤à¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° तीसरे दिन जी à¤à¥€ उठा। 5 और कैफा को तब बारहोंको दिलाई दिया। 6 फिर पांच सौ से अधिक à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚को à¤à¤• साय दिखाई दिया, जिन में से बहà¥à¤¤à¥‡à¤°à¥‡ अब तक वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ हैं पर कितने सो गà¤à¥¤ 7 फिर याकूब को दिखाई दिया तक सब पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤à¥‹à¤‚को दिखाई दिया। 8 और सब के बाद मà¥à¤ को à¤à¥€ दिखाई दिया, जो मानो अधूरे दिनोंका जनà¥à¥˜à¤¾ हूं। 9 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं पà¥à¤°à¤°à¤¿à¤¤à¥‹à¤‚में सब से छोटा हूं, बरन पà¥à¤°à¤°à¤¿à¤¤ कहलाने के योगà¥à¤¯ à¤à¥€ नहीं, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं ने परमेशà¥à¤µà¤° की कलीसिया को सताया या। 10 परनà¥â€à¤¤à¥ मैं जो कà¥à¤› à¤à¥€ हूं, परमेशà¥à¤µà¤° के अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ से हूं: और उसका अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ जो मà¥à¤ पर हà¥à¤†, वह वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¯ नहीं हà¥à¤†à¤¦à¥à¤§ परनतॠमैं ने उन सब से बढ़कर परिशà¥à¤°à¥à¤® à¤à¥€ किया: तौà¤à¥€ यह मेरी ओर से नहीं हà¥à¤† परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° के अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ से जो मà¥à¤ पर या। 11 सो चाहे मैं हूं, चाहे वे हों, हम यही पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करते हैं, और इसी पर तà¥à¤® ने विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ à¤à¥€ किया।। 12 सो जब कि मसीह का यह पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° किया जाता है, कि वह मरे हà¥à¤“ं में से जी उठा, तो तà¥à¤® में से कितने कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर कहते हैं, कि मरे हà¥à¤“ं का पà¥à¤¨à¤°à¥‚तà¥à¤¯à¤¾à¤¨ है ही नहीं 13 यदि मरे हà¥à¤“ं का पà¥à¤¨à¤°à¥‚तà¥à¤¯à¤¾à¤¨ ही नहीं, तो मसीह à¤à¥€ नहीं जी उठा। 14 और यदि मसीह à¤à¥€ नहीं जी उठा, तो हमारा पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करना à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¯ है; और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¯ है। 15 बरन हम परमशà¥â€à¥‡à¤µà¤° के फूठे गवाह ठहरे; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हम ने परमेशà¥à¤µà¤° के विषय में यह गवाही दी कि उस ने मसीह को जिला दिया यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ नहीं जिलाया, यदि मरे हà¥à¤ नहीं जी उठते। 16 और यदि मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ नहीं जी उठते, तो मसीह à¤à¥€ नहीं जी उठा। 17 और यदि मसीह नहीं जी उठा, तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¯ है; और तà¥à¤® अब तक अपके पापोंमें फंसे हो। 18 बरन जो मसीह मे सो गठहैं, वे à¤à¥€ नाश हà¥à¤à¥¤ 19 यदि हम केवल इसी जीवन में मसीह से आशा रखते हैं तो हम सब मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚से अधिक अà¤à¤¾à¤—े हैं।। 20 परनà¥â€à¤¤à¥ सचमà¥à¤š मसीह मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚में से जी उठा है, और जो सो गठहैं, उन में पहिला फल हà¥à¤†à¥¤ 21 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जब मनà¥à¤·à¥à¤¯ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मृतà¥à¤¯à¥ आई; तो मनà¥à¤·à¥à¤¯ ही के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मरे हà¥à¤“ं का पà¥à¤¨à¤°à¥‚तà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¥€ आया। 22 और जैसे आदम में सब मरते हैं, वैसा ही मसीह में सब जिलाठजाà¤à¤‚गे। 23 परनà¥â€à¤¤à¥ हर à¤à¤• अपकà¥à¤•à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ बारी से; पहिला फल मसीह; फिर मसीह के आने पर उसके लोग। 24 इस के बाद अनà¥â€à¤¤ होगा; उस समय वह सारी पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤¤à¤¾ और सारा अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ और सामरà¥à¤¯ का अनà¥â€à¤¤ करके राजà¥à¤¯ को परमेशà¥à¤µà¤° पिता के हाथ में सौंप देगा। 25 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जब तक कि वह अपके बैरियोंको अपके पांवोंतले न ले आà¤, तब तक उसका राजà¥à¤¯ करना अवशà¥à¤¯ है। 26 सब से अनà¥â€à¤¤à¤¿à¤® बैरी जो नाश किया जाà¤à¤—ा वह मृतà¥à¤¯à¥ है। 27 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि परमेशà¥à¤µà¤° ने सब कà¥à¤› उसके पांवोंतले कर दिया है, परनà¥â€à¤¤à¥ जब वह कहता है कि सब कà¥à¤› उसके आधीन कर दिया गया है तो पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤ है, कि जिस ने सब कà¥à¤› उसके आधीन कर दिया, वह आप अलग रहा। 28 और जब सब कà¥à¤› उसके आधीन हो जाà¤à¤—ा, तो पà¥à¤¤à¥à¤° आप à¤à¥€ उसके आधीन हो जाà¤à¤—ा जिस ने सब कà¥à¤› उसके आधीन कर दिया; ताकि सब में परमेशà¥à¤µà¤° ही सब कà¥à¤› हो।। 29 नहीं तो जो लोग मरे हà¥à¤“ं के लिथे बपतिसà¥à¥˜à¤¾ लेते हैं, वे कà¥â€à¤¯à¤¾ करेंगे यदि मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ जी उठते ही नहीं तो फिर कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚उन के लिथे बपतिसà¥à¥˜à¤¾ लेते हैं 30 और हम à¤à¥€ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚हर घड़ी जाखिम में पके रहते हैं 31 हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹, मà¥à¤à¥‡ उस घमणà¥â€à¤¡ की सोंह जो हमारे मसीह यीशॠमें मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ विषय में करता हूं, कि मैं पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन मरता हूं। 32 यदि मैं मनà¥à¤·à¥à¤¯ की रीति पर इफिसà¥à¤¸ में बन-पशà¥à¤“ं से लड़ा, तो मà¥à¤à¥‡ कà¥â€à¤¯à¤¾ लाठहà¥à¤† यदि मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ जिलाठनहीं जाà¤à¤‚गे, तो आओ, खाà¤-पीà¤, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि कल तो मर ही जाà¤à¤‚गे। 33 धोखा न खाना, बà¥à¤°à¥€ संगति अचà¥â€à¤›à¥‡ चरितà¥à¤° को बिगाड़ देती है। 34 धरà¥à¤® के लिथे जाग उठो और पाप न करो; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि कितने à¤à¤¸à¥‡ हैं जो परमेशà¥à¤µà¤° को नहीं जानते, मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ लजà¥à¥›à¤¿à¤¤ करते के लिथे यह कहता हूं।। 35 अब कोई यह कहेगा, कि मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ किस रीति से जी उठते हैं, और किसी देह के साय आते हैं 36 हे निरà¥à¤¬à¥à¤¿à¤¦à¥à¤µ, जो कà¥à¤› तॠबोता है, जब तक वह न मरे जिलाया नहीं जाता। 37 ओर जो तू बोता है, यह वह देह नहीं जो उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होनेवाली है, परनà¥â€à¤¤à¥ निरा दाना है, चाहे गेहूं का, चाहे किसी और अनाज का। 38 परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° अपकà¥à¤•à¥€ इचà¥â€à¤›à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उस को देह देता है; और हर à¤à¤• बीज को उस की विशेष देह। 39 सब शरीर à¤à¤• सरीखे नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚का शरीर और है, पशà¥à¤“ं का शरीर और है; पà¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚का शरीर और है; मिछिलयोंका शरीर और है। 40 सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय देह है, और पायिरà¥à¤µ देह à¤à¥€ है: परनà¥â€à¤¤à¥ सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीयह देहोंका तेज और हैं, और पायिरà¥à¤µ का और। 41 सूरà¥à¤¯ का तेज और है, चानà¥â€à¤¦ का तेज और है, और तारागणोंका तेज और है, (कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• तारे से दूसरे तारे के तेज मे अनà¥â€à¤¤à¤° है)। 42 मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚का जी उठना à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ ही है। शरीर नाशमान दशा में बोया जाता है, और अविनाशी रूप में जी उठता है। 43 वह अनादर के साय बोया जाता है, और तेज के साय जी उठता है; निरà¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ के साय बोया जाता है; और सामरà¥à¤¯ के साय जी उठता है। 44 सà¥â€à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• देह बोई जाती है, और आतà¥à¥˜à¤¿à¤• देह जी उठती है: जब कि सà¥â€à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• देह है, तो आतà¥à¥˜à¤¿à¤• देह à¤à¥€ है। 45 à¤à¤¸à¤¾ ही लिखा à¤à¥€ है, कि पà¥à¤°à¤¯à¤® मनà¥à¤·à¥à¤¯, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€ आदम, जीवित पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ बना और अनà¥â€à¤¤à¤¿à¤® आदम, जीवनदायक आतà¥à¥˜à¤¾ बना। 46 परनà¥â€à¤¤à¥ पहिले आतà¥à¥˜à¤¿à¤• न या, पर सà¥â€à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• या, इस के बाद आतà¥à¥˜à¤¿à¤• हà¥à¤†à¥¤ 47 पà¥à¤°à¤¯à¤® मनà¥à¤·à¥à¤¯ धरती से अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€ मिटà¥à¤Ÿà¥€ का या; दूसरा मनà¥à¤·à¥à¤¯ सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय है। 48 जैसा वह मिटà¥à¤Ÿà¥€ का या वैसे ही और मिटà¥à¤Ÿà¥€ के हैं; और जैसा वह सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय है, वैसे ही और à¤à¥€ सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय हैं। 49 और जैसे हम ने उसका रूप जो मिटà¥à¤Ÿà¥€ का या धारण किया वैसे ही उस सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय का रूप à¤à¥€ धारण करेंगे।। 50 हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚, मैं यह कहता हूं कि मांस और लोहू परमेशà¥à¤µà¤° के राजà¥à¤¯ के अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¥€ नहीं हो सकते, और न विनाश अविनाशी का अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¥€ हो सकता है। 51 देखे, मैं तà¥à¤® से à¤à¥‡à¤¦ की बात कहता हूं: कि हम सब तो नहीं सोà¤à¤‚गे, परनà¥â€à¤¤à¥ सब बदल जाà¤à¤‚गे। 52 और यह à¤à¤£ à¤à¤° में, पलक मारते ही पिछली तà¥à¤°à¤¹à¥€ फूंकते ही होगा: कयोंकि तà¥à¤°à¤¹à¥€ फूंकी जाà¤à¤—ी और मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ अविनाशी दशा में उठाठजांà¤à¤—े, और हम बदल जाà¤à¤‚गे। 53 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि अवशà¥à¤¯ है, कि वह नाशमान देह अविनाश को पहिन ले, और यह मरनहार देह अमरता को पहिन ले। 54 और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तक वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाà¤à¤—ा, कि जय ने मृतà¥à¤¯à¥ को निगल लिया। 55 हे मृतà¥à¤¯à¥ तेरी जय कहां रहीं 56 हे मृतà¥à¤¯à¥ तेरा डंक कहां रहा मृतà¥à¤¯à¥ का डंक पाप है; और पाप का बल बà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ है। 57 परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° का धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ हो, जो हमारे पà¥à¤°à¤à¥ यीशॠमसीह के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हमें जयवनà¥â€à¤¤ करता है। 58 सो हे मेरे पà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹, दृॠऔर अटल रहो, और पà¥à¤°à¤à¥ के काम में सरà¥à¤µà¤¦à¤¾ बढ़ते जाओ, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यह जानते हो, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ परिशà¥à¤°à¥à¤® पà¥à¤°à¤à¥ में वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¯ नहीं है।।
1 अब उस चनà¥â€à¤¦à¥‡ के विषय में जो पवितà¥à¤° लोगोंके लिथे किया जाता है, जैसी आजà¥à¤žà¤¾ मैं ने गलतिया की कलीसियाओं को दी, वैसा ही तà¥à¤® à¤à¥€ करो। 2 सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के पहिले दिन तà¥à¤® में से हर à¤à¤• अपकà¥à¤•à¥€ आमदनी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कà¥à¤› अपके पास रख छोड़ा करे, कि मेरे आने पर चनà¥â€à¤¦à¤¾ न करना पके। 3 और जब मैं आऊंगा, तो जिनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ तà¥à¤® चाहोगे उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ मैं चिटà¥à¤ ियां देकर à¤à¥‡à¤œ दूंगा, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ दान यरूशलेम पहà¥à¤‚चा दें। 4 और यदि मेरा à¤à¥€ जाना उचित हà¥à¤†, तो वे मेरे साय जाà¤à¤‚गे। 5 और मैं मकिदà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ होकर तो जाना ही है। 6 परनà¥â€à¤¤à¥ समà¥à¤à¤µ है कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ यहां ही ठहर जाऊं और शरद ऋतॠतà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ यंहा काटूं, तब जिस ओर मेरा जाना हो, उस ओर तà¥à¤® मà¥à¤à¥‡ पहà¥à¤‚चा दो। 7 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं अब मारà¥à¤— में तà¥à¤® से à¤à¥‡à¤‚ट करना नहीं चाहता; परनà¥â€à¤¤à¥ मà¥à¤à¥‡ आशा है, कि यदि पà¥à¤°à¤à¥ चाहे तो कà¥à¤› समय तक तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ साय रहूंगा। 8 परनतॠमैं पेनà¥â€à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤¸à¥â€à¤¤ तक इफिसà¥à¤¸ में रहूंगा। 9 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मेरे लिथे à¤à¤• बड़ा और उपयोगी दà¥à¤µà¤¾à¤° खà¥à¤²à¤¾ है, और विरोधी बहà¥à¤¤ से हैं।। 10 यदि तीमà¥à¤¯à¤¿à¤¯à¥à¤¸ आ जाà¤, तो देखना, कि वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ यहां निडर रहे; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह मेरी नाई पà¥à¤°à¤à¥ का काम करता है। 11 इसलिथे कोई उसे तà¥à¤šà¥â€à¤› न जाने, परनà¥â€à¤¤à¥ उसे कà¥à¤¶à¤² से इस ओर पहà¥à¤‚चा देना, कि मेरे पास आ जाà¤; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं उस की बाट जोह रहा हूं, कि वह à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚के साय आà¤à¥¤ 12 और à¤à¤¾à¤ˆ अपà¥à¤²à¥à¤²à¥‹à¤¸ से मैं ने बहà¥à¤¤ बिनती की है कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚के साय जाà¤; परनà¥â€à¤¤à¥ उस ने उस समय जाने की कà¥à¤› à¤à¥€ इचà¥â€à¤›à¤¾ न की, परनà¥â€à¤¤à¥ जब अवसर पाà¤à¤—ा, तब आ जाà¤à¤—ा। 13 जागते रहो, विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ में सà¥à¤¯à¤¿à¤° रहो, पà¥à¤°à¥‚षारà¥à¤¯ करो, बलवनà¥â€à¤¤ होओ। 14 जो कà¥à¤› करते हो पà¥à¤°à¥‡à¤® से करो।। 15 हे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹, तà¥à¤® सà¥â€à¤¤à¤¿à¤«à¤¨à¤¾à¤¸ के घराने को जानते हो, कि वे अखया के पहिले फल हैं, और पवितà¥à¤° लोगोंकी सेवा के लिथे तैयार रहते हैं। 16 सो मैं तà¥à¤® से बिनती करता हूं कि à¤à¤¸à¥‹à¤‚के आधीन रहो, बरन हर à¤à¤• के जो इस काम में परिशà¥à¤°à¥à¤®à¥€ और सहकरà¥à¤®à¥€ हैं। 17 और मैं सà¥â€à¤¤à¤¿à¤«à¤¨à¤¾à¤¸ और फूरतूनातà¥à¤¸ और अखइकà¥à¤¸ के आने से आननà¥â€à¤¦à¤¿à¤¤ हूं, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ धटी को पूरी की है। 18 और उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने मेरी और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ आतà¥à¥˜à¤¾ को चैन दिया है इसलिथे à¤à¤¸à¥‹à¤‚को मानो।। 19 आसिया की कलीसियाओं की ओर से तà¥à¤® को नमसà¥â€à¤•à¤¾à¤°; अकà¥â€à¤µà¤¿à¤²à¤¾ और पà¥à¤°à¤¿à¤¸à¤•à¤¾ का और उन के घर की कलीसिया को à¤à¥€ तà¥à¤® को पà¥à¤°à¤à¥ में बहà¥à¤¤ बहà¥à¤¤ नमसà¥â€à¤•à¤¾à¤°à¥¤ 20 सब à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚का तà¥à¤® को नमसà¥â€à¤•à¤¾à¤°: पवितà¥à¤° चà¥à¤®à¥à¤¬à¤¨ से आपस में नमसà¥â€à¤•à¤¾à¤° करो।। 21 मà¥à¤ पौलà¥à¤¸ का अपके हाथ का लिखा हà¥à¤† नमसà¥â€à¤•à¤¾à¤°: यदि कोई पà¥à¤°à¤à¥ से पà¥à¤°à¥‡à¤® न रखे तो वह सà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ हो। 22 हमारा पà¥à¤°à¤à¥ आनेवाला है। 23 पà¥à¤°à¤à¥ यीशॠमसीह का अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ तà¥à¤® पर होता रहे। 24 मेरा पà¥à¤°à¥‡à¤® मसीह यीशॠमें तà¥à¤® सब से रहे। आमीन।।