1 इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के नाम, जो अपके अपके घराने को लेकर याकूब के साय मिसà¥à¤° देश में आà¤, थे हैं: 2 अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ रूबेन, शिमोन, लेवी, यहूदा, 3 इसà¥à¤¸à¤¾à¤•à¤¾à¤°, जबूलून, बिनà¥à¤¯à¤¾à¤®à¥€à¤¨, 4 दान, नपà¥à¤¤à¤¾à¤²à¥€, गाद और आशेर। 5 और यूसà¥à¤« तो मिसà¥à¤° में पहिले ही आ चà¥à¤•à¤¾ या। याकूब के निज वंश में जो उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤ वे सब सतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ थे। 6 और यूसà¥à¤«, और उसके सब à¤à¤¾à¤ˆ , और उस पीà¥à¥€ के सब लोग मर मिटे। 7 और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² की सनà¥à¤¤à¤¾à¤¨ फूलने फलने लगी; और वे अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ सामरà¥à¤¯à¥€ बनते चले गà¤; और इतना बॠगठकि कà¥à¤² देश उन से à¤à¤° गया।। 8 मिसà¥à¤° में à¤à¤• नया राजा गदà¥à¤¦à¥€ पर बैठा जो यूसà¥à¤« को नहीं जानता या। 9 और उस ने अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ से कहा, देखो, इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ हम से गिनती और सामरà¥à¤¯à¥à¤¯ में अधिक बॠगठहैं। 10 इसलिथे आओ, हम उनके साय बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨à¥€ से बरà¥à¤¤à¤¾à¤µ करें, कहीं à¤à¤¸à¤¾ न हो कि जब वे बहà¥à¤¤ बॠजाà¤à¤‚, और यदि संगà¥à¤°à¤¾à¤® का समय आ पके, तो हमारे बैरियोंसे मिलकर हम से लड़ें और इस देश से निकल जाà¤à¤‚। 11 इसलिथे उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उन पर बेगारी करानेवालोंको नियà¥à¤•à¥à¤¤ किया कि वे उन पर à¤à¤¾à¤° डाल डालकर उनको दà¥:ख दिया करें; तब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने फिरौन के लिथे पितोम और रामसेस नाम à¤à¤£à¥à¤¡à¤¾à¤°à¤µà¤¾à¤²à¥‡ नगरोंको बनाया। 12 पर जà¥à¤¯à¥‹à¤‚जà¥à¤¯à¥‹à¤‚वे उनको दà¥:ख देते गठतà¥à¤¯à¥‹à¤‚तà¥à¤¯à¥‹à¤‚वे बà¥à¤¤à¥‡ और फैलते चले गà¤; इसलिथे वे इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ डर गà¤à¥¤ 13 तौà¤à¥€ मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से कठोरता के साय सेवकाई करवाई। 14 और उनके जीवन को गारे, ईंट और खेती के à¤à¤¾à¤‚ति à¤à¤¾à¤‚ति के काम की कठिन सेवा से दà¥:खी कर डाला; जिस किसी काम में वे उन से सेवा करवाते थे उस में वे कठोरता का वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करते थे। 15 शिपà¥à¤°à¤¾ और पूआ नाम दो इबà¥à¤°à¥€ धाइयोंको मिसà¥à¤° के राजा ने आजà¥à¤žà¤¾ दी, 16 कि जब तà¥à¤® इबà¥à¤°à¥€ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को बचà¥à¤šà¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने के समय जनà¥à¤®à¤¨à¥‡ के पतà¥à¤¯à¤°à¥‹à¤‚पर बैठी देखो, तब यदि बेटा हो, तो उसे मार डालना; और बेटी हो, तो जीवित रहने देना। 17 परनà¥à¤¤à¥ वे धाइयां परमेशà¥à¤µà¤° का à¤à¤¯ मानती यीं, इसलिथे मिसà¥à¤° के राजा की आजà¥à¤žà¤¾ न मानकर लड़कोंको à¤à¥€ जीवित छोड़ देती यीं। 18 तब मिसà¥à¤° के राजा ने उनको बà¥à¤²à¤µà¤¾à¤•à¤° पूछा, तà¥à¤® जो लड़कोंको जीवित छोड़ देती हो, तो à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚करती हो? 19 धाइयोंने फिरौन को उतर दिया, कि इबà¥à¤°à¥€ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚मिसà¥à¤°à¥€ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के समान नहीं हैं; वे à¤à¤¸à¥€ फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€à¤²à¥€ हैं कि धाइयोंके पहà¥à¤‚चने से पहिले ही उनको बचà¥à¤šà¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाता है। 20 इसलिथे परमेशà¥à¤µà¤° ने धाइयोंके साय à¤à¤²à¤¾à¤ˆ की; और वे लोग बà¥à¤•à¤° बहà¥à¤¤ सामरà¥à¤¯à¥€ हो गà¤à¥¤ 21 और धाइयां इसलिथे कि वे परमेशà¥à¤µà¤° का à¤à¤¯ मानती यीं उस ने उनके घर बसाà¤à¥¤ 22 तब फिरौन ने अपकà¥à¤•à¥€ सारी पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोगोंको आजà¥à¤žà¤¾ दी, कि इबà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के जितने बेटे उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होंउन सà¤à¥‹à¤‚को तà¥à¤® नील नदी में डाल देना, और सब बेटियोंको जीवित रख छोड़ना।।
1 लेवी के घराने के à¤à¤• पà¥à¤°à¥‚ष ने à¤à¤• लेवी वंश की सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ को बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ लिया। 2 और वह सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हà¥à¤ˆ और उसके à¤à¤• पà¥à¤¤à¥à¤° उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और यह देखकर कि यह बालक सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤° है, उसे तीन महीने तक छिपा रखा। 3 और जब वह उसे और छिपा न सकी तब उसके लिथे सरकंड़ोंकी à¤à¤• टोकरी लेकर, उस में बालक को रखकर नील नदी के तीर पर कांसोंके बीच छोड़ आई। 4 उस बालक कि बहिन दूर खड़ी रही, कि देखे इसका कà¥à¤¯à¤¾ हाल होगा। 5 तब फिरौन की बेटी नहाने के लिथे नदी के तीर आई; उसकी सखियां नदी के तीर तीर टहलने लगीं; तब उस ने कांसोंके बीच टोकरी को देखकर अपकà¥à¤•à¥€ दासी को उसे ले आने के लिथे à¤à¥‡à¤œà¤¾à¥¤ 6 तब उस ने उसे खोलकर देखा, कि à¤à¤• रोता हà¥à¤† बालक है; तब उसे तरस आया और उस ने कहा, यह तो किसी इबà¥à¤°à¥€ का बालक होगा। 7 तब बालक की बहिन ने फिरौन की बेटी से कहा, कà¥à¤¯à¤¾ मैं जाकर इबà¥à¤°à¥€ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚में से किसी धाई को तेरे पास बà¥à¤²à¤¾ ले आऊं जो तेरे लिथे बालक को दूध पिलाया करे? 8 फिरौन की बेटी ने कहा, जा। तब लड़की जाकर बालक की माता को बà¥à¤²à¤¾ ले आई। 9 फिरौन की बेटी ने उस से कहा, तू इस बालक को ले जाकर मेरे लिथे दूध पिलाया कर, और मैं तà¥à¤à¥‡ मजदूरी दूंगी। तब वह सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ बालक को ले जाकर दूध पिलाने लगी। 10 जब बालक कà¥à¤› बड़ा हà¥à¤† तब वह उसे फिरौन की बेटी के पास ले गई, और वह उसका बेटा ठहरा; और उस ने यह कहकर उसका नाम मूसा रखा, कि मैं ने इसको जल से निकाल लिया।। 11 उन दिनोंमें à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤† कि जब मूसा जवान हà¥à¤†, और बाहर अपके à¤à¤¾à¤ˆ बनà¥à¤§à¥à¤“ं के पास जाकर उनके दà¥:खोंपर दृषà¥à¤Ÿà¤¿ करने लगा; तब उस ने देखा, कि कोई मिसà¥à¤°à¥€ जन मेरे à¤à¤• इबà¥à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤ˆ को मार रहा है। 12 जब उस ने इधर उधर देखा कि कोई नहीं है, तब उस मिसà¥à¤°à¥€ को मार डाला और बालू में छिपा दिया।। 13 फिर दूसरे दिन बाहर जाकर उस ने देखा कि दो इबà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¥‚ष आपस में मारपीट कर रहे हैं; उस ने अपराधी से कहा, तू अपके à¤à¤¾à¤ˆ को कà¥à¤¯à¥‹à¤‚मारता है ? 14 उस ने कहा, किस ने तà¥à¤à¥‡ हम लोगोंपर हाकिम और नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€ ठहराया ? जिस à¤à¤¾à¤‚ति तू ने मिसà¥à¤°à¥€ को घात किया कà¥à¤¯à¤¾ उसी à¤à¤¾à¤‚ति तू मà¥à¤à¥‡ à¤à¥€ घात करना चाहता है ? तब मूसा यह सोचकर डर गया, कि निशà¥à¤šà¤¯ वह बात खà¥à¤² गई है। 15 जब फिरौन ने यह बात सà¥à¤¨à¥€ तब मूसा को घात करने की यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ की। तब मूसा फिरौन के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ से à¤à¤¾à¤—ा, और मिदà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देश में जाकर रहने लगा; और वह वहां à¤à¤• कà¥à¤à¤‚ के पास बैठगया। 16 मिदà¥à¤¯à¤¾à¤¨ के याजक की सात बेटियां यी; और वे वहां आकर जल à¤à¤°à¤¨à¥‡ लगीं, कि कठौतोंमें à¤à¤°à¤•à¥‡ अपके पिता की à¤à¥‡à¥œà¤¬à¤•à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को पिलाà¤à¤‚। 17 तब चरवाहे आकर उनको हटाने लगे; इस पर मूसा ने खड़ा होकर उनकी सहाथता की, और à¤à¥‡à¥œ-बकरियोंको पानी पिलाया। 18 जब वे अपके पिता रूà¤à¤² के पास फिर आई, तब उस ने उन से पूछा, कà¥à¤¯à¤¾ कारण है कि आज तà¥à¤® à¤à¤¸à¥€ फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€ से आई हो ? 19 उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, à¤à¤• मिसà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¥‚ष ने हम को चरवाहोंके हाथ से छà¥à¥œà¤¾à¤¯à¤¾, और हमारे लिथे बहà¥à¤¤ जल à¤à¤°à¤•à¥‡ à¤à¥‡à¥œ-बकरियोंको पिलाया। 20 तब उस ने अपकà¥à¤•à¥€ बेटियोंसे कहा, वह पà¥à¤°à¥‚ष कहां है ? तà¥à¤® उसको कà¥à¤¯à¥‹à¤‚छोड़ आई हो ? उसको बà¥à¤²à¤¾ ले आओ कि वह à¤à¥‹à¤œà¤¨ करे। 21 और मूसा उस पà¥à¤°à¥‚ष के साय रहने को पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; उस ने उसे अपकà¥à¤•à¥€ बेटी सिपà¥à¤ªà¥‹à¤°à¤¾ को बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ दिया। 22 और उसके à¤à¤• पà¥à¤¤à¥à¤° उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†, तब मूसा ने यह कहकर, कि मैं अनà¥à¤¯ देश में परदेशी हूं, उसका नाम गेरà¥à¤¶à¥‹à¤® रखा।। 23 बहà¥à¤¤ दिनोंके बीतने पर मिसà¥à¤° का राजा मर गया। और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ कठिन सेवा के कारण लमà¥à¤¬à¥€ लमà¥à¤¬à¥€ सांस लेकर आहें à¤à¤°à¤¨à¥‡ लगे, और पà¥à¤•à¤¾à¤° उठे, और उनकी दोहाई जो कठिन सेवा के कारण हà¥à¤ˆ वह परमेशà¥à¤µà¤° तक पहà¥à¤‚ची। 24 और परमेशà¥à¤µà¤° ने उनका कराहना सà¥à¤¨à¤•à¤° अपकà¥à¤•à¥€ वाचा को, जो उस ने इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤®, और इसहाक, और याकूब के साय बानà¥à¤§à¥€ यी, सà¥à¤®à¤°à¤£ किया। 25 और परमेशà¥à¤µà¤° ने इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚पर दृषà¥à¤Ÿà¤¿ करके उन पर चितà¥à¤¤ लगाया।।
1 मूसा अपके ससà¥à¤° यितà¥à¤°à¥‹ नाम मिदà¥à¤¯à¤¾à¤¨ के याजक की à¤à¥‡à¥œ-बकरियोंको चराता या; और वह उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जंगल की परली ओर होरेब नाम परमेशà¥à¤µà¤° के परà¥à¤µà¤¤ के पास ले गया। 2 और परमेशà¥à¤µà¤° के दूत ने à¤à¤• कटीली फाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दरà¥à¤¶à¤¨ दिया; और उस ने दृषà¥à¤Ÿà¤¿ उठाकर देखा कि फाड़ी जल रही है, पर à¤à¤¸à¥à¤® नहीं होती। 3 तब मूसा ने सोचा, कि मैं उधर फिरके इस बड़े अचमà¥à¤à¥‡ को देखूंगा, कि वह फाड़ी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚नहीं जल जाती। 4 जब यहोवा ने देखा कि मूसा देखने को मà¥à¥œà¤¾ चला आता है, तब परमेशà¥à¤µà¤° ने फाड़ी के बीच से उसको पà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¾, कि हे मूसा, हे मूसा। मूसा ने कहा, कà¥à¤¯à¤¾ आजà¥à¤žà¤¾à¥¤ 5 उस ने कहा इधर पास मत आ, और अपके पांवोंसे जूतियोंको उतार दे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जिस सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ पर तू खड़ा है वह पवितà¥à¤° à¤à¥‚मि है। 6 फिर उस ने कहा, मैं तेरे पिता का परमेशà¥à¤µà¤°, और इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤® का परमेशà¥à¤µà¤°, इसहाक का परमेशà¥à¤µà¤°, और याकूब का परमेशà¥à¤µà¤° हूं। तब मूसा ने जो परमेशà¥à¤µà¤° की ओर निहारने से डरता या अपना मà¥à¤‚ह à¥à¤¾à¤ª लिया। 7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोग जो मिसà¥à¤° में हैं उनके दà¥:ख को निशà¥à¤šà¤¯ देखा है, और उनकी जो चिलà¥à¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ परिशà¥à¤°à¥à¤® करानेवालोंके कारण होती है उसको à¤à¥€ मैं ने सà¥à¤¨à¤¾ है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चितà¥à¤¤ लगाया है ; 8 इसलिथे अब मैं उतर आया हूं कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के वश से छà¥à¥œà¤¾à¤Šà¤‚, और उस देश से निकालकर à¤à¤• अचà¥à¤›à¥‡ और बड़े देश में जिस में दूध और मधॠकी धारा बहती है, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ कनानी, हितà¥à¤¤à¥€, à¤à¤®à¥‹à¤°à¥€, परिजà¥à¤œà¥€, हिवà¥à¤µà¥€, और यबूसी लोगोंके सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में पहà¥à¤‚चाऊं। 9 सो अब सà¥à¤¨, इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की चिलà¥à¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ मà¥à¤à¥‡ सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ पकà¥à¤•à¥€ है, और मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚का उन पर अनà¥à¤§à¥‡à¤° करना à¤à¥€ मà¥à¤à¥‡ दिखाई पड़ा है, 10 इसलिथे आ, मैं तà¥à¤à¥‡ फिरौन के पास à¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾ हूं कि तू मेरी इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ को मिसà¥à¤° से निकाल ले आà¤à¥¤ 11 तब मूसा ने परमेशà¥à¤µà¤° से कहा, मै कौन हूं जो फिरौन के पास जाऊं, और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को मिसà¥à¤° से निकाल ले आऊं ? 12 उस ने कहा, निशà¥à¤šà¤¯ मैं तेरे संग रहूंगा; और इस बात का कि तेरा à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡à¤µà¤¾à¤²à¤¾ मैं हूं, तेरे लिथे यह चिनà¥à¤¹ होगा कि जब तू उन लोगोंको मिसà¥à¤° से निकाल चà¥à¤•à¥‡ तब तà¥à¤® इसी पहाड़ पर परमेशà¥à¤µà¤° की उपासना करोगे। 13 मूसा ने परमेशà¥à¤µà¤° से कहा, जब मैं इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के पास जाकर उन से यह कहूं, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पितरोंके परमेशà¥à¤µà¤° ने मà¥à¤à¥‡ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास à¤à¥‡à¤œà¤¾ है, तब यदि वे मà¥à¤ से पूछें, कि उसका कà¥à¤¯à¤¾ नाम है? तब मैं उनको कà¥à¤¯à¤¾ बताऊं? 14 परमेशà¥à¤µà¤° ने मूसा से कहा, मैं जो हूं सो हूं। फिर उस ने कहा, तू इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से यह कहना, कि जिसका नाम मैं हूं है उसी ने मà¥à¤à¥‡ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास à¤à¥‡à¤œà¤¾ है। 15 फिर परमेशà¥à¤µà¤° ने मूसा से यह à¤à¥€ कहा, कि तू इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से यह कहना, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पितरोंका परमेशà¥à¤µà¤°, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤® का परमेशà¥à¤µà¤°, इसहाक का परमेशà¥à¤µà¤° और याकूब का परमेशà¥à¤µà¤°, यहोवा उसी ने मà¥à¤ को तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास à¤à¥‡à¤œà¤¾ है। देख सदा तक मेरा नाम यही रहेगा, और पीà¥à¥€ पीà¥à¥€ में मेरा सà¥à¤®à¤°à¤£ इसी से हà¥à¤† करेगा। 16 इसलिथे अब जाकर इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ पà¥à¤°à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को इकटà¥à¤ ा कर, और उन से कह, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पितर इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤®, इसहाक, और याकूब के परमेशà¥à¤µà¤°, यहोवा ने मà¥à¤à¥‡ दरà¥à¤¶à¤¨ देकर यह कहा है, कि मैं ने तà¥à¤® पर और तà¥à¤® से जो बरà¥à¤¤à¤¾à¤µ मिसà¥à¤° में किया जाता है उस पर à¤à¥€ चित लगाया है; 17 और मैं ने ठान लिया है कि तà¥à¤® को मिसà¥à¤° के दà¥à¤–ोंमें से निकालकर कनानी, हितà¥à¤¤à¥€, à¤à¤®à¥‹à¤°à¥€, परिजà¥à¤œà¥€ हिबà¥à¤¬à¥€, और यबूसी लोगोंके देश में ले चलूंगा, जो à¤à¤¸à¤¾ देश है कि जिस में दूध और मधॠकी धारा बहती है। 18 तब वे तेरी मानेंगे; और तू इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ पà¥à¤°à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को संग लेकर मिसà¥à¤° के राजा के पास जाकर उस से योंकहना, कि इबà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के परमेशà¥à¤µà¤°, यहोवा से हम लोगोंकी à¤à¥‡à¤‚ट हà¥à¤ˆ है; इसलिथे अब हम को तीन दिन के मारà¥à¤— पर जंगल में जाने दे, कि अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा को बलिदान चà¥à¤¾à¤à¤‚। 19 मैं जानता हूं कि मिसà¥à¤° का राजा तà¥à¤® को जाने न देगा वरन बड़े बल से दबाठजाने पर à¤à¥€ जाने न देगा। 20 इसलिथे मैं हाथ बà¥à¤¾à¤•à¤° उन सब आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤•à¤°à¥à¤®à¥‹à¤‚से जो मिसà¥à¤° के बीच करूंगा उस देश को मारूंगा; और उसके पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥â€Œ वह तà¥à¤® को जाने देगा। 21 तब मैं मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से अपकà¥à¤•à¥€ इस पà¥à¤°à¤œà¤¾ पर अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ करवाऊंगा; और जब तà¥à¤® निकलोगे तब छूछे हाथ न निकलोगे। 22 वरन तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ à¤à¤• à¤à¤• सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ पड़ोसिन, और अपके अपके घर की पाहà¥à¤¨à¥€ से सोने चांदी के गहने, और वसà¥à¤¤à¥à¤° मांग लेगी, और तà¥à¤® उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपके बेटोंऔर बेटियोंको पहिराना; इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° तà¥à¤® मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को लूटोगे।।
1 तब मूसा ने उतर दिया, कि वे मेरी पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ न करेंगे और न मेरी सà¥à¤¨à¥‡à¤‚गे, वरन कहेंगे, कि यहोवा ने तà¥à¤ को दरà¥à¤¶à¤¨ नहीं दिया। 2 यहोवा ने उस से कहा, तेरे हाथ में वह कà¥à¤¯à¤¾ है ? वह बोला, लाठी। 3 उस ने कहा, उसे à¤à¥‚मि पर डाल दे; जब उस ने उसे à¤à¥‚मि पर डाला तब वह सरà¥à¤ª बन गई, और मूसा उसके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ से à¤à¤¾à¤—ा। 4 तब यहोवा ने मूसा से कहा, हाथ बà¥à¤¾à¤•à¤° उसकी पूंछ पकड़ ले कि वे लोग पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ करें कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पितरोंके परमेशà¥à¤µà¤° अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤® के परमेशà¥à¤µà¤°, इसहाक के परमेशà¥à¤µà¤°, और याकूब के परमेशà¥à¤µà¤°, यहोवा ने तà¥à¤ को दरà¥à¤¶à¤¨ दिया है। 5 तब उस ने हाथ बà¥à¤¾à¤•à¤° उसको पकड़ा तब वह उसके हाथ में फिर लाठी बन गई। 6 फिर यहोवा ने उस से यह à¤à¥€ कहा, कि अपना हाथ छाती पर रखकर ढांप। सो उस ने अपना हाथ छाती पर रखकर ढांप लिया; फिर जब उसे निकाला तब कà¥à¤¯à¤¾ देखा, कि उसका हाथ कोॠके कारण हिम के समान शà¥à¤µà¥‡à¤¤ हो गया है। 7 तब उस ने कहा, अपना हाथ छाती पर फिर रखकर ढांप। और उस ने अपना हाथ छाती पर रखकर ढांप लिया; और जब उस ने उसको छाती पर से निकाला तब कà¥à¤¯à¤¾ देखता है, कि वह फिर सारी देह के समान हो गया। 8 तब यहोवा ने कहा, यदि वे तेरी बात की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ न करें, और पहिले चिनà¥à¤¹ को न मानें, तो दूसरे चिनà¥à¤¹ की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ करेंगे। 9 और यदि वे इन दोनोंचिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ न करें और तेरी बात को न मानें, तब तू नील नदी से कà¥à¤› जल लेकर सूखी à¤à¥‚मि पर डालना; और जो जल तू नदी से निकालेगा वह सूखी à¤à¥‚मि पर लोहू बन जाथेगा। 10 मूसा ने यहोवा से कहा, हे मेरे पà¥à¤°à¤à¥, मैं बोलने में निपà¥à¤£ नहीं, न तो पहिले या, और न जब से तू अपके दास से बातें करने लगा; मैं तो मà¥à¤‚ह और जीठका à¤à¤¦à¥à¤¦à¤¾ हूं। 11 यहोवा ने उस से कहा, मनà¥à¤·à¥à¤¯ का मà¥à¤‚ह किस ने बनाया है ? और मनà¥à¤·à¥à¤¯ को गूंगा, वा बहिरा, वा देखनेवाला, वा अनà¥à¤§à¤¾, मà¥à¤ यहोवा को छोड़ कौन बनाता है ? 12 अब जा, मैं तेरे मà¥à¤– के संग होकर जो तà¥à¤à¥‡ कहना होगा वह तà¥à¤à¥‡ सिखलाता जाऊंगा। 13 उस ने कहा, हे मेरे पà¥à¤°à¤à¥, जिसको तू चाहे उसी के हाथ से à¤à¥‡à¤œà¥¤ 14 तब यहोवा का कोप मूसा पर à¤à¥œà¤•à¤¾ और उस ने कहा, कà¥à¤¯à¤¾ तेरा à¤à¤¾à¤ˆ लेवीय हारून नहीं है ? मà¥à¤à¥‡ तो निशà¥à¤šà¤¯ है कि वह बोलने में निपà¥à¤£ है, और वह तेरी à¤à¥‡à¤‚ट के लिथे निकला à¤à¥€ आता है, और तà¥à¤à¥‡ देखकर मन में आननà¥à¤¦à¤¿à¤¤ होगा। 15 इसलिथे तू उसे थे बातें सिखाना; और मैं उसके मà¥à¤– के संग और तेरे मà¥à¤– के संग होकर जो कà¥à¤› तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡ करना होगा वह तà¥à¤® को सिखलाता जाऊंगा। 16 और वह तेरी ओर से लोगोंसे बातें किया करेगा; वह तेरे लिथे मà¥à¤‚ह और तू उसके लिथे परमेशà¥à¤µà¤° ठहरेगा। 17 और तू इस लाठी को हाथ में लिठजा, और इसी से इन चिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚को दिखाना।। 18 तब मूसा अपके ससà¥à¤° यितà¥à¤°à¥‹ के पास लौटा और उस से कहा, मà¥à¤à¥‡ विदा कर, कि मैं मिसà¥à¤° में रहनेवाले अपके à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚के पास जाकर देखूं कि वे अब तक जीवित हैं वा नहीं। यितà¥à¤°à¥‹ ने कहा, कà¥à¤¶à¤² से जा। 19 और यहोवा ने मिदà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देश में मूसा से कहा, मिसà¥à¤° को लौट जा; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जो मनà¥à¤·à¥à¤¯ तेरे पà¥à¤°à¤¾à¤£ के पà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥‡ थे वे सब मर गठहैं 20 तब मूसा अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥à¤¨à¥€ और बेटोंको गदहे पर चà¥à¤¾à¤•à¤° मिसà¥à¤° देश की ओर परमेशà¥à¤µà¤° की उस लाठी को हाथ में लिथे हà¥à¤ लौटा। 21 और यहोवा ने मूसा से कहा, जब तू मिसà¥à¤° में पहà¥à¤‚चे तब सावधान हो जाना, और जो चमतà¥à¤•à¤¾à¤° मैं ने तेरे वश में किठहैं उन सà¤à¥‹à¤‚को फिरौन को दिखलाना; परनà¥à¤¤à¥ मै उसके मन को हठीला करूंगा, और वह मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ को जाने न देगा। 22 और तू फिरौन से कहना, कि यहोवा योंकहता है, कि इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² मेरा पà¥à¤¤à¥à¤° वरन मेरा जेठा है, 23 और मैं जो तà¥à¤ से कह चà¥à¤•à¤¾ हूं, कि मेरे पà¥à¤¤à¥à¤° को जाने दे कि वह मेरी सेवा करे; और तू ने अब तक उसे जाने नहीं दिया, इस कारण मैं अब तेरे पà¥à¤¤à¥à¤° वरन तेरे जेठे को घात करूंगा। 24 और à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤† कि मारà¥à¤— पर सराय में यहोवा ने मूसा से à¤à¥‡à¤‚ट करके उसे मार डालना चाहा। 25 तब सिपà¥à¤ªà¥‹à¤°à¤¾ ने à¤à¤• तेज चकमक पतà¥à¤¯à¤° लेकर अपके बेटे की खलड़ी को काट डाला, और मूसा के पावोंपर यह कहकर फेंक दिया, कि निशà¥à¤šà¤¯ तू लोहू बहानेवाला मेरा पति है। 26 तब उस ने उसको छोड़ दिया। और उसी समय खतने के कारण वह बोली, तू लोहू बहानेवाला पति है। 27 तब यहोवा ने हारून से कहा, मूसा से à¤à¥‡à¤‚ट करने को जंगल में जा। और वह गया, और परमेशà¥à¤µà¤° के परà¥à¤µà¤¤ पर उस से मिला और उसको चूमा। 28 तब मूसा ने हारून को यह बतलाया कि यहोवा ने कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ बातें कहकर उसको à¤à¥‡à¤œà¤¾ है, और कौन कौन से चिनà¥à¤¹ दिखलाने की आजà¥à¤žà¤¾ उसे दी है। 29 तब मूसा और हारून ने जाकर इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के सब पà¥à¤°à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को इकटà¥à¤ ा किया। 30 और जितनी बातें यहोवा ने मूसा से कही यी वह सब हारून ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ, और लोगोंके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ वे चिनà¥à¤¹ à¤à¥€ दिखलाà¤à¥¤ 31 और लोगोंने उनकी पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ की; और यह सà¥à¤¨à¤•à¤°, कि यहोवा ने इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सà¥à¤§à¤¿ ली और उनके दà¥:खोंपर दृषà¥à¤Ÿà¤¿ की है, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सिर फà¥à¤•à¤¾à¤•à¤° दणà¥à¤¡à¤µà¤¤ की।।
1 इसके पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥â€Œ मूसा और हारून ने जाकर फिरौन से कहा, इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² का परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा योंकहता है, कि मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोगोंको जाने दे, कि वे जंगल में मेरे लिथे परà¥à¤µà¥à¤µ करें। 2 फिरौन ने कहा, यहोवा कौन है, कि मैं उसका वचन मानकर इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को जाने दूं ? मैं यहोवा को नहीं जानता, और मैं इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को नहीं जाने दूंगा। 3 उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, इबà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के परमेशà¥à¤µà¤° ने हम से à¤à¥‡à¤‚ट की है; सो हमें जंगल में तीन दिन के मारà¥à¤— पर जाने दे, कि अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा के लिथे बलिदान करें, à¤à¤¸à¤¾ न हो कि वह हम में मरी फैलाठवा तलवार चलवाà¤à¥¤ 4 मिसà¥à¤° के राजा ने उन से कहा, हे मूसा, हे हारून, तà¥à¤® कà¥à¤¯à¥‹à¤‚लोगोंसे काम छà¥à¥œà¤µà¤¾à¤¨à¥‡ चाहते हो? तà¥à¤® जाकर अपके अपके बोफ को उठाओ। 5 और फिरोन ने कहा, सà¥à¤¨à¥‹, इस देश में वे लोग बहà¥à¤¤ हो गठहैं, फिर तà¥à¤® उनको परिशà¥à¤°à¥à¤® से विशà¥à¤°à¤® दिलाना चाहते हो ! 6 और फिरौन ने उसी दिन उन परिशà¥à¤°à¥à¤® करवानेवालोंको जो उन लोगोंके ऊपर थे, और उनके सरदारोंको यह आजà¥à¤žà¤¾ दी, 7 कि तà¥à¤® जो अब तक ईटें बनाने के लिथे लोगोंको पà¥à¤†à¤² दिया करते थे सो आगे को न देना; वे आप ही जाकर अपके लिथे पà¥à¤†à¤² इकटà¥à¤ ा करें। 8 तौà¤à¥€ जितनी ईंटें अब तक उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बनानी पड़ती यीं उतनी ही आगे को à¤à¥€ उन से बनवाना, ईंटोंकी गिनती कà¥à¤› à¤à¥€ न घटाना; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे आलसी हैं; इस कारण यह कहकर चिलà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥‡ हैं, कि हम जाकर अपके परमेशà¥à¤µà¤° के लिथे बलिदान करें। 9 उन मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚से और à¤à¥€ कठिन सेवा करवाई जाठकि वे उस में परिशà¥à¤°à¥à¤® करते रहें और फूठी बातोंपर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न लगाà¤à¤‚। 10 तब लोगोंके परिशà¥à¤°à¥à¤® करानेवालोंने और सरदारोंने बाहर जाकर उन से कहा, फिरौन इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° कहता है, कि मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤†à¤² नहीं दूंगा। 11 तà¥à¤® ही जाकर जहां कहीं पà¥à¤†à¤² मिले वहां से उसको बटोर कर ले आओ; परनà¥à¤¤à¥ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ काम कà¥à¤› à¤à¥€ नहीं घटाया जाà¤à¤—ा। 12 सो वे लोग सारे मिसà¥à¤° देश में तितà¥à¤¤à¤°-बितà¥à¤¤à¤° हà¥à¤ कि पà¥à¤†à¤² की सनà¥à¤¤à¥€ खूंटी बटोरें। 13 और परिशà¥à¤°à¥à¤® करनेवाले यह कह कहकर उन से जलà¥à¤¦à¥€ करते रहे, कि जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° तà¥à¤® पà¥à¤†à¤² पाकर किया करते थे उसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° अपना पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ का काम अब à¤à¥€ पूरा करो। 14 और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚में से जिन सरदारोंको फिरौन के परिशà¥à¤°à¥à¤® करानेवालोंने उनका अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¥€ ठहराया या, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मार खाई, और उन से पूछा गया, कि कà¥à¤¯à¤¾ कारण है कि तà¥à¤® ने अपकà¥à¤•à¥€ ठहराई हà¥à¤ˆ ईंटोंकी गिनती के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पहिले की नाई कल और आज पूरी नहीं कराई ? 15 तब इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के सरदारोंने जाकर फिरौन की दोहाई यह कहकर दी, कि तू अपके दासोंसे à¤à¤¸à¤¾ बरà¥à¤¤à¤¾à¤µ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚करता है? 16 तेरे दासोंको पà¥à¤†à¤² तो दिया ही नहीं जाता और वे हम से कहते रहते हैं, ईंटे बनाओ, ईंटें बनाओ, और तेरे दासोंने à¤à¥€ मार खाई हैं; परनà¥à¤¤à¥ दोष तेरे ही लोगोंका है। 17 फिरौन ने कहा, तà¥à¤® आलसी हो, आलसी; इसी कारण कहते हो कि हमे यहोवा के लिथे बलिदान करने को जाने दे। 18 और जब आकर अपना काम करो; और पà¥à¤†à¤² तà¥à¤® को नहीं दिया जाà¤à¤—ा, परनà¥à¤¤à¥ ईटोंकी गिनती पूरी करनी पकेगी। 19 जब इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के सरदारोंने यह बात सà¥à¤¨à¥€ कि उनकी ईंटोंकी गिनती न घटेगी, और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ उतना ही काम पूरा करना पकेगा, तब वे जान गठकि उनके दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ के दिन आ गठहैं। 20 जब वे फिरौन के समà¥à¤®à¥à¤– से बाहर निकल आठतब मूसा और हारून, जो उन से à¤à¥‡à¤‚ट करने के लिथे खड़े थे, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिले। 21 और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मूसा और हारून से कहा, यहोवा तà¥à¤® पर दृषà¥à¤Ÿà¤¿ करके नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ करे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤® ने हम को फिरौन और उसके करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में घृणित ठहरवाकर हमें घात करने के लिथे उनके हाथ में तलवार दे दी है। 22 तब मूसा ने यहोवा के पास लौट कर कहा, हे पà¥à¤°à¤à¥, तू ने इस पà¥à¤°à¤œà¤¾ के साय à¤à¤¸à¥€ बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚की? और तू ने मà¥à¤à¥‡ यहां कà¥à¤¯à¥‹à¤‚à¤à¥‡à¤œà¤¾ ? 23 जब से मैं तेरे नाम से फिरौन के पास बातें करने के लिथे गया तब से उसने इस पà¥à¤°à¤œà¤¾ के साय बà¥à¤°à¤¾ ही वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° किया है, और तू ने अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ का कà¥à¤› à¤à¥€ छà¥à¤Ÿà¤•à¤¾à¤°à¤¾ नहीं किया।
1 तब यहोवा ने मूसा से कहा, अब तू देखेगा कि मैं फिरौन ने कà¥à¤¯à¤¾ करूंगा; जिस से वह उनको बरबस निकालेगा, वह तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपके देश से बरबस निकाल देगा।। 2 और परमेशà¥à¤µà¤° ने मूसा से कहा, कि मैं यहोवा हूं। 3 मैं सरà¥à¤µà¤¶à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ ईशà¥à¤µà¤° के नाम से इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤®, इसहाक, और याकूब को दरà¥à¤¶à¤¨ देता या, परनà¥à¤¤à¥ यहोवा के नाम से मैं उन पर पà¥à¤°à¤—ट न हà¥à¤†à¥¤ 4 और मैं ने उनके साय अपकà¥à¤•à¥€ वाचा दृॠकी है, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ कनान देश जिस में वे परदेशी होकर रहते थे, उसे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दे दूं। 5 और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिसà¥à¤°à¥€ लोग दासतà¥à¤µ में रखते हैं उनका कराहना à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤•à¤° मैं ने अपकà¥à¤•à¥€ वाचा को सà¥à¤®à¤°à¤£ किया है। 6 इस कारण तू इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से कह, कि मैं यहोवा हूं, और तà¥à¤® को मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के बोफोंके नीचे से निकालूंगा, और उनके दासतà¥à¤µ से तà¥à¤® को छà¥à¥œà¤¾à¤Šà¤‚गा, और अपकà¥à¤•à¥€ à¤à¥à¤œà¤¾ बà¥à¤¾à¤•à¤° और à¤à¤¾à¤°à¥€ दणà¥à¤¡ देकर तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ छà¥à¥œà¤¾ लूंगा, 7 और मैं तà¥à¤® को अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ बनाने के लिथे अपना लूंगा, और मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ परमेशà¥à¤µà¤° ठहरूंगा; और तà¥à¤® जान लोगे कि मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा हूं जो तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के बोफोंके नीचे से निकाल ले आया। 8 और जिस देश के देने की शपय मैं ने इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤®, इसहाक, और याकूब से खाई यी उसी में मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ पहà¥à¤‚चाकर उसे तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤¾à¤— कर दूंगा। मैं तो यहोवा हूं। 9 और थे बातें मूसा ने इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ; परनà¥à¤¤à¥ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मन की बेचैनी और दासतà¥à¤µ की कà¥à¤°à¥‚रता के कारण उसकी न सà¥à¤¨à¥€à¥¤à¥¤ 10 तब यहोवा ने मूसा से कहा, 11 तू जाकर मिसà¥à¤° के राजा फिरौन से कह, कि इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को अपके देश में से निकल जाने दे। 12 और मूसा ने यहोवा से कहा, देख, इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने मेरी नहीं सà¥à¤¨à¥€; फिर फिरौन मà¥à¤ à¤à¤¦à¥à¤¦à¥‡ बोलनेवाले की कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कर सà¥à¤¨à¥‡à¤—ा ? 13 और यहोवा ने मूसा और हारून को इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और मिसà¥à¤° के राजा फिरौन के लिथे आजà¥à¤žà¤¾ इस अà¤à¤¿à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤¯ से दी कि वे इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को मिसà¥à¤° देश से निकाल ले जाà¤à¤‚। 14 उनके पितरोंके घरानोंके मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‚ष थे हैं : इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के जेठा रूबेन के पà¥à¤¤à¥à¤° : हनोक, पलà¥à¤²à¥‚, हेसà¥à¤°à¥‹à¤¨ और करà¥à¤®à¥à¤®à¥€ थे; 15 और शिमोन के पà¥à¤¤à¥à¤° : यमूà¤à¤², यामीन, ओहद, याकिन, और सोहर थे, और à¤à¤• कनानी सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का बेटा शाउल à¤à¥€ या; इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ से शिमोन के कà¥à¤² निकले। 16 और लेवी के पà¥à¤¤à¥à¤° जिन से उनकी वंशावली चकà¥à¤•à¥€ है, उनके नाम थे हैं : अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ गेरà¥à¤¶à¥‹à¤¨, कहात और मरारी, और लेवी को पूरी अवसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤• सौ सैंतीस वरà¥à¤· की हà¥à¤ˆà¥¤ 17 गेरà¥à¤¶à¥‹à¤¨ के पà¥à¤¤à¥à¤° जिन से उनका कà¥à¤² चला : लिबनी और शिमी थे। 18 और कहात के पà¥à¤¤à¥à¤° : अमà¥à¤°à¤¾à¤®, यिसहार, हेबà¥à¤°à¥‹à¤¨ और उजà¥à¤œà¥€à¤à¤² थे, और कहात की पूरी अवसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤• सौ सैंतीस वरà¥à¤· की हà¥à¤ˆà¥¤ 19 और मरारी के पà¥à¤¤à¥à¤° : महली और मूशी थे। लेवियोंके कà¥à¤² जिन से उनकी वंशावली चकà¥à¤•à¥€ थे ही हैं। 20 अमà¥à¤°à¤¾à¤® ने अपकà¥à¤•à¥€ फूफी योकेबेद को बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ लिया और उस से हारून और मूसा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤, और अमà¥à¤°à¤¾à¤® की पूरी अवसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤• सौ सैंतीस वरà¥à¤· की हà¥à¤ˆà¥¤ 21 और यिसहार के पà¥à¤¤à¥à¤° कोरह, नेपेग और जिकà¥à¤°à¥€ थे। 22 और उजà¥à¤œà¥€à¤à¤² के पà¥à¤¤à¥à¤°: मीशाà¤à¤², à¤à¤²à¤¸à¤¾à¤ªà¤¨ और सितà¥à¤°à¥€ थे। 23 और हारून ने अमà¥à¤®à¥€à¤¨à¤¾à¤¦à¤¾à¤¬ की बेटी, और नहशोन की बहिन à¤à¤²à¥€à¤¶à¥‡à¤¬à¤¾ को बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ लिया; और उस से नादाब, अबीहू, à¤à¤²à¤¾à¤œà¤¾à¤° और ईतामार उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤à¥¤ 24 और कोरह के पà¥à¤¤à¥à¤° : असà¥à¤¸à¥€à¤°, à¤à¤²à¤•à¤¾à¤¨à¤¾ और अबीआसाप थे; और इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ से कोरहियोंके कà¥à¤² निकले। 25 और हारून के पà¥à¤¤à¥à¤° à¤à¤²à¤¾à¤œà¤¾à¤° ने पूतीà¤à¤² की à¤à¤• बेटी को बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ लिया; और उस से पीनहास उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤† जिन से उनका कà¥à¤² चला। लेवियोंके पितरोंके घरानोंके मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‚ष थे ही हैं। 26 हारून और मूसा वे ही हैं जिनको यहोवा ने यह आजà¥à¤žà¤¾ दी, कि इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को दल दल करके उनके जतà¥à¤¯à¥‹à¤‚के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मिसà¥à¤° देश से निकाल ले आओ। 27 थे वही मूसा और हारून हैं जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मिसà¥à¤° के राजा फिरौन से कहा, कि हम इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को मिसà¥à¤° से निकाल ले जाà¤à¤‚गे।। 28 जब यहोवा ने मिसà¥à¤° देश में मूसा से यह बात कही, 29 कि मैं तो यहोवा हूं; इसलिथे जो कà¥à¤› मैं तà¥à¤® से कहूंगा वह सब मिसà¥à¤° के राजा फिरौन से कहना। 30 और मूसा ने यहोवा को उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि मैं तो बोलने में à¤à¤¦à¥à¤¦à¤¾ हूं; और फिरोन कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कर मेरी सà¥à¤¨à¥‡à¤—ा ?
1 तब यहोवा ने मूसा से कहा, सà¥à¤¨, मैं तà¥à¤à¥‡ फिरौन के लिथे परमेशà¥à¤µà¤° सा ठहराता हूं; और तेरा à¤à¤¾à¤ˆ हारून तेरा नबी ठहरेगा। 2 जो जो आजà¥à¤žà¤¾ मैं तà¥à¤à¥‡ दूं वही तू कहना, और हारून उसे फिरौन से कहेगा जिस से वह इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को अपके देश से निकल जाने दे। 3 और मैं फिरौन के मन को कठोर कर दूंगा, और अपके चिनà¥à¤¹ और चमतà¥à¤•à¤¾à¤° मिसà¥à¤° देश में बहà¥à¤¤ से दिखलाऊंगा। 4 तौà¤à¥€ फिरौन तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ न सà¥à¤¨à¥‡à¤—ा; और मैं मिसà¥à¤° देश पर अपना हाथ बà¥à¤¾à¤•à¤° मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को à¤à¤¾à¤°à¥€ दणà¥à¤¡ देकर अपकà¥à¤•à¥€ सेना अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ अपकà¥à¤•à¥€ इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ को मिसà¥à¤° देश से निकाल लूंगा। 5 और जब मैं मिसà¥à¤° पर हाथ बà¥à¤¾ कर इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को उनके बीच से निकालूंगा तब मिसà¥à¤°à¥€ जान लेंगे, कि मैं यहोवा हूं। 6 तब मूसा और हारून ने यहोवा की आजà¥à¤žà¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही किया। 7 और जब मूसा और हारून फिरौन से बात करने लगे तब मूसा तो असà¥à¤¸à¥€ वरà¥à¤· का या, और हारून तिरासी वरà¥à¤· का या।। 8 फिर यहोवा ने, मूसा और हारून से इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° कहा, 9 कि जब फिरौन तà¥à¤® से कहे, कि अपके पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ का कोई चमतà¥à¤•à¤¾à¤° दिखाओ, तब तू हारून से कहना, कि अपकà¥à¤•à¥€ लाठी को लेकर फिरौन के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ डाल दे, कि वह अजगर बन जाà¤à¥¤ 10 तब मूसा और हारून ने फिरौन के पास जाकर यहोवा की आजà¥à¤žà¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° किया; और जब हारून ने अपकà¥à¤•à¥€ लाठी को फिरौन और उसके करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ डाल दिया, तब वह अजगर बन गया। 11 तब फिरौन ने पणà¥à¤¡à¤¿à¤¤à¥‹à¤‚और टोनहा करनेवालोंको बà¥à¤²à¤µà¤¾à¤¯à¤¾; और मिसà¥à¤° के जादूगरोंने आकर अपके अपके तंतà¥à¤° मंतà¥à¤° से वैसा ही किया। 12 उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ लाठी को डाल दिया, और वे à¤à¥€ अजगर बन गà¤à¥¤ पर हारून की लाठी उनकी लाठियोंको निगल गई। 13 परनà¥à¤¤à¥ फिरौन का मन और हठीला हो गया, और यहोवा के वचन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उस ने मूसा और हारून की बातोंको नहीं माना।। 14 तब यहोवा ने मूसा से कहा, फिरोन का मन कठोर हो गया है और वह इस पà¥à¤°à¤œà¤¾ को जाने नहीं देता। 15 इसलिथे बिहान को फिरौन के पास जा, वह तो जल की ओर बाहर आà¤à¤—ा; और जो लाठी सरà¥à¤ª बन गई यी, उसको हाथ में लिठहà¥à¤ नील नदी के तट पर उस से à¤à¥‡à¤‚ट करने के लिथे खड़ा रहना। 16 और उस से इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° कहना, कि इबà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा ने मà¥à¤à¥‡ यह कहने के लिथे तेरे पास à¤à¥‡à¤œà¤¾ है, कि मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोगोंको जाने दे कि जिस से वे जंगल में मेरी उपासना करें; और अब तक तू ने मेरा कहना नहीं माना। 17 यहोवा योंकहता है, इस से तू जान लेगा कि मैं ही परमेशà¥à¤µà¤° हूं; देख, मै अपके हाथ की लाठी को नील नदी के जल पर मारूंगा, और जल लोहू बन जाà¤à¤—ा, 18 और जो मछलियां नील नदी में हैं वे मर जाà¤à¤‚गी, और नील नदी बसाने लगेगी, और नदी का पानी पीने के लिथे मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚का जी न चाहेगा। 19 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, हारून से कह, कि अपकà¥à¤•à¥€ लाठी लेकर मिसà¥à¤° देश में जितना जल है, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ उसकी नदियां, नहरें, फीलें, और पोखरे, सब के ऊपर अपना हाथ बà¥à¤¾ कि उनका जल लोहू बन जाà¤; और सारे मिसà¥à¤° देश में काठऔर पतà¥à¤¯à¤° दोनोंà¤à¤¾à¤‚ति के जलपातà¥à¤°à¥‹à¤‚में लोहू ही लोहू हो जाà¤à¤—ा। 20 तब मूसा और हारून ने यहोवा की आजà¥à¤žà¤¾ ही के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° किया, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ उस ने लाठी को उठाकर फिरौन और उसके करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के देखते नील नदी के जल पर मारा, और नदी का सब जल लोहू बन गया। 21 और नील नदी में जो मछलियां यीं वे मर गई; और नदी से दà¥à¤°à¥à¤—नà¥à¤§ आने लगी, और मिसà¥à¤°à¥€ लोग नदी का पानी न पी सके; और सारे मिसà¥à¤° देश में लोहू हो गया। 22 तब मिसà¥à¤° के जादूगरोंने à¤à¥€ अपके तंतà¥à¤°-मंतà¥à¤°à¥‹ से वैसा ही किया; तौà¤à¥€ फिरौन का मन हठीला हो गया, और यहोवा के कहने के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उस ने मूसा और हारून की न मानी। 23 फिरौन ने इस पर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं दिया, और मà¥à¤‚ह फेर के अपके घर में चला गया। 24 और सब मिसà¥à¤°à¥€ लोग पीने के जल के लिथे नील नदी के आस पास खोदने लगे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे नदी का जल नहीं पी सकते थे। 25 और जब यहोवा ने नील नदी को मारा या तब से सात दिन हो चà¥à¤•à¥‡ थे।।
1 और तब यहोवा ने फिर मूसा से कहा, फिरौन के पास जाकर कह, यहोवा तà¥à¤ से इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° कहता है, कि मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोगोंको जाने दे जिस से वे मेरी उपासना करें। 2 और यदि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जाने न देगा तो सà¥à¤¨, मैं मेंà¥à¤• à¤à¥‡à¤œà¤•à¤° तेरे सारे देश को हानि पहà¥à¤‚चानेवाला हूं। 3 और नील नदी मेंà¥à¤•à¥‹à¤‚से à¤à¤° जाà¤à¤—ी, और वे तेरे à¤à¤µà¤¨ में, और तेरे बिछौने पर, और तेरे करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के घरोंमें, और तेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ पर, वरन तेरे तनà¥à¤¦à¥‚रोंऔर कठौतियोंमें à¤à¥€ चॠजाà¤à¤‚गे। 4 और तà¥à¤ पर, और तेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾, और तेरे करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, सà¤à¥‹à¤‚पर मेंà¥à¤• चॠजाà¤à¤‚गे। 5 फिर यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी, कि हारून से कह दे, कि नदियों, नहरों, और फीलोंके ऊपर लाठी के साय अपना हाथ बà¥à¤¾à¤•à¤° मेंढकोंको मिसà¥à¤° देश पर चà¥à¤¾ ले आà¤à¥¤ 6 तब हारून ने मिसà¥à¤° के जलाशयोंके ऊपर अपना हाथ बà¥à¤¾à¤¯à¤¾; और मेंà¥à¤•à¥‹à¤‚ने मिसà¥à¤° देश पर चà¥à¤•à¤° उसे छा लिया। 7 और जादूगर à¤à¥€ अपके तंतà¥à¤°-मंतà¥à¤°à¥‹à¤‚से उसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° मिसà¥à¤° देश पर मेंढक चà¥à¤¾ ले आà¤à¥¤ 8 तक फिरौन ने मूसा और हारून को बà¥à¤²à¤µà¤¾à¤•à¤° कहा, यहोवा से बिनती करो कि वह मेंà¥à¤•à¥‹à¤‚को मà¥à¤ से और मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ से दूर करे; और मैं इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ लोगोंको जाने दूंगा जिस से वे यहोवा के लिथे बलिदान करें। 9 तब मूसा ने फिरौन से कहा, इतनी बात पर तो मà¥à¤ पर तेरा घमंड रहे, अब मैं तेरे, और तेरे करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, और पà¥à¤°à¤œà¤¾ के निमितà¥à¤¤ कब बिनती करूं, कि यहोवा तेरे पास से और तेरे घरोंमें से मेंढकोंको दूर करे, और वे केवल नील नदी में पाठजाà¤à¤‚ ? 10 उस ने कहा, कल। उस ने कहा, तेरे वचन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° होगा, जिस से तà¥à¤à¥‡ यह जà¥à¤žà¤¾à¤¤ हो जाठकि हमारे परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा के तà¥à¤²à¥à¤¯ कोई दूसरा नहीं है। 11 और मेंढक तेरे पास से, और तेरे घरोंमें से, और तेरे करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और पà¥à¤°à¤œà¤¾ के पास से दूर होकर केवल नील नदी में रहेंगे। 12 तब मूसा और हारून फिरौन के पास से निकल गà¤; और मूसा ने उन मेंढकोंके विषय यहोवा की दोहाई दी जो उस ने फिरौन पर à¤à¥‡à¤œà¥‡ थे। 13 और यहोवा ने मूसा के कहने के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° किया; और मेंढक घरों, आंगनों, और खेतोंमें मर गà¤à¥¤ 14 और लोगोंने इकटà¥à¤ े करके उनके ढेर लगा दिà¤, और सारा देश दà¥à¤°à¥à¤—नà¥à¤§ से à¤à¤° गया। 15 परनà¥à¤¤à¥ जब फिरोन ने देखा कि अब आराम मिला है तक यहोवा के कहने के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उस ने फिर अपके मन को कठोर किया, और उनकी न सà¥à¤¨à¥€à¥¤à¥¤ 16 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, हारून को आजà¥à¤žà¤¾ दे, कि तू अपकà¥à¤•à¥€ लाठी बà¥à¤¾à¤•à¤° à¤à¥‚मि की धूल पर मार, जिस से वह मिसà¥à¤° देश à¤à¤° में कà¥à¤Ÿà¤•à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बन जाà¤à¤‚। 17 और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने वैसा ही किया; अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ हारून ने लाठी को ले हाथ बà¥à¤¾à¤•à¤° à¤à¥‚मि की धूल पर मारा, तब मनà¥à¤·à¥à¤¯ और पशॠदोनोंपर कà¥à¤Ÿà¤•à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हो गई वरन सारे मिसà¥à¤° देश में à¤à¥‚मि की धूल कà¥à¤Ÿà¤•à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बन गई। 18 तब जादूगरोंने चाहा कि अपके तंतà¥à¤° मंतà¥à¤°à¥‹à¤‚के बल से हम à¤à¥€ कà¥à¤Ÿà¤•à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ ले आà¤à¤‚, परनà¥à¤¤à¥ यह उन से न हो सका। और मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚और पशà¥à¤“ं दोनोंपर कà¥à¤Ÿà¤•à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बनी ही रहीं। 19 तब जादूगरोंने फिरौन से कहा, यह तो परमेशà¥à¤µà¤° के हाथ का काम है। तौà¤à¥€ यहोवा के कहने के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° फिरौन का मन कठोर होता गया, और उस ने मूसा और हारून की बात न मानी।। 20 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, बिहान को तड़के उठकर फिरौन के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ खड़ा होना, वह तो जल की ओर आà¤à¤—ा, और उस से कहना, कि यहोवा तà¥à¤ से यह कहता है, कि मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोगोंको जाने दे, कि वे मेरी उपासना करें। 21 यदि तू मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ को न जाने देगा तो सà¥à¤¨, मैं तà¥à¤ पर, और तेरे करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और तेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ पर, और तेरे घरोंमें फà¥à¤‚ड के फà¥à¤‚ड डांस à¤à¥‡à¤œà¥‚ंगा; और मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के घर और उनके रहने की à¤à¥‚मि à¤à¥€ डांसोंसे à¤à¤° जाà¤à¤—ी। 22 उस दिन मैं गोशेन देश को जिस में मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ रहती है अलग करूंगा, और उस में डांसोंके फà¥à¤‚ड न होंगे; जिस से तू जान ले कि पृयà¥à¤µà¥€ के बीच मैं ही यहोवा हूं। 23 और मैं अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ और तेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ में अनà¥à¤¤à¤° ठहराऊंगा। यह चिनà¥à¤¹ कल होगा। 24 और यहोवा ने वैसा ही किया, और फिरौन के à¤à¤µà¤¨, और उसके करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के घरोंमें, और सारे मिसà¥à¤° देश में डांसोंके फà¥à¤‚ड के फà¥à¤‚ड à¤à¤° गà¤, और डांसोंके मारे वह देश नाश हà¥à¤†à¥¤ 25 तब फिरौन ने मूसा और हारून को बà¥à¤²à¤µà¤¾à¤•à¤° कहा, तà¥à¤® जाकर अपके परमेशà¥à¤µà¤° के लिथे इसी देश में बलिदान करो। 26 मूसा ने कहा, à¤à¤¸à¤¾ करना उचित नहीं; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हम अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा के लिथे मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की घृणित वसà¥à¤¤à¥ बलिदान करेंगें; और यदि हम मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के देखते उनकी घृणित वसà¥à¤¤à¥ बलिदान करें तो कà¥à¤¯à¤¾ वे हम को पतà¥à¤¯à¤°à¤µà¤¾à¤¹ न करेंगे ? 27 हम जंगल में तीन दिन के मारà¥à¤— पर जाकर अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा के लिथे जैसा वह हम से कहेगा वैसा ही बलिदान करेंगे। 28 फिरौन ने कहा, मैं तà¥à¤® को जंगल में जाने दूंगा कि तà¥à¤® अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा के लिथे जंगल में बलिदान करो; केवल बहà¥à¤¤ दूर न जाना, और मेरे लिथे बिनती करो। 29 तब मूसा ने कहा, सà¥à¤¨, मैं तेरे पास से बाहर जाकर यहोवा से बिनती करूंगा कि डांसोंके फà¥à¤‚ड तेरे, और तेरे करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, और पà¥à¤°à¤œà¤¾ के पास से कल ही दूर हों; पर फिरौन आगे को कपट करके हमें यहोवा के लिथे बलिदान करने को जाने देने के लिथे नाहीं न करे। 30 सो मूसा ने फिरौन के पास से बाहर जाकर यहोवा से बिनती की। 31 और यहोवा ने मूसा के कहे के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° डांसोंके फà¥à¤£à¥à¤¡à¥‹à¤‚को फिरौन, और उसके करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, और उसकी पà¥à¤°à¤œà¤¾ से दूर किया; यहां तक कि à¤à¤• à¤à¥€ न रहा। 32 तक फिरौन ने इस बार à¤à¥€ अपके मन को सà¥à¤¨à¥à¤¨ किया, और उन लोगोंको जाने न दिया।।
1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, फिरोन के पास जाकर कह, कि इबà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚का परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा तà¥à¤ से इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° कहता है, कि मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोगोंको जाने दे, कि मेरी उपासना करें। 2 और यदि तू उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जाने न दे और अब à¤à¥€ पकड़े रहे, 3 तो सà¥à¤¨, तेरे जो घोड़े, गदहे, ऊंट, गाय-बैल, à¤à¥‡à¥œ-बकरी आदि पशॠमैदान में हैं, उन पर यहोवा का हाथ à¤à¤¸à¤¾ पकेगा कि बहà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¥€ मरी होगी। 4 और यहोवा इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के पशà¥à¤“ं में और मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के पशà¥à¤“ं में à¤à¤¸à¤¾ अनà¥à¤¤à¤° करेगा, कि जो इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के हैं उन में से कोई à¤à¥€ न मरेगा। 5 फिर यहोवा ने यह कहकर à¤à¤• समय ठहराया, कि मैं यह काम इस देश में कल करूंगा। 6 दूसरे दिन यहोवा ने à¤à¤¸à¤¾ ही किया; और मिसà¥à¤° के तो सब पशॠमर गà¤, परनà¥à¤¤à¥ इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚का à¤à¤• à¤à¥€ पशॠन मरा। 7 और फिरौन ने लोगोंको à¤à¥‡à¤œà¤¾, पर इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के पशà¥à¤“ं में से à¤à¤• à¤à¥€ नहीं मरा या। तौà¤à¥€ फिरौन का मन सà¥à¤¨à¥à¤¨ हो गया, और उस ने उन लोगोंको जाने न दिया। 8 फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा, कि तà¥à¤® दोनोंà¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ में से à¤à¤• à¤à¤• मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी राख ले लो, और मूसा उसे फिरौन के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ आकाश की ओर उड़ा दे। 9 तब वह सूà¤à¥à¤® धूल होकर सारे मिसà¥à¤° देश में मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚और पशà¥à¤“ं दोनोंपर फफोले और फोड़े बन जाà¤à¤—ी। 10 सो वे à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ में की राख लेकर फिरौन के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ खड़े हà¥à¤, और मूसा ने उसे आकाश की ओर उड़ा दिया, और वह मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚और पशà¥à¤“ं दोनोंपर फफोले और फोड़े बन गई। 11 और उन फोड़ोंके कारण जादूगर मूसा के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ खड़े न रह सके, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे फोड़े जैसे सब मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के वैसे ही जादूगरोंके à¤à¥€ निकले थे। 12 तब यहोवा ने फिरौन के मन को कठोर कर दिया, और जैसा यहोवा ने मूसा से कहा या, उस ने उसकी न सà¥à¤¨à¥€à¥¤à¥¤ 13 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, बिहान को तड़के उठकर फिरौन के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ खड़ा हो, और उस से कह इबà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚का परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° कहता है, कि मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोगोंको जाने दे, कि वे मेरी उपासना करें। 14 नहीं तो अब की बार मैं तà¥à¤ पर, और तेरे करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और तेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ पर सब पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की विपतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ डालूंगा, जिससे तू जान ले कि सारी पृयà¥à¤µà¥€ पर मेरे तà¥à¤²à¥à¤¯ कोई दूसरा नहीं है। 15 मैं ने तो अà¤à¥€ हाथ बà¥à¤¾à¤•à¤° तà¥à¤à¥‡ और तेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ को मरी से मारा होता, और तू पृयà¥à¤µà¥€ पर से सतà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¶ हो गया होता; 16 परनà¥à¤¤à¥ सचमà¥à¤š मैं ने इसी कारण तà¥à¤à¥‡ बनाठरखा है, कि तà¥à¤à¥‡ अपना सामरà¥à¤¯à¥à¤¯ दिखाऊं, और अपना नाम सारी पृयà¥à¤µà¥€ पर पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ करूं। 17 कà¥à¤¯à¤¾ तू अब à¤à¥€ मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ अपके आप को बड़ा समà¤à¤¤à¤¾ है, और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जाने नहीं देता ? 18 सà¥à¤¨, कल मैं इसी समय à¤à¤¸à¥‡ à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤°à¥€ ओले बरसाऊंगा, कि जिन के तà¥à¤²à¥à¤¯ मिसà¥à¤° की नेव पड़ने के दिन से लेकर अब तक कà¤à¥€ नहीं पके। 19 सो अब लोगोंको à¤à¥‡à¤œà¤•à¤° अपके पशà¥à¤“ं को अपके मैदान में जो कà¥à¤› तेरा है सब को फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€ से आड़ में छिपा ले; नहीं तो जितने मनà¥à¤·à¥à¤¯ वा पशॠमैदान में रहें और घर में इकटà¥à¤ े न किठजाà¤à¤‚ उन पर ओले गिरेंगे, और वे मर जाà¤à¤‚गे। 20 इसलिथे फिरौन के करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚में से जो लोग यहोवा के वचन का à¤à¤¯ मानते थे उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने तो अपके अपके सेवकोंऔर पशà¥à¤“ं को घर में हाà¤à¤• दिया। 21 पर जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यहोवा के वचन पर मन न लगाया उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपके सेवकोंऔर पशà¥à¤“ं को मैदान में रहने दिया।। 22 तक यहोवा ने मूसा से कहा, अपना हाथ आकाश की ओर बà¥à¤¾, कि सारे मिसà¥à¤° देश के मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚पशà¥à¤“ं और खेतोंकी सारी उपज पर ओले गिरें। 23 तब मूसा ने अपकà¥à¤•à¥€ लाठी को आकाश की ओर उठाया; और यहोवा मेघ गरजाने और ओले बरसाने लगा, और आग पृयà¥à¤µà¥€ तक आती रही। इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° यहोवा ने मिसà¥à¤° देश पर ओले बरसाà¤à¥¤ 24 जो ओले गिरते थे उनके साय आग à¤à¥€ मिली हà¥à¤ˆ यी, और वे ओले इतने à¤à¤¾à¤°à¥€ थे कि जब से मिसà¥à¤° देश बसा या तब से मिसà¥à¤° à¤à¤° में à¤à¤¸à¥‡ ओले कà¤à¥€ न गिरे थे। 25 इसलिथे मिसà¥à¤° à¤à¤° के खेतोंमें कà¥à¤¯à¤¾ मनà¥à¤·à¥à¤¯, कà¥à¤¯à¤¾ पशà¥, जितने थे सब ओलोंसे मारे गà¤, और ओलोंसे खेत की सारी उपज नषà¥à¤Ÿ हो गई, और मैदान के सब वृठटूट गà¤à¥¤ 26 केवल गोशेन देश में जहां इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ बसते थे ओले नहीं गिरे। 27 तब फिरौन ने मूसा और हारून को बà¥à¤²à¤µà¤¾ à¤à¥‡à¤œà¤¾ और उन से कहा, कि इस बार मैं ने पाप किया है; यहोवा धरà¥à¤®à¥€ है, और मैं और मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ अधरà¥à¤®à¥€ हैं। 28 मेघोंका गरजना और ओलोंका बरसना तो बहà¥à¤¤ हो गया; अब à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में यहोवा से बिनती करो; तब मैं तà¥à¤® लोगोंको जाने दूंगा, और तà¥à¤® न रोके जाओगे। 29 मूसा ने उस से कहा, नगर से निकलते ही मैं यहोवा की ओर हाथ फैलाऊंगा, तब बादल का गरजना बनà¥à¤¦ हो जाà¤à¤—ा, और ओले फिर न गिरेंगे, इस से तू जान लेगा कि पृयà¥à¤µà¥€ यहोवा ही की है। 30 तौà¤à¥€ मैं जानता हूं, कि न तो तू और न तेरे करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ यहोवा परमेशà¥à¤µà¤° का à¤à¤¯ मानेंगे। 31 सन और जव तो ओलोंसे मारे गà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जव की बालें निकल चà¥à¤•à¥€ यीं और सन में फूल लगे हà¥à¤ थे। 32 पर गेहूं और कठिया गेहूं जो बà¥à¥‡ न थे, इस कारण वे मारे न गà¤à¥¤ 33 जब मूसा ने फिरौन के पास से नगर के बाहर निकलकर यहोवा की ओर हाथ फैलाà¤, तब बादल का गरजना और ओलोंका बरसना बनà¥à¤¦ हà¥à¤†, और फिर बहà¥à¤¤ मेंह à¤à¥‚मि पर न पड़ा। 34 यह देखकर कि मेंह और ओलोंऔर बादल का गरजना बनà¥à¤¦ हो गया फिरौन ने अपके करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚समेत फिर अपके मन को कठोर करके पाप किया। 35 और फिरौन का मन हठीला होता गया, और उस ने इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को जाने न दिया; जैसा कि यहोवा ने मूसा के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कहलवाया या।।
1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, फिरोन के पास जा; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं ही ने उसके और उसके करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के मन को इसलिथे कठोर कर दिया है, कि अपके चिनà¥à¤¹ उनके बीच में दिखलाऊं। 2 और तà¥à¤® लोग अपके बेटोंऔर पोतोंसे इसका वरà¥à¤£à¤¨ करो कि यहोवा ने मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को कैसे ठटà¥à¤ ोंमें उड़ाया और अपके कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ चिनà¥à¤¹ उनके बीच पà¥à¤°à¤—ट किठहैं; जिस से तà¥à¤® यह जान लोगे कि मैं यहोवा हूं। 3 तब मूसा और हारून ने फिरौन के पास जाकर कहा, कि इबà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚का परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा तà¥à¤ से इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° कहता है, कि तू कब तक मेरे सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ दीन होने से संकोच करता रहेगा ? मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोगोंको जाने दे, कि वे मेरी उपासना करें। 4 यदि तू मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ को जाने न दे तो सà¥à¤¨, कल मैं तेरे देश में टिडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ ले आऊंगा। 5 और वे धरती को à¤à¤¸à¤¾ छा लेंगी, कि वह देख न पकेगी; और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ जो कà¥à¤› ओलोंसे बच रहा है उसको वे चट कर जाà¤à¤‚गी, और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ जितने वृठमैदान में लगे हैं उनको à¤à¥€ वे चट कर जाà¤à¤‚गी, 6 और वे तेरे और तेरे सारे करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, निदान सारे मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के घरोंमें à¤à¤° जाà¤à¤‚गी; इतनी टिडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ तेरे बापदादोंने वा उनके पà¥à¤°à¤–ाओं ने जब से पृयà¥à¤µà¥€ पर जनà¥à¤®à¥‡ तब से आज तक कà¤à¥€ न देखीं। और वह मà¥à¤‚ह फेरकर फिरौन के पास से बाहर गया। 7 तब फिरौन के करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ उस से कहने लगे, वह जन कब तक हमारे लिथे फनà¥à¤¦à¤¾ बना रहेगा ? उन मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚को जाने दे, कि वे अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा की उपासना करें; कà¥à¤¯à¤¾ तू अब तक नहीं जानता, कि सारा मिसà¥à¤° नाश हो गया है ? 8 तब मूसा और हारून फिरौन के पास फिर बà¥à¤²à¤µà¤¾à¤ गà¤, और उस ने उन से कहा, चले जाओ, अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा की उपासना करो; परनà¥à¤¤à¥ वे जो जानेवाले हैं, कौन कौन हैं ? 9 मूसा ने कहा, हम तो बेटोंबेटियों, à¤à¥‡à¥œ-बकरियों, गाय-बैलोंसमेत वरन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚से बूà¥à¥‹à¤‚तक सब के सब जाà¤à¤‚गे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हमें यहोवा के लिथे परà¥à¤¬à¥à¤¬ करना है। 10 उस ने इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° उन से कहा, यहोवा तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ संग रहे जब कि मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚समेत जाने देता हूं; देखो, तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ आगे को बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ है। 11 नहीं, à¤à¤¸à¤¾ नहीं होने पाà¤à¤—ा; तà¥à¤® पà¥à¤°à¥‚ष ही जाकर यहोवा की उपासना करो, तà¥à¤® यही तो चाहते थे। और वे फिरौन के समà¥à¤®à¥à¤– से निकाल दिठगà¤à¥¤à¥¤ 12 तब यहोवा ने मूसा से कहा, मिसà¥à¤° देश के ऊपर अपना हाथ बà¥à¤¾, कि टिडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मिसà¥à¤° देश पर चà¥à¤•à¥‡ à¤à¥‚मि का जितना अनà¥à¤¨ आदि ओलोंसे बचा है सब को चट कर जाà¤à¤‚। 13 और मूसा ने अपकà¥à¤•à¥€ लाटà¥à¤ ी को मिसà¥à¤° देश के ऊपर बà¥à¤¾à¤¯à¤¾, तब यहोवा ने दिन à¤à¤° और रात à¤à¤° देश पर पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ बहाई; और जब à¤à¥‹à¤° हà¥à¤† तब उस पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ में टिडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आईं। 14 और टिडिà¥â€Œà¤¡à¤¯à¥‹à¤‚ने चà¥à¤•à¥‡ मिसà¥à¤° देश के सारे सà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚मे बसेरा किया, उनका दल बहà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¥€ या, वरन न तो उनसे पहले à¤à¤¸à¥€ टिडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आई यी, और न उनके पीछे à¤à¤¸à¥€ फिर आà¤à¤‚गी। 15 वे तो सारी धरती पर छा गई, यहां तक कि देश अनà¥à¤§à¥‡à¤°à¤¾ हो गया, और उसका सारा अनà¥à¤¨ आदि और वृà¤à¥‹à¤‚के सब फल, निदान जो कà¥à¤› ओलोंसे बचा या, सब को उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने चट कर लिया; यहां तक कि मिसà¥à¤° देश à¤à¤° में न तो किसी वृठपर कà¥à¤› हरियाली रह गई और न खेत में अनाज रह गया। 16 तब फिरौन ने फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€ से मूसा और हारून को बà¥à¤²à¤µà¤¾à¤•à¥‡ कहा, मैं ने तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा का और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ à¤à¥€ अपराध किया है। 17 इसलिथे अब की बार मेरा अपराध à¤à¤®à¤¾ करो, और अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा से बिनती करो, कि वह केवल मेरे ऊपर से इस मृतà¥à¤¯à¥ को दूर करे। 18 तब मूसा ने फिरोन के पास से निकल कर यहोवा से बिनती की। 19 तब यहोवा ने बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤šà¤£à¥à¤¡ पछà¥à¤µà¤¾ बहाकर टिडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को उड़ाकर लाल समà¥à¤¨à¥à¤¦à¥à¤° में डाल दिया, और मिसà¥à¤° के किसी सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में à¤à¤• à¤à¥€ टिडà¥à¤¡à¥€ न रह गई। 20 तौà¤à¥€ यहोवा ने फिरौन के मन को कठोर कर दिया, जिस से उस ने इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को जाने न दिया। 21 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, अपना हाथ आकाश की ओर बà¥à¤¾ कि मिसà¥à¤° देश के ऊपर अनà¥à¤§à¤•à¤¾à¤° छा जाà¤, à¤à¤¸à¤¾ अनà¥à¤§à¤•à¤¾à¤° कि टटोला जा सके। 22 तब मूसा ने अपना हाथ आकाश की ओर बà¥à¤¾à¤¯à¤¾, और सारे मिसà¥à¤° देश में तीन दिन तक घोर अनà¥à¤§à¤•à¤¾à¤° छाया रहा। 23 तीन दिन तक न तो किसी ने किसी को देखा, और न कोई अपके सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से उठा; परनà¥à¤¤à¥ सारे इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के घरोंमें उजियाला रहा। 24 तब फिरौन ने मूसा को बà¥à¤²à¤µà¤¾à¤•à¤° कहा, तà¥à¤® लोग जाओ, यहोवा की उपासना करो; अपके बालकोंको à¤à¥€ संग ले जाओ; केवल अपकà¥à¤•à¥€ à¤à¥‡à¥œ-बकरी और गाय-बैल को छोड़ जाओ। 25 मूसा ने कहा, तà¥à¤ को हमारे हाथ मेलबलि और होमबलि के पशॠà¤à¥€ देने पकेंगे, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हम अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा के लिथे चà¥à¤¾à¤à¤‚। 26 इसलिथे हमारे पशॠà¤à¥€ हमारे संग जाà¤à¤‚गे, उनका à¤à¤• खà¥à¤° तक न रह जाà¤à¤—ा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में से हम को अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा की उपासना का सामान लेना होगा, और हम जब तक वहां न पहà¥à¤‚चें तब तक नहीं जानते कि कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ लेकर यहोवा की उपासना करनी होगी। 27 पर यहोवा ने फिरौन का मन हठीला कर दिया, जिस से उस ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जाने न दिया। 28 तब फिरौन ने उस से कहा, मेरे सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ से चला जा; और सचेत रह; मà¥à¤à¥‡ अपना मà¥à¤– फिर न दिखाना; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जिस दिन तू मà¥à¤à¥‡ मà¥à¤‚ह दिखलाठउसी दिन तू मारा जाà¤à¤—ा। 29 मूसा ने कहा, कि तू ने ठीक कहा है; मैं तेरे मà¥à¤‚ह को फिर कà¤à¥€ न देखूंगा।।
1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, à¤à¤• और विपतà¥à¤¤à¤¿ मैं फिरौन और मिसà¥à¤° देश पर डालता हूं, उसके पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥â€Œ वह तà¥à¤® लोगोंको वहां से जाने देगा; और जब वह जाने देगा तब तà¥à¤® सà¤à¥‹à¤‚को निशà¥à¤šà¤¯ निकाल देगा। 2 मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ को मेरी यह आजà¥à¤žà¤¾ सà¥à¤¨à¤¾, कि à¤à¤• à¤à¤• पà¥à¤°à¥‚ष अपके अपके पड़ोसी, और à¤à¤• à¤à¤• सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ पड़ोसिन से सोने चांदी के गहने मांग ले। 3 तब यहोवा ने मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ पर दयालॠकिया। और इससे अधिक वह पà¥à¤°à¥‚ष मूसा मिसà¥à¤° देश में फिरौन के करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और साधारण लोगोंकी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में अति महान या।। 4 फिर मूसा ने कहा, यहोवा इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° कहता है, कि आधी रात के लगà¤à¤— मैं मिसà¥à¤° देश के बीच में होकर चलूंगा। 5 तब मिसà¥à¤° में सिंहासन पर विराजने वाले फिरौन से लेकर चकà¥à¤•à¥€ पीसनेवाली दासी तक के पहिलौठे; वरन पशà¥à¤“ं तक के सब पहिलौठे मर जाà¤à¤‚गे। 6 और सारे मिसà¥à¤° देश में बड़ा हाहाकार मचेगा, यहां तक कि उसके समान न तो कà¤à¥€ हà¥à¤† और न होगा। 7 पर इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के विरूदà¥à¤§, कà¥à¤¯à¤¾ मनà¥à¤·à¥à¤¯ कà¥à¤¯à¤¾ पशà¥, किसी पर कोई कà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¾ à¤à¥€ न à¤à¥‹à¤‚केगा; जिस से तà¥à¤® जान लो कि मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚में मैं यहोवा अनà¥à¤¤à¤° करता हूं। 8 तब तेरे थे सब करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ मेरे पास आ मà¥à¤à¥‡ दणà¥à¤¡à¤µà¤¤à¥â€Œ करके यह कहेंगे, कि अपके सब अनà¥à¤šà¤°à¥‹à¤‚समेत निकल जा। और उसके पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥â€Œ मैं निकल जाऊंगा। यह कह कर मूसा बड़े कà¥à¤°à¥‹à¤§ में फिरौन के पास से निकल गया।। 9 यहोवा ने मूसा से कह दिया या, कि फिरौन तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ न सà¥à¤¨à¥‡à¤—ा; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मेरी इचà¥à¤›à¤¾ है कि मिसà¥à¤° देश में बहà¥à¤¤ से चमतà¥à¤•à¤¾à¤° करूं। 10 मूसा और हारून ने फिरौन के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ थे सब चमतà¥à¤•à¤¾à¤° किà¤; पर यहोवा ने फिरौन का मन और कठोर कर दिया, सो उसने इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को अपके देश से जाने न दिया।।
1 फिर यहोवा ने मिसà¥à¤° देश में मूसा और हारून से कहा, 2 कि यह महीना तà¥à¤® लोगोंके लिथे आरमà¥à¤ का ठहरे; अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ वरà¥à¤· का पहिला महीना यही ठहरे। 3 इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² की सारी मणà¥à¤¡à¤²à¥€ से इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° कहो, कि इसी महीने के दसवें दिन को तà¥à¤® अपके अपके पितरोंके घरानोंके अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, घराने पीछे à¤à¤• à¤à¤• मेमà¥à¤¨à¤¾ ले रखो। 4 और यदि किसी के घराने में à¤à¤• मेमà¥à¤¨à¥‡ के खाने के लिथे मनà¥à¤·à¥à¤¯ कम हों, तो वह अपके सब से निकट रहनेवाले पड़ोसी के साय पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की गिनती के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤• मेमà¥à¤¨à¤¾ ले रखे; और तà¥à¤® हर à¤à¤• के खाने के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मेमà¥à¤¨à¥‡ का हिसाब करना। 5 तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ मेमà¥à¤¨à¤¾ निरà¥à¤¦à¥Œà¤· और पहिले वरà¥à¤· का नर हो, और उसे चाहे à¤à¥‡à¥œà¥‹à¤‚में से लेना चाहे बकरियोंमें से। 6 और इस महीने के चौदहवें दिन तक उसे रख छोड़ना, और उस दिन गोधूलि के समय इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² की सारी मणà¥à¤¡à¤²à¥€ के लोग उसे बलि करें। 7 तब वे उसके लोहू में से कà¥à¤› लेकर जिन घरोंमें मेमà¥à¤¨à¥‡ को खाà¤à¤‚गे उनके दà¥à¤µà¤¾à¤° के दोनोंअलंगोंऔर चौखट के सिकà¥à¤•à¥‡ पर लगाà¤à¤‚। 8 और वे उसके मांस को उसी रात आग में à¤à¥‚ंजकर अखमीरी रोटी और कड़वे सागपात के साय खाà¤à¤‚। 9 उसको सिर, पैर, और अतडिय़ोंसमेत आग में à¤à¥‚ंजकर खाना, कचà¥à¤šà¤¾ वा जल में कà¥à¤› à¤à¥€ पकाकर न खाना। 10 और उस में से कà¥à¤› बिहान तक न रहने देना, और यदि कà¥à¤› बिहान तक रह à¤à¥€ जाà¤, तो उसे आग में जला देना। 11 और उसके खाने की यह विधि है; कि कमर बानà¥à¤§à¥‡, पांव में जूती पहिने, और हाथ में लाठी लिठहà¥à¤ उसे फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€ से खाना; वह तो यहोवा का परà¥à¤¬à¥à¤¬ होगा। 12 कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उस रात को मैं मिसà¥à¤° देश के बीच में से होकर जाऊंगा, और मिसà¥à¤° देश के कà¥à¤¯à¤¾ मनà¥à¤·à¥à¤¯ कà¥à¤¯à¤¾ पशà¥, सब के पहिलौठोंको मारूंगा; और मिसà¥à¤° के सारे देवताओं को à¤à¥€ मैं दणà¥à¤¡ दूंगा; मैं तो यहोवा हूं। 13 और जिन घरोंमें तà¥à¤® रहोगे उन पर वह लोहू तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ निमितà¥à¤¤ चिनà¥à¤¹ ठहरेगा; अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ मैं उस लोहू को देखकर तà¥à¤® को छोड़ जाऊंगा, और जब मैं मिसà¥à¤° देश के लोगोंको मारूंगा, तब वह विपतà¥à¤¤à¤¿ तà¥à¤® पर न पकेगी और तà¥à¤® नाश न होगे। 14 और वह दिन तà¥à¤® को सà¥à¤®à¤°à¤£ दिलानेवाला ठहरेगा, और तà¥à¤® उसको यहोवा के लिथे परà¥à¤¬à¥à¤¬ करके मानना; वह दिन तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ पीढिय़ोंमें सदा की विधि जानकर परà¥à¤¬à¥à¤¬ माना जाà¤à¥¤ 15 सात दिन तक अखमीरी रोटी खाया करना, उन में से पहिले ही दिन अपके अपके घर में से खमीर उठा डालना, वरन जो पहिले दिन से लेकर सातवें दिन तक कोई खमीरी वसà¥à¤¤à¥ खाà¤, वह पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚में से नाश किया जाà¤à¥¤ 16 और पहिले दिन à¤à¤• पवितà¥à¤° सà¤à¤¾, और सातवें दिन à¤à¥€ à¤à¤• पवितà¥à¤° सà¤à¤¾ करना; उन दोनोंदिनोंमे कोई काम न किया जाà¤; केवल जिस पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ का जो खाना हो उसके काम करने की आजà¥à¤žà¤¾ है। 17 इसलिथे तà¥à¤® बिना खमीर की रोटी का परà¥à¤¬à¥à¤¬ मानना, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसी दिन मानो मैं ने तà¥à¤® को दल दल करके मिसà¥à¤° देश से निकाला है; इस कारण वह दिन तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ पीढिय़ोंमें सदा की विधि जानकर माना जाà¤à¥¤ 18 पहिले महीने के चौदहवें दिन की सांफ से लेकर इकà¥à¤•à¥€à¤¸à¤µà¥‡à¤‚ दिन की सांफ तक तà¥à¤® अखमीरी रोटी खाया करना। 19 सात दिन तक तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ घरोंमें कà¥à¤› à¤à¥€ खमीर न रहे, वरन जो कोई किसी खमीरी वसà¥à¤¤à¥ को खाà¤, चाहे वह देशी हो चाहे परदेशी, वह पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की मणà¥à¤¡à¤²à¥€ से नाश किया जाà¤à¥¤ 20 कोई खमीरी वसà¥à¤¤à¥ न खाना; अपके सब घरोंमें बिना खमीर की रोटी खाया करना।। 21 तब मूसा ने इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के सब पà¥à¤°à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को बà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° कहा, तà¥à¤® अपके अपके कà¥à¤² के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤• à¤à¤• मेमà¥à¤¨à¤¾ अलग कर रखो, और फसह का पशॠबलि करना। 22 और उसका लोहू जो तसले में होगा उस में जूफा का à¤à¤• गà¥à¤šà¥à¤›à¤¾ डà¥à¤¬à¤¾à¤•à¤° उसी तसले में के लोहू से दà¥à¤µà¤¾à¤° के चौखट के सिकà¥à¤•à¥‡ और दोनोंअलंगोंपर कà¥à¤› लगाना; और à¤à¥‹à¤° तक तà¥à¤® में से कोई घर से बाहर न निकले। 23 कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहोवा देश के बीच होकर मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को मारता जाà¤à¤—ा; इसलिथे जहां जहां वह चौखट के सिकà¥à¤•à¥‡, और दोनोंअलंगोंपर उस लोहू को देखेगा, वहां वहां वह उस दà¥à¤µà¤¾à¤° को छोड़ जाà¤à¤—ा, और नाश करनेवाले को तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ घरोंमें मारने के लिथे न जाने देगा। 24 फिर तà¥à¤® इस विधि को अपके और अपके वंश के लिथे सदा की विधि जानकर माना करो। 25 जब तà¥à¤® उस देश में जिसे यहोवा अपके कहने के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° तà¥à¤® को देगा पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करो, तब वह काम किया करना। 26 और जब तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लड़केबाले तà¥à¤® से पूछें, कि इस काम से तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ मतलब है ? 27 तब तà¥à¤® उनको यह उतà¥à¤¤à¤° देना, कि यहोवा ने जो मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के मारने के समय मिसà¥à¤° में रहने वाले हम इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के घरोंको छोड़कर हमारे घरोंको बचाया, इसी कारण उसके फसह का यह बलिदान किया जाता है। तब लोगोंने सिर फà¥à¤•à¤¾à¤•à¤° दणà¥à¤¡à¤µà¤¤à¥â€Œ की। 28 और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने जाकर, जो आजà¥à¤žà¤¾ यहोवा ने मूसा और हारून को दी यी, उसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° किया।। 29 और à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤† कि आधी रात को यहोवा ने मिसà¥à¤° देश में सिंहासन पर विराजनेवाले फिरौन से लेकर गड़हे में पके हà¥à¤ बनà¥à¤§à¥à¤ तक सब के पहिलौठोंको, वरन पशà¥à¤“ं तक के सब पहिलौठोंको मार डाला। 30 और फिरौन रात ही को उठबैठा, और उसके सब करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€, वरन सारे मिसà¥à¤°à¥€ उठे; और मिसà¥à¤° में बड़ा हाहाकार मचा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ घर न या जिसमें कोई मरा न हो। 31 तब फिरौन ने रात ही रात में मूसा और हारून को बà¥à¤²à¤µà¤¾à¤•à¤° कहा, तà¥à¤® इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚समेत मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ के बीच से निकल जाओ; और अपके कहने के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° जाकर यहोवा की उपासना करो। 32 अपके कहने के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अपकà¥à¤•à¥€ à¤à¥‡à¥œ-बकरियोंऔर गाय-बैलोंको साय ले जाओ; और मà¥à¤à¥‡ आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ दे जाओ। 33 और मिसà¥à¤°à¥€ जो कहते थे, कि हम तो सब मर मिटे हैं, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ लोगोंपर दबाव डालकर कहा, कि देश से फटपट निकल जाओ। 34 तब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपके गूनà¥à¤§à¥‡ गà¥à¤¨à¥à¤§à¤¾à¤ आटे को बिना खमीर दिठही कठौतियोंसमेत कपड़ोंमें बानà¥à¤§à¤•à¥‡ अपके अपके कनà¥à¤§à¥‡ पर डाल लिया। 35 और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने मूसा के कहने के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से सोने चांदी के गहने और वसà¥à¤¤à¥à¤° मांग लिथे। 36 और यहोवा ने मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोगोंपर à¤à¤¸à¤¾ दयालॠकिया, कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जो जो मांगा वह सब उनको दिया। इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को लूट लिया।। 37 तब इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ रामसेस से कूच करके सà¥à¤•à¥à¤•à¥‹à¤¤ को चले, और बालबचà¥à¤šà¥‹à¤‚को छोड़ वे कोई छ: लाख पà¥à¤°à¥‚ष पà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¥‡ थे। 38 और उनके साय मिली जà¥à¤²à¥€ हà¥à¤ˆ à¤à¤• à¤à¥€à¥œ गई, और à¤à¥‡à¥œ-बकरी, गाय-बैल, बहà¥à¤¤ से पशॠà¤à¥€ साय गà¤à¥¤ 39 और जो गूनà¥à¤§à¤¾ आटा वे मिसà¥à¤° से साय ले गठउसकी उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बिना खमीर दिठरोटियां बनाई; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे मिसà¥à¤° से à¤à¤¸à¥‡ बरबस निकाले गà¤, कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अवसर à¤à¥€ न मिला की मारà¥à¤— में खाने के लिथे कà¥à¤› पका सकें, इसी कारण वह गूनà¥à¤§à¤¾ हà¥à¤† आटा बिना खमीर का या। 40 मिसà¥à¤° में बसे हà¥à¤ इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को चार सौ तीस वरà¥à¤· बीत गठथे। 41 और उन चार सौ तीस वरà¥à¤·à¥‹à¤‚के बीतने पर, ठीक उसी दिन, यहोवा की सारी सेना मिसà¥à¤° देश से निकल गई। 42 यहोवा इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को मिसà¥à¤° देश से निकाल लाया, इस कारण वह रात उसके निमितà¥à¤¤ मानने के अति योगà¥à¤¯ है; यह यहोवा की वही रात है जिसका पीà¥à¥€ पीà¥à¥€ में मानना इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के लिथे अति अवशà¥à¤¯ है।। 43 फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा, परà¥à¤¬à¥à¤¬ की विधि यह है; कि कोई परदेशी उस में से न खाà¤; 44 पर जो किसी का मोल लिया हà¥à¤† दास हो, और तà¥à¤® लोगोंने उसका खतना किया हो, वह तो उस में से खा सकेगा। 45 पर परदेशी और मजदूर उस में से न खाà¤à¤‚। 46 उसका खाना à¤à¤• ही घर में हो; अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ तà¥à¤® उसके मांस में से कà¥à¤› घर से बाहर न ले जाना; और बलिपशॠकी कोई हडà¥à¤¡à¥€ न तोड़ना। 47 परà¥à¤¬à¥à¤¬ को मानना इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² की सारी मणà¥à¤¡à¤²à¥€ का करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ करà¥à¤® है। 48 और यदि कोई परदेशी तà¥à¤® लोगोंके संग रहकर यहोवा के लिथे परà¥à¤¬à¥à¤¬ को मानना चाहे, तो वह अपके यहां के सब पà¥à¤°à¥‚षोंका खतना कराà¤, तब वह समीप आकर उसको माने; और वह देशी मनà¥à¤·à¥à¤¯ के तà¥à¤²à¥à¤¯ ठहरेगा। पर कोई खतनारहित पà¥à¤°à¥‚ष उस में से न खाने पाà¤à¥¤ 49 उसकी वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ देशी और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ बीच में रहनेवाले परदेशी दोनोंके लिथे à¤à¤• ही हो। 50 यह आजà¥à¤žà¤¾ जो यहोवा ने मूसा और हारून को दी उसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सारे इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने किया। 51 और ठीक उसी दिन यहोवा इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को मिसà¥à¤° देश से दल दल करके निकाल ले गया।।
1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, 2 कि कà¥à¤¯à¤¾ मनà¥à¤·à¥à¤¯ के कà¥à¤¯à¤¾ पशॠके, इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚में जितने अपकà¥à¤•à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ मां के जेठे हों, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मेरे लिथे पवितà¥à¤° मानना; वह तो मेरा ही है।। 3 फिर मूसा ने लोगोंसे कहा, इस दिन को सà¥à¤®à¤°à¤£ रखो, जिस में तà¥à¤® लोग दासतà¥à¤µ के घर, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ मिसà¥à¤° से निकल आठहो; यहोवा तो तà¥à¤® को वहां से अपके हाथ के बल से निकाल लाया; इस में खमीरी रोटी न खाई जाà¤à¥¤ 4 आबीब के महीने में आज के दिन तà¥à¤® निकले हो। 5 इसलिथे जब यहोवा तà¥à¤® को कनानी, हितà¥à¤¤à¥€, à¤à¤®à¥‹à¤°à¥€, हिबà¥à¤¬à¥€, और यबूसी लोगोंके देश में पहà¥à¤šà¤¾à¤à¤—ा, जिसे देने की उस ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पà¥à¤°à¤–ाओं से शपय खाई यी, और जिस में दूध और मधॠकी धारा बहती है, तब तà¥à¤® इसी महीने में परà¥à¤¬à¥à¤¬ करना। 6 सात दिन तक अखमीरी रोटी खाया करना, और सातवें दिन यहोवा के लिथे परà¥à¤¬à¥à¤¬ मानना। 7 इन सातोंदिनोंमें अखमीरी रोटी खाई जाà¤; वरन तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ देश à¤à¤° में न खमीरी रोटी, न खमीर तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास देखने में आà¤à¥¤ 8 और उस दिन तà¥à¤® अपके अपके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚को यह कहके समà¤à¤¾ देना, कि यह तो हम उसी काम के कारण करते हैं, जो यहोवा ने हमारे मिसà¥à¤° से निकल आने के समय हमारे लिथे किया या। 9 फिर यह तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ हाथ में à¤à¤• चिनà¥à¤¹ होगा, और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ आंखोंके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ सà¥à¤®à¤°à¤£ करानेवाली वसà¥à¤¤à¥ ठहरे; जिस से यहोवा की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ मà¥à¤‚ह पर रहे : कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहोवा ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपके बलवनà¥à¤¤ हाथोंसे मिसà¥à¤° से निकाला है। 10 इस कारण तà¥à¤® इस विधि को पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वरà¥à¤· नियत समय पर माना करना।। 11 फिर जब यहोवा उस शपय के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, जो उस ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पà¥à¤°à¤–ाओं से और तà¥à¤® से à¤à¥€ खाई है, तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡ कनानियोंके देश में पहà¥à¤‚चाकर उसको तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ दे देगा, 12 तब तà¥à¤® में से जितने अपकà¥à¤•à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ मां के जेठे होंउनको, और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पशà¥à¤“ं में जो à¤à¤¸à¥‡ होंउनको à¤à¥€ यहोवा के लिथे अरà¥à¤ªà¤£ करना; सब नर बचà¥à¤šà¥‡ तो यहोवा के हैं। 13 और गदही के हर à¤à¤• पहिलौठे की सनà¥à¤¤à¥€ मेमà¥à¤¨à¤¾ देकर उसको छà¥à¥œà¤¾ लेना, और यदि तà¥à¤® उसे छà¥à¥œà¤¾à¤¨à¤¾ न चाहो तो उसका गला तोड़ देना। पर अपके सब पहिलौठे पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚को बदला देकर छà¥à¥œà¤¾ लेना। 14 और आगे के दिनोंमें जब तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पà¥à¤¤à¥à¤° तà¥à¤® से पूछें, कि यह कà¥à¤¯à¤¾ है ? तो उन से कहना, कि यहोवा हम लोगोंको दासतà¥à¤µ के घर से, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ मिसà¥à¤° देश से अपके हाथोंके बल से निकाल लाया है। 15 उस समय जब फिरौन ने कठोर होकर हम को जाने देना न चाहा, तब यहोवा ने मिसà¥à¤° देश में मनà¥à¤·à¥à¤¯ से लेकर पशॠतक सब के पहिलौठोंको मार डाला। इसी कारण पशà¥à¤“ं में से तो जितने अपकà¥à¤•à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ मां के पहिलौठे नर हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हम यहोवा के लिथे बलि करते हैं; पर अपके सब जेठे पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚को हम बदला देकर छà¥à¥œà¤¾ लेते हैं। 16 और यह तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ हाथोंपर à¤à¤• चिनà¥à¤¹ सा और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥Œà¤¹à¥‹à¤‚के बीच टीका सा ठहरे; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहोवा हम लोगोंको मिसà¥à¤° से अपके हाथोंके बल से निकाल लाया है।। 17 जब फिरौन ने लोगोंको जाने की आजà¥à¤žà¤¾ दे दी, तब यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ पलिशà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के देश में होकर जो मारà¥à¤— जाता है वह छोटा या; तौà¤à¥€ परमेशà¥à¤µà¤° यह सोच कर उनको उस मारà¥à¤— से नहीं ले गया, कि कहीं à¤à¤¸à¤¾ न हो कि जब थे लोग लड़ाई देखें तब पछताकर मिसà¥à¤° को लौट आà¤à¤‚। 18 इसलिथे परमेशà¥à¤µà¤° उनको चकà¥à¤•à¤° खिलाकर लाल समà¥à¤¦à¥à¤° के जंगल के मारà¥à¤— से ले चला। और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ पांति बानà¥à¤§à¥‡ हà¥à¤ मिसà¥à¤° से निकल गà¤à¥¤ 19 और मूसा यूसà¥à¤« की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को साय लेता गया; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यूसà¥à¤« ने इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से यह कहके, कि परमेशà¥à¤µà¤° निशà¥à¤šà¤¯ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ सà¥à¤§à¤¿ लेगा, उनको इस विषय की दृॠशपय खिलाई यी, कि वे उसकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को अपके साय यहां से ले जाà¤à¤‚गे। 20 फिर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥à¤•à¥à¤•à¥‹à¤¤ से कूच करके जंगल की छोर पर à¤à¤¤à¤¾à¤® में डेरा किया। 21 और यहोवा उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दिन को मारà¥à¤— दिखाने के लिथे मेघ के खमà¥à¤à¥‡ में, और रात को उजियाला देने के लिथे आग के खमà¥à¤à¥‡ में होकर उनके आगे आगे चला करता या, जिससे वे रात और दिन दोनोंमें चल सकें। 22 उस ने न तो बादल के खमà¥à¤à¥‡ को दिन में और न आग के खमà¥à¤à¥‡ को रात में लोगोंके आगे से हटाया।।
1 यहोवा ने मूसा से कहा, 2 इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को आजà¥à¤žà¤¾ दे, कि वे लौटकर मिगदोल और समà¥à¤¦à¥à¤° के बीच पीहहीरोत के समà¥à¤®à¥à¤–, बालसपोन के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ अपके डेरे खड़े करें, उसी के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ समà¥à¤¦à¥à¤° के तट पर डेरे खड़े करें। 3 तब फिरौन इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के विषय में सोचेगा, कि वे देश के उलफनोंमें बफे हैं और जंगल में घिर गठहैं। 4 तब मैं फिरौन के मन को कठोर कर दूंगा, और वह उनका पीछा करेगा, तब फिरौन और उसकी सारी सेना के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मेरी महिमा होगी; और मिसà¥à¤°à¥€ जान लेंगे कि मैं यहोवा हूं। और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने वैसा ही किया। 5 जब मिसà¥à¤° के राजा को यह समाचार मिला कि वे लोग à¤à¤¾à¤— गà¤, तब फिरौन और उसके करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚का मन उनके विरूदà¥à¤§ पलट गया, और वे कहने लगे, हम ने यह कà¥à¤¯à¤¾ किया, कि इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को अपकà¥à¤•à¥€ सेवकाई से छà¥à¤Ÿà¤•à¤¾à¤°à¤¾ देकर जाने दिया ? 6 तब उस ने अपना रय जà¥à¤¤à¤µà¤¾à¤¯à¤¾ और अपकà¥à¤•à¥€ सेना को संग लिया। 7 उस ने छ: सौ अचà¥à¤¦à¥‡ से अचà¥à¤›à¥‡ रय वरन मिसà¥à¤° के सब रय लिठऔर उन सà¤à¥‹à¤‚पर सरदार बैठाà¤à¥¤ 8 और यहोवा ने मिसà¥à¤° के राजा फिरौन के मन को कठोर कर दिया। सो उस ने इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚का पीछा किया; परनà¥à¤¤à¥ इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ तो बेखटके निकले चले जाते थे। 9 पर फिरौन के सब घोड़ों, और रयों, और सवारोंसमेत मिसà¥à¤°à¥€ सेना ने उनका पीछा करके उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚, जो पीहहीरोत के पास, बालसपोन के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡, समà¥à¤¦à¥à¤° के तीर पर डेरे डाले पके थे, जा लिया।। 10 जब फिरौन निकट आया, तब इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने आंखे उठाकर कà¥à¤¯à¤¾ देखा, कि मिसà¥à¤°à¥€ हमारा पीछा किठचले आ रहे हैं; और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ डर गà¤, और चिलà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° यहोवा की दोहाई दी। 11 और वे मूसा से कहने लगे, कà¥à¤¯à¤¾ मिसà¥à¤° में कबरें न यीं जो तू हम को वहां से मरने के लिथे जंगल में ले आया है ? तू ने हम से यह कà¥à¤¯à¤¾ किया, कि हम को मिसà¥à¤° से निकाल लाया ? 12 कà¥à¤¯à¤¾ हम तà¥à¤ से मिसà¥à¤° में यही बात न कहते रहे, कि हमें रहने दे कि हम मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सेवा करें ? हमारे लिथे जंगल में मरने से मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚कि सेवा करनी अचà¥à¤›à¥€ यी। 13 मूसा ने लोगोंसे कहा, डरो मत, खड़े खड़े वह उदà¥à¤§à¤¾à¤° का काम देखो, जो यहोवा आज तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे करेगा; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जिन मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को तà¥à¤® आज देखते हो, उनको फिर कà¤à¥€ न देखोगे। 14 यहोवा आप ही तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे लड़ेगा, इसलिथे तà¥à¤® चà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤ª रहो।। 15 तब यहोवा ने मूसा से कहा, तू कà¥à¤¯à¥‹à¤‚मेरी दोहाई दे रहा है? इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को आजà¥à¤žà¤¾ दे कि यहां से कूच करें। 16 और तू अपकà¥à¤•à¥€ लाठी उठाकर अपना हाथ समà¥à¤¦à¥à¤° के ऊपर बà¥à¤¾, और वह दो à¤à¤¾à¤— हो जाà¤à¤—ा; तब इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ समà¥à¤¦à¥à¤° के बीच होकर सà¥à¤¯à¤² ही सà¥à¤¯à¤² पर चले जाà¤à¤‚गे। 17 और सà¥à¤¨, मैं आप मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के मन को कठोर करता हूं, और वे उनका पीछा करके समà¥à¤¦à¥à¤° में घà¥à¤¸ पकेंगे, तब फिरौन और उसकी सेना, और रयों, और सवारोंके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मेरी महिमा होगी, तब मिसà¥à¤°à¥€ जान लेंगे कि मैं यहोवा हूं। 18 और जब फिरौन, और उसके रयों, और सवारोंके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मेरी महिमा होगी, तब मिसà¥à¤°à¥€ जान लेंगे कि मैं यहोवा हूं। 19 तब परमेशà¥à¤µà¤° का दूत जो इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ सेना के आगे आगे चला करता या जाकर उनके पीछे हो गया; और बादल का खमà¥à¤à¤¾ उनके आगे से हटकर उनके पीछे जा ठहरा। 20 इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° वह मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सेना और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सेना के बीच में आ गया; और बादल और अनà¥à¤§à¤•à¤¾à¤° तो हà¥à¤†, तौà¤à¥€ उससे रात को उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤¶ मिलता रहा; और वे रात à¤à¤° à¤à¤• दूसरे के पास न आà¤à¥¤ 21 और मूसा ने अपना हाथ समà¥à¤¦à¥à¤° के ऊपर बà¥à¤¾à¤¯à¤¾; और यहोवा ने रात à¤à¤° पà¥à¤°à¤šà¤£à¥à¤¡ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ चलाई, और समà¥à¤¦à¥à¤° को दो à¤à¤¾à¤— करके जल à¤à¤¸à¤¾ हटा दिया, जिससे कि उसके बीच सूखी à¤à¥‚मि हो गई। 22 तब इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ समà¥à¤¦à¥à¤° के बीच सà¥à¤¯à¤² ही सà¥à¤¯à¤² पर होकर चले, और जल उनकी दाहिनी और बाईं ओर दीवार का काम देता या। 23 तब मिसà¥à¤°à¥€, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ फिरौन के सब घोड़े, रय, और सवार उनका पीछा किठहà¥à¤ समà¥à¤¦à¥à¤° के बीच में चले गà¤à¥¤ 24 और रात के पिछले पहर में यहोवा ने बादल और आग के खमà¥à¤à¥‡ में से मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सेना पर दृषà¥à¤Ÿà¤¿ करके उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ घबरा दिया। 25 और उस ने उनके रयोंके पहियोंको निकाल डाला, जिससे उनका चलना कठिन हो गया; तब मिसà¥à¤°à¥€ आपस में कहने लगे, आओ, हम इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ से à¤à¤¾à¤—ें; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहोवा उनकी ओर से मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के विरूदà¥à¤§ यà¥à¤¦à¥à¤§ कर रहा है।। 26 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, अपना हाथ समà¥à¤¦à¥à¤° के ऊपर बà¥à¤¾, कि जल मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, और उनके रयों, और सवारोंपर फिर बहने लगे। 27 तब मूसा ने अपना हाथ समà¥à¤¦à¥à¤° के ऊपर बà¥à¤¾à¤¯à¤¾, और à¤à¥‹à¤° होते होते कà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤†, कि समà¥à¤¦à¥à¤° फिर जà¥à¤¯à¥‹à¤‚का तà¥à¤¯à¥‹à¤‚अपके बल पर आ गया; और मिसà¥à¤°à¥€ उलटे à¤à¤¾à¤—ने लगे, परनà¥à¤¤à¥ यहोवा ने उनको समà¥à¤¦à¥à¤° के बीच ही में फटक दिया। 28 और जल के पलटने से, जितने रय और सवार इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के पीछे समà¥à¤¦à¥à¤° में आठथे, सो सब वरन फिरौन की सारी सेना उस में डूब गई, और उस में से à¤à¤• à¤à¥€ न बचा। 29 परनà¥à¤¤à¥ इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ समà¥à¤¦à¥à¤° के बीच सà¥à¤¯à¤² ही सà¥à¤¯à¤² पर होकर चले गà¤, और जल उनकी दाहिनी और बाईं दोनोंओर दीवार का काम देता या। 30 और यहोवा ने उस दिन इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के वश से इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° छà¥à¥œà¤¾à¤¯à¤¾; और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को समà¥à¤¦à¥à¤° के तट पर मरे पके हà¥à¤ देखा। 31 और यहोवा ने मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚पर जो अपना पराकà¥à¤°à¤® दिखलाता या, उसको देखकर इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने यहोवा का à¤à¤¯ माना और यहोवा की और उसके दास मूसा की à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ की।।
1 तब मूसा और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने यहोवा के लिथे यह गीत गाया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, मैं यहोवा का गीत गाऊंगा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह महापà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ªà¥€ ठहरा है; घोड़ोंसमेत सवारोंको उस ने समà¥à¤¦à¥à¤° में डाल दिया है।। 2 यहोवा मेरा बल और à¤à¤œà¤¨ का विषय है, और वही मेरा उदà¥à¤§à¤¾à¤° à¤à¥€ ठहरा है; मेरा ईशà¥à¤µà¤° वही है, मैं उसी की सà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ करूंगा, (मैं उसके लिथे निवाससà¥à¤¯à¤¾à¤¨ बनाऊंगा ), मेरे पूरà¥à¤µà¤œà¥‹à¤‚का परमेशà¥à¤µà¤° वही है, मैं उसको सराहूंगा।। 3 यहोवा योदà¥à¤§à¤¾ है; उसका नाम यहोवा है।। 4 फिरौन के रयोंऔर सेना को उस ने समà¥à¤¦à¥à¤° में डाल दिया; और उसके उतà¥à¤¤à¤® से उतà¥à¤¤à¤® रयी लाल समà¥à¤¦à¥à¤° में डूब गà¤à¥¤à¥¤ 5 गहिरे जल ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ढांप लिया; वे पतà¥à¤¯à¤° की नाईं गहिरे सà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚में डूब गà¤à¥¤à¥¤ 6 हे यहोवा, तेरा दहिना हाथ शकà¥à¤¤à¤¿ में महापà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ªà¥€ हà¥à¤† हे यहोवा, तेरा दहिना हाथ शतà¥à¤°à¥ को चकनाचूर कर देता है।। 7 और तू अपके विरोधियोंको अपके महापà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª से गिरा देता है; तू अपना कोप à¤à¥œà¤•à¤¾à¤¤à¤¾, और वे à¤à¥‚से की नाईं à¤à¤¸à¥à¤® हो जाते हैं।। 8 और तेरे नयनोंकी सांस से जल à¤à¤•à¤¤à¥à¤° हो गया, धाराà¤à¤‚ ढेर की नाईं यम गईं; समà¥à¤¦à¥à¤° के मधà¥à¤¯ में गहिरा जल जम गया।। 9 शतà¥à¤°à¥ ने कहा या, मैं पीछा करूंगा, मैं जा पकडूंगा, मैं लूट के माल को बांट लूंगा, उन से मेरा जी à¤à¤° जाà¤à¤—ा। मै अपकà¥à¤•à¥€ तलवार खींचते ही अपके हाथ से उनको नाश कर डालूंगा।। 10 तू ने अपके शà¥à¤µà¤¾à¤¸ का पवन चलाया, तब समà¥à¤¦à¥à¤° ने उनको ढांप लिया; वे महाजलराशि में सीसे की नाई डूब गà¤à¥¤à¥¤ 11 हे यहोवा, देवताओं में तेरे तà¥à¤²à¥à¤¯ कौन है? तू तो पवितà¥à¤°à¤¤à¤¾ के कारण महापà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ªà¥€, और अपकà¥à¤•à¥€ सà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ करने वालोंके à¤à¤¯ के योगà¥à¤¯, और आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ करà¥à¤® का करà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¾ है।। 12 तू ने अपना दहिना हाथ बà¥à¤¾à¤¯à¤¾, और पृयà¥à¤µà¥€ ने उनको निगल लिया है।। 13 अपकà¥à¤•à¥€ करूणा से तू ने अपकà¥à¤•à¥€ छà¥à¥œà¤¾à¤ˆ हà¥à¤ˆ पà¥à¤°à¤œà¤¾ की अगà¥à¤µà¤¾à¤ˆ की है, अपके बल से तू उसे अपके पवितà¥à¤° निवाससà¥à¤¯à¤¾à¤¨ को ले चला है।। 14 देश देश के लोग सà¥à¤¨à¤•à¤° कांप उठेंगे; पलिशà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के पà¥à¤°à¤¾à¤£ के लाले पड़ जाà¤à¤‚गे।। 15 à¤à¤¦à¥‹à¤® के अधिपति वà¥à¤¯à¤¾à¤•à¥à¤² होंगे; मोआब के पहलवान यरयरा उठेंगे; सब कनान निवासियोंके मन पिघल जाà¤à¤‚गें।। 16 उन में डर और घबराहट समा जाà¤à¤—ा; तेरी बांह के पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª से वे पतà¥à¤¯à¤° की नाई अबोल होंगे, जब तक, हे यहोवा, तेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोग निकल न जाà¤à¤‚, जब तक तेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोग जिनको तू ने मोल लिया है पार न निकल जाà¤à¤‚।। 17 तू उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पहà¥à¤šà¤¾à¤•à¤° अपके निज à¤à¤¾à¤—वाले पहाड़ पर बसाà¤à¤—ा, यह वही सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ है, हे यहोवा जिसे तू ने अपके निवास के लिथे बनाया, और वही पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ है जिसे, हे पà¥à¤°à¤à¥, तू ने आप सà¥à¤¯à¤¿à¤° किया है।। 18 यहोवा सदा सरà¥à¤µà¤¦à¤¾ राजà¥à¤¯ करता रहेगा।। 19 यह गीत गाने का कारण यह है, कि फिरौन के घोड़े रयोंऔर सवारोंसमेत समà¥à¤¦à¥à¤° के बीच में चले गà¤, और यहोवा उनके ऊपर समà¥à¤¦à¥à¤° का जल लौटा ले आया; परनà¥à¤¤à¥ इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ समà¥à¤¦à¥à¤° के बीच सà¥à¤¯à¤² ही सà¥à¤¯à¤² पर होकर चले गà¤à¥¤ 20 और हारून की बहिन मरियम नाम नबिया ने हाथ में डफ लिया; और सब सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ डफ लिठनाचकà¥à¤•à¥€ हà¥à¤ˆ उसके पीछे हो लीं। 21 और मरियम उनके साय यह टेक गाती गई कि :- यहोवा का गीत गाओ, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह महापà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ªà¥€ ठहरा है; घोड़ोंसमेत सवारोंको उस ने समà¥à¤¦à¥à¤° में डाल दिया है।। 22 तब मूसा इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को लाल समà¥à¤¦à¥à¤° से आगे ले गया, और वे शूर नाम जंगल में आà¤; और जंगल में जाते हà¥à¤ तीन दिन तक पानी का सोता न मिला। 23 फिर मारा नाम à¤à¤• सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ पर पहà¥à¤‚चे, वहां का पानी खारा या, उसे वे न पी सके; इस कारण उस सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ का नाम मारा पड़ा। 24 तब वे यह कहकर मूसा के विरूदà¥à¤§ बकफक करने लगे, कि हम कà¥à¤¯à¤¾ पीà¤à¤‚ ? 25 तब मूसा ने यहोवा की दोहाई दी, और यहोवा ने उसे à¤à¤• पौधा बतला दिया, जिसे जब उस ने पानी में डाला, तब वह पानी मीठा हो गया। वहीं यहोवा ने उनके लिथे à¤à¤• विधि और नियम बनाया, और वहीं उस ने यह कहकर उनकी पकà¥à¤•à¥€à¤à¤¾ की, 26 कि यदि तू अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा का वचन तन मन से सà¥à¤¨à¥‡, और जो उसकी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में ठीक है वही करे, और उसकी सब विधियोंको माने, तो जितने रोग मैं ने मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚पर à¤à¥‡à¤œà¤¾ है उन में से à¤à¤• à¤à¥€ तà¥à¤ पर न à¤à¥‡à¤œà¥‚ंगा; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ चंगा करनेवाला यहोवा हूं।। 27 तब वे à¤à¤²à¥€à¤® को आà¤, जहां पानी के बारह सोते और सतà¥à¤¤à¤° खजूर के पेड़ थे; और वहां उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जल के पास डेरे खड़े किà¤à¥¤à¥¤
1 फिर à¤à¤²à¥€à¤® से कूच करके इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सारी मणà¥à¤¡à¤²à¥€, मिसà¥à¤° देश से निकलने के महीने के दूसरे महीने के पंदà¥à¤°à¤¹à¤µà¥‡ दिन को, सीन नाम जंगल में, जो à¤à¤²à¥€à¤® और सीनै परà¥à¤µà¤¤ के बीच में है, आ पहà¥à¤‚ची। 2 जंगल में इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सारी मणà¥à¤¡à¤²à¥€ मूसा और हारून के विरूदà¥à¤§ बकफक करने लगी। 3 और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ उन से कहने लगे, कि जब हम मिसà¥à¤° देश में मांस की हांडियोंके पास बैठकर मनमाना à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाते थे, तब यदि हम यहोवा के हाथ से मार डाले à¤à¥€ जाते तो उतà¥à¤¤à¤® वही या; पर तà¥à¤® हम को इस जंगल में इसलिथे निकाल ले आठहो कि इस सारे समाज को à¤à¥‚खोंमार डालो। 4 तब यहोवा ने मूसा से कहा, देखो, मैं तà¥à¤® लोगोंके लिथे आकाश से à¤à¥‹à¤œà¤¨ वसà¥à¤¤à¥ बरसाऊंगा; और थे लोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ बाहर जाकर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ का à¤à¥‹à¤œà¤¨ इकटà¥à¤ ा करेंगे, इस से मैं उनकी पकà¥à¤•à¥€à¤à¤¾ करूंगा, कि थे मेरी वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ पर चलेंगे कि नहीं। 5 और à¤à¤¸à¤¾ होगा कि छठवें दिन वह à¤à¥‹à¤œà¤¨ और दिनोंसे दूना होगा, इसलिथे जो कà¥à¤› वे उस दिन बटोरें उसे तैयार कर रखें। 6 तब मूसा और हारून ने सारे इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से कहा, सांफ को तà¥à¤® जान लोगे कि जो तà¥à¤® को मिसà¥à¤° देश से निकाल ले आया है वह यहोवा है। 7 और à¤à¥‹à¤° को तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ यहोवा का तेज देख पकेगा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤® जो यहोवा पर बà¥à¥œà¤¬à¥à¥œà¤¾à¤¤à¥‡ हो उसे वह सà¥à¤¨à¤¤à¤¾ है। और हम कà¥à¤¯à¤¾ हैं, कि तà¥à¤® हम पर बà¥à¥œà¤¬à¥à¥œà¤¾à¤¤à¥‡ हो ? 8 फिर मूसा ने कहा, यह तब होगा जब यहोवा सांफ को तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाने के लिथे मांस और à¤à¥‹à¤° को रोटी मनमाने देगा; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤® जो उस पर बà¥à¥œà¤¬à¥à¥œà¤¾à¤¤à¥‡ हो उसे वह सà¥à¤¨à¤¤à¤¾ है। और हम कà¥à¤¯à¤¾ हैं ? तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ बà¥à¥œà¤¬à¥à¥œà¤¾à¤¨à¤¾ हम पर नहीं यहोवा ही पर होता है। 9 फिर मूसा ने हारून से कहा, इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सारी मणà¥à¤¡à¤²à¥€ को आजà¥à¤žà¤¾ दे, कि यहोवा के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ वरन उसके समीप आवे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उस ने उनका बà¥à¥œà¤¬à¥à¥œà¤¾à¤¨à¤¾ सà¥à¤¨à¤¾ है। 10 और à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤† कि जब हारून इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सारी मणà¥à¤¡à¤²à¥€ से à¤à¤¸à¥€ ही बातें कर रहा या, कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जंगल की ओर दृषà¥à¤Ÿà¤¿ करके देखा, और उनको यहोवा का तेज बादल में दिखलाई दिया। 11 तब यहोवा ने मूसा से कहा, 12 इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚का बà¥à¥œà¤¬à¥à¥œà¤¾à¤¨à¤¾ मैं ने सà¥à¤¨à¤¾ है; उन से कह दे, कि गोधूलि के समय तà¥à¤® मांस खाओगे और à¤à¥‹à¤° को तà¥à¤® रोटी से तृपà¥à¤¤ हो जाओगे; और तà¥à¤® यह जान लोगे कि मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा हूं। 13 और à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤† कि सांफ को बटेरें आकर सारी छावनी पर बैठगईं; और à¤à¥‹à¤° को छावनी के चारोंओर ओस पकà¥à¤•à¥€à¥¤ 14 और जब ओस सूख गई तो वे कà¥à¤¯à¤¾ देखते हैं, कि जंगल की à¤à¥‚मि पर छोटे छोटे छिलके छोटाई में पाले के किनकोंके समान पके हैं। 15 यह देखकर इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€, जो न जानते थे कि यह कà¥à¤¯à¤¾ वसà¥à¤¤à¥ है, सो आपस में कहने लगे यह तो मनà¥à¤¨à¤¾ है। तब मूसा ने उन से कहा, यह तो वही à¤à¥‹à¤œà¤¨ वसà¥à¤¤à¥ है जिसे यहोवा तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाने के लिथे देता है। 16 जो आजà¥à¤žà¤¾ यहोवा ने दी है वह यह है, कि तà¥à¤® उस में से अपके अपके खाने के योगà¥à¤¯ बटोरा करना, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ अपके अपके पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की गिनती के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मनà¥à¤·à¥à¤¯ के पीछे à¤à¤• à¤à¤• ओमेर बटोरना; जिसके डेरे में जितने होंवह उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ à¤à¤° के लिथे बटोरा करे। 17 और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने वैसा ही किया; और किसी ने अधिक, और किसी ने योड़ा बटोर लिया। 18 और जब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उसको ओमेर से नापा, तब जिसके पास अधिक या उसके कà¥à¤› अधिक न रह गया, ओर जिसके पास योड़ा या उसको कà¥à¤› घटी न हà¥à¤ˆ; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤• à¤à¤• मनà¥à¤·à¥à¤¯ ने अपके खाने के योगà¥à¤¯ ही बटोर लिया या। 19 फिर मूसा ने उन से कहा, कोई इस में से कà¥à¤› बिहान तक न रख छोड़े। 20 तौà¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मूसा की बात न मानी; इसलिथे जब किसी किसी मनà¥à¤·à¥à¤¯ ने उस में से कà¥à¤› बिहान तक रख छोड़ा, तो उस में कीड़े पड़ गठऔर वह बसाने लगा; तब मूसा उन पर कà¥à¤°à¥‹à¤§à¤¿à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ 21 और वे à¤à¥‹à¤° को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ अपके अपके खाने के योगà¥à¤¯ बटोर लेते थे, ओर जब धूप कड़ी होती यी, तब वह गल जाता या। 22 और à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤† कि छठवें दिन उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दूना, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ मनà¥à¤·à¥à¤¯ के पीछे दो दो ओमेर बटोर लिया, और मणà¥à¤¡à¤²à¥€ के सब पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ने आकर मूसा को बता दिया। 23 उस ने उन से कहा, यह तो वही बात है जो यहोवा ने कही, कà¥à¤¯à¤¾à¤‚ेकि कल परमविशà¥à¤°à¤®, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ यहोवा के लिथे पवितà¥à¤° विशà¥à¤°à¤® होगा; इसलिथे तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ जो तनà¥à¤¦à¥‚र में पकाना हो उसे पकाओ, और जो सिफाना हो उसे सिफाओ, और इस में से जितना बचे उसे बिहान के लिथे रख छोड़ो। 24 जब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उसको मूसा की इस आजà¥à¤žà¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बिहान तक रख छोड़ा, तब न तो वह बसाया, और न उस में कीड़े पके। 25 तब मूसा ने कहा, आज उसी को खाओ, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आज यहोवा का विशà¥à¤°à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ है; इसलिथे आज तà¥à¤® को मैदान में न मिलेगा। 26 छ: दिन तो तà¥à¤® उसे बटोरा करोगे; परनà¥à¤¤à¥ सातवां दिन तो विशà¥à¤°à¤® का दिन है, उस में वह न मिलेगा। 27 तौà¤à¥€ लोगोंमें से कोई कोई सातवें दिन à¤à¥€ बटोरने के लिथे बाहर गà¤, परनà¥à¤¤à¥ उनको कà¥à¤› न मिला। 28 तब यहोवा ने मूसा से कहा, तà¥à¤® लोग मेरी आजà¥à¤žà¤¾à¤“ं और वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ को कब तक नहीं मानोगे ? 29 देखो, यहोवा ने जो तà¥à¤® को विशà¥à¤°à¤® का दिन दिया है, इसी कारण वह छठवें दिन को दो दिन का à¤à¥‹à¤œà¤¨ तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ देता है; इसलिथे तà¥à¤® अपके अपके यहां बैठे रहना, सातवें दिन कोई अपके सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से बाहर न जाना। 30 लोगोंने सातवें दिन विशà¥à¤°à¤® किया। 31 और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के घरानेवालोंने उस वसà¥à¤¤à¥ का नाम मनà¥à¤¨à¤¾ रखा; और वह धनिया के समान शà¥à¤µà¥‡à¤¤ या, और उसका सà¥à¤µà¤¾à¤¦ मधॠके बने हà¥à¤ पà¥à¤ का सा या। 32 फिर मूसा ने कहा, यहोवा ने जो आजà¥à¤žà¤¾ दी वह यह है, कि इस में से ओमेर à¤à¤° अपके वंश की पीà¥à¥€ पीà¥à¥€ के लिथे रख छोड़ो, जिससे वे जानें कि यहोवा हमको मिसà¥à¤° देश से निकालकर जंगल में कैसी रोटी खिलाता या। 33 तब मूसा ने हारून से कहा, à¤à¤• पातà¥à¤° लेकर उस में ओमेर à¤à¤° लेकर उसे यहोवा के आगे धर दे, कि वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ पीढिय़ोंके लिथे रखा रहे। 34 जैसी आजà¥à¤žà¤¾ यहोवा ने मूसा को दी यी, उसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° हारून ने उसको साà¤à¥€ के सनà¥à¤¦à¥‚क के आगे धर दिया, कि वह वहीं रखा रहे। 35 इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ जब तक बसे हà¥à¤ देश में न पहà¥à¤‚चे तब तक, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ चालीस वरà¥à¤· तक मनà¥à¤¨à¤¾ को खाते रहे; वे जब तक कनान देश के सिवाने पर नहीं पहà¥à¤‚चे तब तक मनà¥à¤¨à¤¾ को खाते रहे। 36 à¤à¤• ओमेर तो à¤à¤ªà¤¾ का दसवां à¤à¤¾à¤— है।
1 फिर इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सारी मणà¥à¤¡à¤²à¥€ सीन नाम जंगल से निकल चकà¥à¤•à¥€, और यहोवा के आजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° कूच करके रपीदीम में अपके डेरे खड़े किà¤; और वहां उन लोगोंको पीने का पानी न मिला। 2 इसलिथे वे मूसा से वादविवाद करके कहने लगे, कि हमें पीने का पानी दे। मूसा ने उन से कहा, तà¥à¤® मà¥à¤ से कà¥à¤¯à¥‹à¤‚वादविवाद करते हो? और यहोवा की पकà¥à¤•à¥€à¤à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚करते हो? 3 फिर वहां लोगोंको पानी की पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लगी तब वे यह कहकर मूसा पर बà¥à¥œà¤¬à¥à¥œà¤¾à¤¨à¥‡ लगे, कि तू हमें लड़केबालोंऔर पशà¥à¤“ं समेत पà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚मार डालने के लिथे मिसà¥à¤° से कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ले आया है ? 4 तब मूसा ने यहोवा की दोहाई दी, और कहा, इन लोगोंसे मैं कà¥à¤¯à¤¾ करूं? थे सब मà¥à¤à¥‡ पतà¥à¤¯à¤°à¤µà¤¾à¤¹ करने को तैयार हैं। 5 यहोवा ने मूसा से कहा, इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के वृदà¥à¤§ लोगोंमें से कà¥à¤› को अपके साय ले ले; और जिस लाठी से तू ने नील नदी पर मारा या, उसे अपके हाथ में लेकर लोगोंके आगे बॠचल। 6 देख मैं तेरे आगे चलकर होरेब पहाड़ की à¤à¤• चटà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨ पर खड़ा रहूंगा; और तू उस चटà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨ पर मारना, तब उस में से पानी निकलेगा जिससे थे लोग पीà¤à¤‚। तब मूसा ने इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के वृदà¥à¤§ लोगोंके देखते वैसा ही किया। 7 और मूसा ने उस सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ का नाम मसà¥à¤¸à¤¾ और मरीबा रखा, कयोंकि इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने वहां वादविवाद किया या, और यहोवा की पकà¥à¤•à¥€à¤à¤¾ यह कहकर की, कि कà¥à¤¯à¤¾ यहोवा हमारे बीच है वा नहीं ? 8 तब अमालेकी आकर रपीदीम में इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से लड़ने लगे। 9 तब मूसा ने यहोशू से कहा, हमारे लिथे कई à¤à¤• पà¥à¤°à¥‚षोंको चà¥à¤¨à¤•à¤° छांट ले, ओर बाहर जाकर अमालेकियोंसे लड़; और मैं कल परमेशà¥à¤µà¤° की लाठी हाथ में लिथे हà¥à¤ पहाड़ी की चोटी पर खड़ा रहूंगा। 10 मूसा की इस आजà¥à¤žà¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यहोशू अमालेकियोंसे लड़ने लगा; और मूसा, हारून, और हूर पहाड़ी की चोटी पर चॠगà¤à¥¤ 11 और जब तक मूसा अपना हाथ उठाठरहता या तब तक तो इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² पà¥à¤°à¤¬à¤² होता या; परनà¥à¤¤à¥ जब जब वह उसे नीचे करता तब तब अमालेक पà¥à¤°à¤¬à¤² होता या। 12 और जब मूसा के हाथ à¤à¤° गà¤, तब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤• पतà¥à¤¯à¤° लेकर मूसा के नीचे रख दिया, और वह उस पर बैठगया, और हारून और हूर à¤à¤• à¤à¤• अलंग में उसके हाथोंको समà¥à¤à¤¾à¤²à¥‡ रहें; और उसके हाथ सूरà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥à¤¤ तक सà¥à¤¯à¤¿à¤° रहे। 13 और यहोशू ने अनà¥à¤šà¤°à¥‹à¤‚समेत अमालेकियोंको तलवार के बल से हरा दिया। 14 तब यहोवा ने मूसा से कहा, सà¥à¤®à¤°à¤£à¤¾à¤°à¥à¤¯ इस बात को पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में लिख ले और यहोशू को सà¥à¤¨à¤¾ दे, कि मैं आकाश के नीचे से अमालेक का सà¥à¤®à¤°à¤£ à¤à¥€ पूरी रीति से मिटा डालूंगा। 15 तब मूसा ने à¤à¤• वेदी बनाकर उसका नाम यहोवानिसà¥à¤¸à¥€ रखा ; 16 और कहा, यहोवा ने शपय खाई है, कि यहोवा अमालेकियोंसे पीढिय़ोंतक लड़ाई करता रहेगा।।
1 और मूसा के ससà¥à¤° मिदà¥à¤¦à¤¾à¤¨ के याजक यितà¥à¤°à¥‹ ने यह सà¥à¤¨à¤¾, कि परमेशà¥à¤µà¤° ने मूसा और अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² के लिथे कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ किया है, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ यह कि किस रीति से यहोवा इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को मिसà¥à¤° से निकाल ले आया। 2 तब मूसा के ससà¥à¤° यितà¥à¤°à¥‹ मूसा की पतà¥à¤¨à¥€ सिपà¥à¤ªà¥‹à¤°à¤¾ को, जो पहिले नैहर à¤à¥‡à¤œ दी गई यी, 3 और उसके दोनोंबेटोंको à¤à¥€ ले आया; इन में से à¤à¤• का नाम मूसा ने यह कहकर गेरà¥à¤¶à¥‹à¤® रखा या, कि मै अनà¥à¤¯ देश में परदेशी हà¥à¤† हूं। 4 और दूसरे का नाम उस ने यह कहकर à¤à¤²à¥€à¤à¤œà¥‡à¤° रखा, कि मेरे पिता के परमेशà¥à¤µà¤° ने मेरा सहाथक होकर मà¥à¤à¥‡ फिरौन की तलवार से बचाया। 5 मूसा की पतà¥à¤¨à¥€ और पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚को उसका ससà¥à¤° यितà¥à¤°à¥‹ संग लिठमूसा के पास जंगल के उस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में आया, जहां परमेशà¥à¤µà¤° के परà¥à¤µà¤¤ के पास उसका डेरा पड़ा या। 6 और आकर उस ने मूसा के पास यह कहला à¤à¥‡à¤œà¤¾, कि मैं तेरा ससà¥à¤° यितà¥à¤°à¥‹ हूं, और दोनो बेटोंसमेत तेरी पतà¥à¤¨à¥€ को तेरे पास ले आया हूं। 7 तब मूसा अपके ससà¥à¤° से à¤à¥‡à¤‚ट करने के लिथे निकला, और उसको दणà¥à¤¡à¤µà¤¤à¥â€Œ करके चूमा; और वे परसà¥à¤ªà¤° कà¥à¤¶à¤² à¤à¥‡à¤® पूछते हà¥à¤ डेरे पर आ गà¤à¥¤ 8 वहां मूसा ने अपके ससà¥à¤° से वरà¥à¤£à¤¨ किया, कि यहोवा ने इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के निमितà¥à¤¤ फिरौन और मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ किया, और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने मारà¥à¤— में कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ कषà¥à¤Ÿ उठाया, फिर यहोवा उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कैसे कैसे छà¥à¥œà¤¾à¤¤à¤¾ आया है। 9 तब यितà¥à¤°à¥‹ ने उस समसà¥à¤¤ à¤à¤²à¤¾à¤ˆ के कारण जो यहोवा ने इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के साय की यी, कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के वश से छà¥à¥œà¤¾à¤¯à¤¾ या, मगà¥à¤¨ होकर कहा, 10 धनà¥à¤¯ है यहोवा, जिस ने तà¥à¤® को फिरौन और मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के वश से छà¥à¥œà¤¾à¤¯à¤¾, जिस ने तà¥à¤® लोगोंको मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी में से छà¥à¥œà¤¾à¤¯à¤¾ है। 11 अब मैं ने जान लिया है कि यहोवा सब देवताओं से बड़ा है; वरन उस विषय में à¤à¥€ जिस में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से अà¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ किया या। 12 तब मूसा के ससà¥à¤° यितà¥à¤°à¥‹ ने परमेशà¥à¤µà¤° के लिथे होमबलि और मेलबलि चà¥à¤¾à¤, और हारून इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के सब पà¥à¤°à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚समेत मूसा के ससà¥à¤° यितà¥à¤°à¥‹ के संग परमेशà¥à¤µà¤° के आगे à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने को आया। 13 दूसरे दिन मूसा लोगोंका नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ करने को बैठा, और à¤à¥‹à¤° से सांफ तक लोग मूसा के आसपास खड़े रहे। 14 यह देखकर कि मूसा लोगोंके लिथे कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ करता है, उसके ससà¥à¤° ने कहा, यह कà¥à¤¯à¤¾ काम है जो तू लोगोंके लिथे करता है? कà¥à¤¯à¤¾ कारण है कि तू अकेला बैठा रहता है, और लोग à¤à¥‹à¤° से सांफ तक तेरे आसपास खड़े रहते हैं? 15 मूसा ने अपके ससà¥à¤° से कहा, इसका कारण यह है कि लोग मेरे पास परमेशà¥à¤µà¤° से पूछने आते है। 16 जब जब उनका कोई मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¤¾ होता है तब तब वे मेरे पास आते हैं और मैं उनके बीच नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ करता, और परमेशà¥à¤µà¤° की विधि और वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जताता हूं। 17 मूसा के ससà¥à¤° ने उस से कहा, जो काम तू करता है वह अचà¥à¤›à¤¾ नहीं। 18 और इस से तू कà¥à¤¯à¤¾, वरन थे लोग à¤à¥€ जो तेरे संग हैं निशà¥à¤šà¤¯ हार जाà¤à¤‚गे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह काम तेरे लिथे बहà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¥€ है; तू इसे अकेला नहीं कर सकता। 19 इसलिथे अब मेरी सà¥à¤¨ ले, मैं तà¥à¤ को समà¥à¤®à¤¤à¤¿ देता हूं, और परमेशà¥à¤µà¤° तेरे संग रहे। तू तो इन लोगोंके लिथे परमेशà¥à¤µà¤° के समà¥à¤®à¥à¤– जाया कर, और इनके मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¥‹à¤‚को परमेशà¥à¤µà¤° के पास तू पहà¥à¤‚चा दिया कर। 20 इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ विधि और वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤—ट कर करके, जिस मारà¥à¤— पर इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चलना, और जो जो काम इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ करना हो, वह इनको जता दिया कर। 21 फिर तू इन सब लोगोंमें से à¤à¤¸à¥‡ पà¥à¤°à¥‚षोंको छांट ले, जो गà¥à¤£à¥€, और परमेशà¥à¤µà¤° का à¤à¤¯ मानने वाले, सचà¥à¤šà¥‡, और अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के लाठसे घृणा करने वाले हों; और उनको हजारफार, सौ-सौ, पचास-पचास, और दस-दस मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚पर पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ नियà¥à¤•à¥à¤¤ कर दे। 22 और वे सब समय इन लोगोंका नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ किया करें; और सब बड़े बड़े मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¥‹à¤‚को तो तेरे पास ले आया करें, और छोटे छोटे मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¥‹à¤‚का नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ आप ही किया करें; तब तेरा बोफ हलका होगा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस बोफ को वे à¤à¥€ तेरे साय उठाà¤à¤‚गे। 23 यदि तू यह उपाय करे, और परमेशà¥à¤µà¤° तà¥à¤ को à¤à¤¸à¥€ आजà¥à¤žà¤¾ दे, तो तू ठहर सकेगा, और थे सब लोग अपके सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ को कà¥à¤¶à¤² से पहà¥à¤‚च सकेंगें। 24 अपके ससà¥à¤° की यह बात मान कर मूसा ने उसके सब वचनोंके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° किया। 25 सो उस ने सब इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚में से गà¥à¤£à¥€-गà¥à¤£à¥€ पà¥à¤°à¥‚ष चà¥à¤¨à¤•à¤° उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हजारफार, सौ-सौ, पचास-पचास, दस-दस, लोगोंके ऊपर पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ ठहराया। 26 और वे सब लोगोंका नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ करने लगे; जो मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¤¾ कठिन होता उसे तो वे मूसा के पास ले आते थे, और सब छोटे मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¥‹à¤‚का नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ वे आप ही किया करते थे। 27 और मूसा ने अपके ससà¥à¤° को विदा किया, और उस ने अपके देश का मारà¥à¤— लिया।।
1 इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को मिसà¥à¤° देश से निकले हà¥à¤ जिस दिन तीन महीने बीत चà¥à¤•à¥‡, उसी दिन वे सीनै के जंगल में आà¤à¥¤ 2 और जब वे रपीदीम से कूच करके सीनै के जंगल में आà¤, तब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जंगल में डेरे खड़े किà¤; और वहीं परà¥à¤µà¤¤ के आगे इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने छावनी डाली। 3 तब मूसा परà¥à¤µà¤¤ पर परमेशà¥à¤µà¤° के पास चॠगया, और यहोवा ने परà¥à¤µà¤¤ पर से उसको पà¥à¤•à¤¾à¤°à¤•à¤° कहा, याकूब के घराने से à¤à¤¸à¤¾ कह, और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को मेरा यह वचन सà¥à¤¨à¤¾, 4 कि तà¥à¤® ने देखा है कि मै ने मिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ किया; तà¥à¤® को मानो उकाब पकà¥à¤•à¥€ के पंखोंपर चà¥à¤¾à¤•à¤° अपके पास ले आया हूं। 5 इसलिथे अब यदि तà¥à¤® निशà¥à¤šà¤¯ मेरी मानोगे, और मेरी वाचा का पालन करोगे, तो सब लोगोंमें से तà¥à¤® ही मेरा निज धन ठहरोगे; समसà¥à¤¤ पृयà¥à¤µà¥€ तो मेरी है। 6 और तà¥à¤® मेरी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में याजकोंका राजà¥à¤¯ और पवितà¥à¤° जाति ठहरोगे। जो बातें तà¥à¤à¥‡ इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से कहनी हैं वे थे ही है। 7 तब मूसा ने आकर लोगोंके पà¥à¤°à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को बà¥à¤²à¤µà¤¾à¤¯à¤¾, और थे सब बातें, जिनके कहने की आजà¥à¤žà¤¾ यहोवा ने उसे दी यी, उनको समà¤à¤¾ दीं। 8 और सब लोग मिलकर बोल उठे, जो कà¥à¤› यहोवा ने कहा है वह सब हम नित करेंगे। लोगोंकी यह बातें मूसा ने यहोवा को सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆà¤‚। 9 तब यहोवा ने मूसा से कहा, सà¥à¤¨, मैं बादल के अंधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ में होकर तेरे पास आता हूं, इसलिथे कि जब मैं तà¥à¤ से बातें करूं तब वे लोग सà¥à¤¨à¥‡à¤‚, और सदा तेरी पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ करें। और मूसा ने यहोवा से लोगोंकी बातोंका वरà¥à¤£à¤¨ किया। 10 तब यहोवा ने मूसा से कहा, लोगोंके पास जा और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आज और कल पवितà¥à¤° करना, और वे अपके वसà¥à¤¤à¥à¤° धो लें, 11 और वे तीसरे दिन तक तैयार हो रहें; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तीसरे दिन यहोवा सब लोगोंके देखते सीनै परà¥à¤µà¤¤ पर उतर आà¤à¤—ा। 12 और तू लोगोंके लिथे चारोंओर बाड़ा बानà¥à¤§ देना, और उन से कहना, कि तà¥à¤® सचेत रहोंकि परà¥à¤µà¤¤ पर न चà¥à¥‹ और उसके सिवाने को à¤à¥€ न छूओ; और जो कोई पहाड़ को छूठवह निशà¥à¤šà¤¯ मार डाला जाà¤à¥¤ 13 उसको कोई हाथ से तो न छूà¤, परनà¥à¤¤à¥ वह निशà¥à¤šà¤¯ पतà¥à¤¯à¤°à¤µà¤¾à¤¹ किया जाà¤, वा तीर से छेदा जाà¤; चाहे पशॠहो चाहे मनà¥à¤·à¥à¤¯, वह जीवित न बचे। जब महाशबà¥à¤¦ वाले नरसिंगे का शबà¥à¤¦ देर तक सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ दे, तब लोग परà¥à¤µà¤¤ के पास आà¤à¤‚। 14 तब मूसा ने परà¥à¤µà¤¤ पर से उतरकर लोगोंके पास आकर उनको पवितà¥à¤° कराया; और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपके वसà¥à¤¤à¥à¤° धो लिà¤à¥¤ 15 और उस ने लोगोंसे कहा, तीसरे दिन तक तैयार हो रहो; सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के पास न जाना। 16 जब तीसरा दिन आया तब à¤à¥‹à¤° होते बादल गरजने और बिजली चमकने लगी, और परà¥à¤µà¤¤ पर काली घटा छा गई, फिर नरसिंगे का शबà¥à¤¦ बड़ा à¤à¤°à¥€ हà¥à¤†, और छावनी में जितने लोग थे सब कांप उठे। 17 तब मूसा लोगोंको परमेशà¥à¤µà¤° से à¤à¥‡à¤‚ट करने के लिथे छावनी से निकाल ले गया; और वे परà¥à¤µà¤¤ के नीचे खड़े हà¥à¤à¥¤ 18 और यहोवा जो आग में होकर सीनै परà¥à¤µà¤¤ पर उतरा या, इस कारण समसà¥à¤¤ परà¥à¤µà¤¤ धà¥à¤à¤‚ से à¤à¤° गया; और उसका धà¥à¤†à¤‚ à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥‡ का सा उठरहा या, और समसà¥à¤¤ परà¥à¤µà¤¤ बहà¥à¤¤ कांप रहा या 19 फिर जब नरसिंगे का शबà¥à¤¦ बà¥à¤¤à¤¾ और बहà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¥€ होता गया, तब मूसा बोला, और परमेशà¥à¤µà¤° ने वाणी सà¥à¤¨à¤¾à¤•à¤° उसको उतà¥à¤¤à¤° दिया। 20 और यहोवा सीनै परà¥à¤µà¤¤ की चोटी पर उतरा; और मूसा को परà¥à¤µà¤¤ की चोटी पर बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ और मूसा ऊपर चॠगया। 21 तब यहोवा ने मूसा से कहा, नीचे उतरके लोगोंको चितावनी दे, कहीं à¤à¤¸à¤¾ न हो कि वे बाड़ा तोड़के यहोवा के पास देखने को घà¥à¤¸à¥‡à¤‚, और उन में से बहà¥à¤¤ नाश होंजाà¤à¤‚। 22 और याजक जो यहोवा के समीप आया करते हैं वे à¤à¥€ अपके को पवितà¥à¤° करें, कहीं à¤à¤¸à¤¾ न हो कि यहोवा उन पर टूट पके। 23 मूसा ने यहोवा से कहा, वे लोग सीनै परà¥à¤µà¤¤ पर नहीं चॠसकते; तू ने तो आप हम को यह कहकर चिताया, कि परà¥à¤µà¤¤ के चारोंऔर बाड़ा बानà¥à¤§à¤•à¤° उसे पवितà¥à¤° रखो। 24 यहोवा ने उस से कहा, उतर तो जा, और हारून समेत ऊपर आ; परनà¥à¤¤à¥ याजक और साधारण लोग कहीं यहोवा के पास बाड़ा तोड़के न चॠआà¤à¤‚, कहीं à¤à¤¸à¤¾ न हो कि वह उन पर टूट पके। 25 थे ही बातें मूसा ने लोगोंके पास उतरके उनको सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆà¤‚।।
1 तब परमेशà¥à¤µà¤° ने थे सब वचन कहे, 2 कि मै तेरा परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा हूं, जो तà¥à¤à¥‡ दासतà¥à¤µ के घर अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ मिसà¥à¤° देश से निकाल लाया है।। 3 तू मà¥à¤à¥‡ छोड़ दूसरोंको ईशà¥à¤µà¤° करके न मानना।। 4 तू अपके लिथे कोई मूतिरॠखोदकर न बनाना, न किसी कि पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ बनाना, जो आकाश में, वा पृयà¥à¤µà¥€ पर, वा पृयà¥à¤µà¥€ के जल में है। 5 तू उनको दणà¥à¤¡à¤µà¤¤à¥â€Œ न करना, और न उनकी उपासना करना; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मै तेरा परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा जलन रखने वाला ईशà¥à¤µà¤° हूं, और जो मà¥à¤ से बैर रखते है, उनके बेटों, पोतों, और परपोतोंको à¤à¥€ पितरोंका दणà¥à¤¡ दिया करता हूं, 6 और जो मà¥à¤ से पà¥à¤°à¥‡à¤® रखते और मेरी आजà¥à¤žà¤¾à¤“ं को मानते हैं, उन हजारोंपर करूणा किया करता हूं।। 7 तू अपके परमेशà¥à¤µà¤° का नाम वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¯ न लेना; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जो यहोवा का नाम वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¯ ले वह उसको निरà¥à¤¦à¥‹à¤· न ठहराà¤à¤—ा।। 8 तू विशà¥à¤°à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ को पवितà¥à¤° मानने के लिथे सà¥à¤®à¤°à¤£ रखना। 9 छ: दिन तो तू परिशà¥à¤°à¥à¤® करके अपना सब काम काज करना; 10 परनà¥à¤¤à¥ सातवां दिन तेरे परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा के लिथे विशà¥à¤°à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ है। उस में न तो तू किसी à¤à¤¾à¤‚ति का काम काज करना, और न तेरा बेटा, न तेरी बेटी, न तेरा दास, न तेरी दासी, न तेरे पशà¥, न कोई परदेशी जो तेरे फाटकोंके à¤à¥€à¤¤à¤° हो। 11 कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि छ: दिन में यहोवा ने आकाश, और पृयà¥à¤µà¥€, और समà¥à¤¦à¥à¤°, और जो कà¥à¤› उन में है, सब को बनाया, और सातवें दिन विशà¥à¤°à¤® किया; इस कारण यहोवा ने विशà¥à¤°à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ को आशीष दी और उसको पवितà¥à¤° ठहराया।। 12 तू अपके पिता और अपकà¥à¤•à¥€ माता का आदर करना, जिस से जो देश तेरा परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा तà¥à¤à¥‡ देता है उस में तू बहà¥à¤¤ दिन तक रहने पाà¤à¥¤à¥¤ 13 तू खून न करना।। 14 तू वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° न करना।। 15 तू चोरी न करना।। 16 तू किसी के विरूदà¥à¤§ फूठी साà¤à¥€ न देना।। 17 तू किसी के घर का लालच न करना; न तो किसी की सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का लालच करना, और न किसी के दास-दासी, वा बैल गदहे का, न किसी की किसी वसà¥à¤¤à¥ का लालच करना।। 18 और सब लोग गरजने और बिजली और नरसिंगे के शबà¥à¤¦ सà¥à¤¨à¤¤à¥‡, और धà¥à¤†à¤‚ उठते हà¥à¤ परà¥à¤µà¤¤ को देखते रहे, और देखके, कांपकर दूर खड़े हो गà¤; 19 और वे मूसा से कहने लगे, तू ही हम से बातें कर, तब तो हम सà¥à¤¨ सकेंगे; परनà¥à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° हम से बातें न करे, à¤à¤¸à¤¾ न हो कि हम मर जाà¤à¤‚। 20 मूसा ने लोगोंसे कहा, डरो मत; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि परमेशà¥à¤µà¤° इस निमितà¥à¤¤ आया है कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ पकà¥à¤•à¥€à¤à¤¾ करे, और उसका à¤à¤¯ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ मन में बना रहे, कि तà¥à¤® पाप न करो। 21 और वे लोग तो दूर ही खड़े रहे, परनà¥à¤¤à¥ मूसा उस घोर अनà¥à¤§à¤•à¤¾à¤° के समीप गया जहां परमेशà¥à¤µà¤° या।। 22 तब यहोवा ने मूसा से कहा, तू इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को मेरे थे वचन सà¥à¤¨à¤¾, कि तà¥à¤® लोगोंने तो आप ही देखा है कि मै ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ साय आकाश से बातें की हैं। 23 तà¥à¤® मेरे साय किसी को समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ न करना, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ अपके लिथे चानà¥à¤¦à¥€ वा सोने से देवताओं को न गॠलेना। 24 मेरे लिथे मिटà¥à¤Ÿà¥€ की à¤à¤• वेदी बनाना, और अपकà¥à¤•à¥€ à¤à¥‡à¥œ-बकरियोंऔर गाय-बैलोंके होमबलि और मेलबलि को उस पर चà¥à¤¾à¤¨à¤¾; जहां जहां मैं अपके नाम का सà¥à¤®à¤°à¤£ कराऊं वहां वहां मैं आकर तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ आशीष दूंगा। 25 और यदि तà¥à¤® मेरे लिथे पतà¥à¤¯à¤°à¥‹à¤‚की वेदी बनाओ, तो तराशे हà¥à¤ पतà¥à¤¯à¤°à¥‹à¤‚से न बनाना; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जहां तà¥à¤® ने उस पर अपना हयियार लगाया वहां तू उसे अशà¥à¤¦à¥à¤§ कर देगा। 26 और मेरी वेदी पर सीà¥à¥€ से कà¤à¥€ न चà¥à¤¨à¤¾, कहीं à¤à¤¸à¤¾ न हो कि तेरा तन उस पर नंगा देख पके।।
1 फिर जो नियम तà¥à¤à¥‡ उनको समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ हैं वे थे हैं।। 2 जब तà¥à¤® कोई इबà¥à¤°à¥€ दास मोल लो, तब वह छ: वरà¥à¤· तक सेवा करता रहे, और सातवें वरà¥à¤· सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° होकर सेंतमेंत चला जाà¤à¥¤ 3 यदि वह अकेला आया हो, तो अकेला ही चला जाà¤; और यदि पतà¥à¤¨à¥€ सहित आया हो, तो उसके साय उसकी पतà¥à¤¨à¥€ à¤à¥€ चकà¥à¤•à¥€ जाà¤à¥¤ 4 यदि उसके सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने उसको पतà¥à¤¨à¥€ दी हो और उस से उसके बेटे वा बेटियां उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤ˆ हों, तो उसकी पतà¥à¤¨à¥€ और बालक उसके सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ के ही रहें, और वह अकेला चला जाà¤à¥¤ 5 परनà¥à¤¤à¥ यदि वह दास दृà¥à¤¤à¤¾ से कहे, कि मैं अपके सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€, और अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥à¤¨à¥€, और बालकोंसे पà¥à¤°à¥‡à¤® रखता हूं; इसलिथे मैं सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° होकर न चला जाऊंगा; 6 तो उसका सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ उसको परमेशà¥à¤µà¤° के पास ले चले; फिर उसको दà¥à¤µà¤¾à¤° के किवाड़ वा बाजू के पास ले जाकर उसके कान में सà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥€ से छेद करें; तब वह सदा उसकी सेवा करता रहे।। 7 यदि कोई अपकà¥à¤•à¥€ बेटी को दासी होने के लिथे बेच डाले, तो वह दासी की नाई बाहर न जाà¤à¥¤ 8 यदि उसका सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ उसको अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥à¤¨à¥€ बनाà¤, और फिर उस से पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ न रहे, तो वह उसे दाम से छà¥à¥œà¤¾à¤ˆ जाने दे; उसका विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤˜à¤¾à¤¤ करने के बाद उसे ऊपकà¥à¤•à¥€ लोगोंके हाथ बेचने का उसको अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ न होगा। 9 और यदि उस ने उसे अपके बेटे को बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ दिया हो, तो उस से बेटी का सा वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करे। 10 चाहे वह दूसरी पतà¥à¤¨à¥€ कर ले, तौà¤à¥€ वह उसका à¤à¥‹à¤œà¤¨, वसà¥à¤¤à¥à¤°, और संगति न घटाà¤à¥¤ 11 और यदि वह इन तीन बातोंमें घटी करे, तो वह सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ सेंतमेंत बिना दाम चà¥à¤•à¤¾à¤ ही चकà¥à¤•à¥€ जाà¤à¥¤à¥¤ 12 जो किसी मनà¥à¤·à¥à¤¯ को à¤à¤¸à¤¾ मारे कि वह मर जाà¤, तो वह à¤à¥€ निशà¥à¤šà¤¯ मार डाला जाà¤à¥¤ 13 यदि वह उसकी घात में न बैठा हो, और परमेशà¥à¤µà¤° की इचà¥à¤›à¤¾ ही से वह उसके हाथ में पड़ गया हो, तो à¤à¤¸à¥‡ मारनेवाले के à¤à¤¾à¤—ने के निमितà¥à¤¤ मैं à¤à¤• सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ ठहराऊंगा जहां वह à¤à¤¾à¤— जाà¤à¥¤ 14 परनà¥à¤¤à¥ यदि कोई ढिठाई से किसी पर चà¥à¤¾à¤ˆ करके उसे छल से घात करे, तो उसको मार ढालने के लिथे मेरी वेदी के पास से à¤à¥€ अलग ले जाना।। 15 जो अपके पिता वा माता को मारे-पीटे वह निशà¥à¤šà¤¯ मार डाला जाà¤à¥¤à¥¤ 16 जो किसी मनà¥à¤·à¥à¤¯ को चà¥à¤°à¤¾à¤, चाहे उसे ले जाकर बेच डाले, चाहे वह उसके पास पाया जाà¤, तो वह à¤à¥€ निशà¥à¤šà¤¯ मार डाला जाà¤à¥¤à¥¤ 17 जो अपके पिता वा माता को शà¥à¤°à¤ª दे वह à¤à¥€ निशà¥à¤šà¤¯ मार डाला जाà¤à¥¤à¥¤ 18 यदि मनà¥à¤·à¥à¤¯ फगड़ते हों, और à¤à¤• दूसरे को पतà¥à¤¯à¤° वा मà¥à¤•à¥à¤•à¥‡ से à¤à¤¸à¤¾ मारे कि वह मरे नहीं परनà¥à¤¤à¥ बिछौने पर पड़ा रहे, 19 तो जब वह उठकर लाठी के सहारे से बाहर चलने फिरने लगे, तब वह मारनेवाला निरà¥à¤¦à¥‹à¤· ठहरे; उस दशा में वह उसके पके रहने के समय की हानि तो à¤à¤° दे, ओर उसको à¤à¤²à¤¾ चंगा à¤à¥€ करा दे।। 20 यदि कोई अपके दास वा दासी को सोंटे से à¤à¤¸à¤¾ मारे कि वह उसके मारने से मर जाà¤, तब तो उसको निशà¥à¤šà¤¯ दणà¥à¤¡ दिया जाà¤à¥¤ 21 परनà¥à¤¤à¥ यदि वह दो à¤à¤• दिन जीवित रहे, तो उसके सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ को दणà¥à¤¡ न दिया जाà¤; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह दास उसका धन है।। 22 यदि मनà¥à¤·à¥à¤¯ आपस में मारपीट करके किसी गà¤à¤¿à¤°à¥à¤£à¥€ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ को à¤à¤¸à¥€ चोट पहà¥à¤šà¤¾à¤, कि उसका गरà¥à¤ गिर जाà¤, परनà¥à¤¤à¥ और कà¥à¤› हानि न हो, तो मारनेवाले से उतना दणà¥à¤¡ लिया जाठजितना उस सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का पति पंच की समà¥à¤®à¤¤à¤¿ से ठहराà¤à¥¤ 23 परनà¥à¤¤à¥ यदि उसको और कà¥à¤› हानि पहà¥à¤‚चे, तो पà¥à¤°à¤¾à¤£ की सनà¥à¤¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤£ का, 24 और आंख की सनà¥à¤¤à¥€ आंख का, और दांत की सनà¥à¤¤à¥€ दांत का, और हाथ की सनà¥à¤¤à¥€ हाथ का, और पांव की सनà¥à¤¤à¥€ पांव का, 25 और दाग की सनà¥à¤¤à¥€ दाग का, और घाव की सनà¥à¤¤à¥€ घाव का, और मार की सनà¥à¤¤à¥€ मार का दणà¥à¤¡ हो।। 26 जब कोई अपके दास वा दासी की आंख पर à¤à¤¸à¤¾ मारे कि फूट जाà¤, तो वह उसकी आंख की सनà¥à¤¤à¥€ उसे सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° करके जाने दे। 27 और यदि वह अपके दास वा दासी को मारके उसका दांत तोड़ डाले, तो वह उसके दांत की सनà¥à¤¤à¥€ उसे सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° करके जाने दे।। 28 यदि बैल किसी पà¥à¤°à¥‚ष वा सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ को à¤à¤¸à¤¾ सींग मारे कि वह मर जाà¤, तो वह बैल तो निशà¥à¤šà¤¯ पतà¥à¤¯à¤°à¤µà¤¾à¤¹ करके मार डाला जाà¤, और उसका मांस खाया न जाà¤; परनà¥à¤¤à¥ बैल का सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ निरà¥à¤¦à¥‹à¤· ठहरे। 29 परनà¥à¤¤à¥ यदि उस बैल की पहिले से सींग मारने की बान पकà¥à¤•à¥€ हो, और उसके सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने जताठजाने पर à¤à¥€ उसको न बानà¥à¤§ रखा हो, और वह किसी पà¥à¤°à¥‚ष वा सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ को मार डाले, तब तो वह बैल पतà¥à¤¯à¤°à¤µà¤¾à¤¹ किया जाà¤, और उसका सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ à¤à¥€ मार डाला जाà¤à¥¤ 30 यदि उस पर छà¥à¥œà¥Œà¤¤à¥€ ठहराई जाà¤, तो पà¥à¤°à¤¾à¤£ छà¥à¥œà¤¾à¤¨à¥‡ को जो कà¥à¤› उसके लिथे ठहराया जाठउसे उतना ही देना पकेगा। 31 चाहे बैल ने किसी बेटे को, चाहे बेटी को मारा हो, तौà¤à¥€ इसी नियम के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उसके सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ के साय वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° किया जाà¤à¥¤ 32 यदि बैल ने किसी दास वा दासी को सींग मारा हो, तो बैल का सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ उस दास के सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ को तीस शेकेल रूपा दे, और वह बैल पतà¥à¤¯à¤°à¤µà¤¾à¤¹ किया जाà¤à¥¤à¥¤ 33 यदि कोई मनà¥à¤·à¥à¤¯ गड़हा खोलकर वा खोदकर उसको न ढांपे, और उस में किसी का बैल वा गदहा गिर पके 34 तो जिसका वह गड़हा हो वह उस हानि को à¤à¤° दे; वह पशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ को उसका मोल दे, और लोय गड़हेवाले की ठहरे।। 35 यदि किसी का बैल किसी दूसरे के बैल को à¤à¤¸à¥€ चोट लगाà¤, कि वह मर जाà¤, तो वे दोनो मनà¥à¤·à¥à¤¯ जीते बैल को बेचकर उसका मोल आपस में आधा आधा बांट ले; और लोय को à¤à¥€ वैसा ही बांटें। 36 यदि यह पà¥à¤°à¤—ट हो कि उस बैल की पहिले से सींग मारने की बान पकà¥à¤•à¥€ यी, पर उसके सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने उसे बानà¥à¤§ नहीं रखा, तो निशà¥à¤šà¤¯ यह बैल की सनà¥à¤¤à¥€ बैल à¤à¤° दे, पर लोय उसी की ठहरे।।
1 यदि कोई मनà¥à¤·à¥à¤¯ बैल, वा à¤à¥‡à¥œ, वा बकरी चà¥à¤°à¤¾à¤•à¤° उसका घात करे वा बेच डाले, तो वह बैल की सनà¥à¤¤à¥€ पाà¤à¤š बैल, और à¤à¥‡à¥œ-बकरी की सनà¥à¤¤à¥€ चार à¤à¥‡à¥œ-बकरी à¤à¤° दे। 2 यदि चोर सेंध लगाते हà¥à¤ पकड़ा जाà¤, और उस पर à¤à¤¸à¥€ मार पके कि वह मर जाà¤, तो उसके खून का दोष न लगे; 3 यदि सूरà¥à¤¯ निकल चà¥à¤•à¥‡, तो उसके खून का दोष लगे; अवशà¥à¤¯ है कि वह हानि को à¤à¤° दे, और यदि उसके पास कà¥à¤› न हो, तो वह चोरी के कारण बेच दिया जाà¤à¥¤ 4 यदि चà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¾ हà¥à¤† बैल, वा गदहा, वा à¤à¥‡à¥œ वा बकरी उसके हाथ में जीवित पाई जाà¤, तो वह उसका दूना à¤à¤° दे।। 5 यदि कोई अपके पशॠसे किसी का खेत वा दाख की बारी चराà¤, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ अपके पशॠको à¤à¤¸à¤¾ छोड़ दे कि वह पराठखेत को चर ले, तो वह अपके खेत की और अपकà¥à¤•à¥€ दाख की बारी की उतà¥à¤¤à¤® से उतà¥à¤¤à¤® उपज में से उस हानि को à¤à¤° दे।। 6 यदि कोई आग जलाà¤, और वह कांटोंमें लग जाठऔर फूलोंके ढेर वा अनाज वा खड़ा खेत जल जाà¤, तो जिस ने आग जलाई हो वह हानि को निशà¥à¤šà¤¯ à¤à¤° दे।। 7 यदि कोई दूसरे को रूपठवा सामगà¥à¤°à¥€ की धरोहर धरे, और वह उसके घर से चà¥à¤°à¤¾à¤ˆ जाà¤, तो यदि चोर पकड़ा जाà¤, तो दूना उसी को à¤à¤° देना पकेगा। 8 और यदि चोर न पकड़ा जाà¤, तो घर का सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ परमेशà¥à¤µà¤° के पास लाया जाà¤, कि निशà¥à¤šà¤¯ हो जाय कि उस ने अपके à¤à¤¾à¤ˆ बनà¥à¤§à¥ की समà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ पर हाथ लगाया है वा नहीं। 9 चाहे बैल, चाहे गदहे, चाहे à¤à¥‡à¥œ वा बकरी, चाहे वसà¥à¤¤à¥à¤°, चाहे किसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की à¤à¤¸à¥€ खोई हà¥à¤ˆ वसà¥à¤¤à¥ के विषय अपराध कà¥à¤¯à¥‹à¤‚न लगाया जाय, जिसे दो जन अपकà¥à¤•à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ कहते हों, तो दोनोंका मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¤¾ परमेशà¥à¤µà¤° के पास आà¤; और जिसको परमेशà¥à¤µà¤° दोषी ठहराठवह दूसरे को दूना à¤à¤° दे।। 10 यदि कोई दूसरे को गदहा वा बैल वा à¤à¥‡à¥œ-बकरी वा कोई और पशॠरखने के लिथे सौपें, और किसी के बिना देखे वह मर जाà¤, वा चोट खाà¤, वा हांक दिया जाà¤, 11 तो उन दोनो के बीच यहोवा की शपय खिलाई जाठकि मैं ने इसकी समà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ पर हाथ नहीं लगाया; तब समà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ का सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ इसको सच माने, और दूसरे को उसे कà¥à¤› à¤à¥€ à¤à¤° देना न होगा। 12 यदि वह सचमà¥à¤š उसके यहां से चà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¾ गया हो, तो वह उसके सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ को उसे à¤à¤° दे। 13 और यदि वह फाड़ डाला गया हो, तो वह फाड़े हà¥à¤ को पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ के लिथे ले आà¤, तब उसे उसको à¤à¥€ à¤à¤° देना न पकेगा।। 14 फिर यदि कोई दूसरे से पशॠमांग लाà¤, और उसके सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ के संग न रहते उसको चोट लगे वा वह मर जाà¤, तो वह निशà¥à¤šà¤¯ उसकी हानि à¤à¤° दे। 15 यदि उसका सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ संग हो, तो दूसरे को उसकी हानि à¤à¤°à¤¨à¤¾ न पके; और यदि वह à¤à¤¾à¥œà¥‡ का हो तो उसकी हानि उसके à¤à¤¾à¥œà¥‡ में आ गई।। 16 यदि कोई पà¥à¤°à¥‚ष किसी कनà¥à¤¯à¤¾ को जिसके बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ की बात न लगी हो फà¥à¤¸à¤²à¤¾à¤•à¤° उसके संग कà¥à¤•à¤°à¥à¤® करे, तो वह निशà¥à¤šà¤¯ उसका मोल देके उसे बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ ले। 17 परनà¥à¤¤à¥ यदि उसका पिता उसे देने को बिलà¥à¤•à¥à¤² इनकार करे, तो कà¥à¤•à¤°à¥à¤® करनेवाला कनà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के मोल की रीति के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° रूपके तौल दे।। 18 तू डाइन को जीवित रहने न देना।। 19 जो कोई पशà¥à¤—मन करे वह निशà¥à¤šà¤¯ मार डाला जाà¤à¥¤à¥¤ 20 जो कोई यहोवा को छोड़ किसी और देवता के लिथे बलि करे वह सतà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¶ किया जाà¤à¥¤ 21 और परदेशी को न सताना और न उस पर अनà¥à¤§à¥‡à¤° करना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मिसà¥à¤° देश में तà¥à¤® à¤à¥€ परदेशी थे। 22 किसी विधवा वा अनाय बालक को दà¥:ख न देना। 23 यदि तà¥à¤® à¤à¤¸à¥‹à¤‚को किसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° का दà¥:ख दो, और वे कà¥à¤› à¤à¥€ मेरी दोहाई दें, तो मैं निशà¥à¤šà¤¯ उनकी दोहाई सà¥à¤¨à¥‚ंगा; 24 तब मेरा कà¥à¤°à¥‹à¤§ à¤à¥œà¤•à¥‡à¤—ा, और मैं तà¥à¤® को तलवार से मरवाऊंगा, और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ पतà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ विधवा और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ बालक अनाय हो जाà¤à¤‚गे।। 25 यदि तू मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ में से किसी दीन को जो तेरे पास रहता हो रूपठका ऋण दे, तो उस से महाजन की नाई बà¥à¤¯à¤¾à¤œ न लेना। 26 यदि तू कà¤à¥€ अपके à¤à¤¾à¤ˆà¤¬à¤¨à¥à¤§à¥ के वसà¥à¤¤à¥à¤° को बनà¥à¤§à¤• करके रख à¤à¥€ ले, तो सूरà¥à¤¯ के असà¥à¤¤ होने तक उसको लौटा देना; 27 कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह उसका à¤à¤• ही ओà¥à¤¨à¤¾ है, उसकी देह का वही अकेला वसà¥à¤¤à¥à¤° होगा फिर वह किसे ओà¥à¤•à¤° सोà¤à¤—ा? तोà¤à¥€ जब वह मेरी दोहाई देगा तब मैं उसकी सà¥à¤¨à¥‚ंगा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं तो करूणामय हूं।। 28 परमेशà¥à¤µà¤° को शà¥à¤°à¤ª न देना, और न अपके लोगोंके पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ को शà¥à¤°à¤ª देना। 29 अपके खेतोंकी उपज और फलोंके रस में से कà¥à¤› मà¥à¤à¥‡ देने में विलमà¥à¤¬ न करना। अपके बेटोंमें से पहिलौठे को मà¥à¤à¥‡ देना। 30 वैसे ही अपकà¥à¤•à¥€ गायोंऔर à¤à¥‡à¥œ-बकरियोंके पहिलौठे à¤à¥€ देना; सात दिन तक तो बचà¥à¤šà¤¾ अपकà¥à¤•à¥€ माता के संग रहे, और आठवें दिन तू उसे मà¥à¤à¥‡ दे देना। 31 और तà¥à¤® मेरे लिथे पवितà¥à¤° मनà¥à¤·à¥à¤¯ बनना; इस कारण जो पशॠमैदान में फाड़ा हà¥à¤† पड़ा मिले उसका मांस न खाना, उसको कà¥à¤¤à¥à¤¤à¥‹à¤‚के आगे फेंक देना।।
1 फूठी बात न फैलाना। अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€ साà¤à¥€ होकर दà¥à¤·à¥à¤Ÿ का साय न देना। 2 बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करने के लिथे न तो बहà¥à¤¤à¥‹à¤‚के पीछे हो लेना; और न उनके पीछे फिरके मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¥‡à¤‚ में नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ बिगाड़ने को साà¤à¥€ देना; 3 और कंगाल के मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¥‡à¤‚ में उसका à¤à¥€ पठन करना।। 4 यदि तेरे शतà¥à¤°à¥ का बैल वा गदहा à¤à¤Ÿà¤•à¤¤à¤¾ हà¥à¤† तà¥à¤à¥‡ मिले, तो उसे उसके पास अवशà¥à¤¯ फेर ले आना। 5 फिर यदि तू अपके बैरी के गदहे को बोफ के मारे दबा हà¥à¤† देखे, तो चाहे उसको उसके सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ के लिथे छà¥à¥œà¤¾à¤¨à¥‡ के लिथे तेरा मन न चाहे, तौà¤à¥€ अवशà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ का साय देकर उसे छà¥à¥œà¤¾ लेना।। 6 तेरे लोगोंमें से जो दरिदà¥à¤° होंउसके मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¥‡ में नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ न बिगाड़ना। 7 फूठे मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¥‡ से दूर रहना, और निरà¥à¤¦à¥‹à¤· और धरà¥à¤®à¥€ को घात न करना, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं दà¥à¤·à¥à¤Ÿ को निरà¥à¤¦à¥‹à¤· न ठहराऊंगा। 8 घूस न लेना, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि घूस देखने वालोंको à¤à¥€ अनà¥à¤§à¤¾ कर देता, और धमिरà¥à¤¯à¥‹à¤‚की बातें पलट देता है। 9 परदेशी पर अनà¥à¤§à¥‡à¤° न करना; तà¥à¤® तो परदेशी के मन की बातें जानते हो, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤® à¤à¥€ मिसà¥à¤° देश में परदेशी थे।। 10 छ: वरà¥à¤· तो अपकà¥à¤•à¥€ à¤à¥‚मि में बोना और उसकी उपज इकटà¥à¤ ी करना; 11 परनà¥à¤¤à¥ सातवें वरà¥à¤· में उसको पड़ती रहने देना और वैसा ही छोड़ देना, तो तेरे à¤à¤¾à¤ˆ बनà¥à¤§à¥à¤“ं में के दरिदà¥à¤° लोग उस से खाने पाà¤à¤‚, और जो कà¥à¤› उन से à¤à¥€ बचे वह बनैले पशà¥à¤“ं के खाने के काम में आà¤à¥¤ और अपकà¥à¤•à¥€ दाख और जलपाई की बारियोंको à¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ ही करना। 12 छ: दिन तक तो अपना काम काज करना, और सातवें दिन विशà¥à¤°à¤® करना; कि तेरे बैल और गदहे सà¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤à¤‚, और तेरी दासियोंके बेटे और परदेशी à¤à¥€ अपना जी ठंडा कर सकें। 13 और जो कà¥à¤› मैं ने तà¥à¤® से कहा है उस में सावधान रहना; और दूसरे देवताओं के नाम की चरà¥à¤šà¤¾ न करना, वरन वे तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ मà¥à¤‚ह से सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ à¤à¥€ न दें। 14 पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वरà¥à¤· तीन बार मेरे लिथे परà¥à¤¬à¥à¤¬ मानना। 15 अखमीरी रोटी का परà¥à¤¬à¥à¤¬ मानना; उस में मेरी आजà¥à¤žà¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अबीब महीने के नियत समय पर सात दिन तक अखमीरी रोटी खाया करना, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसी महीने में तà¥à¤® मिसà¥à¤° से निकल आà¤à¥¤ और मà¥à¤ को कोई छूछे हाथ अपना मà¥à¤‚ह न दिखाà¤à¥¤ 16 और जब तेरी बोई हà¥à¤ˆ खेती की पहिली उपज तैयार हो, तब कटनी का परà¥à¤¬à¥à¤¬ मानना। और वरà¥à¤· के अनà¥à¤¤ में जब तू परिशà¥à¤°à¥à¤® के फल बटोर के ढेर लगाà¤, तब बटोरन का परà¥à¤¬à¥à¤¬ मानना। 17 पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वरà¥à¤· तीनोंबार तेरे सब पà¥à¤°à¥‚ष पà¥à¤°à¤à¥ यहोवा को अपना मà¥à¤‚ह दिखाà¤à¤‚।। 18 मेरे बलिपशॠका लोहू खमीरी रोटी के संग न चà¥à¤¾à¤¨à¤¾, और न मेरे परà¥à¤¬à¥à¤¬ के उतà¥à¤¤à¤® बलिदान में से कà¥à¤› बिहान तक रहने देना। 19 अपकà¥à¤•à¥€ à¤à¥‚मि की पहिली उपज का पहिला à¤à¤¾à¤— अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा के à¤à¤µà¤¨ में ले आना। बकरी का बचà¥à¤šà¤¾ उसकी माता के दूध में न पकाना।। 20 सà¥à¤¨, मैं à¤à¤• दूत तेरे आगे आगे à¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾ हूं जो मारà¥à¤— में तेरी रà¤à¤¾ करेगा, और जिस सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ को मै ने तैयार किया है उस में तà¥à¤à¥‡ पहà¥à¤‚चाà¤à¤—ा। 21 उसके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ सावधान रहना, और उसकी मानना, उसका विरोध न करना, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ अपराध à¤à¤®à¤¾ न करेगा; इसलिथे कि उस में मेरा नाम रहता है। 22 और यदि तू सचमà¥à¤š उसकी माने और जो कà¥à¤› मैं कहूं वह करे, तो मै तेरे शतà¥à¤°à¥à¤“ं का शतà¥à¤°à¥ और तेरे दà¥à¤°à¥‹à¤¹à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚का दà¥à¤°à¥‹à¤¹à¥€ बनूंगा। 23 इस रीति मेरा दूत तेरे आगे आगे चलकर तà¥à¤à¥‡ à¤à¤®à¥‹à¤°à¥€, हितà¥à¤¤à¥€, परजà¥à¤œà¥€, कनानी, हिबà¥à¤¬à¥€, और यबूसी लोगोंके यहां पहà¥à¤‚चाà¤à¤—ा, और मैं उनको सतà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¶ कर डालूंगा। 24 उनके देवताओं को दणà¥à¤¡à¤µà¤¤à¥â€Œ न करना, और न उनकी उपासना करना, और न उनके से काम करना, वरन उन मूरतोंको पूरी रीति से सतà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤¾à¤¶ कर डालना, और उन लोगोंकी लाटोंके टà¥à¤•à¥œà¥‡ टà¥à¤•à¥œà¥‡ कर देना। 25 और तà¥à¤® अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा की उपासना करना, तब वह तेरे अनà¥à¤¨ जल पर आशीष देगा, और तेरे बीच में से रोग दूर करेगा। 26 तेरे देश में न तो किसी का गरà¥à¤ गिरेगा और न कोई बांफ होगी; और तेरी आयॠमैं पूरी करूंगा। 27 जितने लोगोंके बीच तू जाथेगा उन सà¤à¥‹à¤‚के मन में मै अपना à¤à¤¯ पहिले से à¤à¤¸à¤¾ समवा दूंगा कि उनको वà¥à¤¯à¤¾à¤•à¥à¤² कर दूंगा, और मैं तà¥à¤à¥‡ सब शतà¥à¤°à¥à¤“ं की पीठदिखाऊंगा। 28 और मैं तà¥à¤ से पहिले बरà¥à¤°à¥‹à¤‚को à¤à¥‡à¤œà¥‚ंगा जो हिबà¥à¤¬à¥€, कनानी, और हितà¥à¤¤à¥€ लोगोंको तेरे सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ से à¤à¤—ा के दूर कर देंगी। 29 मैं उनको तेरे आगे से à¤à¤• ही वरà¥à¤· में तो न निकाल दूंगा, à¤à¤¸à¤¾ न हो कि देश उजाड़ हो जाà¤, और बनैले पशॠबà¥à¤•à¤° तà¥à¤à¥‡ दà¥:ख देने लगें। 30 जब तक तू फूल फलकर देश को अपके अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ में न कर ले तब तक मैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तेरे आगे से योड़ा योड़ा करके निकालता रहूंगा। 31 मैं लाल समà¥à¤¦à¥à¤° से लेकर पलिशà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के समà¥à¤¦à¥à¤° तक और जंगल से लेकर महानद तक के देश को तेरे वश में कर दूंगा; मैं उस देश के निवासिकà¥à¤•à¥‹à¤‚ à¤à¥€ तेरे वश में कर दूंगा, और तू उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ से बरबस निकालेगा। 32 तू न तो उन से वाचा बानà¥à¤§à¤¨à¤¾ और न उनके देवताओं से। 33 वे तेरे देश में रहने न पाà¤à¤‚, à¤à¤¸à¤¾ न हो कि वे तà¥à¤ से मेरे विरूदà¥à¤§ पाप कराà¤à¤‚; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यदि तू उनके देवताओं की उपासना करे, तो यह तेरे लिथे फंदा बनेगा।।
1 फिर उस ने मूसा से कहा, तू, हारून, नादाब, अबीहू, और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के सतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚समेत यहोवा के पास ऊपर आकर दूर से दणà¥à¤¡à¤µà¤¤à¥â€Œ करना। 2 और केवल मूसा यहोवा के समीप आà¤; परनà¥à¤¤à¥ वे समीप न आà¤à¤‚, और दूसरे लोग उसके संग ऊपर न आà¤à¤‚। 3 तब मूसा ने लोगोंके पास जाकर यहोवा की सब बातें और सब नियम सà¥à¤¨à¤¾ दिà¤; तब सब लोग à¤à¤• सà¥à¤µà¤° से बोल उठे, कि जितनी बातें यहोवा ने कही हैं उन सब बातोंको हम मानेंगे। 4 तब मूसा ने यहोवा के सब वचन लिख दिà¤à¥¤ और बिहान को सवेरे उठकर परà¥à¤µà¤¤ के नीचे à¤à¤• वेदी और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² के बारहोंगोतà¥à¤°à¥‹à¤‚के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बारह खमà¥à¤à¥‡ à¤à¥€ बनवाà¤à¥¤ 5 तब उस ने कई इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ जवानोंको à¤à¥‡à¤œà¤¾, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यहोवा के लिथे होमबलि और बैलोंके मेलबलि चà¥à¤¾à¤à¥¤ 6 और मूसा ने आधा लोहू तो लेकर कटारोंमें रखा, और आधा वेदी पर छिड़क दिया। 7 तब वाचा की पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• को लेकर लोगोंको पॠसà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¤¾; उसे सà¥à¤¨à¤•à¤° उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, जो कà¥à¤› यहोवा ने कहा है उस सब को हम करेंगे, और उसकी आजà¥à¤žà¤¾ मानेंगे। 8 तब मूसा ने लोहू को लेकर लोगोंपर छिड़क दिया, और उन से कहा, देखो, यह उस वाचा का लोहू है जिसे यहोवा ने इन सब वचनोंपर तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ साय बानà¥à¤§à¥€ है। 9 तब मूसा, हारून, नादाब, अबीहू और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के सतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¨à¤¿à¤ ऊपर गà¤, 10 और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² के परमेशà¥à¤µà¤° का दरà¥à¤¶à¤¨ किया; और उसके चरणोंके तले नीलमणि का चबूतरा सा कà¥à¤› या, जो आकाश के तà¥à¤²à¥à¤¯ ही सà¥à¤µà¤šà¥à¤› या। 11 और उस ने इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚पर हाथ न बà¥à¤¾à¤¯à¤¾; तब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने परमेशà¥à¤µà¤° का दरà¥à¤¶à¤¨ किया, और खाया पिया।। 12 तब यहोवा ने मूसा से कहा, पहाड़ पर मेरे पास चà¥, और वहां रह; और मै तà¥à¤à¥‡ पतà¥à¤¯à¤° की पटियाà¤à¤‚, और अपकà¥à¤•à¥€ लिखी हà¥à¤ˆ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ और आजà¥à¤žà¤¾ दूंगा, कि तू उनको सिखाà¤à¥¤ 13 तब मूसा यहोशू नाम अपके टहलà¥à¤ समेत परमेशà¥à¤µà¤° के परà¥à¤µà¤¤ पर चॠगया। 14 कि जब तक हम तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास फिर न आà¤à¤‚ तब तक तà¥à¤® यहीं हमारी बाट जोहते रहो; और सà¥à¤¨à¥‹, हारून और हूर तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ संग हैं; तो यदि किसी का मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¤¾ हो तो उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ के पास जाà¤à¥¤ 15 तब मूसा परà¥à¤µà¤¤ पर चॠगया, और बादल ने परà¥à¤µà¤¤ को छा लिया। 16 तब यहोवा के तेज ने सीनै परà¥à¤µà¤¤ पर निवास किया, और वह बादल उस पर छ: दिन तक छाया रहा; और सातवें दिन उस ने मूसा को बादल के बीच में से पà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¾à¥¤ 17 और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में यहोवा का तेज परà¥à¤µà¤¤ की चोटी पर पà¥à¤°à¤šà¤£à¥à¤¡ आग सा देख पड़ता या। 18 तब मूसा बादल के बीच में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करके परà¥à¤µà¤¤ पर चॠगया। और मूसा परà¥à¤µà¤¤ पर चालीस दिन और चालीस रात रहा।।
1 यहोवा ने मूसा से कहा, 2 इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से यह कहना, कि मेरे लिथे à¤à¥‡à¤‚ट लाà¤à¤‚; जितने अपकà¥à¤•à¥€ इचà¥à¤›à¤¾ से देना चाहें उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ सà¤à¥‹à¤‚से मेरी à¤à¥‡à¤‚ट लेना। 3 और जिन वसà¥à¤¤à¥à¤“ं की à¤à¥‡à¤‚ट उन से लेनी हैं वे थे हैं; अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ सोना, चांदी, पीतल, 4 नीले, बैंजनी और लाल रंग का कपड़ा, सूà¤à¥à¤® सनी का कपड़ा, बकरी का बाल, 5 लाल रंग से रंगी हà¥à¤ˆ मेà¥à¥‹à¤‚की खालें, सà¥à¤‡à¤¸à¥‹à¤‚की खालें, बबूल की लकड़ी, 6 उजियाले के लिथे तेल, अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• के तेल के लिथे और सà¥à¤—नà¥à¤§à¤¿à¤¤ धूप के लिथे सà¥à¤—नà¥à¤§ दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯, 7 à¤à¤ªà¥‹à¤¦ और चपरास के लिथे सà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤¨à¥€ पतà¥à¤¯à¤°, और जड़ने के लिथे मणि। 8 और वे मेरे लिथे à¤à¤• पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ बनाà¤, कि मैं उनके बीच निवास करूं। 9 जो कà¥à¤› मैं तà¥à¤à¥‡ दिखाता हूं, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ निवाससà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और उसके सब सामान का नमूना, उसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° तà¥à¤® लोग उसे बनाना।। 10 बबूल की लकड़ी का à¤à¤• सनà¥à¤¦à¥‚क बनाया जाà¤; उसकी लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ अà¥à¤¾à¤ˆ हाथ, और चौड़ाई और ऊंचाई डेॠडेॠहाथ की हों। 11 और उसको चोखे सोने से à¤à¥€à¤¤à¤° और बाहर मà¥à¤µà¤¾à¤¨à¤¾, और सनà¥à¤¦à¥‚क के ऊपर चारोंओर सोने की बाड़ बनवाना। 12 और सोने के चार कड़े ढलवाकर उसके चारोंपायोंपर, à¤à¤• अलंग दो कड़े और दूसरी अलंग à¤à¥€ दो कड़े लगवाना। 13 फिर बबूल की लकड़ी के डणà¥à¤¡à¥‡ बनवाना, और उनà¥à¤¹à¥‡ à¤à¥€ सोने से मà¥à¤µà¤¾à¤¨à¤¾à¥¤ 14 और डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚को सनà¥à¤¦à¥‚क की दोनोंअलंगोंके कड़ोंमें डालना जिस से उनके बल सनà¥à¤¦à¥‚क उठाया जाà¤à¥¤ 15 वे डणà¥à¤¡à¥‡ सनà¥à¤¦à¥‚क के कड़ोंमें लगे रहें; और उस से अलग न किठजाà¤à¤‚। 16 और जो साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° मैं तà¥à¤à¥‡ दूंगा उसे उसी सनà¥à¤¦à¥‚क में रखना। 17 फिर चोखे सोने का à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ का ढकना बनवाना; उसकी लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ अà¥à¤¾à¤ˆ हाथ, और चौड़ाई डेॠहाथ की हो। 18 और सोना ढालकर दो करूब बनवाकर पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ के ढकने के दोनोंसिरोंपर लगवाना। 19 à¤à¤• करूब तो à¤à¤• सिकà¥à¤•à¥‡ पर और दूसरा करूब दूसरे सिकà¥à¤•à¥‡ पर लगवाना; और करूबोंको और पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ के ढकने को उसके ही टà¥à¤•à¥œà¥‡ से बनाकर उसके दोनो सिरोंपर लगवाना। 20 और उन करूबोंके पंख ऊपर से à¤à¤¸à¥‡ फैले हà¥à¤ बनें कि पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ का ढकना उन से ढंपा रहे, और उनके मà¥à¤– आमà¥à¤¹à¤¨à¥‡-सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ और पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ के ढकने की ओर रहें। 21 और पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ के ढकने को सनà¥à¤¦à¥‚क के ऊपर लगवाना; और जो साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° मैं तà¥à¤à¥‡ दूंगा उसे सनà¥à¤¦à¥‚क के à¤à¥€à¤¤à¤° रखना। 22 और मैं उसके ऊपर रहकर तà¥à¤ से मिला करूंगा; और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के लिथे जितनी आजà¥à¤žà¤¾à¤à¤‚ मà¥à¤ को तà¥à¤à¥‡ देनी होंगी, उन सà¤à¥‹à¤‚के विषय मैं पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ के ढकने के ऊपर से और उन करूबोंके बीच में से, जो साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° के सनà¥à¤¦à¥‚क पर होंगे, तà¥à¤ से वारà¥à¤¤à¤¾à¤²à¤¾à¤ª किया करूंगा।। 23 फिर बबूल की लकड़ी की à¤à¤• मेज बनवाना; उसकी लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ दो हाथ, चौड़ाई à¤à¤• हाथ, और ऊंचाई डेॠहाथ की हो। 24 उसे चोखे सोने से मà¥à¤µà¤¾à¤¨à¤¾, और उसके चारोंओर सोने की à¤à¤• बाड़ बनवाना। 25 और उसके चारोंओर चार अंगà¥à¤² चौड़ी à¤à¤• पटरी बनवाना, और इस पटरी के चारोंओर सोने की à¤à¤• बाड़ बनवाना। 26 और सोने के चार कड़े बनवाकर मेज के उन चारोंकोनोंमें लगवाना जो उसके चारोंपायोंमें होंगे। 27 वे कड़े पटरी के पास ही हों, और डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚के घरोंका काम दें कि मेज़ उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ के बल उठाई जाà¤à¥¤ 28 और डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚को बबूल की लकड़ी के बनवाकर सोने से मà¥à¤µà¤¾à¤¨à¤¾, और मेज़ उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ से उठाई जाà¤à¥¤ 29 और उसके परात और धूपदान, और चमचे और उंडेलने के कटोरे, सब चोखे सोने के बनवाना। 30 और मेज़ पर मेरे आगे à¤à¥‡à¤‚ट की रोटियां नितà¥à¤¯ रखा करना।। 31 फिर चोखे सोने की à¤à¤• दीवट बनवाना। सोना ढलवाकर वह दीवट, पाथे और डणà¥à¤¡à¥€ सहित बनाया जाà¤; उसके पà¥à¤·à¥à¤ªà¤•à¥‹à¤·, गांठऔर फूल, सब à¤à¤• ही टà¥à¤•à¥œà¥‡ के बनें; 32 और उसकी अलंगोंसे छ: डालियां निकलें, तीन डालियां तो दीवट की à¤à¤• अलंग से और तीन डालियां उसकी दूसरी अलंग से निकली हà¥à¤ˆ हों; 33 à¤à¤• à¤à¤• डाली में बादाम के फूल के समान तीन तीन पà¥à¤·à¥à¤ªà¤•à¥‹à¤·, à¤à¤• à¤à¤• गांठ, और à¤à¤• à¤à¤• फूल हों; दीवट से निकली हà¥à¤ˆ छहोंडालियोंका यही आकार या रूप हो; 34 और दीवट की डणà¥à¤¡à¥€ में बादाम के फूल के समान चार पà¥à¤·à¥à¤ªà¤•à¥‹à¤· अपकà¥à¤•à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ गांठऔर फूल समेत हों; 35 और दीवट से निकली हà¥à¤ˆ छहोंडालियोंमें से दो दो डालियोंके नीचे à¤à¤• à¤à¤• गांठहो, वे दीवट समेत à¤à¤• ही टà¥à¤•à¥œà¥‡ के बने हà¥à¤ हों। 36 उनकी गांठे और डालियां, सब दीवट समेत à¤à¤• ही टà¥à¤•à¥œà¥‡ की हों, चोखा सोना ढलवाकर पूरा दीवट à¤à¤• ही टà¥à¤•à¥œà¥‡ का बनवाना। 37 और सात दीपक बनवाना; और दीपक जलाठजाà¤à¤‚ कि वे दीवट के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤¶ दें। 38 और उसके गà¥à¤²à¤¤à¤°à¤¾à¤¶ और गà¥à¤²à¤¦à¤¾à¤¨ सब चोखे सोने के हों। 39 वह सब इन समसà¥à¤¤ सामान समेत किकà¥à¤•à¤¾à¤° à¤à¤° चोखे सोने का बने। 40 और सावधान रहकर इन सब वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को उस नमूने के समान बनवाना, जो तà¥à¤à¥‡ इस परà¥à¤µà¤¤ पर दिखाया गया है।।
1 फिर निवाससà¥à¤¯à¤¾à¤¨ के लिथे दस परदे बनवाना; इनको बटी हà¥à¤ˆ सनीवाले और नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपके का कà¥à¤¾à¤ˆ के काम किठहà¥à¤ करूबोंके साय बनवाना। 2 à¤à¤• à¤à¤• परदे की लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ अटà¥à¤ ाईस हाथ और चौड़ाई चार हाथ की हो; सब परदे à¤à¤• ही नाप के हों। 3 पांच परदे à¤à¤• दूसरे से जà¥à¥œà¥‡ हà¥à¤ हों; और फिर जो पांच परदे रहेंगे वे à¤à¥€ à¤à¤• दूसरे से जà¥à¥œà¥‡ हà¥à¤ हों। 4 और जहां थे दोनोंपरदे जोड़े जाà¤à¤‚ वहां की दोनोंछोरोंपर नीली नीली फलियां लगवाना। 5 दोनोंछोरोंमें पचास पचास फलियां à¤à¤¸à¥‡ लगवाना कि वे आमà¥à¤¹à¤¨à¥‡ सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ हों। 6 और सोने के पचास अंकड़े बनवाना; और परदोंके पंचो को अंकड़ोंके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤• दूसरे से à¤à¤¸à¤¾ जà¥à¥œà¤µà¤¾à¤¨à¤¾ कि निवाससà¥à¤¯à¤¾à¤¨ मिलकर à¤à¤• ही हो जाà¤à¥¤ 7 फिर निवास के ऊपर तमà¥à¤¬à¥‚ का काम देने के लिथे बकरी के बाल के गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¹ परदे बनवाना। 8 à¤à¤• à¤à¤• परदे की लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ तीस हाथ और चौड़ाई चार हाथ की हो; गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¹à¥‹à¤‚परदे à¤à¤• ही नाप के हों। 9 और पांच परदे अलग और फिर छ: परदे अलग जà¥à¥œà¤µà¤¾à¤¨à¤¾, और छटवें परदे को तमà¥à¤¬à¥‚ के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ मोड़ कर दà¥à¤¹à¤°à¤¾ कर देना। 10 और तू पचास अंकड़े उस परदे की छोर में जो बाहर से मिलाया जाà¤à¤—ा और पचास ही अंकड़े दूसरी ओर के परदे की छोर में जो बाहर से मिलाया जाà¤à¤—ा बनवाना। 11 और पीतल के पचास अंकड़े बनाना, और अंकड़ोंको फलियोंमें लगाकर तमà¥à¤¬à¥‚ को à¤à¤¸à¤¾ जà¥à¥œà¤µà¤¾à¤¨à¤¾ कि वह मिलकर à¤à¤• ही हो जाà¤à¥¤ 12 और तमà¥à¤¬à¥‚ के परदोंका लटका हà¥à¤† à¤à¤¾à¤—, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ जो आधा पट रहेगा, वह निवास की पिछली ओर लटका रहे। 13 और तमà¥à¤¬à¥‚ के परदोंकी लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ मे से हाथ à¤à¤° इधर, और हाथ à¤à¤° उधर निवास के ढांकने के लिथे उसकी दोनोंअलंगोंपर लटका हà¥à¤† रहे। 14 फिर तमà¥à¤¬à¥‚ के लिथे लाल रंग से रंगी हà¥à¤ˆ मेढोंकी खालोंका à¤à¤• ओà¥à¤¨à¤¾ और उसके ऊपर सूइसोंकी खालोंका à¤à¥€ à¤à¤• ओà¥à¤¨à¤¾ बनवाना।। 15 फिर निवास को खड़ा करने के लिथे बबूल की लकड़ी के तखà¥à¤¤à¥‡ बनवाना। 16 à¤à¤• à¤à¤• तखà¥à¤¤à¥‡ की लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ दस हाथ और चौड़ाई डेॠहाथ की हो। 17 à¤à¤• à¤à¤• तखà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• दूसरे से जोड़ी हà¥à¤ˆ दो दो चूलें हों; निवास के सब तखà¥à¤¤à¥‹à¤‚को इसी à¤à¤¾à¤‚ति से बनवाना। 18 और निवास के लिथे जो तखà¥à¤¤à¥‡ तू बनवाà¤à¤—ा उन में से बीस तखà¥à¤¤à¥‡ तो दकà¥à¤–िन की ओर के लिथे हों; 19 और बीसोंतखà¥à¤¤à¥‹à¤‚के नीचे चांदी की चालीस कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ बनवाना, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ à¤à¤• à¤à¤• तखà¥à¤¤à¥‡ के नीचे उसके चूलोंके लिथे दो दो कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚। 20 और निवास की दूसरी अलंग, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ उतà¥à¤¤à¤° की ओर बीस तखà¥à¤¤à¥‡ बनवाना। 21 और उनके लिथे चांदी की चालीस कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ बनवाना, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ à¤à¤• à¤à¤• तखà¥à¤¤à¥‡ के नीचे दो दो कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ हों। 22 और निवास की पिछली अलंग, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ à¤à¤• à¤à¤• तखà¥à¤¤à¥‡ के नीचे दो दो कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ हों। 23 और पिछले अलंग में निवास के कोनोंके लिथे दो तखà¥à¤¤à¥‡ बनवाना; 24 और थे नीचे से दो दो à¤à¤¾à¤— के होंऔर दोनोंà¤à¤¾à¤— ऊपर के सिकà¥à¤•à¥‡ तक à¤à¤• à¤à¤• कड़े में मिलाथे जाà¤à¤‚; दोनोंतखà¥à¤¤à¥‹à¤‚का यही रूप हो; थे तो दोनोंकोनोंके लिथे हों। 25 और आठतखà¥à¤¤à¥‡à¤‚ हों, और उनकी चांदी की सोलह कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ हों; अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ à¤à¤• à¤à¤• तखà¥à¤¤à¥‡ के नीचे दो दो कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ हों। 26 फिर बबूल की लकड़ी के बेंड़े बनवाना, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ निवास की à¤à¤• अलंग के तखà¥à¤¤à¥‹à¤‚के लिथे पांच, 27 और निवास की दूसरी अलंग के तखà¥à¤¤à¥‹à¤‚के लिथे पांच बेंडे, और निवास की जो अलंग पशà¥à¤šà¤¿à¤® की ओर पिछले à¤à¤¾à¤— में होगी, उसके लिथे पांच बेंड़े बनवाना। 28 और बीचवाला बेंड़ा जो तखà¥à¤¤à¥‹à¤‚के मधà¥à¤¯ में होगा वह तमà¥à¤¬à¥‚ के à¤à¤• सिकà¥à¤•à¥‡ से दूसरे सिकà¥à¤•à¥‡ तक पहà¥à¤‚चे। 29 फिर तखà¥à¤¤à¥‹à¤‚को सोने से मà¥à¤µà¤¾à¤¨à¤¾, और उनके कड़े जो बेंड़ोंके घरोंका काम देंगे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ सोने के बनवाना; और बेड़ोंको à¤à¥€ सोने से मà¥à¤µà¤¾à¤¨à¤¾à¥¤ 30 और निवास को इस रीति खड़ा करना जैसा इस परà¥à¤µà¤¤ पर तà¥à¤à¥‡ दिखाया गया है।। 31 फिर नीले, बैजनी और लाल रंग के और बटी हà¥à¤ˆ सूà¤à¥à¤® सनीवाले कपके का à¤à¤• बीचवाला परà¥à¤¦à¤¾ बनवाना; वह कà¥à¤¾à¤ˆ के काम किथे हà¥à¤ करूबोंके साय बने। 32 और उसको सोने से मà¥à¥‡ हà¥à¤ बबूल के चार खà¥à¤®à¥à¤à¥‹à¤‚पर लटकाना, इनकी अंकडिय़ां सोने की हों, और थे चांदी की चार कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¥‹à¤‚पर खड़ी रहें। 33 और बीचवाले परà¥à¤¦à¥‡ को अंकडिय़ोंके नीचे लटकाकर, उसकी आड़ में साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° का सनà¥à¤¦à¥‚क à¤à¥€à¤¤à¤° लिवा ले जाना; सो वह बीचवाला परà¥à¤¦à¤¾ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ को परमपवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ से अलग किथे रहे। 34 फिर परमपवितà¥à¤° सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° के सनà¥à¤¦à¥‚क के ऊपर पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ के ढकने को रखना। 35 और उस परà¥à¤¦à¥‡ के बाहर निवास की उतà¥à¤¤à¤° अलग मेज़ रखना; और उसकी दकà¥à¤–िन अलंग मेज़ के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ दीवट को रखना। 36 फिर तमà¥à¤¬à¥‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤° के लिथे नीले, बैंजनी और लाल रंग के और बटी हà¥à¤ˆ सूà¤à¥à¤® सनीवाले कपके का कà¥à¤¾à¤ˆ का काम किया हà¥à¤† à¤à¤• परà¥à¤¦à¤¾ बनवाना। 37 और इस परà¥à¤¦à¥‡ के लिथे बबूल के पांच खमà¥à¤à¥‡ बनवाना, और उनको सोने से मà¥à¤µà¤¾à¤¨à¤¾; उनकी कडियां सोने की हो, और उनके लिथे पीतल की पांच कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ ढलवा कर बनवाना।।
1 फिर वेदी को बबूल की लकड़ी की, पांच हाथ लमà¥à¤¬à¥€ और पांच हाथ चौड़ी बनवाना; वेदी चौकोर हो, और उसकी ऊंचाई तीन हाथ की हो। 2 और उसके चारोंकोनोंपर चार सींग बनवाना; वे उस समेत à¤à¤• ही टà¥à¤•à¥œà¥‡ के हों, और उसे पीतल से मà¥à¤µà¤¾à¤¨à¤¾à¥¤ 3 और उसकी राख उठाने के पातà¥à¤°, और फावडिय़ां, और कटोरे, और कांटे, और अंगीठियां बनवाना; उसका कà¥à¤² सामान पीतल का बनवाना। 4 और उसके पीतल की जाली à¤à¤• फंफरी बनवाना; और उसके चारोंसिरोंमें पीतल के चार कड़े लगवाना। 5 और उस फंफरी को वेदी के चारोंओर की कंगनी के नीचे à¤à¤¸à¥‡ लगवाना, कि वह वेदी की ऊंचाई के मधà¥à¤¯ तक पहà¥à¤‚चे। 6 और वेदी के लिथे बबूल की लकड़ी के डणà¥à¤¡à¥‡ बनवाना, और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पीतल से मà¥à¤µà¤¾à¤¨à¤¾à¥¤ 7 और डंडे कड़ोंमें डाले जाà¤à¤‚, कि जब जब वेदी उठाई जाठतब वे उसकी दोनोंअलंगोंपर रहें। 8 वेदी को तखà¥à¤¤à¥‹à¤‚से खोखली बनवाना; जैसी वह इस परà¥à¤µà¤¤ पर तà¥à¤à¥‡ दिखाई गई है वैसी ही बनाई जाà¤à¥¤à¥¤ 9 फिर निवास के आंगन को बनवाना। उसकी दकà¥à¤–िन अलंग के लिथे तो बटी हà¥à¤ˆ सूà¤à¥à¤® सनी के कपके के सब परà¥à¤¦à¥‹à¤‚को मिलाठकि उसकी लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ सौ हाथ की हो; à¤à¤• अलंग पर तो इतना ही हो। 10 और उनके बीस खमà¥à¤à¥‡ बनें, और इनके लिथे पीतल की बीस कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ बनें, और खमà¥à¤à¥‹à¤‚के कà¥à¤¨à¥à¤¡à¥‡ और उनकी पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ चांदी की हों। 11 और उसी à¤à¤¾à¤‚ति आंगन की उतà¥à¤¤à¤° अलंग की लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ में à¤à¥€ सौ हाथ लमà¥à¤¬à¥‡ परà¥à¤¦à¥‡ हों, और उनके à¤à¥€ बीस खमà¥à¤à¥‡ और इनके लिथे à¤à¥€ पीतल के बीस खाने हों; और उन खमà¥à¤à¥‹à¤‚के कà¥à¤¨à¥à¤¡à¥‡ और पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ चांदी की हों। 12 फिर आंगन की चौड़ाई में पचà¥à¤›à¤¿à¤® की ओर पचास हाथ के परà¥à¤¦à¥‡ हों, उनके खमà¥à¤à¥‡ दस और खाने à¤à¥€ दस हों। 13 और पूरब अलंग पर आंगन की चौड़ाई पचास हाथ की हो। 14 और आंगन के दà¥à¤µà¤¾à¤° की à¤à¤• ओर पनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¹ हाथ के परà¥à¤¦à¥‡ हों, और उनके खमà¥à¤à¥‡ तीन और खाने तीन हों। 15 और दूसरी ओर à¤à¥€ पनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¹ हाथ के परà¥à¤¦à¥‡ हों, उनके à¤à¥€ खमà¥à¤à¥‡ तीन और खाने तीन हों। 16 और आंगन के दà¥à¤µà¤¾à¤° के लिथे à¤à¤• परà¥à¤¦à¤¾ बनवाना, जो नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपके और बटी हà¥à¤ˆ सूà¤à¥à¤® सनी के कपके का कामदार बना हà¥à¤† बीस हाथ का हो, उसके खमà¥à¤à¥‡ चार और खाने à¤à¥€ चार हों। 17 आंगन की चारोंओर के सब खमà¥à¤à¥‡ चांदी की पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से जà¥à¥œà¥‡ हà¥à¤ हों, उनके कà¥à¤¨à¥à¤¡à¥‡ चांदी के और खाने पीतल के हों। 18 आंगन की लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ सौ हाथ की, और उसकी चौड़ाई बराबर पचास हाथ की और उसकी कनात की ऊंचाई पांच हाथ की हो, उसकी कनात बटी हà¥à¤ˆ सà¥à¤à¥à¤® सनी के कपके की बने, और खमà¥à¤à¥‹à¤‚के खाने पीतल के हों। 19 निवास के à¤à¤¾à¤‚ति à¤à¤¾à¤‚ति के बरà¥à¤¤à¤¨ और सब सामान और उसके सब खूंटें और आंगन के à¤à¥€ सब खूंटे पीतल ही के हों।। 20 फिर तू इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को आजà¥à¤žà¤¾ देना, कि मेरे पास दीवट के लिथे कूट के निकाला हà¥à¤† जलपाई का निरà¥à¤®à¤² तेल ले आना, जिस से दीपक नितà¥à¤¯ जलता रहे। 21 मिलाप के तमà¥à¤¬à¥‚ में, उस बीचवाले परà¥à¤¦à¥‡ से बाहर जो साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° के आगे होगा, हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤° दीवट सांफ से à¤à¥‹à¤° तक यहोवा के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ सजा कर रखें। यह विधि इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की पीढिय़ोंके लिथे सदैव बनी रहेगी।।
1 फिर तू इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚में से अपके à¤à¤¾à¤ˆ हारून, और नादाब, अबीहू, à¤à¤²à¥€à¤†à¥›à¤¾à¤° और ईतामार नाम उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚को अपके समीप ले आना कि वे मेरे लिथे याजक का काम करें। 2 और तू अपके à¤à¤¾à¤ˆ हारून के लिथे विà¤à¤µ और शोà¤à¤¾ के निमितà¥à¤¤ पवितà¥à¤° वसà¥à¤¤à¥à¤° बनवाना। 3 और जितनोंके हà¥à¤°à¥ƒà¤¦à¤¯ में बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ है, जिनको मैं ने बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ देनेवाली आतà¥à¤®à¤¾ से परिपूरà¥à¤£ किया है, उनको तू हारून के वसà¥à¤¤à¥à¤° बनाने की आजà¥à¤žà¤¾ दे कि वह मेरे निमितà¥à¤¤ याजक का काम करने के लिथे पवितà¥à¤° बनें। 4 और जो वसà¥à¤¤à¥à¤° उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बनाने होंगे वे थे हैं, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ सीनाबनà¥à¤¦; और à¤à¤ªà¥‹à¤¦, और जामा, चार खाने का अंगरखा, पà¥à¤°à¥‹à¤¹à¤¿à¤¤ का टोप, और कमरबनà¥à¤¦; थे ही पवितà¥à¤° वसà¥à¤¤à¥à¤° तेरे à¤à¤¾à¤ˆ हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के लिथे बनाठजाà¤à¤‚ कि वे मेरे लिथे याजक का काम करें। 5 और वे सोने और नीले और बैंजनी और लाल रंग का और सूà¤à¥à¤® सनी का कपड़ा लें।। 6 और वे à¤à¤ªà¥‹à¤¦ को सोने, और नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपके का और बटी हà¥à¤ˆ सूà¤à¥à¤® सनी के कपके का बनाà¤à¤‚, जो कि निपà¥à¤£ कà¥à¤¾à¤ˆ के काम करनेवाले के हाथ का काम हो। 7 और वह इस तरह से जोड़ा जाठकि उसके दोनो कनà¥à¤§à¥‹à¤‚के सिकà¥à¤•à¥‡ आपस में मिले रहें। 8 और à¤à¤ªà¥‹à¤¦ पर जो काà¥à¤¾ हà¥à¤† पटà¥à¤•à¤¾ होगा उसकी बनावट उसी के समान हो, और वे दोनोंबिना जोड़ के हों, और सोने और नीले, बैंजनी और लाल रंगवाले और बटी हà¥à¤ˆ सूà¤à¥à¤® सनीवाले कपके के हों। 9 फिर दो सà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤¨à¥€ मणि लेकर उन पर इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² के पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के नाम खà¥à¤¦à¤µà¤¾à¤¨à¤¾, 10 उनके नामोंमें से छ: तो à¤à¤• मणि पर, और शेष छ: नाम दूसरे मणि पर, इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² के पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° खà¥à¤¦à¤µà¤¾à¤¨à¤¾à¥¤ 11 मणि खोदनेवाले के काम से जैसे छापा खोदा जाता है, वैसे ही उन दो मणियोंपर इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² के पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के नाम खà¥à¤¦à¤µà¤¾à¤¨à¤¾; और उनको सोने के खानोंमें जड़वा देना। 12 और दोनोंमणियोंको à¤à¤ªà¥‹à¤¦ के कनà¥à¤§à¥‹à¤‚पर लगवाना, वे इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के निमितà¥à¤¤ सà¥à¤®à¤°à¤£ दिलवाने वाले मणि ठहरेंगे; अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ हारून उनके नाम यहोवा के आगे अपके दोनोंकनà¥à¤§à¥‹à¤‚पर सà¥à¤®à¤°à¤£ के लिथे लगाठरहे।। 13 फिर सोने के खाने बनवाना, 14 और डोरियोंकी नाईं गूंथे हà¥à¤ दो जंजीर चोखे सोने के बनवाना; और गूंथे हà¥à¤ जंजीरोंको उन खानोंमें जड़वाना। 15 फिर नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ की चपरास को à¤à¥€ कà¥à¤¾à¤ˆ के काम का बनवाना; à¤à¤ªà¥‹à¤¦ की नाईं सोने, और नीले, बैंजनी और लाल रंग के और बटी हà¥à¤ˆ सूà¤à¥à¤® सनी के कपके की उसे बनवाना। 16 वह चौकोर और दोहरी हो, और उसकी लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ और चौड़ाई à¤à¤• à¤à¤• बितà¥à¤¤à¥‡ की हों। 17 और उस में चार पांति मणि जड़ाना। पहिली पांति में तो माणिकà¥à¤¯, पदà¥à¥˜à¤°à¤¾à¤— और लालड़ी हों; 18 दूसरी पांति में मरकत, नीलमणि और हीरा; 19 तीसरी पांति में लशम, सूरà¥à¤¯à¤•à¤¾à¤‚त और नीलम; 20 और चौयी पांति में फीरोजा, सà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤¨à¥€ मणि और यशब हों; थे सब सोने के खानोंमें जड़े जाà¤à¤‚। 21 और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² के पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के जितने नाम हैं उतने मणि हों, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ उनके नामोंकी गिनती के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बारह नाम खà¥à¤¦à¥‡à¤‚, बारहोंगोतà¥à¤°à¥‹à¤‚में से à¤à¤• à¤à¤• का नाम à¤à¤• à¤à¤• मणि पर à¤à¤¸à¥‡ खà¥à¤¦à¥‡ जेसे छापा खोदा जाता है। 22 फिर चपरास पर डोरियोंकी नाई। गूंथे हà¥à¤ चोखे सोने की जंजीर लगवाना; 23 और चपरास में सोने की दो कडिय़ां लगवाना, और दोनोंकडिय़ोंको चपरास के दोनो सिरोंपर लगवाना। 24 और सोने के दोनोंगूंथे जंजीरोंको उन दोनोंकडिय़ोंमें जो चपरास के सिरोंपर होंगी लगवाना; 25 और गूंथे हà¥à¤ दोनो जंजीरोंके दोनोंबाकी सिकà¥à¤•à¥‹à¤‚ दोनोंखानोंमें जड़वा के à¤à¤ªà¥‹à¤¦ के दोनोंकनà¥à¤§à¥‹à¤‚के बंधनोंपर उसके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ लगवाना। 26 फिर सोने की दो और कडिय़ां बनवाकर चपरास के दोनोंसिरोंपर, उसकी उस कोर पर जो à¤à¤ªà¥‹à¤¦ की à¤à¥€à¤¤à¤° की ओर होगी लगवाना। 27 फिर उनके सिवाय सोने की दो और कडिय़ां बनवाकर à¤à¤ªà¥‹à¤¦ के दोनोंकनà¥à¤§à¥‹à¤‚के बंधनोंपर, नीचे से उनके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ और उसके जोड़ के पास à¤à¤ªà¥‹à¤¦ के काà¥à¥‡ हà¥à¤ पटà¥à¤•à¥‡ के ऊपर लगवाना। 28 और चपरास अपकà¥à¤•à¥€ कडिय़ोंके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤ªà¥‹à¤¦ की कडिय़ोंमें नीले फीते से बांधी जाà¤, इस रीति वह à¤à¤ªà¥‹à¤¦ के काà¥à¥‡ हà¥à¤ पटà¥à¤•à¥‡ पर बनी रहे, और चपरास à¤à¤ªà¥‹à¤¦ पर से अलग न होने पाà¤à¥¤ 29 और जब जब हारून पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करे, तब तब वह नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ की चपरास पर अपके हà¥à¤°à¥ƒà¤¦à¤¯ के ऊपर इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के नामोंको लगाठरहे, जिस से यहोवा के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ उनका सà¥à¤®à¤°à¤£ नितà¥à¤¯ रहे। 30 और तू नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ की चपरास में ऊरीम और तà¥à¤®à¥à¤®à¥€à¤® को रखना, और जब जब हारून यहोवा के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करे, तब तब वे उसके हà¥à¤°à¥ƒà¤¦à¤¯ के ऊपर हों; इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° हारून इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ पदारà¥à¤¯ को अपके हà¥à¤°à¥ƒà¤¦à¤¯ के ऊपर यहोवा के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ नितà¥à¤¯ लगाठरहे।। 31 फिर à¤à¤ªà¥‹à¤¦ के बागे को समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ नीले रंग का बनवाना। 32 और उसकी बनावट à¤à¤¸à¥€ हो कि उसके बीच में सिर डालने के लिथे छेद हो, और उस छेद की चारोंओर बखतर के छेद की सी à¤à¤• बà¥à¤¨à¥€ हà¥à¤ˆ कोर हो, कि वह फटने न पाà¤à¥¤ 33 और उसके नीचेवाले घेरे में चारोंओर नीेले, बैंजनी और लाल रंग के कपके के अनार बनवाना, और उनके बीच बीच चारोंओर सोने की घंटीयां लगवाना, 34 अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ à¤à¤• सोने की घंटी और à¤à¤• अनार, फिर à¤à¤• सोने की घंटी और à¤à¤• अनार, इसी रीति बागे के नीचेवाले घेरे में चारोंओर à¤à¤¸à¤¾ ही हो। 35 और हारून à¤à¤• बागे को सेवा टहल करने के समय पहिना करे, कि जब जब वह पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ के à¤à¥€à¤¤à¤° यहोवा के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ जाà¤, वा बाहर निकले, तब तब उसका शबà¥à¤¦ सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ दे, नहीं तो वह मर जाà¤à¤—ा। 36 फिर चोखे सोने का à¤à¤• टीका बनवाना, और जैसे छापे में वैसे ही उस में थे अà¤à¤° खोदें जाà¤à¤‚, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ यहोवा के लिथे पवितà¥à¤°à¥¤ 37 और उसे नीले फीते से बांधना; और वह पगड़ी के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ के हिसà¥à¤¸à¥‡ पर रहे। 38 और हारून के माथे पर रहे, इसलिथे कि इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ जो कà¥à¤› पवितà¥à¤° ठहराà¤à¤‚, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ जितनी पवितà¥à¤° वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚ à¤à¥‡à¤‚ट में चà¥à¤¾à¤µà¥‡à¤‚ उन पवितà¥à¤° वसà¥à¤¤à¥à¤“ं का दोष हारून उठाठरहे, और वह नितà¥à¤¯ उसके माथे पर रहे, जिस से यहोवा उन से पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ रहे।। 39 और अंगरखे को सूà¤à¥à¤® सनी के कपके का चारखाना बà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤¨à¤¾, और à¤à¤• पगड़ी à¤à¥€ सूà¤à¥à¤® सनी के कपके की बनवाना, और कारचोबी काम किया हà¥à¤† à¤à¤• कमरबनà¥à¤¦ à¤à¥€ बनवाना।। 40 फिर हारून के पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के लिथे à¤à¥€ अंगरखे और कमरबनà¥à¤¦ और टोपियां बनवाना; थे वसà¥à¤¤à¥à¤° à¤à¥€ विà¤à¤µ और शोà¤à¤¾ के लिथे बनें। 41 अपके à¤à¤¾à¤ˆ हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚को थे ही सब वसà¥à¤¤à¥à¤° पहिनाकर उनका अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• और संसà¥à¤•à¤¾à¤° करना, और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पवितà¥à¤° करना, कि वे मेरे लिथे याजक का काम करें। 42 और उनके लिथे सनी के कपके की जांघिया बनवाना जिन से उनका तन ढपा रहे; वे कमर से जांघ तक की हों; 43 और जब जब हारून वा उसके पà¥à¤¤à¥à¤° मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करें, वा पवितà¥à¤° सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में सेवा टहल करने को वेदी के पास जाà¤à¤‚ तब तब वे उन जांघियोंको पहिने रहें, न हो कि वे पापी ठहरें और मर जाà¤à¤‚। यह हारून के लिथे और उसके बाद उसके वंश के लिथे à¤à¥€ सदा की विधि ठहरें।।
1 और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पवितà¥à¤° करने को जो काम तà¥à¤à¥‡ उन से करना है, कि वे मेरे लिथे याजक का काम करें वह यह है। à¤à¤• निरà¥à¤¦à¥‹à¤· बछड़ा और दो निरà¥à¤¦à¥‹à¤· मेंà¥à¥‡ लेना, 2 और अखमीरी रोटी, और तेल से सने हà¥à¤ मैदे के अखमीरी फà¥à¤²à¤•à¥‡, और तेल से चà¥à¤ªà¤•à¥à¤•à¥€ हà¥à¤ˆ अखमीरी पपडिय़ां à¤à¥€ लेना। थे सब गेहूं के मैदे के बनवाना। 3 इनको à¤à¤• टोकरी में रखकर उस टोकरी को उस बछड़े और उन दोनोंमेंà¥à¥‹ समेत समीप ले आना। 4 फिर हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚को मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤° के समीप ले आकर जल से नहलाना। 5 तब उन वोंको लेकर हारून को अंगरखा ओर à¤à¤ªà¥‹à¤¦ का बागा पहिनाना, और à¤à¤ªà¥‹à¤¦ और चपरास बानà¥à¤§à¤¨à¤¾, और à¤à¤ªà¥‹à¤¦ का काà¥à¤¾ हà¥à¤† पटà¥à¤•à¤¾ à¤à¥€ बानà¥à¤§à¤¨à¤¾; 6 और उसके सिर पर पगड़ी को रखना, और पगड़ी पर पवितà¥à¤° मà¥à¤•à¥à¤Ÿ को रखना। 7 तब अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• का तेल ले उसके सिर पर डालकर उसका अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• करना। 8 फिर उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚को समीप ले आकर उनको अंगरखे पहिनाना, 9 और उसके अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के कमर बानà¥à¤§à¤¨à¤¾ और उनके सिर पर टोपियां रखना; जिस से याजक के पद पर सदा उनका हक रहे। इसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚का संसà¥à¤•à¤¾à¤° करना। 10 और बछड़े को मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ समीप ले आना। और हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤° बछड़े के सिर पर अपके अपके हाथ रखें, 11 तब उस बछड़े को यहोवा के समà¥à¤®à¥à¤– मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤° पर बलिदान करना, 12 और बछड़े के लोहू में से कà¥à¤› लेकर अपकà¥à¤•à¥€ उंगली से वेदी के सींगोंपर लगाना, और शेष सब लोहू को वेदी के पाठपर उंडेल देना 13 और जिस चरबी से अंतडिय़ां ढपी रहती हैं, और जो फिलà¥à¤²à¥€ कलेजे के ऊपर होती है, उनको और दोनो गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚को उनके ऊपर की चरबी समेत लेकर सब को वेदी पर जलाना। 14 और बछड़े का मांस, और खाल, और गोबर, छावनी से बाहर आग में जला देना; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह पापबलि होगा। 15 फिर à¤à¤• मेà¥à¤¾ लेना, और हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤° उसके सिर पर अपके अपके हाथ रखें, 16 तब उस मेà¥à¥‡à¤‚ को बलि करना, और उसका लोहू लेकर वेदी पर चारोंओर छिड़कना। 17 और उस मेà¥à¥‡ को टà¥à¤•à¥œà¥‡ टà¥à¤•à¥œà¥‡ काटना, और उसकी अंतडिय़ोंऔर पैरोंको धोकर उसके टà¥à¤•à¥œà¥‹à¤‚और सिर के ऊपर रखना, 18 तब उस पूरे मेà¥à¥‡ को वेदी पर जलाना; वह तो यहोवा के लिथे होमबलि होगा; वह सà¥à¤–दायक सà¥à¤—नà¥à¤§ और यहोवा के लिथे हवन होगा। 19 फिर दूसरे मेà¥à¥‡ को लेना; और हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤° उसके सिर पर अपके अपके हाथ रखें, 20 तब उस मेंड़े को बलि करना, और उसके लोहू में से कà¥à¤› लेकर हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के दहिने कान के सिकà¥à¤•à¥‡ पर, और उनके दहिने हाथ और दहिने पांव के अंगूठोंपर लगाना, और लोहू को वेदी पर चारोंओर छिड़क देना। 21 फिर वेदी पर के लोहू, और अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• के तेल, इन दोनो में से कà¥à¤› कà¥à¤› लेकर हारून और उसके वोंपर, और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚और उनके वोंपर à¤à¥€ छिड़क देना; तब वह अपके वोंसमेत और उसके पà¥à¤¤à¥à¤° à¤à¥€ अपके अपके वोंसमेत पवितà¥à¤° हो जाà¤à¤‚गे। 22 तब मेà¥à¥‡ को संसà¥à¤•à¤¾à¤°à¤µà¤¾à¤²à¤¾ जानकर उस में से चरबी और मोटी पूंछ को, और जिस चरबी से अंतडिय़ां ढपी रहती हैं उसको, और कलेजे पर की फिलà¥à¤²à¥€ को, और चरबी समेत दोनोंगà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚को, और दहिने पà¥à¤Ÿà¥à¤ े को लेना, 23 और अखमीरी रोटी की टोकरी जो यहोवा के आगे धरी होगी उस में से à¤à¥€ à¤à¤• रोटी, और तेल से सने हà¥à¤ मैदे का à¤à¤• फà¥à¤²à¤•à¤¾, और à¤à¤• पपकà¥à¤•à¥€ लेकर, 24 इन सब को हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के हाथोंमें रखकर हिलाठजाने की à¤à¥‡à¤‚ट ठहराके यहोवा के आगे हिलाया जाà¤à¥¤ 25 तब उन वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को उनके हाथोंसे लेकर होमबलि की वेदी पर जला देना, जिस से वह यहोवा के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ सà¥à¤–दायक सà¥à¤—नà¥à¤§ ठहरे; वह तो यहोवा के लिथे हवन होगा। 26 फिर हारून के संसà¥à¤•à¤¾à¤° को जो मेंà¥à¤¾ होगा उसकी छाती को लेकर हिलाठजाने की à¤à¥‡à¤‚ट के लिथे यहोवा के आगे हिलाना; और वह तेरा à¤à¤¾à¤— ठहरेगा। 27 और हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के संसà¥à¤•à¤¾à¤° का जो मेà¥à¤¾ होगा, उस में से हिलाठजाने की à¤à¥‡à¤‚टवाली छाती जो हिलाई जाà¤à¤—ी, और उठाठजाने का à¤à¥‡à¤‚टवाला पà¥à¤Ÿà¥à¤ ा जो उठाया जाà¤à¤—ा, इन दोनोंको पवितà¥à¤° ठहराना। 28 और थे सदा की विधि की रीति पर इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की ओर से उसका और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚का à¤à¤¾à¤— ठहरे, कयोंकि थे उठाठजाने की à¤à¥‡à¤‚टें ठहरी हैं; और यह इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की ओर से उनके मेलबलियोंमें से यहोवा के लिथे उठाठजाने की à¤à¥‡à¤‚ट होगी। 29 और हारून के जो पवितà¥à¤° वसà¥à¤¤à¥à¤° होंगे वह उसके बाद उसके बेटे पोते आदि को मिलते रहें, जिस से उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ को पहिने हà¥à¤ उनका अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• और संसà¥à¤•à¤¾à¤° किया जाà¤à¥¤ 30 उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के जो उसके सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ पर याजक होगा, वह जब पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ में सेवा टहल करने को मिलाप वाले तमà¥à¤¬à¥‚ में पहिले आà¤, तब उन वोंको सात दिन तक पहिने रहें। 31 फिर याजक के संसà¥à¤•à¤¾à¤° का जो मेà¥à¤¾ होगा उसे लेकर उसका मांस किसी पवितà¥à¤° सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में पकाना; 32 तब हारून अपके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚समेत उस मेढे का मांस और टोकरी की रोटी, दोनोंको मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤° पर खाà¤à¥¤ 33 और जिन पदारà¥à¤¯à¥‹à¤‚से उनका संसà¥à¤•à¤¾à¤° और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पवितà¥à¤° करने के लिथे पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ किया जाà¤à¤—ा उनको तो वे खाà¤à¤‚, परनà¥à¤¤à¥ पराठकà¥à¤² का कोई उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ न खाने पाà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे पवितà¥à¤° होंगे। 34 और यदि संसà¥à¤•à¤¾à¤°à¤µà¤¾à¤²à¥‡ मांस वा रोटी में से कà¥à¤› बिहान तक बचा रहे, तो उस बचे हà¥à¤ को आग में जलाना, वह खाया न जाà¤; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह पवितà¥à¤° होगा। 35 और मैं ने तà¥à¤à¥‡ जो जो आजà¥à¤žà¤¾ दी हैं, उन सà¤à¥‹à¤‚के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° तू हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚से करना; और सात दिन तक उनका संसà¥à¤•à¤¾à¤° करते रहना, 36 अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ पापबलि का à¤à¤• बछड़ा पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ के लिथे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ चà¥à¤¾à¤¨à¤¾à¥¤ और वेदी को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ करने के समय शà¥à¤¦à¥à¤§ करना, और उसे पवितà¥à¤° करने के लिथे उसका अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• करना। 37 सात दिन तक वेदी के लिथे पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ करके उसे पवितà¥à¤° करना, और वेदी परम पवितà¥à¤° ठहरेगी; और जो कà¥à¤› उस से छू जाà¤à¤—ा वह à¤à¥€ पवितà¥à¤° हो जाà¤à¤—ा।। 38 जो तà¥à¤à¥‡ वेदी पर नितà¥à¤¯ चà¥à¤¾à¤¨à¤¾ होगा वह यह है; अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ à¤à¤• à¤à¤• वरà¥à¤· के दो à¤à¥‡à¥œà¥€ के बचà¥à¤šà¥‡à¥¤ 39 à¤à¤• à¤à¥‡à¥œ के बचà¥à¤šà¥‡ को तो à¤à¥‹à¤° के समय, और दूसरे à¤à¥‡à¥œ के बचà¥à¤šà¥‡ को गोधूलि के समय चà¥à¤¾à¤¨à¤¾à¥¤ 40 और à¤à¤• à¤à¥‡à¥œ के बचà¥à¤šà¥‡ के संग हीन की चौयाई कूटके निकाले हà¥à¤ तेल से सना हà¥à¤† à¤à¤ªà¤¾ का दसवां à¤à¤¾à¤— मैदा, और अरà¥à¤˜ के लिथे ही की चौयाई दाखमधॠदेना। 41 और दूसरे à¤à¥‡à¥œ के बचà¥à¤šà¥‡ को गोधूलि के समय चà¥à¤¾à¤¨à¤¾, और उसके साय à¤à¥‹à¤° की रीति अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अनà¥à¤¨à¤¬à¤²à¤¿ और अरà¥à¤˜ दोनोंदेना, जिस से वह सà¥à¤–दायक सà¥à¤—नà¥à¤§ और यहोवा के लिथे हवन ठहरे। 42 तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ पीà¥à¥€ पीà¥à¥€ में यहोवा के आगे मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤° पर नितà¥à¤¯ à¤à¤¸à¤¾ ही होमबलि हà¥à¤† करे; यह वह सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ है जिस में मैं तà¥à¤® लोगोंसे इसलिथे मिला करूंगा, कि तà¥à¤ से बातें करूं। 43 और मैं इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से वहीं मिला करूंगा, और वह तमà¥à¤¬à¥‚ मेरे तेज से पवितà¥à¤° किया जाà¤à¤—ा। 44 और मैं मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ और वेदी को पवितà¥à¤° करूंगा, और हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚को à¤à¥€ पवितà¥à¤° करूंगा, कि वे मेरे लिथे याजक का काम करें। 45 और मैं इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के मधà¥à¤¯ निवास करूंगा, और उनका परमेशà¥à¤µà¤° ठहरूंगा। 46 तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा उनका परमेशà¥à¤µà¤° हूं, जो उनको मिसà¥à¤° देश से इसलिथे निकाल ले आया, कि उनके मधà¥à¤¯ निवास करूं; मैं ही उनका परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा हूं।।
1 फिर धूप जलाने के लिथे बबूल की लकड़ी की वेदी बनाना। 2 उसकी लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ à¤à¤• हाथ और चौड़ाई à¤à¤• हाथ की हो, वह चौकोर हो, और उसकी ऊंचाई दो हाथ की हो, और उसके सींग उसी टà¥à¤•à¥œà¥‡ से बनाठजाà¤à¤‚। 3 और वेदी के ऊपरवाले पलà¥à¤²à¥‡ और चारोंओर की अलंगोंऔर सींगोंको चोखे सोने से मà¥à¤¨à¤¾, और इसकी चारोंओर सोने की à¤à¤• बाड़ बनाना। 4 और इसकी बाड़ के नीचे इसके दानोंपलà¥à¤²à¥‡ पर सोने के दो दो कड़े बनाकर इसके दोनोंओर लगाना, वे इसके उठाने के डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚के खानोंका काम देंगे। 5 और डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚को बबूल की लकड़ी के बनाकर उनको सोने से मà¥à¤¨à¤¾à¥¤ 6 और तू उसको उस परà¥à¤¦à¥‡ के आगे रखना जो साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° के सनà¥à¤¦à¥‚क के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ है, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ वाले ढकने के आगे जो साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° के ऊपर है, वहीं मैं तà¥à¤ से मिला करूंगा। 7 और उसी वेदी पर हारून सà¥à¤—नà¥à¤§à¤¿à¤¤ धूप जलाया करे; पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ à¤à¥‹à¤° को जब वह दीपक को ठीक करे तब वह धूप को जलाà¤, 8 तब गोधूलि के समय जब हारून दीपकोंको जलाठतब धूप जलाया करे, यह धूप यहोवा के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ पीà¥à¥€ पीà¥à¥€ में नितà¥à¤¯ जलाया जाà¤à¥¤ 9 और उस वेदी पर तà¥à¤® और पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° का धूप न जलाना, और न उस पर होमबलि और न अनà¥à¤¨à¤¬à¤²à¤¿ चà¥à¤¾à¤¨à¤¾; और न इस पर अरà¥à¤˜ देना। 10 और हारून वरà¥à¤· में à¤à¤• बार इसके सींगोंपर पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ करे; और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ पीà¥à¥€ पीà¥à¥€ में वरà¥à¤· में à¤à¤• बार पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ लिया जाà¤; यह यहोवा के लिथे परमपवितà¥à¤° है।। 11 और तब यहोवा ने मूसा से कहा, 12 जब तू इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚कि गिनती लेने लगे, तब वे गिनने के समय जिनकी गिनती हà¥à¤ˆ हो अपके अपके पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹à¤‚के लिथे यहोवा को पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ दें, जिस से जब तू उनकी गिनती कर रहा हो उस समय कोई विपतà¥à¤¤à¤¿ उन पर न आ पके। 13 जितने लोग गिने जाà¤à¤‚ वे पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ के शेकेल के लिथे आधा शेकेल दें, यह शेकेल बीस गेरा का होता है, यहोवा की à¤à¥‡à¤‚ट आधा शेकेल हो। 14 बीस वरà¥à¤· के वा उस से अधिक अवसà¥à¤¯à¤¾ के जितने गिने जाà¤à¤‚ उन में से à¤à¤• à¤à¤• जन यहोवा की à¤à¥‡à¤‚ट दे। 15 जब तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹à¤‚के पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ के निमितà¥à¤¤ यहोवा की à¤à¥‡à¤‚ट दी जाà¤, तब न तो धनी लोग आधे शेकेल से अधिक दें, और न कंगाल लोग उस से कम दें। 16 और तू इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ का रूपया लेकर मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के काम में लगाना; जिस से वह यहोवा के समà¥à¤®à¥à¤– इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के सà¥à¤®à¤°à¤£à¤¾à¤°à¥à¤¯ चिनà¥à¤¹ ठहरे, और उनके पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥‹à¤‚का पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ à¤à¥€ हो।। 17 और यहोवा ने मूसा से कहा, 18 धोने के लिथे पीतल की à¤à¤• हौदी और उसका पाया पीतल का बनाना। और उसके मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ और वेदी के बीच में रखकर उस में जल à¤à¤° देना; 19 और उस में हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤° अपके अपके हाथ पांव धोया करें। 20 जब जब वे मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करें तब तब वे हाथ पांव जल से धोà¤à¤‚, नहीं तो मर जाà¤à¤‚गे; और जब जब वे वेदी के पास सेवा टहल करने, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ यहोवा के लिथे हवà¥à¤¯ जलाने को आà¤à¤‚ तब तब वे हाथ पांव धोà¤à¤‚, न हो कि मर जाà¤à¤‚। 21 यह हारून और उसके पीà¥à¥€ पीà¥à¥€ के वंश के लिथे सदा की विधि ठहरे।। 22 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, 23 तू मà¥à¤–à¥à¤¯ मà¥à¤–à¥à¤¯ सà¥à¤—नà¥à¤§ दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ के शेकेल के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पांच सौ शेकेल अपके आप निकला हà¥à¤† गनà¥à¤§à¤°à¤¸, और उसका आधा, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ अà¥à¤¾à¤ˆ सौ शेकेल सà¥à¤—नà¥à¤§à¤¿à¤¤ अगर, 24 और पांच सौ शेकेल तज, और à¤à¤• हीन जलपाई का तेल लेकर 25 उन से अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• का पवितà¥à¤° तेल, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ गनà¥à¤§à¥€ की रीति से तैयार किया हà¥à¤† सà¥à¤—नà¥à¤§à¤¿à¤¤ तेल बनवाना; यह अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• का पवितà¥à¤° तेल ठहरे। 26 और उस से मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ का, और साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° के सनà¥à¤¦à¥‚क का, 27 और सारे सामान समेत मेज़ का, और सामान समेत दीवट का, और धूपकेदी का, 28 और सारे सामान समेत होमवेदी का, और पाठसमेत हौदी का अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• करना। 29 और उनको पवितà¥à¤° करना, जिस से वे परमपवितà¥à¤° ठहरें; और जो कà¥à¤› उन से छू जाà¤à¤—ा वह पवितà¥à¤° हो जाà¤à¤—ा। 30 फिर हारून का उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के साय अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• करना, और इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मेरे लिथे याजक का काम करने के लिथे पवितà¥à¤° करना। 31 और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को मेरी यह आजà¥à¤žà¤¾ सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¤¾, कि वह तेल तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ पीà¥à¥€ पीà¥à¥€ में मेरे लिथे पवितà¥à¤° अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• का तेल होगा। 32 वह किसी मनà¥à¤·à¥à¤¯ की देह पर न डाला जाà¤, और मिलावट में उसके समान और कà¥à¤› न बनाना; वह तो पवितà¥à¤° होगा, वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे पवितà¥à¤° होगा। 33 जो कोई उसके समान कà¥à¤› बनाà¤, वा जो कोई उस में से कà¥à¤› पराठकà¥à¤²à¤µà¤¾à¤²à¥‡ पर लगाà¤, वह अपके लोगोंमें से नाश किया जाà¤à¥¤à¥¤ 34 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, बोल, नखी और कà¥à¤¨à¥à¤¦à¤°à¥‚, थे सà¥à¤—नà¥à¤§ दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ निरà¥à¤®à¤² लोबान समेत ले लेना, थे सब à¤à¤• तौल के हों, 35 और इनका धूप अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ लोन मिलाकर गनà¥à¤§à¥€ की रीति के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° चोखा और पवितà¥à¤° सà¥à¤—नà¥à¤§ दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ बनवाना; 36 फिर उस में से कà¥à¤› पीसकर बà¥à¤•à¤¨à¥€ कर डालना, तब उस में से कà¥à¤› मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ में साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° के आगे, जहां पर मैं तà¥à¤ से मिला करूंगा वहां रखना; वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे परमपवितà¥à¤° होगा। 37 और जो धूप तू बनवाà¤à¤—ा, मिलावट में उसके समान तà¥à¤® लोग अपके लिथे और कà¥à¤› न बनवाना; वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ आगे यहोवा के लिथे पवितà¥à¤° होगा। 38 जो कोई सूंघने के लिथे उसके समान कà¥à¤› बनाठवह अपके लोगोंमें से नाश किया जाà¤à¥¤à¥¤
1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, 2 सà¥à¤¨, मैं ऊरी के पà¥à¤¤à¥à¤° बसलेल को, जो हूर का पोता और यहूदा के गोतà¥à¤° का है, नाम लेकर बà¥à¤²à¤¾à¤¤à¤¾ हूं। 3 और मैं उसको परमेशà¥à¤µà¤° की आतà¥à¤®à¤¾ से जो बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿, पà¥à¤°à¤µà¥€à¤£à¤¤à¤¾, जà¥à¤žà¤¾à¤¨, और सब पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚की समठदेनेवाली आतà¥à¤®à¤¾ है परिपूरà¥à¤£ करता हूं, 4 जिस से वह कारीगरी के कारà¥à¤¯ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ से निकाल निकालकर सब à¤à¤¾à¤‚ति की बनावट में, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ सोने, चांदी, और पीतल में, 5 और जड़ने के लिथे मणि काटने में, और लकड़ी के खोदने में काम करे। 6 और सà¥à¤¨, मैं दान के गोतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤²à¥‡ अहीसामाक के पà¥à¤¤à¥à¤° ओहोलीआब को उसके संग कर देता हूं; वरन जितने बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ है उन सà¤à¥‹à¤‚के हà¥à¤°à¥ƒà¤¦à¤¯ में मैं बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ देता हूं, जिस से जितनी वसà¥à¤¤à¥à¤“ं की आजà¥à¤žà¤¾ मैं ने तà¥à¤à¥‡ दी है उन सà¤à¥‹à¤‚को वे बनाà¤à¤‚; 7 अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ मिलापवाला तमà¥à¤¬à¥‚, और साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° का सनà¥à¤¦à¥‚क, और उस पर का पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤à¤µà¤¾à¤²à¤¾ ढकना, और तमà¥à¤¬à¥‚ का सारा सामान, 8 और सामान सहित मेज़, और सारे सामान समेत चोखे सोने की दीवट, और धूपकेदी, 9 और सारे सामान सहित होमवेदी, और पाठसमेत हौदी, 10 और काà¥à¥‡ हà¥à¤ वसà¥à¤¤à¥à¤°, और हारून याजक के याजकवाले काम के पवितà¥à¤° वसà¥à¤¤à¥à¤°, और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के वसà¥à¤¤à¥à¤°, 11 और अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• का तेल, और पवितà¥à¤° सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ के लिथे सà¥à¤—नà¥à¤§à¤¿à¤¤ धूप, इन सà¤à¥‹à¤‚को वे उन सब आजà¥à¤žà¤¾à¤“ं के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बनाà¤à¤‚ जो मैं ने तà¥à¤à¥‡ दी हैं।। 12 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, 13 तू इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से यह à¤à¥€ कहना, कि निशà¥à¤šà¤¯ तà¥à¤® मेरे विशà¥à¤°à¤®à¤¦à¤¿à¤¨à¥‹à¤‚को मानना, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ पीà¥à¥€ पीà¥à¥€ में मेरे और तà¥à¤® लोगोंके बीच यह à¤à¤• चिनà¥à¤¹ ठहरा है, जिस से तà¥à¤® यह बात जान रखो कि यहोवा हमारा पवितà¥à¤° करनेहारा है। 14 इस कारण तà¥à¤® विशà¥à¤°à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ को मानना, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे पवितà¥à¤° ठहरा है; जो उसको अपवितà¥à¤° करे वह निशà¥à¤šà¤¯ मार डाला जाà¤; जो कोई उस दिन में से कà¥à¤› कामकाज करे वह पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ अपके लोगोंके बीच से नाश किया जाà¤à¥¤ 15 छ: दिन तो काम काज किया जाà¤, पर सातवां दिन परमविशà¥à¤°à¤® का दिन और यहोवा के लिथे पवितà¥à¤° है; इसलिथे जो कोई विशà¥à¤°à¤® के दिन में कà¥à¤› काम काज करे वह निशà¥à¤šà¤¯ मार डाला जाà¤à¥¤ 16 सो इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ विशà¥à¤°à¤®à¤¦à¤¿à¤¨ को माना करें, वरन पीà¥à¥€ पीà¥à¥€ में उसको सदा की वाचा का विषय जानकर माना करें। 17 वह मेरे और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के बीच सदा à¤à¤• चिनà¥à¤¹ रहेगा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि छ: दिन में यहोवा ने आकाश और पृयà¥à¤µà¥€ को बनाया, और सातवें दिन विशà¥à¤°à¤® करके अपना जी ठणà¥à¤¡à¤¾ किया।। 18 जब परमेशà¥à¤µà¤° मूसा से सीनै परà¥à¤µà¤¤ पर à¤à¤¸à¥€ बातें कर चà¥à¤•à¤¾, तब उस ने उसको अपकà¥à¤•à¥€ उंगली से लिखी हà¥à¤ˆ साà¤à¥€ देनेवाली पतà¥à¤¯à¤° की दोनोंतखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ दी।।
1 जब लोगोंने देखा कि मूसा को परà¥à¤µà¤¤ से उतरने में विलमà¥à¤¬ हो रहा है, तब वे हारून के पास इकटà¥à¤ े होकर कहने लगे, अब हमारे लिथे देवता बना, जो हमारे आगे आगे चले; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उस पà¥à¤°à¥‚ष मूसा को जो हमें मिसà¥à¤° देश से निकाल ले आया है, हम नहीं जानते कि उसे कà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤†? 2 हारून ने उन से कहा, तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और बेटे बेटियोंके कानोंमें सोने की जो बालियां है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तोड़कर उतारो, और मेरे पास ले आओ। 3 तब सब लोगोंने उनके कानोंसे सोने की बालियोंको तोड़कर उतारा, और हारून के पास ले आà¤à¥¤ 4 और हारून ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उनके हाथ से लिया, और à¤à¤• बछड़ा ढालकर बनाया, और टांकी से गà¥à¤¾; तब वे कहने लगे, कि हे इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² तेरा परमेशà¥à¤µà¤° जो तà¥à¤à¥‡ मिसà¥à¤° देश से छà¥à¥œà¤¾ लाया है वह यही है। 5 यह देखके हारून ने उसके आगे à¤à¤• वेदी बनवाई; और यह पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° किया, कि कल यहोवा के लिथे परà¥à¤¬à¥à¤¬ होगा। 6 और दूसरे दिन लोगोंने तड़के उठकर होमबलि चà¥à¤¾à¤, और मेलबलि ले आà¤; फिर बैठकर खाया पिया, और उठकर खेलने लगे।। 7 तब यहोवा ने मूसा से कहा, नीचे उतर जा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोग, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तू मिसà¥à¤° देश से निकाल ले आया है, सो बिगड़ गठहैं; 8 और जिस मारà¥à¤— पर चलने की आजà¥à¤žà¤¾ मैं ने उनको दी यी उसको फटपट छोड़कर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤• बछड़ा ढालकर बना लिया, फिर उसको दणà¥à¤¡à¤µà¤¤à¥â€Œ किया, और उसके लिथे बलिदान à¤à¥€ चà¥à¤¾à¤¯à¤¾, और यह कहा है, कि हे इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ परमेशà¥à¤µà¤° जो तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिसà¥à¤° देश से छà¥à¥œà¤¾ ले आया है वह यही है। 9 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, मैं ने इन लोगोंको देखा, और सà¥à¤¨, वे हठीले हैं। 10 अब मà¥à¤à¥‡ मत रोक, मेरा कोप उन पर à¤à¥œà¤• उठा है जिस से मैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¸à¥à¤® करूं; परनà¥à¤¤à¥ तà¥à¤ से à¤à¤• बड़ी जाति उपजाऊंगा। 11 तब मूसा अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा को यह कहके मनाने लगा, कि हे यहोवा, तेरा कोप अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ पर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚à¤à¥œà¤•à¤¾ है, जिसे तू बड़े सामरà¥à¤¯à¥à¤¯ और बलवनà¥à¤¤ हाथ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मिसà¥à¤° देश से निकाल लाया है? 12 मिसà¥à¤°à¥€ लोग यह कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कहने पाà¤, कि वह उनको बà¥à¤°à¥‡ अà¤à¤¿à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤¯ से, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ पहाड़ोंमें घात करके धरती पर से मिटा डालने की मनसा से निकाल ले गया? तू अपके à¤à¥œà¤•à¥‡ हà¥à¤ कोप को शांत कर, और अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ को à¤à¤¸à¥€ हानि पहà¥à¤šà¤¾à¤¨à¥‡ से फिर जा। 13 अपके दास इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤®, इसहाक, और याकूब को सà¥à¤®à¤°à¤£ कर, जिन से तू ने अपकà¥à¤•à¥€ ही किरिया खाकर यह कहा या, कि मै तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ वंश को आकाश के तारोंके तà¥à¤²à¥à¤¯ बहà¥à¤¤ करूंगा, और यह सारा देश जिसकी मैं ने चरà¥à¤šà¤¾ की है तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ वंश को दूंगा, कि वह उसके अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¥€ सदैव बने रहें। 14 तब यहोवा अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ की हानि करने से जो उन ने कहा या पछताया।। 15 तब मूसा फिरकर साà¤à¥€ की दानोंतखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को हाथ में लिथे हà¥à¤ पहाड़ से उतर गया, उन तखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के तो इधर और उधर दोनोंअलंगोंपर कà¥à¤› लिखा हà¥à¤† या। 16 और वे तखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ परमेशà¥à¤µà¤° की बनाई हà¥à¤ˆ यीं, और उन पर जो खोदकर लिखा हà¥à¤† या वह परमेशà¥à¤µà¤° का लिखा हà¥à¤† या।। 17 जब यहोशू को लोगोंके कोलाहल का शबà¥à¤¦ सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ पड़ा, तब उस ने मूसा से कहा, छावनी से लड़ाई का सा शबà¥à¤¦ सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ देता है। 18 उस ने कहा, वह जो शबà¥à¤¦ है वह न तो जीतनेवालोंका है, और न हारनेवालोंका, मà¥à¤à¥‡ तो गाने का शबà¥à¤¦ सà¥à¤¨ पड़ता है। 19 छावनी के पास आते ही मूसा को वह बछड़ा और नाचना देख पड़ा, तब मूसा का कोप à¤à¥œà¤• उठा, और उस ने तखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को अपके हाथोंसे परà¥à¤µà¤¤ के नीचे पटककर तोड़ डाला। 20 तब उस ने उनके बनाठहà¥à¤ बछड़े को लेकर आग में डालके फूंक दिया। और पीसकर चूर चूर कर डाला, और जल के ऊपर फेंक दिया, और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को उसे पिलवा दिया। 21 तब मूसा हारून से कहने लगा, उन लोगोंने तà¥à¤ से कà¥à¤¯à¤¾ किया कि तू ने उनको इतने बड़े पाप में फंसाया? 22 हारून ने उतà¥à¤¤à¤° दिया, मेरे पà¥à¤°à¤à¥ का कोप न à¤à¥œà¤•à¥‡; तू तो उन लोगोंको जानता ही है कि वे बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ में मन लगाठरहते हैं। 23 और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मà¥à¤ से कहा, कि हमारे लिथे देवता बनवा जो हमारे आगे आगे चले; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उस पà¥à¤°à¥‚ष मूसा को, जो हमें मिसà¥à¤° देश से छà¥à¥œà¤¾ लाया है, हम नहीं जानते कि उसे कà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤†? 24 तब मैं ने उन से कहा, जिस जिसके पास सोने के गहनें हों, वे उनको तोड़कर उतार लाà¤à¤‚; और जब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मà¥à¤ को दिया, मैं ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आग में डाल दिया, तब यह बछड़ा निकल पड़ा 25 हारून ने उन लोगोंको à¤à¤¸à¤¾ निरंकà¥à¤¶ कर दिया या कि वे अपके विरोधियोंके बीच उपहास के योगà¥à¤¯ हà¥à¤, 26 उनको निरंकà¥à¤¶ देखकर मूसा ने छावनी के निकास पर खड़े होकर कहा, जो कोई यहोवा की ओर का हो वह मेरे पास आà¤; तब सारे लेवीय उस के पास इकटà¥à¤ े हà¥à¤à¥¤ 27 उस ने उन से कहा, इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² का परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा योंकहता है, कि अपकà¥à¤•à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ जांघ पर तलवार लटका कर छावनी से à¤à¤• निकास से दूसरे निकास तक घूम घूमकर अपके अपके à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚, संगियों, और पड़ोसिकà¥à¤•à¥‹à¤‚ घात करो। 28 मूसा के इस वचन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° लेवियोंने किया और उस दिन तीन हजार के अटकल लोग मारे गà¤à¥¤ 29 फिर मूसा ने कहा, आज के दिन यहोवा के लिथे अपना याजकपद का संसà¥à¤•à¤¾à¤° करो, वरन अपके अपके बेटोंऔर à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚के à¤à¥€ विरूदà¥à¤§ होकर à¤à¤¸à¤¾ करो जिस से वह आज तà¥à¤® को आशीष दे। 30 दूसरे दिन मूसा ने लोगोंसे कहा, तà¥à¤® ने बड़ा ही पाप किया है। अब मैं यहोवा के पास चॠजाऊंगा; समà¥à¤à¤µ है कि मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पाप का पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ कर सकूं। 31 तब मूसा यहोवा के पास जाकर कहने लगा, कि हाथ, हाथ, उन लोगोंने सोने का देवता बनवाकर बड़ा ही पाप किया है। 32 तौà¤à¥€ अब तू उनका पाप à¤à¤®à¤¾ कर नहीं तो अपकà¥à¤•à¥€ लिखी हà¥à¤ˆ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में से मेरे नाम को काट दे। 33 यहोवा ने मूसा से कहा, जिस ने मेरे विरूदà¥à¤§ पाप किया है उसी का नाम मैं अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में से काट दूंगा। 34 अब तो तू जाकर उन लोगोंको उस सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में ले चल जिसकी चरà¥à¤šà¤¾ मैं ने तà¥à¤ से की यी; देख मेरा दूत तेरे आगे आगे चलेगा। परनà¥à¤¤à¥ जिस दिन मैं दणà¥à¤¡ देने लगूंगा उस दिन उनको इस पाप का à¤à¥€ दणà¥à¤¡ दूंगा। 35 और यहोवा ने उन लोगोंपर विपतà¥à¤¤à¤¿ डाली, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हारून के बनाठहà¥à¤ बछड़े को उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ ने बनवाया या।
1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, तू उन लोगोंको जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिसà¥à¤° देश से छà¥à¥œà¤¾ लाया है संग लेकर उस देश को जा, जिसके विषय मैं ने इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤®, इसहाक, और याकूब से शपय खाकर कहा या, कि मैं उसे तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ वंश को दूंगा। 2 और मैं तेरे आगे आगे à¤à¤• दूत को à¤à¥‡à¤œà¥‚ंगा, और कनानी, à¤à¤®à¥‹à¤°à¥€, हितà¥à¤¤à¥€, परिजà¥à¤œà¥€, हिबà¥à¤¬à¥€, और यबूसी लोगोंको बरबस निकाल दूंगा। 3 तà¥à¤® लोग उस देश को जाओ जिस में दूध और मधॠकी धारा बहती है; परनà¥à¤¤à¥ तà¥à¤® हठीले हो, इस कारण मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ बीच में होके न चलूंगा, à¤à¤¸à¤¾ न हो कि मैं मारà¥à¤— में तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ अनà¥à¤¤ कर डालूं। 4 यह बà¥à¤°à¤¾ समाचार सà¥à¤¨à¤•à¤° वे लोग विलाप करने लगे; और कोई अपके गहने पहिने हà¥à¤ न रहा। 5 कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहोवा ने मूसा से कह दिया या, कि इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को मेरा यह वचन सà¥à¤¨à¤¾, कि तà¥à¤® लोग तो हठीले हो; जो मै पल à¤à¤° के लिथे तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ बीच होकर चलूं, तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ अनà¥à¤¤ कर डालूंगा। इसलिथे अब अपके अपके गहने अपके अंगोंसे उतार दो, कि मैं जानूं कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ साय कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤à¥¤ 6 तब इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ होरेब परà¥à¤µà¤¤ से लेकर आगे को अपके गहने उतारे रहे।। 7 मूसा तमà¥à¤¬à¥‚ को छावनी से बाहर वरन दूर खड़ा कराया करता या, और उसको मिलापवाला तमà¥à¤¬à¥‚ कहता या। और जो कोई यहोवा को ढूंà¥à¤¤à¤¾ वह उस मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के पास जो छावनी के बाहर या निकल जाता या। 8 और जब जब मूसा तमà¥à¤¬à¥‚ के पास जाता, तब तब सब लोग उठकर अपके अपके डेरे के दà¥à¤µà¤¾à¤° पर खड़े हो जाते, और जब तक मूसा उस तमà¥à¤¬à¥‚ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ न करता या तब तक उसकी ओर ताकते रहते थे। 9 और जब मूसा उस तमà¥à¤¬à¥‚ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता या, तब बादल का खमà¥à¤à¤¾ उतर के तमà¥à¤¬à¥‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤° पर ठहर जाता या, और यहोवा मूसा से बातें करने लगता या। 10 और सब लोग जब बादल के खमà¥à¤à¥‡ को तमà¥à¤¬à¥‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤° पर ठहरा देखते थे, तब उठकर अपके अपके डेरे के दà¥à¤µà¤¾à¤° पर से दणà¥à¤¡à¤µà¤¤à¥â€Œ करते थे। 11 और यहोवा मूसा से इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° आमà¥à¤¹à¤¨à¥‡-सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ बातें करता या, जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° कोई अपके à¤à¤¾à¤ˆ से बातें करे। और मूसा तो छावनी में फिर आता या, पर यहोशू नाम à¤à¤• जवान, जो नून का पà¥à¤¤à¥à¤° और मूसा का टहलà¥à¤† या, वह तमà¥à¤¬à¥‚ में से न निकलता या।। 12 और मूसा ने यहोवा से कहा, सà¥à¤¨ तू मà¥à¤ से कहता है, कि इन लोगोंको ले चल; परनà¥à¤¤à¥ यह नहीं बताया कि तू मेरे संग किसको à¤à¥‡à¤œà¥‡à¤—ा। तौà¤à¥€ तू ने कहा है, कि तेरा नाम मेरे चितà¥à¤¤ में बसा है, और तà¥à¤ पर मेरे अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ है। 13 और अब यदि मà¥à¤ पर तेरे अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ हो, तो मà¥à¤à¥‡ अपकà¥à¤•à¥€ गति समà¤à¤¾ दे, जिस से जब मैं तेरा जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पाऊं तब तेरे अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ मà¥à¤ पर बनी रहे। फिर इसकी à¤à¥€ सà¥à¤§à¤¿ कर कि यह जाति तेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ है। 14 यहोवा ने कहा, मैं आप चलूंगा और तà¥à¤à¥‡ विशà¥à¤°à¤® दूंगा। 15 उस ने उस से कहा, यदि तू आप न चले, तो हमें यहां से आगे न ले जा। 16 यह कैसे जाना जाठकि तेरे अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ मà¥à¤ पर और अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ पर है? कà¥à¤¯à¤¾ इस से नहीं कि तू हमारे संग संग चले, जिस से मैं और तेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोग पृयà¥à¤µà¥€ à¤à¤° के सब लोगोंसे अलग ठहरें? 17 यहोवा ने मूसा से कहा, मैं यह काम à¤à¥€ जिसकी चरà¥à¤šà¤¾ तू ने की है करूंगा; कयोंकि मेरे अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ तà¥à¤ पर है, और तेरा नाम मेरे चितà¥à¤¤ में बसा है। 18 उस ने कहा मà¥à¤à¥‡ अपना तेज दिखा दे। 19 उस ने कहा, मैं तेरे समà¥à¤®à¥à¤– होकर चलते हà¥à¤ तà¥à¤à¥‡ अपकà¥à¤•à¥€ सारी à¤à¤²à¤¾à¤ˆ दिखाऊंगा, और तेरे समà¥à¤®à¥à¤– यहोवा नाम का पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करूंगा, और जिस पर मैं अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ करना चाहूं उसी पर अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ करूंगा, और जिस पर दया करना चांहू उसी पर दया करूंगा। 20 फिर उस ने कहा, तू मेरे मà¥à¤– का दरà¥à¤¶à¤¨ नहीं कर सकता; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मनà¥à¤·à¥à¤¯ मेरे मà¥à¤– का दरà¥à¤¶à¤¨ करके जीवित नहीं रह सकता। 21 फिर यहोवा ने कहा, सà¥à¤¨, मेरे पास à¤à¤• सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ है, तू उस चटà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨ पर खड़ा हो; 22 और जब तक मेरा तेज तेरे सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ होके चलता रहे तब तक मै तà¥à¤à¥‡ चटà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨ के दरार में रखूंगा, और जब तक मैं तेरे सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ होकर न निकल जाऊं तब तक अपके हाथ से तà¥à¤à¥‡ ढांपे रहूंगा; 23 फिर मैं अपना हाथ उठा लूंगा, तब तू मेरी पीठका तो दरà¥à¤¶à¤¨ पाà¤à¤—ा, परनà¥à¤¤à¥ मेरे मà¥à¤– का दरà¥à¤¶à¤¨ नहीं मिलेगा।।
1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, पहिली तखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के समान पतà¥à¤¯à¤° की दो और तखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ गॠले; तब जो वचन उन पहिली तखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚पर लिखे थे, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तू ने तोड़ डाला, वे ही वचन मैं उन तखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚पर à¤à¥€ लिखूंगा। 2 और बिहान को तैयार रहना, और à¤à¥‹à¤° को सीनै परà¥à¤µà¤¤ पर चà¥à¤•à¤° उसकी चोटी पर मेरे सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ खड़ा होना। 3 और तेरे संग कोई न चॠपाà¤, वरन परà¥à¤µà¤¤ à¤à¤° पर कोई मनà¥à¤·à¥à¤¯ कहीं दिखाई न दे; और न à¤à¥‡à¥œ-बकरी और गाय-बैल à¤à¥€ परà¥à¤µà¤¤ के आगे चरते पाà¤à¤‚। 4 तब मूसा ने पहिली तखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के समान दो और तखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ गà¥à¥€; और बिहान को सवेरे उठकर अपके हाथ में पतà¥à¤¯à¤° की वे दोनोंतखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ लेकर यहोवा की आजà¥à¤žà¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° परà¥à¤µà¤¤ पर चॠगया। 5 तब यहोवा ने बादल में उतरके उसके संग वहां खड़ा होकर यहोवा नाम का पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° किया। 6 और यहोवा उसके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ होकर योंपà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करता हà¥à¤† चला, कि यहोवा, यहोवा, ईशà¥à¤µà¤° दयालॠऔर अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹à¤•à¤¾à¤°à¥€, कोप करने में धीरजवनà¥à¤¤, और अति करूणामय और सतà¥à¤¯, 7 हजारोंपीढिय़ोंतब निरनà¥à¤¤à¤° करूणा करनेवाला, अधरà¥à¤® और अपराध और पाप का à¤à¤®à¤¾ करनेवाला है, परनà¥à¤¤à¥ दोषी को वह किसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° निरà¥à¤¦à¥‹à¤· न ठहराà¤à¤—ा, वह पितरोंके अधरà¥à¤® का दणà¥à¤¡ उनके बेटोंवरन पोतोंऔर परपोतोंको à¤à¥€ देनेवाला है। 8 तब मूसा ने फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€ कर पृयà¥à¤µà¥€ की ओर फà¥à¤•à¤•à¤° दणà¥à¤¡à¤µà¤¤à¥â€Œ की। 9 और उस ने कहा, हे पà¥à¤°à¤à¥, यदि तेरे अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ मà¥à¤ पर हो तो पà¥à¤°à¤à¥, हम लोगोंके बीच में होकर चले, थे लोग हठीले तो हैं, तौà¤à¥€ हमारे अधरà¥à¤® और पाप को à¤à¤®à¤¾ कर, और हमें अपना निज à¤à¤¾à¤— मानके गà¥à¤°à¤¹à¤£ कर। 10 उस ने कहा, सà¥à¤¨, मैं à¤à¤• वाचा बानà¥à¤§à¤¤à¤¾ हूं। तेरे सब लोगोंके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ मैं à¤à¤¸à¥‡ आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ करà¥à¤® करूंगा जैसा पृयà¥à¤µà¥€ पर और सब जातियोंमें कà¤à¥€ नहीं हà¥à¤; और वे सारे लोग जिनके बीच तू रहता है यहोवा के कारà¥à¤¯ को देखेंगे; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जो मैं तà¥à¤® लोगोंसे करने पर हूं वह à¤à¤¯ योगà¥à¤¯ काम है। 11 जो आजà¥à¤žà¤¾ मैं आज तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ देता हूं उसे तà¥à¤® लोग मानना। देखो, मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ आगे से à¤à¤®à¥‹à¤°à¥€, कनानी, हितà¥à¤¤à¥€, परिजà¥à¤œà¥€, हिबà¥à¤¬à¥€, और यबूसी लोगोंको निकालता हूं। 12 इसलिथे सावधान रहना कि जिस देश में तू जानेवाला है उसके निवासिकà¥à¤•à¥‹à¤‚ वाचा न बानà¥à¤§à¤¨à¤¾; कहीं à¤à¤¸à¤¾ न हो कि वह तेरे लिथे फंदा ठहरे। 13 वरन उनकी वेदियोंको गिरा देना, उनकी लाठोंको तोड़ डालना, और उनकी अशेरा नाम मूतिरà¥à¤¯à¥‹à¤‚को काट डालना; 14 कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ किसी दूसरे को ईशà¥à¤µà¤° करके दणà¥à¤¡à¤µà¤¤à¥â€Œ करने की आजà¥à¤žà¤¾ नहीं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहोवा जिसका नाम जलनशील है, वह जल उठनेवाला ईशà¥à¤µà¤° है ही, 15 à¤à¤¸à¤¾ न हो कि तू उस देश के निवासिकà¥à¤•à¥‹à¤‚ वाचा बानà¥à¤§à¥‡, और वे अपके देवताओं के पीछे होने का वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° करें, और उनके लिथे बलिदान à¤à¥€ करें, और कोई तà¥à¤à¥‡ नेवता दे और तू à¤à¥€ उसके बलिपशॠका पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ खाà¤, 16 और तू उनकी बेटियोंको अपके बेटोंके लिथे लावे, और उनकी बेटियां जो आप अपके देवताओं के पीछे होने का वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° करती है तेरे बेटोंसे à¤à¥€ अपके देवताओं के पीछे होने को वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° करवाà¤à¤‚। 17 तà¥à¤® देवताओं की मूतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ ढालकर न बना लेना। 18 अखमीरी रोटी का परà¥à¤¬à¥à¤¬ मानना। उस में मेरी आजà¥à¤žà¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आबीब महीने के नियत समय पर सात दिन तक अखमीरी रोटी खाया करना; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तू मिसà¥à¤° से आबीब महीने में निकल आया। 19 हर à¤à¤• पहिलौठा मेरा है; और कà¥à¤¯à¤¾ बछड़ा, कà¥à¤¯à¤¾ मेमà¥à¤¨à¤¾, तेरे पशà¥à¤“ं में से जो नर पहिलौठे होंवे सब मेरे ही हैं। 20 और गदही के पहिलौठे की सनà¥à¤¤à¥€ मेमà¥à¤¨à¤¾ देकर उसको छà¥à¥œà¤¾à¤¨à¤¾, यदि तू उसे छà¥à¥œà¤¾à¤¨à¤¾ न चाहे तो उसकी गरà¥à¤¦à¤¨ तोड़ देना। परनà¥à¤¤à¥ अपके सब पहिलौठे बेटोंको बदला देकर छà¥à¥œà¤¾à¤¨à¤¾à¥¤ मà¥à¤à¥‡ कोई छूछे हाथ अपना मà¥à¤‚ह न दिखाà¤à¥¤ 21 छ: दिन तो परिशà¥à¤°à¥à¤® करना, परनà¥à¤¤à¥ सातवें दिन विशà¥à¤°à¤® करना; वरन हल जोतने और लवने के समय में à¤à¥€ विशà¥à¤°à¤® करना। 22 और तू अठवारोंका परà¥à¤¬à¥à¤¬ मानना जो पहिले लवे हà¥à¤ गेहूं का परà¥à¤¬à¥à¤¬ कहलाता है, और वरà¥à¤· के अनà¥à¤¤ में बटोरन का à¤à¥€ परà¥à¤¬à¥à¤¬ मानना। 23 वरà¥à¤· में तीन बार तेरे सब पà¥à¤°à¥‚ष इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² के परमेशà¥à¤µà¤° पà¥à¤°à¤à¥ यहोवा को अपके मà¥à¤‚ह दिखाà¤à¤‚। 24 मैं तो अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को तेरे आगे से निकालकर तेरे सिवानोंको बà¥à¤¾à¤Šà¤‚गा; और जब तू अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा को अपना मà¥à¤‚ह दिखाने के लिथे वरà¥à¤· में तीन बार आया करे, तब कोई तेरी à¤à¥‚मि का लालच न करेगा। 25 मेरे बलिदान के लोहू को खमीर सहित न चà¥à¤¾à¤¨à¤¾, और न फसह के परà¥à¤¬à¥à¤¬ के बलिदान में से कà¥à¤› बिहान तक रहने देना। 26 अपकà¥à¤•à¥€ à¤à¥‚मि की पहिली उपज का पहिला à¤à¤¾à¤— अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा के à¤à¤µà¤¨ में ले आना। बकरी के बचà¥à¤šà¥‡ को उसकी मां के दूध में ने सिफाना। 27 और यहोवा ने मूसा से कहा, थे वचन लिख ले; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ वचनोंके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मैं तेरे और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² के साय वाचा बानà¥à¤§à¤¤à¤¾ हूं। 28 मूसा तो वहां यहोवा के संग चालीस दिन और रात रहा; और तब तक न तो उस ने रोटी खाई और न पानी पिया। और उस ने उन तखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚पर वाचा के वचन अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ दस आजà¥à¤žà¤¾à¤à¤‚ लिख दीं।। 29 जब मूसा साà¤à¥€ की दोनोंतखà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हाथ में लिथे हà¥à¤ सीनै परà¥à¤µà¤¤ से उतरा आता या तब यहोवा के साय बातें करने के कारण उसके चेहरे से किरणें निकल रही यी।, परनà¥à¤¤à¥ वह यह नहीं जानता या कि उसके चेहरे से किरणें निकल रही हैं। 30 जब हारून और सब इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने मूसा को देखा कि उसके चेहरे से किरणें निकलती हैं, तब वे उसके पास जाने से डर गà¤à¥¤ 31 तब मूसा ने उनको बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾; और हारून मणà¥à¤¡à¤²à¥€ के सारे पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚समेत उसके पास आया, और मूसा उन से बातें करने लगा। 32 इसके बाद सब इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ पास आà¤, और जितनी आजà¥à¤žà¤¾à¤à¤‚ यहोवा ने सीनै परà¥à¤µà¤¤ पर उसके साय बात करने के समय दी यीं, वे सब उस ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बताईं। 33 जब तक मूसा उन से बात न कर चà¥à¤•à¤¾ तब तक अपके मà¥à¤‚ह पर ओà¥à¤¨à¤¾ डाले रहा। 34 और जब जब मूसा à¤à¥€à¤¤à¤° यहोवा से बात करने को उसके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ जाता तब तब वह उस ओà¥à¤¨à¥€ को निकलते समय तक उतारे हà¥à¤ रहता या; फिर बाहर आकर जो जो आजà¥à¤žà¤¾ उसे मिलती उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से कह देता या। 35 सो इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ मूसा का चेहरा देखते थे कि उस से किरणें निकलती हैं; और जब तक वह यहोवा से बात करने को à¤à¥€à¤¤à¤° न जाता तब तक वह उस ओà¥à¤¨à¥€ को डाले रहता या।।
1 मूसा ने इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सारी मणà¥à¤¡à¤²à¥€ इकटà¥à¤ ी करके उन से कहा, जिन कामोंके करने की आजà¥à¤žà¤¾ यहोवा ने दी है वे थे हैं। 2 छ: दिन तो काम काज किया जाà¤, परनà¥à¤¤à¥ सातवां दिन तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे पवितà¥à¤° और यहोवा के लिथे परमविशà¥à¤°à¤® का दिन ठहरे; उस में जो कोई काम काज करे वह मार डाला जाà¤; 3 वरन विशà¥à¤°à¤® के दिन तà¥à¤® अपके अपके घरोंमें आग तक न जलाना।। 4 फिर मूसा ने इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सारी मणà¥à¤¡à¤²à¥€ से कहा, जिस बात की आजà¥à¤žà¤¾ यहोवा ने दी है वह यह है। 5 तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास से यहोवा के लिथे à¤à¥‡à¤‚ट ली जाà¤, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ जितने अपकà¥à¤•à¥€ इचà¥à¤›à¤¾ से देना चाहें वे यहोवा की à¤à¥‡à¤‚ट करके थे वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚ ले आà¤à¤‚; अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ सोना, रूपा, पीतल; 6 नीले, बैंजनी और लाल रंग का कपड़ा, सूà¤à¥à¤® सनी का कपड़ा; बकरी का बाल, 7 लाल रंग से रंगी हà¥à¤ˆ मेà¥à¥‹à¤‚की खालें, सà¥à¤‡à¤¸à¥‹à¤‚की खालें; बबूल की लकड़ी, 8 उजियाला देने के लिथे तेल, अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• का तेल, और धूप के लिथे सà¥à¤—नà¥à¤§à¤¦à¥à¤°à¤µà¥à¤¯, 9 फिर à¤à¤ªà¥‹à¤¦ और चपरास के लिथे सà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤¨à¥€ मणि और जड़ने के लिथे मणि। 10 और तà¥à¤® में से जितनोंके हà¥à¤°à¥ƒà¤¦à¤¯ में बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ का पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤¶ है वे सब आकर जिस जिस वसà¥à¤¤à¥ की आजà¥à¤žà¤¾ यहोवा ने दी है वे सब बनाà¤à¤‚। 11 अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ तमà¥à¤¬à¥‚, और ओहार समेत निवास, और उसकी घà¥à¤‚डी, तखà¥à¤¤à¥‡, बेंड़े, खमà¥à¤à¥‡ और कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚; 12 फिर डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚समेत सनà¥à¤¦à¥‚क, और पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ का ढकना, और बीचवाला परà¥à¤¦à¤¾; 13 डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚और सब सामान समेत मेज़, और à¤à¥‡à¤‚ट की रोटियां; 14 सामान और दीपकोंसमेत उजियाला देनेवाला दीवट, और उजियाला देने के लिथे तेल; 15 डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚समेत धूपकेदी, अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• का तेल, सà¥à¤—नà¥à¤§à¤¿à¤¤ धूप, और निवास के दà¥à¤µà¤¾à¤° का परà¥à¤¦à¤¾; 16 पीतल की फंफरी, डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚आदि सारे सामान समेत होमवेदी, पाठसमेत होदी; 17 खमà¥à¤à¥‹à¤‚और उनकी कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¥‹à¤‚समेत आंगन के परà¥à¤¦à¥‡, और आंगन के दà¥à¤µà¤¾à¤° के परà¥à¤¦à¥‡; 18 निवास और आंगन दोनोंके खूंटे, और डोरियां; 19 पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ में सेवा टहल करने के लिथे काà¥à¥‡ हà¥à¤ वसà¥à¤¤à¥à¤°, और याजक का काम करने के लिथे हारून याजक के पवितà¥à¤° वसà¥à¤¤à¥à¤°, और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के वसà¥à¤¤à¥à¤° à¤à¥€à¥¤à¥¤ 20 तब इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सारी मणà¥à¤¡à¤²à¥€ मूसा के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ से लौट गई। 21 और जितनोंको उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ हà¥à¤†, और जितनोंके मन में à¤à¤¸à¥€ इचà¥à¤›à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤ˆ यी, वे मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के काम करने और उसकी सारी सेवकाई और पवितà¥à¤° वोंके बनाने के लिथे यहोवा की à¤à¥‡à¤‚ट ले आने लगे। 22 कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€, कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‚ष, जितनोंके मन में à¤à¤¸à¥€ इचà¥à¤›à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤ˆ à¤à¥€ वे सब जà¥à¤—नू, नयà¥à¤¨à¥€, मà¥à¤‚दरी, और कंगन आदि सोने के गहने ले आने लगे, इस à¤à¤‚ाति जितने मनà¥à¤·à¥à¤¯ यहोवा के लिथे सोने की à¤à¥‡à¤‚ट के देनेवाले थे वे सब उनको ले आà¤à¥¤ 23 और जिस जिस पà¥à¤°à¥‚ष के पास नीले, बैंजनी वा लाल रंग का कपड़ा वा सूà¤à¥à¤® सनी का कपड़ा, वा बकरी का बाल, वा लाल रंग से रंगी हà¥à¤ˆ मेà¥à¥‹à¤‚की खालें, वा सूइसोंकी खालें यी वे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ले आà¤à¥¤ 24 फिर जितने चांदी, वा पीतल की à¤à¥‡à¤‚ट के देनेवाले थे वे यहोवा के लिथे वैसी à¤à¥‡à¤‚ट ले आà¤; और जिस जिसके पास सेवकाई के किसी काम के लिथे बबूल की लकड़ी यी वे उसे ले आà¤à¥¤ 25 और जितनी सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के हà¥à¤°à¥ƒà¤¦à¤¯ में बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ का पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤¶ या वे अपके हाथोंसे सूत कात कातकर नीले, बैंजनी और लाल रंग के, और सूà¤à¥à¤® सनी के काते हà¥à¤ सूत को ले आई। 26 और जितनी सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के मन में à¤à¤¸à¥€ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ का पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤¶ या उनà¥à¤¹à¥‹ ने बकरी के बाल à¤à¥€ काते। 27 और पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ लोग à¤à¤ªà¥‹à¤¦ और चपरास के लिथे सà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤¨à¥€ मणि, और जड़ने के लिथे मणि, 28 और उजियाला देने और अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• और धूप के सà¥à¤—नà¥à¤§à¤¦à¥à¤°à¤µà¥à¤¯ और तेल ले आथे। 29 जिस जिस वसà¥à¤¤à¥ के बनाने की आजà¥à¤žà¤¾ यहोवा ने मूसा के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दी यी उसके लिथे जो कà¥à¤› आवशà¥à¤¯à¤• या, उसे वे सब पà¥à¤°à¥‚ष और सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ ले आई, जिनके हà¥à¤°à¥ƒà¤¦à¤¯ में à¤à¤¸à¥€ इचà¥à¤›à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤ˆ यी। इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ यहोवा के लिथे अपकà¥à¤•à¥€ ही इचà¥à¤›à¤¾ से à¤à¥‡à¤‚ट ले आà¤à¥¤à¥¤ 30 तब मूसा ने इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से कहा सà¥à¤¨à¥‹, यहोवा ने यहूदा के गोतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤²à¥‡ बसलेल को, जो ऊरी का पà¥à¤¤à¥à¤° और हूर का पोता है, नाम लेकर बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ है। 31 और उस ने उसको परमेशà¥à¤µà¤° के आतà¥à¤®à¤¾ से à¤à¤¸à¤¾ परिपूरà¥à¤£ किया हे कि सब पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की बनावट के लिथे उसको à¤à¤¸à¥€ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿, समà¤, और जà¥à¤žà¤¾à¤¨ मिला है, 32 कि वह कारीगरी की यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ निकालकर सोने, चांदी, और पीतल में, 33 और जड़ने के लिथे मणि काटने में और लकड़ी के खोदने में, वरन बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ से सब à¤à¤¾à¤‚ति की निकाली हà¥à¤ˆ बनावट में काम कर सके। 34 फिर यहोवा ने उसके मन में और दान के गोतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤²à¥‡ अहीसामाक के पà¥à¤¤à¥à¤° ओहोलीआब के मन में à¤à¥€ शिà¤à¤¾ देने की शकà¥à¤¤à¤¿ दी है। 35 इन दोनोंके हà¥à¤°à¥ƒà¤¦à¤¯ को यहोवा ने à¤à¤¸à¥€ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ से परिपूरà¥à¤£ किया है, कि वे खोदने और गà¥à¤¨à¥‡ और नीले, बैजनी और लाल रंग के कपके, और सूà¤à¥à¤® सनी के कपके में काà¥à¤¨à¥‡ और बà¥à¤¨à¤¨à¥‡, वरन सब पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की बनावट में, और बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ से काम निकालने में सब à¤à¤¾à¤‚ति के काम करें।।
1 और बसलेल और ओहोलीआब और सब बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ जिनको यहोवा ने à¤à¤¸à¥€ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ और समठदी हो, कि वे यहोवा की सारी आजà¥à¤žà¤¾à¤“ं के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ की सेवकाई के लिथे सब पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° का काम करना जानें, वे सब यह काम करें।। 2 तब मूसा ने बसलेल और ओहोलीआब और सब बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚को जिनके हà¥à¤°à¥ƒà¤¦à¤¯ में यहोवा ने बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ का पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤¶ दिया या, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ जिस जिसको पास आकर काम करने का उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ हà¥à¤† या उन सà¤à¥‹à¤‚को बà¥à¤²à¤µà¤¾à¤¯à¤¾à¥¤ 3 और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¥€ जो जो à¤à¥‡à¤‚ट पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ की सेवकाई के काम और उसके बनाने के लिथे ले आठथे, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उन पà¥à¤°à¥‚षोंने मूसा के हाथ से ले लिया। तब à¤à¥€ लोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¥‹à¤° को उसके पास à¤à¥‡à¤‚ट अपकà¥à¤•à¥€ इचà¥à¤›à¤¾ से लाते रहें; 4 और जितने बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ का काम करते थे वे सब अपना अपना काम छोड़कर मूसा के पास आà¤, 5 और कहने लगे, जिस काम के करने की आजà¥à¤žà¤¾ यहोवा ने दी है उसके लिथे जितना चाहिथे उससे अधिक वे ले आठहैं। 6 तब मूसा ने सारी छावनी में इस आजà¥à¤žà¤¾ का पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करवाया, कि कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‚ष, कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€, कोई पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ के लिथे और à¤à¥‡à¤‚ट न लाà¤, इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° लोग और à¤à¥‡à¤‚ट लाने से रोके गà¤à¥¤ 7 कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सब काम बनाने के लिथे जितना सामान आवशà¥à¤¯à¤• या उतना वरन उससे अधिक बनाने वालोंके पास आ चà¥à¤•à¤¾ या।। 8 और काम करनेवाले जितने बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ थे उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने निवास के लिथे बटी हà¥à¤ˆ सूà¤à¥à¤® सनी के कपके के, और नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपके के दस पटोंको काà¥à¥‡ हà¥à¤ करूबोंसहित बनाया। 9 à¤à¤• à¤à¤• पट की लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ अटà¥à¤ ाईस हाथ और चौड़ाई चार हाथ की हà¥à¤ˆ; सब पट à¤à¤• ही नाप के बने। 10 उस ने पांच पट à¤à¤• दूसरे से जोड़ दिà¤, और फिर दूसरे पांच पट à¤à¥€ à¤à¤• दूसरे से जोड़ दिà¤à¥¤ 11 और जहां थे पट जोड़े गठवहां की दोनोंछोरोंपर उस ने पीली नीली फलियां लगाईं। 12 उस ने दोनोंछोरोंमें पचास पचास फलियां इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° लगाई कि वे आमà¥à¤¹à¤¨à¥‡-सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ हà¥à¤ˆà¥¤ 13 और उस ने सोने की पचास घà¥à¤‚डियां बनाई, और उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पटोंको à¤à¤• दूसरे से à¤à¤¸à¤¾ जोड़ा कि निवास मिलकर à¤à¤• हो गया। 14 फिर निवास के ऊपर के तमà¥à¤¬à¥‚ के लिथे उस ने बकरी के बाल के गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¹ पट बनाà¤à¥¤ 15 à¤à¤• à¤à¤• पट की लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ तीस हाथ और चौड़ाई चार हाथ की हà¥à¤ˆ; और गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¹à¥‹à¤‚पट à¤à¤• ही नाप के थे। 16 इन में से उस ने पांच पट अलग और छ: पट अलग जोड़ दिà¤à¥¤ 17 और जहां दोनोंजोड़े गठवहां की छोरोंमें उस ने पचास पचास फलियां लगाईं। 18 और उस ने तमà¥à¤¬à¥‚ के जोड़ने के लिथे पीतल की पचास घà¥à¤‚डियां à¤à¥€ बनाई जिस से वह à¤à¤• हो जाà¤à¥¤ 19 और उस ने तमà¥à¤¬à¥‚ के लिथे लाल रंग से रंगी हà¥à¤ˆ मेंà¥à¥‹à¤‚की खालोंका à¤à¤• ओà¥à¤¨à¤¾ और उसके ऊपर के लिथे सूइसोंकी खालोंका à¤à¥€ à¤à¤• ओà¥à¤¨à¤¾ बनाया। 20 फिर उस ने निवास के लिथे बबूल की लकड़ी के तखà¥à¤¤à¥‹à¤‚को खड़े रहने के लिथे बनाया। 21 à¤à¤• à¤à¤• तखà¥à¤¤à¥‡ की लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ दस हाथ और चौड़ाई डेॠहाथ की हà¥à¤ˆà¥¤ 22 à¤à¤• à¤à¤• तखà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• दूसरी से जोड़ी हà¥à¤ˆ दो दो चूलें बनीं, निवास के सब तखà¥à¤¤à¥‹à¤‚के लिथें उस ने इसी à¤à¤‚ाति बनाईं। 23 और उस ने निवास के लिथे तखà¥à¤¤à¥‹à¤‚को इस रीति से बनाया, कि दकà¥à¤–िन की ओर बीस तखà¥à¤¤à¥‡ लगे। 24 और इन बीसोंतखà¥à¤¤à¥‹à¤‚के नीचे चांदी की चालीस कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ à¤à¤• à¤à¤• तखà¥à¤¤à¥‡ के नीचे उसकी दो चूलोंके लिथे उस ने दो कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ बनाईं। 25 और निवास की दूसरी अलंग, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ उतà¥à¤¤à¤° की ओर के लिथे à¤à¥€ उस ने बीस तखà¥à¤¤à¥‡ बनाà¤à¥¤ 26 और इनके लिथे à¤à¥€ उस ने चांदी की चालीस कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ à¤à¤• à¤à¤• तखà¥à¤¤à¥‡ के नीचे दो दो कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ बनाईं। 27 और निवास की पिछली अलंग, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ पशà¥à¤šà¤¿à¤® ओर के लिथे उस ने छ: तखà¥à¤¤à¥‡ बनाà¤à¥¤ 28 और पिछली अलंग में निवास के कोनोंके लिथे उस ने दो तखà¥à¤¤à¥‡ बनाà¤à¥¤ 29 और वे नीचे से दो दो à¤à¤¾à¤— के बने, और दोनोंà¤à¤¾à¤— ऊपर से सिकà¥à¤•à¥‡ तक उन दोनोंतखà¥à¤¤à¥‹à¤‚का ढब à¤à¤¸à¤¾ ही बनाया। 30 इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° आठतखà¥à¤¤à¥‡ हà¥à¤, और उनकी चांदी की सोलह कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ हà¥à¤ˆà¤‚, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ à¤à¤• à¤à¤• तखà¥à¤¤à¥‡ के नीचे दो दो कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ हà¥à¤ˆà¤‚। 31 फिर उस ने बबूल की लकड़ी के बेंड़े बनाà¤, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ निवास की à¤à¤• अलंग के तखà¥à¤¤à¥‹à¤‚के लिथे पांच बेंड़े, 32 और निवास की दूसरी अलंग के तखà¥à¤¤à¥‹à¤‚के लिथे पांच बेंड़े, और निवास की जो अलंग पशà¥à¤šà¤¿à¤® ओर पिछले à¤à¤¾à¤— में यी उसके लिथे à¤à¥€ पांच बेंड़े, बनाà¤à¥¤ 33 और उस ने बीचवाले बेंड़े को तखà¥à¤¤à¥‹à¤‚के मधà¥à¤¯ में तमà¥à¤¬à¥‚ के à¤à¤• सिकà¥à¤•à¥‡ से दूसरे सिकà¥à¤•à¥‡ तक पहà¥à¤‚चने के लिथे बनाया। 34 और तखà¥à¤¤à¥‹à¤‚को उस ने सोने से मà¥à¤¾, और बेंड़ोंके घर को काम देनेवाले कड़ोंको सोने के बनाया, और बेंड़ोंको à¤à¥€ सोने से मà¥à¤¾à¥¤à¥¤ 35 फिर उस ने नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपके का, और बटी हà¥à¤ˆ सूà¤à¥à¤® सनीवाले कपके का बीचवाला परà¥à¤¦à¤¾ बनाया; वह कà¥à¤¾à¤ˆ के काम किथे हà¥à¤ करूबोंके साय बना। 36 और उस ने उसके लिथे बबूल के चार खमà¥à¤à¥‡ बनाà¤, और उनको सोने से मà¥à¤¾; उनकी घà¥à¤‚डियां सोने की बनी, और उस ने उनके लिथे चांदी की चार कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ ढालीं। 37 और उस ने तमà¥à¤¬à¥‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤° के लिथे नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपके का, और बटी हà¥à¤ˆ सूà¤à¥à¤® सनी के कपके का कà¥à¤¾à¤ˆ का काम किया हà¥à¤† परà¥à¤¦à¤¾ बनाया। 38 और उस ने घà¥à¤‚डियोंसमेत उसके पांच खमà¥à¤à¥‡ à¤à¥€ बनाà¤, और उनके सिरोंऔर जोड़ने की छड़ोंको सोने से मà¥à¤¾, और उनकी पांच कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ पीतल की बनाईं।।
1 फिर बसलेल ने बबूल की लकड़ी का सनà¥à¤¦à¥‚क बनाया; उसकी लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ अà¥à¤¾à¤ˆ हाथ, चौड़ाई डेॠहाथ, और ऊंचाई डेॠहाथ की यी। 2 और उस ने उसको à¤à¥€à¤¤à¤° बाहर चोखे सोने से मà¥à¤¾, और उसके चारोंओर सोने की बाड़ बनाई। 3 और उसके चारोंपायोंपर लगाने को उस ने सोने के चार कड़े à¥à¤¾à¤²à¥‡, दो कड़े à¤à¤• अलंग और दो कड़े दूसरी अलंग पर लगे। 4 फिर उस ने बबूल के डणà¥à¤¡à¥‡ बनाà¤, और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सोने से मà¥à¤¾, 5 और उनको सनà¥à¤¦à¥‚क की दोनो अलंगोंके कड़ोंमें डाला कि उनके बल सनà¥à¤¦à¥‚क उठाया जाà¤à¥¤ 6 फिर उस ने चोखे सोने के पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤à¤µà¤¾à¤²à¥‡ ढकने को बनाया; उसकी लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ अà¥à¤¾à¤ˆ हाथ और चौड़ाई डेॠहाथ की यी। 7 और उस ने सोना गà¥à¤•à¤° दो करूब पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ के ढकने के दानोंसिरोंपर बनाà¤; 8 à¤à¤• करूब तो à¤à¤• सिकà¥à¤•à¥‡ पर, और दूसरा करूब दूसरे सिकà¥à¤•à¥‡ पर बना; उस ने उनको पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ के ढकने के साय à¤à¤• ही टà¥à¤•à¥œà¥‡ के दोनोंसिरोंपर बनाया। 9 और करूबोंके पंख ऊपर से फैले हà¥à¤ बने, और उन पंखोंसे पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ का ढकना ढपा हà¥à¤† बना, और उनके मà¥à¤– आमà¥à¤¹à¤¨à¥‡-सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ और पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ के ढकने की ओर किठहà¥à¤ बने।। 10 फिर उस ने बबूल की लकड़ी की मेज़ को बनाया; उसकी लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ दो हाथ, चौड़ाई à¤à¤• हाथ, और ऊंचाई डेॠहाथ की यी; 11 और उस ने उसको चोखे सोने से मà¥à¤¾, और उस में चारोंओर सोने की à¤à¤• बाड़ बनाई। 12 और उस ने उसके लिथे चार अंगà¥à¤² चौड़ी à¤à¤• पटरी, और इस पटरी के लिथे चारोंओर सोने की à¤à¤• बाड़ बनाई। 13 और उस ने मेज़ के लिथे सोने के चार कड़े ढालकर उन चारोंकोनोंमें लगाया, जो उसके चारोंपायोंपर थे। 14 वे कड़े पटरी के पास मेज़ उठाने के डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚के खानोंका काम देने को बने। 15 और उस ने मेज़ उठाने के लिथे डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚को बबूल की लकड़ी के बनाया, और सोने से मà¥à¤¾à¥¤ 16 और उस ने मेज़ पर का सामान अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ परात, धूपदान, कटोरे, और उंडेलने के बरà¥à¤¤à¤¨ सब चोखे सोने के बनाà¤à¥¤à¥¤ 17 फिर उस ने चोखा सोना गà¥à¤•à¥‡ पाठऔर डणà¥à¤¡à¥€ समेत दीवट को बनाया; उसके पà¥à¤·à¥à¤ªà¤•à¥‹à¤·, गांठ, और फूल सब à¤à¤• ही टà¥à¤•à¥œà¥‡ के बने। 18 और दीवट से निकली हà¥à¤ˆ छ: डालियां बनीं; तीन डालियां तो उसकी à¤à¤• अलंग से और तीन डालियां उसकी दूसरी अलंग से निकली हà¥à¤ˆ बनीं। 19 à¤à¤• à¤à¤• डाली में बादाम के फूल के सरीखे तीन तीन पà¥à¤·à¥à¤ªà¤•à¥‹à¤·, à¤à¤• à¤à¤• गांठ, और à¤à¤• à¤à¤• फूल बना; दीवट से निकली हà¥à¤ˆ, उन छहोंडालियोंका यही ढब हà¥à¤†à¥¤ 20 और दीवट की डणà¥à¤¡à¥€ में बादाम के फूल के सामान अपकà¥à¤•à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ गांठऔर फूल समेत चार पà¥à¤·à¥à¤ªà¤•à¥‹à¤· बने। 21 और दीवट से निकली हà¥à¤ˆ छहोंडालियोंमें से दो दो डालियोंके नीचे à¤à¤• à¤à¤• गांठदीवट के साय à¤à¤• ही टà¥à¤•à¥œà¥‡ की बनी। 22 गांठे और डालियां सब दीवट के साय à¤à¤• ही टà¥à¤•à¥œà¥‡ की बनीं; सारा दीवट गà¥à¥‡ हà¥à¤ चोखे सोने का और à¤à¤• ही टà¥à¤•à¥œà¥‡ का बना। 23 और उस ने दीवट के सातोंदीपक, और गà¥à¤²à¤¤à¤°à¤¾à¤¶, और गà¥à¤²à¤¦à¤¾à¤¨, चोखे सोने के बनाà¤à¥¤ 24 उस ने सारे सामान समेत दीवट को किकà¥à¤•à¤¾à¤° à¤à¤° सोने का बनाया।। 25 फिर उस ने बबूल की लकड़ी की धूपकेदी à¤à¥€ बनाई; उसकी लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ à¤à¤• हाथ और चौड़ाई à¤à¤• हाथ ही यी; वह चौकोर बनी, और उसकी ऊंचाई à¤à¤• हाथ की यी; वह चौकोर बनी, और उसकी ऊंचाई दो हाथ की यी; और उसके सींग उसके साय बिना जोड़ के बने थे 26 और ऊपरवाले पलà¥à¤²à¥‹à¤‚, और चारोंओर की अलंगों, और सींगो समेत उस ने उस वेदी को चोखे सोने से मà¥à¤¾; और उसकी चारोंओर सोने की à¤à¤• बाड़ बनाई, 27 और उस बाड़ के नीचे उसके दोनोंपलà¥à¤²à¥‹à¤‚पर उस ने सोने के दो कड़े बनाà¤, जो उसके उठाने के डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚के खानोंका काम दें। 28 और डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚को उस ने बबूल की लकड़ी का बनाया, और सोने से मà¥à¤¾à¥¤ 29 और उस ने अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• का पवितà¥à¤° तेल, और सà¥à¤—नà¥à¤§à¤¦à¥à¤°à¤µà¥à¤¯ का धूप, गनà¥à¤§à¥€ की रीति के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बनाया।।
1 फिर उस ने बबूल की लकड़ी की होमबलि à¤à¥€ बनाई; उसकी लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ पांच हाथ और चौड़ाई पांच हाथ की यी; इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° से वह चौकोर बनी, और ऊंचाई तीन हाथ की यी। 2 और उस ने उसके चारोंकोनोंपर उसके चार सींग बनाà¤, वे उसके साय बिना जोड़ के बने; और उस ने उसको पीतल से मà¥à¤¾à¥¤ 3 और उस ने वेदी का सारा सामान, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ उसकी हांडिय़ों, फावडिय़ों, कटोरों, कांटों, और करछोंको बनाया। उसका सारा सामान उस ने पीतल का बनाया। 4 और वेदी के लिथे उसके चारोंओर की कंगनी के तले उस ने पीतल की जाली की à¤à¤• फंफरी बनाई, वह नीचे से वेदी की ऊंचाई के मधà¥à¤¯ तक पहà¥à¤‚ची। 5 और उस ने पीतल की फंफरी के चारोंकोनोंके लिथे चार कड़े ढाले, जो डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚के खानोंका काम दें। 6 फिर उस ने डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚को बबूल की लकड़ी का बनाया, और पीतल से मà¥à¤¾à¥¤ 7 तब उस ने डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚को वेदी की अलंगोंके कड़ोंमें वेदी के उठाने के लिथे डाल दिया। वेदी को उस ने तखà¥à¤¤à¥‹à¤‚से खोखली बनाया।। 8 और उसे ने हौदी और उसका पाया दोनोंपीतल के बनाà¤, यह मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤° पर सेवा करनेवाली महिलाओं के दरà¥à¤ªà¤£à¥‹à¤‚के लिथे पीतल के बनाठगà¤à¥¤à¥¤ 9 फिर उस ने आंगन बनाया; और दकà¥à¤–िन अलंग के लिथे आंगन के परà¥à¤¦à¥‡ बटी हà¥à¤ˆ सूà¤à¥à¤® सनी के कपके के थे, और सब मिलाकर सौ हाथ लमà¥à¤¬à¥‡ थे; 10 उनके लिथे बीस खमà¥à¤à¥‡, और इनकी पीतल की बीस कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ बनी; और खमà¥à¤à¥‹à¤‚की घà¥à¤‚डियां और जोड़ने की छड़ें चांदी की बनीं। 11 और उतà¥à¤¤à¤° अलग के लिथे बीस खमà¥à¤à¥‡, और इनकी पीतल की बीस ही कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ बनीं, और खमà¥à¤à¥‹à¤‚की घà¥à¤‚डियां और जोड़ने की छड़ें चांदी की बनी। 12 और पशà¥à¤šà¤¿à¤® अलंग के लिथे सब परà¥à¤¦à¥‡ मिलाकर पचास हाथ के थे; उनके लिथे दस खमà¥à¤à¥‡, और दस ही उनकी कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ यीं, और खमà¥à¤à¥‹à¤‚की घंà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और जोड़ने की छड़ें चांदी की यीं। 13 और पूरब अलंग में à¤à¥€ वह पचास हाथ के थे। 14 आंगन के दà¥à¤µà¤¾à¤° के à¤à¤• ओर के लिथे पंदà¥à¤°à¤¹ हाथ के परà¥à¤¦à¥‡ बने; और उनके लिथे तीन खमà¥à¤à¥‡ और तीन कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ यी। 15 और आंगन के दà¥à¤µà¤¾à¤° की दूसरी ओर à¤à¥€ वैसा ही बना या; और आंगन के दरवाजे के इधर और उधर पंदà¥à¤°à¤¹ पंदà¥à¤°à¤¹ हाथ के परà¥à¤¦à¥‡ बने थे; और उनके लिथे तीन हीे खमà¥à¤à¥‡, और तीन ही तीन इनकी कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ यीं। 16 आंगन की चारोंओर सब परà¥à¤¦à¥‡ सूà¤à¥à¤® बटी हà¥à¤ˆ सनी के कपके के बने हà¥à¤ थे। 17 और खमà¥à¤à¥‹à¤‚की कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ पीतल की, और घà¥à¤‚डियां और छड़े चांदी की बनी, और उनके सिकà¥à¤•à¥‡ चांदी से मà¥à¥‡ गà¤, और आंगन के सब खमà¥à¤à¥‡ चांदी के छड़ोंसे जोड़े गठथे। 18 आंगन के दà¥à¤µà¤¾à¤° के परà¥à¤¦à¥‡ पर बेल बूटे का काम किया हà¥à¤† या, और वह नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपके का; और सूà¤à¥à¤® बटी हà¥à¤ˆ सनी के कपके के बने थे; और उसकी लमà¥à¤¬à¤¾à¤ˆ बीस हाथ की यी, और उसकी ऊंचाई आंगन की कनात की चौड़ाई के सामान पांच हाथ की बनी। 19 और उनके लिथे चार खमà¥à¤à¥‡, और खमà¥à¤à¥‹à¤‚की चार ही कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ पीतल की बनीं, उनकी घà¥à¤‚डियां चांदी की बनीं, और उनके सिकà¥à¤•à¥‡ चांदी से मà¥à¥‡ गà¤, और उनकी छड़ें चांदी की बनीं। 20 और निवास और आंगन की चारोंओर के सब खूंटे पीतल के बने थे।। 21 साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° के निवास का सामान जो लेवियोंकी सेवकाई के लिथे बना; और जिसकी गिनती हारून याजक के पà¥à¤¤à¥à¤° ईतामार के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मूसा के कहने से हà¥à¤ˆ यी, उसका वरà¥à¤£à¤¨ यह है। 22 जिस जिस वसà¥à¤¤à¥ के बनाने की आजà¥à¤žà¤¾ यहोवा ने मूसा को दी यी उसको यहूदा के गोतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤²à¥‡ बसलेल ने, जो हूर का पोता और ऊरी का पà¥à¤¤à¥à¤° या, बना दिया। 23 और उसके संग दान के गोतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤²à¥‡, अहीसामाक के पà¥à¤¤à¥à¤°, ओहोलीआब या, जो खोदने और काà¥à¤¨à¥‡à¤µà¤¾à¤²à¤¾ और नीले, बैंजनी और लाल रंग के और सूà¤à¥à¤® सनी के कपके में कारचोब करनेवाला निपà¥à¤£ कारीगर या।। 24 पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ के सारे काम में जो à¤à¥‡à¤‚ट का सोना लगा वह उनतीस किकà¥à¤•à¤¾à¤°, और पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ के शेकेल के हिसाब से सात सौ तीन शेकेल या। 25 और मणà¥à¤¡à¤²à¥€ के गिने हà¥à¤ लोगोंकी à¤à¥‡à¤‚ट की चांदी सौ किकà¥à¤•à¤¾à¤°, और पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ के शेकेल के हिसाब से सतà¥à¤¤à¤°à¤¹ सौ पचहतà¥à¤¤à¤° शेकेल यी। 26 अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ जितने बीस बरस के और उससे अधिक अवसà¥à¤¯à¤¾ के गिने गठथे, वे छ: लाख तीन हज़ार साà¥à¥‡ पांच सौ पà¥à¤°à¥‚ष थे, और à¤à¤• à¤à¤• जन की ओर से पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ के शेकेल के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आधा शेकेल, जो à¤à¤• बेका होता है मिला। 27 और वह सौ किकà¥à¤•à¤¾à¤° चांदी पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ और बीचवाले परà¥à¤¦à¥‡ दोनोंकी कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¥‹à¤‚के ढालने में लग गई; सौ किकà¥à¤•à¤¾à¤° से सौ कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ बनीं, à¤à¤• à¤à¤• कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ à¤à¤• किकà¥à¤•à¤¾à¤° की बनी। 28 और सतà¥à¤¤à¤°à¤¹ सौ पचहतà¥à¤¤à¤° शेकेल जो बच गठउन से खमà¥à¤à¥‹à¤‚की चोटियां मà¥à¥€ गईं, और उनकी छड़ें à¤à¥€ बनाई गई। 29 और à¤à¥‡à¤‚ट का पीतल सतà¥à¤¤à¤° किकà¥à¤•à¤¾à¤° और दो हज़ार चार सौ शेकेल या; 30 उससे मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤° की कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚, और पीतल की वेदी, पीतल की फंफरी, और वेदी का सारा सामान; 31 और आंगन के चारोंओर की कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚, और आंगन की चारोंओर के खूंटे à¤à¥€ बनाठगà¤à¥¤à¥¤
1 फिर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने नीले, बैंजनी और लाल रंग के काà¥à¥‡ हà¥à¤ कपके पवितà¥à¤° सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ की सेवकाई के लिथे, और हारून के लिथे à¤à¥€ पवितà¥à¤° वसà¥à¤¤à¥à¤° बनाà¤; जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी यी।। 2 और उस ने à¤à¤ªà¥‹à¤¦ को सोने, और नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपके का और सूà¤à¥à¤® बटी हà¥à¤ˆ सनी के कपके का बनाया। 3 और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सोना पीट-पीटकर उसके पतà¥à¤¤à¤° बनाà¤, फिर पतà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚को काट-काटकर तार बनाà¤, और तारोंको नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपके में, और सूà¤à¥à¤® सनी के कपके में कà¥à¤¾à¤ˆ की बनावट से मिला दिया। 4 à¤à¤ªà¥‹à¤¦ के जोड़ने को उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उसके कनà¥à¤§à¥‹à¤‚पर के बनà¥à¤§à¤¨ बनाà¤, वह तो अपके दोनोंसिकà¥à¤•à¥‹à¤‚ जोड़ा गया। 5 और उसके कसने के लिथे जो काà¥à¤¾ हà¥à¤† पटà¥à¤•à¤¾ उस पर बना, वह उसके साय बिना जोड़ का, और उसी की बनावट के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ सोने और नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपके का, और सूà¤à¥à¤® बटी हà¥à¤ˆ सनी के कपके का बना; जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी यी।। 6 और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤¨à¥€ मणि काटकर उनमें इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² के पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के नाम जैसा छापा खोदा जाता है वैसे ही खोदे, और सोने के खानोंमें जड़ दिà¤à¥¤ 7 और उस ने उनको à¤à¤ªà¥‹à¤¦ के कनà¥à¤§à¥‡ के बनà¥à¤§à¤¨à¥‹à¤‚पर लगाया, जिस से इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के लिथे सà¥à¤®à¤°à¤£ कराने वाले मणि ठहरें; जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी यी।। 8 और उस ने चपरास को à¤à¤ªà¥‹à¤¦ की नाई सोने की, और नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपके की, और सूà¤à¥à¤® बटी हà¥à¤ˆ सनी के कपके में बेल बूटे का काम किया हà¥à¤† बनाया। 9 चपरास तो चौकोर बनी; और उनà¥à¤¹à¥‹ ने उसको दोहरा बनाया, और वह दोहरा होकर à¤à¤• बितà¥à¤¤à¤¾ लमà¥à¤¬à¤¾ और à¤à¤• बितà¥à¤¤à¤¾ चौड़ा बना। 10 और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उस में चार पांति मणि जड़े। पहिली पांति में तो माणिकà¥à¤¯, पदà¥à¤¯à¥à¥˜à¤°à¤¾à¤—, और लालड़ी जडे गà¤; 11 और दूसरी पांति में मरकत, नीलमणि, और हीरा, 12 और तीसरी पांति में लशम, सूरà¥à¤¯à¤•à¤¾à¤¨à¥à¤¤, और नीलम; 13 और चौयी पांति में फीरोजा, सà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤¨à¥€ मणि, और यशब जड़े; थे सब अलग अलग सोने के खानोंमें जड़े गà¤à¥¤ 14 और थे मणि इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² के पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के नाम की गिनती के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बारह थे; बारहोंगोतà¥à¤°à¥‹à¤‚में से à¤à¤• à¤à¤• का नाम जैसा छापा खोदा जाता है वैसा ही खोदा गया। 15 और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने चपरास पर डोरियोंकी नाई गूंथे हà¥à¤ चोखे सोने की जंजीर बनाकर लगाई; 16 फिर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सोने के दो खाने, और सोने की दो कडिय़ां बनाकर दोनोंकडिय़ोंको चपरास के दोनोंसिरोंपर लगाया; 17 तब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सोने की दोनोंगूंयी हà¥à¤ˆ जंजीरो को चपरास के सिरोंपर की दोनोंकडिय़ोंमें लगाया। 18 और गूंयी हà¥à¤ˆ दोनोंजंजीरोंके दोनोंबाकी सिकà¥à¤•à¥‹à¤‚ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दोनोंखानोंमें जड़के, à¤à¤ªà¥‹à¤¦ के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ दोनोंकनà¥à¤§à¥‹à¤‚के बनà¥à¤§à¤¨à¥‹à¤‚पर लगाया। 19 और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सोने की और दो कडिय़ां बनाकर चपरास के दोनोंसिरोंपर उसकी उस कोर पर, जो à¤à¤ªà¥‹à¤¦ की à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤— में यी, लगाईं। 20 और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सोने की दो और कडिय़ां à¤à¥€ बनाकर à¤à¤ªà¥‹à¤¦ के दोनोंकनà¥à¤§à¥‹à¤‚के बनà¥à¤§à¤¨à¥‹à¤‚पर नीचे से उसके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡, और जोड़ के पास, à¤à¤ªà¥‹à¤¦ के काà¥à¥‡ हà¥à¤ पटà¥à¤•à¥‡ के ऊपर लगाईं। 21 तब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने चपरास को उसकी कडिय़ोंके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤ªà¥‹à¤¦ की कडिय़ोंमें नीले फीते से à¤à¤¸à¤¾ बानà¥à¤§à¤¾, कि वह à¤à¤ªà¥‹à¤¦ के काà¥à¥‡ हà¥à¤ पटà¥à¤•à¥‡ के ऊपर रहे, और चपरास à¤à¤ªà¥‹à¤¦ से अलग न होने पाà¤; जैसे यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी यी।। 22 फिर à¤à¤ªà¥‹à¤¦ का बागा समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ नीले रंग का बनाया गया। 23 और उसकी बनावट à¤à¤¸à¥€ हà¥à¤ˆ कि उसके बीच बखतर के छेद के समान à¤à¤• छेद बना, और छेद के चारोंओर à¤à¤• कोर बनी, कि वह फटने न पाà¤à¥¤ 24 और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उसके नीचेवाले घेरे में नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपके के अनार बनाà¤à¥¤ 25 और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने चोखे सोने की घंटियां à¤à¥€ बनाकर बागे के नीचे वाले घेरे के चारोंओर अनारोंके बीचोंबीच लगाईं; 26 अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ बागे के नीचेवाले घेरे की चारोंओर à¤à¤• सोने की घंटी, और à¤à¤• अनार लगाया गया कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पहिने हà¥à¤ सेवा टहल करें; जैसे यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी यी।। 27 फिर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हारून, और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के लिथे बà¥à¤¨à¥€ हà¥à¤ˆ सूà¤à¥à¤® सनी के कपके के अंगरखे, 28 और सूà¤à¥à¤® सनी के कपके की पगड़ी, और सूà¤à¥à¤® सनी के कपके की सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤° टोपियां, और सूà¤à¥à¤® बटी हà¥à¤ˆ सनी के कपके की जांघिया, 29 और सूà¤à¥à¤® बटी हà¥à¤ˆ सनी के कपके की और नीले, बैंजनी और लाल रंग की कारचोबी काम की हà¥à¤ˆ पगड़ी; इन सà¤à¥‹à¤‚को जिस तरह यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी यी वैसा ही बनाया।। 30 फिर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पवितà¥à¤° मà¥à¤•à¥à¤Ÿ की पटरी चोखे सोने की बनाई; और जैसे छापे में वैसे ही उस में थे अà¤à¤° खोदे गà¤, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ यहोवा के लिथे पवितà¥à¤°à¥¤ 31 और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उस में नीला फीता लगाया, जिस से वह ऊपर पगड़ी पर रहे, जिस तरह यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी यी।। 32 इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के निवास का सब काम समापà¥à¤¤ हà¥à¤†, और जिस जिस काम की आजà¥à¤žà¤¾ यहोवा ने मूसा को दी यी, इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने उसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° किया।। 33 तब वे निवास को मूसा के पास ले आà¤, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ घंà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, तखà¥à¤¤à¥‡, बेंड़े, खमà¥à¤à¥‡, कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ आदि सारे सामान समेत तमà¥à¤¬à¥‚; 34 और लाल रंग से रंगी हà¥à¤ˆ मेà¥à¥‹à¤‚की खालोंका ओà¥à¤¨à¤¾, और सूइसोंकी खालोंका ओà¥à¤¨à¤¾, और बीच का परà¥à¤¦à¤¾; 35 डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚सहित साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° का सनà¥à¤¦à¥‚क, और पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ का ढकना; 36 सारे सामान समेत मेज़, और à¤à¥‡à¤‚ट की रोटी; 37 सारे सामान सहित दीवट, और उसकी सजावट के दीपक और उजियाला देने के लिथे तेल; 38 सोने की वेदी, और अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• का तेल, और सà¥à¤—नà¥à¤§à¤¿à¤¤ धूप, और तमà¥à¤¬à¥‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤° का परà¥à¤¦à¤¾; 39 पीतल की फंफरी, डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚, और सारे सामान समेत पीतल की वेदी; और पाठसमेत हौदी; 40 खमà¥à¤à¥‹à¤‚, और कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¥‹à¤‚समेत आंगन के परà¥à¤¦à¥‡, और आंगन के दà¥à¤µà¤¾à¤° का परà¥à¤¦à¤¾, और डोरियां, और खूंटे, और मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के निवास की सेवकाई का सारा सामान; 41 पवितà¥à¤°à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¨ में सेवा टहल करने के लिथे बेल बूटा काà¥à¥‡ हà¥à¤ वसà¥à¤¤à¥à¤°, और हारून याजक के पवितà¥à¤° वसà¥à¤¤à¥à¤°, और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के वसà¥à¤¤à¥à¤° जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पहिनकर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ याजक का काम करना या। 42 अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ जो जो आजà¥à¤žà¤¾ यहोवा ने मूसा को दी यीं उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने सब काम किया। 43 तब मूसा ने सारे काम का निरीà¤à¤£ करके देखा, कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यहोवा की आजà¥à¤žà¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सब कà¥à¤› किया है। और मूसा ने उनको आशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ दिया।।
1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, 2 पहिले महीने के पहिले दिन को तू मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के निवास को खड़ा करा देना। 3 और उस में साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° के सनà¥à¤¦à¥‚क को रखकर बीचवाले परà¥à¤¦à¥‡ की ओट में करा देना। 4 और मेज़ को à¤à¥€à¤¤à¤° ले जाकर जो कà¥à¤› उस पर सजाना है उसे सजवा देना; 5 और साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° के सनà¥à¤¦à¥‚क के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ सोने की वेदी को जो धूप के लिथे है उसे रखना, और निवास के दà¥à¤µà¤¾à¤° के परà¥à¤¦à¥‡ को लगा देना। 6 और मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के निवास के दà¥à¤µà¤¾à¤° के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ होमवेदी को रखना। 7 और मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ और वेदी के बीच होदी को रखके उस में जल à¤à¤°à¤¨à¤¾à¥¤ 8 और चारोंओर के आंगन की कनात को खड़ा करना, और उस आंगन के दà¥à¤µà¤¾à¤° पर परà¥à¤¦à¥‡ को लटका देना। 9 और अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• का तेल लेकर निवास को और जो कà¥à¤› उस में होगा सब कà¥à¤› का अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• करना, और सारे सामान समेत उसको पवितà¥à¤° करना; तब वह पवितà¥à¤° ठहरेगा। 10 और सब सामान समेत होमवेदी का अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• करके उसको पवितà¥à¤° करना; तब वह परमपवितà¥à¤° ठहरेगी। 11 और पाठसमेत हौदी का à¤à¥€ अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• करके उसे पवितà¥à¤° करना। 12 और हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚को मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के दà¥à¤µà¤¾à¤° पर ले जाकर जल से नहलाना, 13 और हारून को पवितà¥à¤° वसà¥à¤¤à¥à¤° पहिनाना, और उसका अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• करके उसको पवितà¥à¤° करना, कि वह मेरे लिथे याजक का काम करे। 14 और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚को ले जाकर अंगरखे पहिनाना, 15 और जैसे तू उनके पिता का अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• करे वैसे ही उनका à¤à¥€ अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• करना, कि वे मेरे लिथे याजक का काम करें; और उनका अà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• उनकी पीà¥à¥€ पीà¥à¥€ के लिथे उनके सदा के याजकपद का चिनà¥à¤¹ ठहरेगा। 16 और मूसा ने जो जो आजà¥à¤žà¤¾ यहोवा ने उसको दी यी उसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° किया।। 17 और दूसरे बरस के पहिले महीने के पहिले दिन को निवास खड़ा किया गया। 18 और मूसा ने निवास को खड़ा करवाया, और उसकी कà¥à¤¸à¤¿à¤°à¥à¤¯à¤¾à¤‚ धर उसके तखà¥à¤¤à¥‡ लगाके उन में बेंड़े डाले, और उसके खमà¥à¤à¥‹à¤‚को खड़ा किया; 19 और उस ने निवास के ऊपर तमà¥à¤¬à¥‚ को फैलाया, और तमà¥à¤¬à¥‚ के ऊपर उस ने ओà¥à¤¨à¥‡ को लगाया; जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी यी। 20 और उस ने साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° को लेकर सनà¥à¤¦à¥‚क में रखा, और सनà¥à¤¦à¥‚क में डणà¥à¤¡à¥‹à¤‚को लगाके उसके ऊपर पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤à¥à¤¤ के ढकने को धर दिया; 21 और उस ने सनà¥à¤¦à¥‚क को निवास में पहà¥à¤‚चवाया, और बीचवाले परà¥à¤¦à¥‡ को लटकवाके साà¤à¥€à¤ªà¤¤à¥à¤° के सनà¥à¤¦à¥‚क को उसके अनà¥à¤¦à¤° किया; जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी यी। 22 और उस ने मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ में निवास की उतà¥à¤¤à¤° अलंग पर बीच के परà¥à¤¦à¥‡ से बाहर मेज़ को लगवाया, 23 और उस पर उन ने यहोवा के समà¥à¤®à¥à¤– रोटी सजाकर रखी; जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी यी। 24 और उस ने मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ में मेज़ के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ निवास की दकà¥à¤–िन अलंग पर दीवट को रखा, 25 और उस ने दीपकोंको यहोवा के समà¥à¤®à¥à¤– जला दिया; जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी यी। 26 और उस ने मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ में बीच के परà¥à¤¦à¥‡ के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ सोने की वेदी को रखा, 27 और उस ने उस पर सà¥à¤—नà¥à¤§à¤¿à¤¤ धूप जलाया; जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी यी। 28 और उस ने निवास के दà¥à¤µà¤¾à¤° पर परà¥à¤¦à¥‡ को लगाया। 29 और मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ के निवास के दà¥à¤µà¤¾à¤° पर होमबलि और अनà¥à¤¨à¤¬à¤²à¤¿ को चà¥à¤¾à¤¯à¤¾; जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी यी। 30 और उस ने मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ और वेदी के बीच हौदी को रखकर उस में धोने के लिथे जल डाला, 31 और मूसा और हारून और उसके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ने उस में अपके अपके हाथ पांव धोà¤; 32 और जब जब वे मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ में वा वेदी के पास जाते थे तब तब वे हाथ पांव धोते थे; जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° यहोवा ने मूसा को आजà¥à¤žà¤¾ दी यी। 33 और उस ने निवास की चारोंओर और वेदी के आसपास आंगन की कनात को खड़ा करवाया, और आंगन के दà¥à¤µà¤¾à¤° के परà¥à¤¦à¥‡ को लटका दिया। इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° मूसा ने सब काम को पूरा कर समापà¥à¤¤ किया।। 34 तब बादल मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ पर छा गया, और यहोवा का तेज निवाससà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में à¤à¤° गया। 35 और बादल जो मिलापवाले तमà¥à¤¬à¥‚ पर ठहर गया, और यहोवा का तेज जो निवाससà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में à¤à¤° गया, इस कारण मूसा उस मे पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ न कर सका। 36 और इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सारी यातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤¸à¤¾ होता या, कि जब जब वह बादल निवास के ऊपर उठजाता तब तब वे कूच करते थे। 37 और यदि वह न उठता, तो जिस दिन तक वह न उठता या उस दिन तक वे कूच नहीं करते थे। 38 इसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² के घराने की सारी यातà¥à¤°à¤¾ में दिन को तो यहोवा का बादल निवास पर, और रात को उसी बादल में आग उन सà¤à¥‹à¤‚को दिखाई दिया करती यी।।