1 यहोवा का वचन जो पतूà¤à¤² के पà¥à¤¤à¥à¤° योà¤à¤² के पास पहà¥à¤‚चा, वह यह है: 2 हे पà¥à¤°à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹, सà¥à¤¨à¥‹, हे देश के सब रहनेवालो, कान लगाकर सà¥à¤¨à¥‹! कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤¸à¥€ बात तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ दिनोंमें, वा तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पà¥à¤°à¤–ाओं के दिनोंमें कà¤à¥€ हà¥à¤ˆ है? 3 अपके लड़केबालोंसे इसका वरà¥à¤£à¤¨ करो, और वे अपके लड़केबालोंसे, और फिर उनके लड़केबाले आनेवाली पीà¥à¥€ के लोगोंसे।। 4 जो कà¥à¤› गाजाम नाम टिडà¥à¤¡à¥€ से बचा; उसे अरà¥à¤¬à¥‡ नाम टिडà¥à¤¡à¥€ ने खा लिया। और जो कà¥à¤› अरà¥à¤¬à¥‡ नाम टिडà¥à¤¡à¥€ से बचा, उसे थेलेक नाम टिडà¥à¤¡à¥€ ने खा लिया, और जो कà¥à¤› थेलेक नाम टिडà¥à¤¡à¥€ से बचा, उसे हासील नाम टिडà¥à¤¡à¥€ ने खा लिया है। 5 हे मतवालो, जाग उठो, और रोओ; और हे सब दाखमधॠपीलेवालो, नथे दाखमधॠके कारण हाथ, हाथ, करो; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह तà¥à¤® को अब न मिलेगा।। 6 देखो, मेरे देश पर à¤à¤• जाति ने चà¥à¤¾à¤ˆ की है, वह सामरà¥à¤¯à¥€ है, और उसके लोग अनगिनित हैं; उसके दांत सिंह के से, और डाà¥à¥‡à¤‚ सिहनी की सी हैं। 7 उस ने मेरी दाखलता को उजाड़ दिया, और मेरे अंजीर के वृठको तोड़ डाला है; उस ने उसकी सब छाल छीलकर उसे गिरा दिया है, और उसकी डालियां छिलने से सफेद हो गई हैं।। 8 जैसे यà¥à¤µà¤¤à¥€ अपके पति के लिथे कटि में टाट बानà¥à¤§à¥‡ हà¥à¤ विलाप करती है, वैसे ही तà¥à¤® à¤à¥€ विलाप करो। 9 यहोवा के à¤à¤µà¤¨ में न तो अनà¥à¤¨à¤¬à¤²à¤¿ और न अरà¥à¤§ आता है। उसके टहलà¥à¤ जो याजक हैं, वे विलाप कर रहे हैं। 10 खेती मारी गई, à¤à¥‚मि विलाप करती है; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अनà¥à¤¨ नाश हो गया, नया दाखमधॠसूख गया, तेल à¤à¥€ सूख गया है।। 11 हे किसानो, लजà¥à¤œà¤¿à¤¤ हो, हे दाख की बारी के मालियों, गेहूं और जव के लिथे हाथ, हाथ करो; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि खेती मारी गई है। 12 दाखलता सूख गई, और अंजीर का वृठकà¥à¤®à¥à¤¹à¤²à¤¾ गया है। अनार, ताड़, सेव, वरन मैदान के सब वृठसूख गठहैं; और मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚का हरà¥à¤· जाता रहा है।। 13 हे याजको, कटि में टाट बानà¥à¤§à¤•à¤° छाती पीट-पीट के रोओ! हे वेदी के टहलà¥à¤“, हाथ, हाथ, करो। हे मेरे परमेशà¥à¤µà¤° के टहलà¥à¤“, आओ, टाट ओà¥à¥‡ हà¥à¤ रात बिताओ! कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ परमेशà¥à¤µà¤° के à¤à¤µà¤¨ में अनà¥à¤¨à¤¬à¤²à¤¿ और अरà¥à¤§ अब नहीं आते।। 14 उपवास का दिन ठहराओ, महासà¤à¤¾ का पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करो। पà¥à¤°à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को, वरन देश के सब रहनेवालोंको à¤à¥€ अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा के à¤à¤µà¤¨ में इकटà¥à¤ े करके उसकी दोहाई दो।। 15 उस दिन के कारण हाथ! कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहोवा का दिन निकट है। वह सरà¥à¤µà¤¶à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ की ओर से सतà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤¾à¤¶ का दिन होकर आà¤à¤—ा। 16 कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨à¤µà¤¸à¥à¤¤à¥à¤à¤‚ हमारे देखते नाश नहीं हà¥à¤ˆà¤‚? कà¥à¤¯à¤¾ हमारे परमेशà¥à¤µà¤° के à¤à¤µà¤¨ का आननà¥à¤¦ और मगन जाता नहीं रहा? 17 बीज ढेलोंके नीचे फà¥à¤²à¤¸ गà¤, à¤à¤£à¥à¤¡à¤¾à¤° सूने पके हैं; खतà¥à¤¤à¥‡ गिर पके हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि खेती मारी गई। 18 पशॠकैसे कराहते हैं? फà¥à¤£à¥à¤¡ के फà¥à¤£à¥à¤¡ गाय-बैल विकल हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनके लिथे चराई नहीं रही; और फà¥à¤£à¥à¤¡ के फà¥à¤£à¥à¤¡ à¤à¥‡à¥œ-बकरियां पाप का फल à¤à¥‹à¤— रही हैं।। 19 हे यहोवा, मैं तेरी दोहाई देता हूं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जंगल की चराइयां आग का कौर हो गईं, और मैदान के सब वृठजà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ से जल गà¤à¥¤ 20 वन-पशॠà¤à¥€ तेरे लिथे हांफते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जल के सोते सूख गà¤, और जंगल की चराइयां आग का कौर हो गईं।।
1 सियà¥à¤¯à¥‹à¤¨ में नरसिंगा फूंको; मेरे पवितà¥à¤° परà¥à¤µà¤¤ पर सांस बानà¥à¤§à¤•à¤° फूंको! देश के सब रहनेवाले कांप उठें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहोवा का दिन आता है, वरन वह निकट ही है। 2 वह अनà¥à¤§à¤•à¤¾à¤° और तिमिर का दिन है, वह बदली का दिन है और अनà¥à¤§à¤¿à¤•à¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ का सा फैलता है। जैसे à¤à¥‹à¤° का पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤¶ पहाड़ोंपर फैलता है, वैसे ही à¤à¤• बड़ी और सामरà¥à¤¯à¥€ जाति आà¤à¤—ी; पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨à¤•à¤¾à¤² में वैसी कà¤à¥€ न हà¥à¤ˆ, और न उसके बाद à¤à¥€ फिर किसी पीà¥à¥€ में होगी।। 3 उसके आगे आगे तो आग à¤à¤¸à¥à¤® करती जाà¤à¤—ी, और उसके पीछे पीछे लौ जलती जाà¤à¤—ी। उसके आगे की à¤à¥‚मि तो à¤à¤¦à¥‡à¤¨ की बारी के समान होगी, परनà¥à¤¤à¥ उसके पीछे की à¤à¥‚मि उजाड़ मरूसà¥à¤¯à¤² बन जाà¤à¤—ी, और उस से कà¥à¤› न बचेगा।। 4 उनका रूप घोड़ोंका सा है, और वे सवारी के घोड़ोंकी नाईं दौड़ते हैं। 5 उनके कूदने का शबà¥à¤¦ à¤à¤¸à¤¾ होता है जैसा पहाड़ोंकी चोटियोंपर रयोंके चलने का, वा खूंटी à¤à¤¸à¥à¤® करती हà¥à¤ˆ लौ का, या जैसे पांति बानà¥à¤§à¥‡ हà¥à¤ बली योदà¥à¤§à¤¾à¤“ं का शबà¥à¤¦ होता है।। 6 उनके सामने जाति जाति के लोग पीड़ित होते हैं, सब के मà¥à¤– मलीन होते हैं। 7 वे शूरवीरोंकी नाईं दौड़ते, और योदà¥à¤§à¤¾à¤“ं की à¤à¤¾à¤‚ति शहरपनाह पर चà¥à¤¤à¥‡ हैं वे अपके अपके मारà¥à¤— पर चलते हैं, और कोई अपकà¥à¤•à¥€ पांति से अलग न चलेगा। 8 वे à¤à¤• दूसरे को धकà¥à¤•à¤¾ नहीं लगाते, वे अपकà¥à¤•à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ राह पर चलते हैं; शसà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚का सामà¥à¤¹à¤¨à¤¾ करने से à¤à¥€ उनकी पांति नहीं टूटती। 9 वे नगर में इधर-उधर दौड़ते, और शहरपनाह पर चà¥à¤¤à¥‡ हैं; वे घरोंमें à¤à¤¸à¥‡ घà¥à¤¸à¤¤à¥‡ हैं जैसे चोर खिड़कियोंसे घà¥à¤¸à¤¤à¥‡ हैं।। 10 उनके आगे पृयà¥à¤µà¥€ कांप उठती है, और आकाश यरयराता है। सूरà¥à¤¯ और चनà¥à¤¦à¥à¤°à¤®à¤¾ काले हो जाते हैं, और तारे नहीं फलकते। 11 यहोवा अपके उस दल के आगे अपना शबà¥à¤¦ सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤¾ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसकी सेना बहà¥à¤¤ ही बड़ी है; जो अपना वचन पूरा करनेवाला है, वह सामरà¥à¤¯à¥€ है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहोवा का दिन बड़ा और अति à¤à¤¯à¤¾à¤¨à¤• है; उसको कौन सह सकेगा? 12 तौà¤à¥€ यहोवा की यह वाणी है, अà¤à¥€ à¤à¥€ सà¥à¤¨à¥‹, उपवास के साय रोते-पीटते अपके पूरे मन से फिरकर मेरे पास आओ। 13 अपके वसà¥à¤¤à¥à¤° नहीं, अपके मन ही को फाड़कर अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा की ओर फिरो; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹à¤•à¤¾à¤°à¥€, दयालà¥, विलमà¥à¤¬ से कà¥à¤°à¥‹à¤§ करनेवाला, करूणानिधान और दà¥:ख देकर पछतानेहारा है। 14 कà¥à¤¯à¤¾ जाने वह फिरकर पछताठऔर à¤à¤¸à¥€ आशीष दे जिस से तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा का अनà¥à¤¨à¤¬à¤²à¤¿ और अरà¥à¤§ दिया जाà¤à¥¤à¥¤ 15 सियà¥à¤¯à¥‹à¤¨ में नरसिंगा फूंको, उपवास का दिन ठहराओ, महासà¤à¤¾ का पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करो; 16 लोगोंको इकटà¥à¤ ा करो। सà¤à¤¾ को पवितà¥à¤° करो; पà¥à¤°à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को बà¥à¤²à¤¾ लो; बचà¥à¤šà¥‹à¤‚और दूधपीउवोंको à¤à¥€ इकटà¥à¤ ा करो। दà¥à¤²à¥à¤¹à¤¾ अपकà¥à¤•à¥€ कोठरी से, और दà¥à¤²à¥à¤¹à¤¿à¤¨ à¤à¥€ अपके कमरे से निकल आà¤à¤‚।। 17 याजक जो यहोवा के टहलà¥à¤ हैं, वे आंगल और वेदी के बीच में रो रोकर कहें, हे यहोवा अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ पर तरस खा; और अपके निज à¤à¤¾à¤— की नामधराई न होने दे; न अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ उसकी उपमा देने पाà¤à¤‚। जाति जाति के लोग आपस में कà¥à¤¯à¤¾à¤‚ कहने पाà¤à¤‚, कि उनका परमेशà¥à¤µà¤° कहां रहा? 18 तब यहोवा को अपके देश के विषय में जलन हà¥à¤ˆ, और उस ने अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ पर तरस खाया। 19 यहोवा ने अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लोगोंको उतà¥à¤¤à¤° दिया, सà¥à¤¨à¥‹, मैं अनà¥à¤¨ और नया दाखमधॠऔर ताजा तेल तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ देने पर हूं, और तà¥à¤® उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पाकर तृपà¥à¤¤ होगे; और मैं à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ नामधराई न होने दूंगा।। 20 मैं उतà¥à¤¤à¤° की ओर से आई हà¥à¤ˆ सेना को तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास से दूर करूंगा, और उसे à¤à¤• निरà¥à¤œà¤² और उजाड़ देश में निकाल दूंगा; उसका आगा तो पूरब के ताल की ओर और उसका पीछा पशà¥à¤šà¤¿à¤® के समà¥à¤¦à¥à¤° की ओर होगा; उस से दà¥à¤°à¥à¤—नà¥à¤§ उठेगी, और उसकी सड़ी गनà¥à¤§ फैलेगी, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उस ने बहà¥à¤¤ बà¥à¤°à¥‡ काम किठहैं।। 21 हे देश, तू मत डर; तू मगन हो और आननà¥à¤¦ कर, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहोवा ने बड़े बड़े काम किठहैं! 22 हे मैदान के पशà¥à¤“ं, मत डरो, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जंगल में चराई उगेगी, और वृठफलने लेगेंगे; अंजीर का वृठऔर दाखलता अपना अपना बल दिखाने लगेंगी। 23 हे सियà¥à¤¯à¥‹à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, तà¥à¤® अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा के कारण मगन हो, और आननà¥à¤¦ करो; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे वह वरà¥à¤·à¤¾, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ बरसात की पहिली वरà¥à¤·à¤¾ बहà¥à¤¤à¤¾à¤¯à¤¤ से देगा; और पहिले के समान अगली और पिछली वरà¥à¤·à¤¾ को à¤à¥€ बरसाà¤à¤—ा।। 24 तब खलिहान अनà¥à¤¨ से à¤à¤° जाà¤à¤‚गे, और रासकà¥à¤£à¥à¤¡ नथे दाखमधॠऔर ताजे तेल से उमड़ेंगे। 25 और जिन वरà¥à¤·à¥‹à¤‚की उपज अरà¥à¤¬à¥‡ नाम टिडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, और थेलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ मेरे बड़े दल ने जिसको मैं ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ बीच à¤à¥‡à¤œà¤¾, खा ली यी, मैं उसकी हानि तà¥à¤® को à¤à¤° दूंगा।। 26 तà¥à¤® पेट à¤à¤°à¤•à¤° खाओगे, और तृपà¥à¤¤ होगे, और अपके परमेशà¥à¤µà¤° यहोवा के नाम की सà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ करोगे, जिस ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ के काम किठहैं। और मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ की आशा फिर कà¤à¥€ न टूटेगी। 27 तब तà¥à¤® जानोगे कि मैं इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के बीच में हूं, और मैं, यहोवा, तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ परमेशà¥à¤µà¤° हूं और कोई दूसरा नहीं है। और मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ की आशा फिर कà¤à¥€ न टूटेगी।। 28 उन बातोंके बाद मैं सब पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚पर अपना आतà¥à¤®à¤¾ उणà¥à¤¡à¥‡à¤²à¥‚ंगा; तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ बेटे-बेटियां à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ करेंगी, और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पà¥à¤°à¤¨à¤¿à¤¥à¥‡ सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ देखेंगे, और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ जवान दरà¥à¤¶à¤¨ देखेंगे। 29 तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ दास और दासियोंपर à¤à¥€ मैं उन दिनोंमें अपना आतà¥à¤®à¤¾ उणà¥à¤¡à¥‡à¤²à¥‚ंगा।। 30 और मैं आकाश में और पृयà¥à¤µà¥€ पर चमतà¥à¤•à¤¾à¤°, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ लोहू और आग और धूà¤à¤‚ के खमà¥à¤à¥‡ दिखाऊंगा। 31 यहोवा के उस बड़े और à¤à¤¯à¤¾à¤¨à¤• दिन के आने से पहिले सूरà¥à¤¯ अनà¥à¤§à¤¿à¤•à¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¤¾ होगा और चनà¥à¤¦à¥à¤°à¤®à¤¾ रकà¥à¤¤ सा हो जाà¤à¤—ा। 32 उस समय जो कोई यहोवा से पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करेगा, वह छà¥à¤Ÿà¤•à¤¾à¤°à¤¾ पाà¤à¤—ा; और यहोवा के वचन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सियà¥à¤¯à¥‹à¤¨ परà¥à¤µà¤¤ पर, और यरूशलेम में जिन बचे हà¥à¤“ं को यहोवा बà¥à¤²à¤¾à¤à¤—ा, वे उदà¥à¤µà¤¾à¤° पाà¤à¤‚गे।।
1 कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤¨à¥‹, जिन दिनोंमें और जिस समय मैं यहूदा और यरूशलेम वासिकà¥à¤•à¥‹à¤‚ बंधà¥à¤†à¤ˆ से लौटा ले आऊंगा, 2 उस समय मैं सब जातियोंको इकटà¥à¤ ी करके यहोशपात की तराई में ले जाऊंगा, और वहां उनके साय अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€Œ अपके निज à¤à¤¾à¤— इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के विषय में जिसे उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚में तितर-बितर करके मेरे देश को बांट लिया है, उन से मà¥à¤•à¤¦à¥à¤¦à¤®à¤¾ लडूंगा। 3 उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने तो मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ पर चिटà¥à¤ ी डाली, और à¤à¤• लड़का वेशà¥à¤¯à¤¾ के बदले में दे दिया, और à¤à¤• लड़की बेचकर दाखमधॠपीया है।। 4 हे सोर, और सीदोन और पलिशà¥à¤¤à¥€à¤¨ के सब पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹, तà¥à¤® को मà¥à¤ से कà¥à¤¯à¤¾ काम? कà¥à¤¯à¤¾ तà¥à¤® मà¥à¤ को बदला दोगे? यदि तà¥à¤® मà¥à¤à¥‡ बदला à¤à¥€ दो, तो मैं शीघà¥à¤° ही तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ दिया हà¥à¤† बदला, तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ ही सिर पर डाल दूंगा। 5 कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤® ने मेरी चानà¥à¤¦à¥€-सोना ले लिया, और मेरी अचà¥à¤›à¥€ और मनà¤à¤¾à¤µà¤¨à¥€ वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚ अपके मनà¥à¤¦à¤¿à¤°à¥‹à¤‚में ले जाकर रखी है; 6 और यहूदियोंऔर यरूशलेमियोंको यूनानियोंके हाथ इसलिथे बेच डाला है कि वे अपके देश से दूर किठजाà¤à¤‚। 7 इसलिथे सà¥à¤¨à¥‹, मैं उनको उस सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से, जहां के जानेवालोंके हाथ तà¥à¤® ने उनको बेच दिया, बà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ पर हूं, और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ दिया हà¥à¤† बदला, तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ ही सिर पर डाल दूंगा। 8 मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ बेटे-बेटियोंको यहूदियोंके हाथ बिकवा दूंगा, और वे उसको शबाइयोंके हाथ बेच देंगे जो दूर देश के रहनेवाले हैं; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहोवा ने यह कहा है।। 9 जाति जाति में यह पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करो, यà¥à¤¦à¥à¤§ की तैयारी करो, अपके शूरवीरोंको उà¤à¤¾à¤°à¥‹à¥¤ सब योदà¥à¤§à¤¾ निकट आकर लड़ने को चà¥à¥‡à¤‚। 10 अपके अपके हल की फाल को पीटकर तलवार, और अपकà¥à¤•à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ हंसिया को पीटकर बरà¥à¤›à¥€ बनाओ; जो बलहीन हो वह à¤à¥€ कहे, मैं वीर हूं।। 11 हे चारोंओर के जाति जाति के लोगो, फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€ करके आओ और इकटà¥à¤ े हो जाओ। हे यहोवा, तू à¤à¥€ अपके शूरवीरोंको वहां ले जा। 12 जाति जाति के लोग उà¤à¤°à¤•à¤° चॠजाà¤à¤‚ और यहोशापात की तराई में जाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वहां मैं चारोंआरे की सारी जातियोंका नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ करने को बैठूंगा।। 13 हंसà¥à¤† लगाओ, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि खेत पक गया है। आओ, दाख रौंदो, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हौज़ à¤à¤° गया है। रसकà¥à¤£à¥à¤¡ उमणà¥à¤¡à¤¨à¥‡ लगे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनकी बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ बहà¥à¤¤ बड़ी है।। 14 निबटारे की तराई में à¤à¥€à¥œ की à¤à¥€à¥œ है! कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि निबटारे की तराई में यहोवा का दिन निकट है। 15 सूरà¥à¤¯ और चनà¥à¤¦à¥à¤°à¤®à¤¾ अपना अपना पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤¶ न देंगे, और न तारे चमकेंगे।। 16 और यहोवा सियà¥à¤¯à¥‹à¤¨ से गरजेगा, और यरूशलेम से बड़ा शबà¥à¤¦ सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤—ा; और आकाश और पृयà¥à¤µà¥€ यरयराà¤à¤‚गे। परनà¥à¤¤à¥ यहोवा अपकà¥à¤•à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾ के लिथे शरणसà¥à¤¯à¤¾à¤¨ और इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के लिथे गॠठहरेगा।। 17 इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° तà¥à¤® जानोगे कि यहोवा जो अपके पवितà¥à¤° परà¥à¤µà¤¤ सियà¥à¤¯à¥‹à¤¨ पर वास किठरहता है, वही हमारा परमेशà¥à¤µà¤° है। और यरूशलेम पवितà¥à¤° ठहरेगा, और परदेशी उस में होकर फिर न जाने पाà¤à¤‚गे।। 18 और उस समय पहाड़ोंसे नया दाखमधॠटपकने लगेगा, और टीलोंसे दूध बहने लगेगा, और यहूदा देश के सब नाले जल से à¤à¤° जाà¤à¤‚गे; और यहोवा के à¤à¤µà¤¨ में से à¤à¤• सोता फूट निकलेगा, जिस से शितà¥à¤¤à¥€à¤® का नाम नाला सींचा जाà¤à¤—ा।। 19 यहूदियोंपर उपदà¥à¤°à¤µ करने के कारण, मिसà¥à¤° उजाड़ और à¤à¤¦à¥‹à¤® उजड़ा हà¥à¤† मरूसà¥à¤¯à¤² हो जाà¤à¤—ा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उनके देश में निरà¥à¤¦à¥‹à¤· की हतà¥à¤¯à¤¾ की यी। 20 परनà¥à¤¤à¥ यहूदा सरà¥à¤µà¤¦à¤¾ और यरूशलेम पीà¥à¥€ पीà¥à¥€ तब बना रहेगा। 21 कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनका खून, जो अब तक मैं ने पवितà¥à¤° नहीं ठहराया या, उसे अब पवितà¥à¤° ठहराऊंगा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहोवा सियà¥à¤¯à¥‹à¤¨ में वास किठरहता है।।