1 इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤® की सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨, दाऊद की सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨, यीशॠमसीह की वंशावली। 2 इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤® से इसहाक उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; इसहाक से याकूब उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और याकूब से यहूदा और उसके à¤à¤¾à¤ˆ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤à¥¤ 3 यहूदा से फिरिस, और यहूदा और तामार से जोरह उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤; और फिरिस से हिसà¥à¤°à¥‹à¤¨ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†, और हिसà¥à¤°à¥‹à¤¨ से à¤à¤°à¤¾à¤® उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ 4 और à¤à¤°à¤¾à¤® से अमà¥à¤®à¥€à¤¨à¤¾à¤¦à¤¾à¤¬ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और अमà¥à¤®à¥€à¤¨à¤¾à¤¦à¤¾à¤¬ से नहशोन और नहशोन से सलमोन उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ 5 और सलमोन और राहब से बोअज उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ और बोअज और रूत से ओबेद उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और ओबेद से यिशै उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ 6 और यिशै से दाऊद राजा उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤à¥¤ 7 और दाऊद से सà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤¨ उस सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ से उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤† जो पहिले उरियà¥à¤¯à¤¾à¤¹ की पतà¥â€à¤¨à¥€ यी। 8 और सà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤¨ से रहबाम उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और रहबाम से अबियà¥à¤¯à¤¾à¤¹ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और अबियà¥à¤¯à¤¾à¤¹ से आसा उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और आसा से यहोशफात उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और यहोशाफात से योराम उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†, और योराम से उजà¥à¥›à¤¿à¤¯à¤¾à¤¹ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ 9 और उजà¥à¥›à¤¿à¤¯à¤¾à¤¹ से योताम उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और योताम से आहाज उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और आहाज से हिजकियà¥à¤¯à¤¾à¤¹ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ 10 और िहिजकियà¥à¤¯à¤¾à¤¹ से मनशà¥â€à¤¶à¤¿à¤¹ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ और मनशà¥â€à¤¶à¤¿à¤¹ से आमोन उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और आमोन से योशियà¥à¤¯à¤¾à¤¹ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ 11 और बनà¥â€à¤¦à¥€ होकर बाबूल जाने के समय में योशियà¥à¤¯à¤¾à¤¹ से यकà¥à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¹, और उस के à¤à¤¾à¤ˆ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤à¥¤à¥¤ 12 बनà¥â€à¤¦à¥€ होकर बाबà¥à¤² पहà¥à¤‚चाठजाने के बाद यकà¥à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¹ से शालतिà¤à¤² उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और शालतिà¤à¤² से जरूबà¥â€à¤¬à¤¾à¤¬à¤¿à¤² उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ 13 और जरूबà¥â€à¤¬à¤¾à¤¬à¤¿à¤² से अबीहूद उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†, और अबीहूद से इलà¥à¤¯à¤¾à¤•à¥€à¤® उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और इलà¥à¤¯à¤¾à¤•à¥€à¤® से अजोर उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ 14 और अजोर से सदोक उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और सदोक से अखीम उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और अखीम से इलीहूद उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ 15 और इलीहूद से इलियाजार उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और इलियाजर से मतà¥à¤¤à¤¾à¤¨ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; और मतà¥à¤¤à¤¾à¤¨ से याकूब उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ 16 और याकूब से यूसà¥à¤« उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†; जो मरियम का पति या जिस से यीशॠजो मसीह कहलाता है उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤à¥¤ 17 इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤® से दाऊद तक सब चौदह पीढ़ी हà¥à¤ˆ और दाऊद से बाबà¥à¤² को बनà¥â€à¤¦à¥€ होकर पहà¥à¤‚चाठजाने तक चौदह पीढ़ी और बनà¥â€à¤¦à¥€ होकर बाबà¥à¤² को पहà¥à¤‚चाठजाने के समय से लेकर मसीह तक चौदह पीढ़ी हà¥à¤ˆà¥¤à¥¤ 18 अब यीशॠमसीह का जनà¥à¥˜ इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° से हà¥à¤†, कि जब उस की माता मरियम की मंगनी यूसà¥à¤« के साय हो गई, तो उन के इकटà¥à¤ े होने के पहिले से वह पवितà¥à¤° आतà¥à¥˜à¤¾ की ओर से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ पाई गई। 19 सो उसके पति यूसà¥à¤« ने जो धरà¥à¤®à¥€ या और उसे बदनाम करना नहीं चाहता या, उसे चà¥à¤ªà¤•à¥‡ से तà¥à¤¯à¤¾à¤— देने की मनसा की। 20 जब वह इन बातोंके सोच ही में या तो पà¥à¤°à¤à¥ का सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—दूत उसे सà¥â€à¤µà¤ªà¥â€à¤¨ में दिखाई देकर कहने लगा; हे यूसà¥à¤« दाऊद की सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨, तू अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥â€à¤¨à¥€ मरियम को अपके यहां ले आने से मत डर; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जो उसके गरà¥à¤ में है, वह पवितà¥à¤° आतà¥à¥˜à¤¾ की ओर से है। 21 वह पà¥à¤¤à¥à¤° जनेगी और तू उसका नाम यीशॠरखना; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह अपके लोगोंका उन के पापोंसे उदà¥à¤µà¤¾à¤° करेगा। 22 यह सब कà¥à¤› इसलिथे हà¥à¤† कि जो वचन पà¥à¤°à¤à¥ ने à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कहा या; वह पूरा हो। 23 कि, देखो à¤à¤• कà¥à¤‚वारी गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होगी और à¤à¤• पà¥à¤¤à¥à¤° जनेगी और उसका नाम इमà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥à¤à¤² रखा जाà¤à¤—ा जिस का अरà¥à¤¯ यह है ?परमेशà¥à¤µà¤° हमारे साय। 24 सो यूसà¥à¤« नींद से जागकर पà¥à¤°à¤à¥ के दूत की आजà¥à¤žà¤¾ अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥â€à¤¨à¥€ को अपके यहां ले आया। 25 और जब तक वह पà¥à¤¤à¥à¤° न जनी तब तक वह उसके पास न गया: और उस ने उसका नाम यीशॠरखा।।
1 हेरोदेस राजा के दिनोंमें जब यहूदिया के बैतलहम में यीशॠका जनà¥à¥˜ हà¥à¤†, तो देखो, पूरà¥à¤µ से कई जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¥€ यरूशलेम में आकर पूछने लगे। 2 कि यहूदियोंका राजा जिस का जनà¥à¥˜ हà¥à¤† है, कहां है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हम ने पूरà¥à¤µ में उसका तारा देखा है और उस को पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤® करने आठहैं। 3 यह सà¥à¤¨à¤•à¤° हेरोदेस राजा और उसके साय सारा यरूशलेम घबरा गया। 4 और उस ने लोगोंके सब महाथाजकोंऔर शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को इकटà¥à¤ े करके उन से पूछा, कि मसीह का जनà¥à¥˜ कहाठहोना चाहिठ5 उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उस से कहा, यहूदिया के बैतलहम में; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ योंलिखा है। 6 कि हे बैतलहम, जो यहूदा के देश में है, तू किसी रीति से यहूदा के अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚में सब से छोटा नहीं; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤ में से à¤à¤• अधिपति निकलेगा, जो मेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾ इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² की रखवाली करेगा। 7 तब हेरोदेस ने जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को चà¥à¤ªà¤•à¥‡ से बà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° उन से पूछा, कि तारा ठीक किस समय दिखाई दिया या। 8 और उस ने यह कहकर उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ बैतलहम à¤à¥‡à¤œà¤¾, कि जाकर उस बालक के विषय में ठीक ठीक मालूम करो और जब वह मिल जाठतो मà¥à¤à¥‡ समाचार दो ताकि मैं à¤à¥€ आकर उस को पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤® करूं। 9 वे राजा की बात सà¥à¤¨à¤•à¤° चले गà¤, और देखो, जो तारा उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने पूरà¥à¤µ में देखा या, वह उन के आगे आगे चला, और जंहा बालक या। उस जगह के ऊपर पंहà¥à¤šà¤•à¤° ठहर गया।। 10 उस तारे को देखकर वे अति आननà¥â€à¤¦à¤¿à¤¤ हà¥à¤à¥¤ 11 और उस घर में पहà¥à¤‚चकर उस बालक को उस की माता मरियम के साय देखा, और मà¥à¤‚ह के बल गिरकर उसे पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤® किया; और अपना अपना यैला खोलकर उसे सोना, और लोहबान, और गनà¥â€à¤§à¤°à¤¸ की à¤à¥‡à¤‚ट चढ़ाई। 12 और सà¥â€à¤µà¤ªà¥â€à¤¨ में यह चितौनी पाकर कि हेरोदेस के पास फिर न जाना, वे दूसरे मारà¥à¤— से होकर अपके देश को चले गà¤à¥¤à¥¤ 13 उन के चले जाने के बाद देखो, पà¥à¤°à¤à¥ के à¤à¤• दूत ने सà¥â€à¤µà¤ªà¥â€à¤¨ में यूसà¥à¤« को दिखाई देकर कहा, उठ; उस बालक को और उस की माता को लेकर मिसà¥à¤° देश को à¤à¤¾à¤— जा; और जब तक मैं तà¥à¤ से न कहूं, तब तक वही रहना; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हेरोदेस इस बालक को ढूंढ़ने पर है कि उसे मरवा डाले। 14 वह रात ही को उठकर बालक और उस की माता को लेकर मिसà¥à¤° को चल दिया। 15 और हेरोदेस के मरने तक वहीं रहा; इसलिथे कि वह वचन जो पà¥à¤°à¤à¥ ने à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कहा या कि मैं ने अपके पà¥à¤¤à¥à¤° को मिसà¥à¤° से बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ पूरा हो। 16 जब हेरोदेस ने यह देखा, कि जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने मेरे साय ठटà¥à¤ ा किया है, तब वह कà¥à¤°à¥‹à¤§ से à¤à¤° गया; और लोगोंको à¤à¥‡à¤œà¤•à¤° जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से ठीक ठीक पूछे हà¥à¤ समय के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बैतलहम और उसके आस पास के सब लड़कोंको जो दो वरà¥à¤· के, वा उस से छोटे थे, मरवा डाला। 17 तब जो वचन यिरà¥à¤®à¤¯à¤¾à¤¹ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कहा गया या, वह पूरा हà¥à¤†, 18 कि रामाह में à¤à¤• करूण-नाद सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ दिया, रोना और बड़ा विलाप, राहेल अपके बालकोंके लिथे रो रही यी, और शानà¥â€à¤¤ होना न चाहती यी, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे हैं नहीं।। 19 हेरोदेस के मरने के बाद देखो, पà¥à¤°à¤à¥ के दूत ने मिसà¥à¤° में यूसà¥à¤« को सà¥â€à¤µà¤ªà¥â€à¤¨ में दिखाई देकर कहा। 20 कि उठ, बालक और उस की माता को लेकर इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के देश में चला जा; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚किं जो बालक के पà¥à¤°à¤¾à¤£ लेना चाहते थे, वे मर गà¤à¥¤ 21 वह उठा, और बालक और उस की माता को साय लेकर इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के देश में आया। 22 परनà¥â€à¤¤à¥ यह सà¥à¤¨à¤•à¤° कि अरिखलाउस अपके पिता हेरोदेस की जगह यहूदिया पर राजà¥à¤¯ कर रहा है, वहां जाने से डरा; और सà¥â€à¤µà¤ªà¥â€à¤¨ में चितौनी पाकर गलील देश में चला गया। 23 और नासरत नाम नगर में जा बसा; ताकि वह वचन पूरा हो, जो à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कहा गया या, कि वह नासरी कहलाà¤à¤—ा।।
1 उन दिनोंमें यूहनà¥à¤¨à¤¾ बपतिसà¥à¥˜à¤¾ देनेवाला आकर यहूदिया के जंगल में यह पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करने लगा। कि 2 मन फिराओ; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ निकट आ गया है। 3 यह वही है जिस की चरà¥à¤šà¤¾ यशायाह à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की गई कि जंगल में à¤à¤• पà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¤µà¤¾à¤²à¥‡ का शबà¥â€à¤¦ हो रहा है, कि पà¥à¤°à¤à¥ का मारà¥à¤— तैयार करो, उस की सड़कें सीधी करो। 4 यह यूहनà¥à¤¨à¤¾ ऊंट के रोम का वसà¥â€à¤¤à¥à¤° पहिने या, और अपकà¥à¤•à¥€ कमर में चमड़े का पटà¥à¤•à¤¾ बानà¥â€à¤§à¥‡ हà¥à¤ या, और उसका à¤à¥‹à¤œà¤¨ टà¥à¤Ÿà¤¿à¤¡à¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤ और बनमधॠया। 5 तब यरूशलेम के और सारे यहूदिया के, और यरदन के आस पास के सारे देश के लोग उसके पास निकल आà¤à¥¤ 6 और अपके अपके पापोंको मानकर यरदन नदी में उस से बपतिसà¥à¥˜à¤¾ लिया। 7 जब उस ने बहà¥à¤¤à¥‡à¤°à¥‡ फरीसियोंऔर सदूकियोंको बपतिसà¥à¥˜à¤¾ के लिथे अपके पास आते देखा, तो उन से कहा, कि हे सांप के बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ किस ने जता दिया, कि आनेवाले कà¥à¤°à¥‹à¤§ से à¤à¤¾à¤—ो 8 सो मन फिराव के योगà¥à¤¯ फल लाओ। 9 और अपके अपके मन में यह न सोचो, कि हमारा पिता इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤® है; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं तà¥à¤® से कहता हूं, कि परमेशà¥à¤µà¤° इन पतà¥à¤¯à¤°à¥‹à¤‚से इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤® के लिथे सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकता है। 10 और अब कà¥à¤²à¥à¤¹à¤¾à¤¡à¤¼à¤¾ पेड़ोंकी जड़ पर रखा हà¥à¤† है, इसलिथे जो जो पेड़ अचà¥â€à¤›à¤¾ फल नहीं लाता, वह काटा और आग में फोंका जाता है। 11 मैं तो पानी से तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ मन फिराव का बपतिसà¥à¥˜à¤¾ देता हूं, परनà¥â€à¤¤à¥ जो मेरे बाद आनेवाला है, वह मà¥à¤ से शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ है; मैं उस की जूती उठाने के योगà¥à¤¯ नहीं, वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ पवितà¥à¤° आतà¥à¥˜à¤¾ और आग से बपतिसà¥à¥˜à¤¾ देगा। 12 उसका सूप उस के हाथ में है, और वह अपना खलिहान अचà¥â€à¤›à¥€ रीति से साफ करेगा, और अपके गेहूं को तो खतà¥à¤¤à¥‡ में इकटà¥à¤ ा करेगा, परनà¥â€à¤¤à¥ à¤à¥‚सी को उस आग में जलाà¤à¤—ा जो बà¥à¤«à¤¨à¥‡ की नहीं।। 13 उस समय यीशॠमसीह गलील से यरदन के किनारे पर यूहनà¥à¤¨à¤¾ के पास उस से बपतिसà¥à¥˜à¤¾ लेने आया। 14 परनà¥â€à¤¤à¥ यूहनà¥à¤¨à¤¾ यह कहकर उसे रोकने लगा, कि मà¥à¤à¥‡ तेरे हाथ से बपतिसà¥à¥˜à¤¾ लेने की आवशà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¾ है, और तू मेरे पास आया है 15 यीशॠने उस को यह उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि अब तो à¤à¤¸à¤¾ ही होने दे, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हमें इसी रीति से सब धामिरà¥à¤•à¤¤à¤¾ को पूरा करना उचित है, तब उस ने उस की बात मान ली। 16 और यीशॠबपतिसà¥à¥˜à¤¾ लेकर तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ पानी में से ऊपर आया, और देखो, उसके लिथे आकाश खà¥à¤² गया; और उस ने परमेशà¥à¤µà¤° के आतà¥à¥˜à¤¾ को कबूतर की नाई उतरते और अपके ऊपर आते देखा। 17 और देखो, यह आकाशवाणी हà¥à¤ˆ, कि यह मेरा पà¥à¤°à¤¿à¤¯ पà¥à¤¤à¥à¤° है, जिस से मैं अतà¥à¤¯à¤¨à¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ हूं।।
1 तब उस समय आतà¥à¥˜à¤¾ यीशॠको जंगल में ले गया ताकि इबà¥â€à¤²à¥€à¤¸ से उस की पकà¥à¤•à¥€à¤à¤¾ हो। 2 वह चालीस दिन, और चालीस रात, निराहार रहा, अनà¥â€à¤¤ में उसे à¤à¥‚ख लगी। 3 तब परखनेवाले ने पास आकर उस से कहा, यदि तू परमेशà¥à¤µà¤° का पà¥à¤¤à¥à¤° है, तो कह दे, कि थे पतà¥à¤¯à¤° रोटियां बन जाà¤à¤‚। 4 उस ने उतà¥à¤¤à¤° दिया; कि लिखा है कि मनà¥à¤·à¥à¤¯ केवल रोटी ही से नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ हर à¤à¤• वचन से जो परमेशà¥à¤µà¤° के मà¥à¤– से निकलता है जीवित रहेगा। 5 तब इबà¥â€à¤²à¥€à¤¸ उसे पवितà¥à¤° नगर में ले गया और मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° के कंगूरे पर खड़ा किया। 6 और उस से कहा यदि तू परमेशà¥à¤µà¤° का पà¥à¤¤à¥à¤° है, तो अपके आप को नीचे गिरा दे; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि लिखा है, कि वह तेरे विषय में अपके सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—दूतोंको आजà¥à¤žà¤¾ देगा; और वे तà¥à¤à¥‡ हाथोंहाथ उठा लेंगे; कहीं à¤à¤¸à¤¾ न हो कि तेरे पांवोंमें पतà¥à¤¯à¤° से ठेस लगे। 7 यीशॠने उस से कहा; यह à¤à¥€ लिखा है, कि तू पà¥à¤°à¤à¥ अपके परमेशà¥à¤µà¤° की पकà¥à¤•à¥€à¤à¤¾ न कर। 8 फिर शैतान उसे à¤à¤• बहà¥à¤¤ ऊंचे पहाड़ पर ले गया और सारे जगत के राजà¥à¤¯ और उसका विà¤à¤µ दिखाकर 9 उस से कहा, कि यदि तू गिरकर मà¥à¤à¥‡ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤® करे, तो मैं यह सब कà¥à¤› तà¥à¤à¥‡ दे दूंगा। 10 तब यीशॠने उस से कहा; हे शैतान दूर हो जा, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि लिखा है, कि तू पà¥à¤°à¤à¥ अपके परमेशà¥à¤µà¤° को पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤® कर, और केवल उसी की उपासना कर। 11 तब शैतान उसके पास से चला गया, और देखो, सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—दूत आकर उस की सेवा करने लगे।। 12 जब उस ने यह सà¥à¤¨à¤¾ कि यूहनà¥à¤¨à¤¾ पकड़वा दिया गया, तो वह गलील को चला गया। 13 और नासरत को छोड़कर कफरनहूम में जो फील के किनारे जबूलून और नपताली के देश में है जाकर रहने लगा। 14 ताकि जो यशायाह à¤à¤µà¤¿à¤·à¥â€à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कहा गया या, वह पूरा हो। 15 कि जबूलून और नपताली के देश, फील के मारà¥à¤— से यरदन के पास अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚का गलील। 16 जो लोग अनà¥â€à¤§à¤•à¤¾à¤° में बैठे थे उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने बड़ी जà¥à¤¯à¥‹à¤‚ति देखी; और जो मृतà¥à¤¯à¥ के देश और छाया में बैठे थे, उन पर जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿ चमकी।। 17 उस समय से यीशॠपà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करना और यह कहना आरमà¥à¤ किया, कि मन फिराओ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ निकट आया है। 18 उस ने गलील की फील के किनारे फिरते हà¥à¤ दो à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€ शमौन को जो पतरस कहलाता है, और उसके à¤à¤¾à¤ˆ अनà¥â€à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¸ को फील में जाल डालते देखा; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे मछवे थे। 19 और उन से कहा, मेरे पीछे चले आओ, तो मैं तà¥à¤® को मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के पकड़नेवाले बनाऊंगा। 20 वे तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ जालोंको छोड़कर उसके पीछे हो लिà¤à¥¤ 21 और वहां से आगे बढ़कर, उस ने और दो à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€ जबà¥â€à¤¦à¥€ के पà¥à¤¤à¥à¤° याकूब और उसके à¤à¤¾à¤ˆ यूहनà¥à¤¨à¤¾ को अपके पिता जबà¥â€à¤¦à¥€ के साय नाव पर अपके जालोंको सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¤à¥‡ देखा; और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ 22 वे तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ नाव और अपके पिता को छोड़कर उसके पीछे हो लिà¤à¥¤à¥¤ 23 और यीशॠसारे गलील में फिरता हà¥à¤† उन की सà¤à¤¾à¤“ं में उपकेश करता और राजà¥à¤¯ का सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करता, और लोगोंकी हर पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की बीमारी और रà¥à¤¦à¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ को दूर करता रहा। 24 और सारे सूरिया में उसका यश फैल गया; और लोग सब बीमारोंको, जो नाना पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की बीमारियोंऔर दà¥à¤–ोंमें जकड़े हà¥à¤ थे, और जिन में दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤à¤‚ यीं और मिरà¥à¤—ीवालोंऔर फोले के मारे हà¥à¤“ं को उसके पास लाठऔर उस ने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ चंगा किया। 25 और गलील और दिकापà¥à¤²à¤¿à¤¸ और यरूशलेम और यहूदिया से और यरदन के पार से à¤à¥€à¤¡à¤¼ की à¤à¥€à¤¡à¤¼ उसके पीछे हो ली।।
1 वह इस à¤à¥€à¤¡à¤¼ को देखकर, पहाड़ पर चढ़ गया; और जब बैठगया तो उसके चेले उसके पास आà¤à¥¤ 2 और वह अपना मà¥à¤‚ह खोलकर उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ यह उपकेश देने लगा, 3 धनà¥à¤¯ हैं वे, जो मन के दीन हैं, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ उनà¥â€à¤¹à¥€à¤‚ का है। 4 धनà¥à¤¯ हैं वे, जो शोक करते हैं, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे शांति पाà¤à¤‚गे। 5 धनà¥à¤¯ हैं वे, जो नमà¥à¤° हैं, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे पृयà¥â€à¤µà¥€ के अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¥€ होंगे। 6 धनà¥à¤¯ हैं वे, जो दयावनà¥â€à¤¤ हैं, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि उन पर दया की जाà¤à¤—ी। 7 धनà¥à¤¯ हैं वे, जिन के मन शà¥à¤¦à¥à¤§ हैं, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे परमेशà¥à¤µà¤° को देखेंगे। 8 धनà¥à¤¯ हैं वे, जो मेल करवानेवाले हैं, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे परमेशà¥à¤µà¤° के पà¥à¤¤à¥à¤° कहलाà¤à¤‚गे। 9 धनà¥à¤¯ हैं वे, जो धरà¥à¤® के कारण सताठजाते हैं, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ उनà¥â€à¤¹à¥€à¤‚ का है। 10 धनà¥à¤¯ हो तà¥à¤®, जब मनà¥à¤·à¥à¤¯ मेरे कारण फूठबोल बोलकर तà¥à¤®à¥à¤¹à¤°à¥‹ विरोध में सब पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की बà¥à¤°à¥€ बात कहें। 11 आननà¥â€à¤¦à¤¿à¤¤ और मगन होना कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में बड़ा फल है इसलिथे कि उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उन à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं को जो तà¥à¤® से पहिले थे इसी रीति से सताया या।। 12 तà¥à¤® पृयà¥â€à¤µà¥€ के नमक हो; परनà¥â€à¤¤à¥ यदि नमक का सà¥â€à¤µà¤¾à¤¦ बिगड़ जाà¤, तो वह फिर किस वसà¥â€à¤¤à¥ से नमकीन किया जाà¤à¤—ा 13 तà¥à¤® पृयà¥â€à¤µà¥€ के नमक हो; परनà¥â€à¤¤à¥ यदि नमक का सà¥â€à¤µà¤¾à¤¦ बिगड़ जाà¤, तो वह फिर किस वसà¥â€à¤¤à¥ से नमकीन किया जाà¤à¤—ा फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाठऔर मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के पैरोंतले रौंआ जाà¤à¥¤ 14 तà¥à¤® जगत की जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿ हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हà¥à¤† है वह छिप नहीं सकता। 15 और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परनà¥â€à¤¤à¥ दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगोंको पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤¶ पहà¥à¤‚चता है। 16 उसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ उजियाला मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ चमके कि वे तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ à¤à¤²à¥‡ कामोंको देखकर तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पिता की, जो सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में हैं, बड़ाई करें।। 17 यह न समà¤à¥‹, कि मैं वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ या à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं की पà¥à¤¸à¥â€à¤¤à¤•à¥‹à¤‚को लोप करने आया हूं। 18 लोप करने नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ पूरा करने आया हूं, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि जब तक आकाश और पृयà¥â€à¤µà¥€ टल न जाà¤à¤‚, तब तक वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ से à¤à¤• मातà¥à¤°à¤¾ या बिनà¥â€à¤¦à¥ à¤à¥€ बिना पूरा हà¥à¤ नहीं टलेगा। 19 इसलिथे जो कोई इन छोटी से छोटी आजà¥à¤žà¤¾à¤“ं में से किसी à¤à¤• को तोड़े, और वैसा ही लोगोंको सिखाà¤, वह सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ में सब से छोटा कहलाà¤à¤—ा; परनà¥â€à¤¤à¥ जो कोई उन का पालन करेगा और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ सिखाà¤à¤—ा, वही सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ में महान कहलाà¤à¤—ा। 20 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं तà¥à¤® से कहता हूं, कि यदि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ धामिरà¥à¤•à¤¤à¤¾ शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और फरीसियोंकी धामिरà¥à¤•à¤¤à¤¾ से बढ़कर न हो, तो तà¥à¤® सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ में कà¤à¥€ पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने न पाओगे।। 21 तà¥à¤® सà¥à¤¨ चà¥à¤•à¥‡ हो, कि पूरà¥à¤µà¤•à¤¾à¤² के लोगोंसे कहा गया या कि हतà¥à¤¯à¤¾ न करना, और जो कोई हतà¥à¤¯à¤¾ करेगा वह कचहरी में दणà¥â€à¤¡ के योगà¥à¤¯ होगा। 22 परनà¥â€à¤¤à¥ मैं तà¥à¤® से यह कहता हूं, कि जो कोई अपके à¤à¤¾à¤ˆ पर कà¥à¤°à¥‹à¤§ करेगा, वह कचहरी में दणà¥â€à¤¡ के योगà¥à¤¯ होगा: और जो कोई अपके à¤à¤¾à¤ˆ को निकमà¥à¤®à¤¾ कहेगा वह महासà¤à¤¾ में दणà¥â€à¤¡ के योगà¥à¤¯ होगा; और जो कोई कहे ?अरे मूरà¥à¤– वह नरक की आग के दणà¥â€à¤¡ के योगà¥à¤¯ होगा। 23 इसलिथे यदि तू अपकà¥à¤•à¥€ à¤à¥‡à¤‚ट वेदी पर लाà¤, और वहां तू सà¥à¥˜à¤°à¤£ करे, कि मेरे à¤à¤¾à¤ˆ के मन में मेरी ओर से कà¥à¤› विरोध है, तो अपकà¥à¤•à¥€ à¤à¥‡à¤‚ट वहीं वेदी के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ छोड़ दे। 24 और जाकर पहिले अपके à¤à¤¾à¤ˆ से मेल मिलाप कर; तब आकर अपकà¥à¤•à¥€ à¤à¥‡à¤‚ट चढ़ा। 25 जब तक तू अपके मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤ˆ के साय मारà¥à¤— में हैं, उस से फटपट मेल मिलाप कर ले कहीं à¤à¤¸à¤¾ न हो कि मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤ˆ तà¥à¤à¥‡ हाकिम को सौंपे, और हाकिम तà¥à¤à¥‡ सिपाही को सौंप दे और तू बनà¥â€à¤¦à¥€à¤—ृह में डाल दिया जाà¤à¥¤ 26 मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं कि जब तक तू कौड़ी कौड़ी à¤à¤° न दे तब तक वहां से छूटने न पाà¤à¤—ा।। 27 तà¥à¤® सà¥à¤¨ चà¥à¤•à¥‡ हो कि कहा गया या, कि वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° न करना। 28 परनà¥â€à¤¤à¥ मैं तà¥à¤® से यह कहता हूं, कि जो कोई किसी सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ पर कà¥à¤¦à¥ƒà¤·à¥â€à¤Ÿà¤¿ डाले वह अपके मन में उस से वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° कर चà¥à¤•à¤¾à¥¤ 29 यदि तेरी दिहनी आंख तà¥à¤à¥‡ ठोकर खिलाà¤, तो उसे निकालकर अपके पास से फेंक दे; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तेरे लिथे यही à¤à¤²à¤¾ है कि तेरे अंगोंमें से à¤à¤• नाश हो जाठऔर तेरा सारा शरीर नरक में न डाला जाà¤à¥¤ 30 और यदि तेरा दिहना हाथ तà¥à¤à¥‡ ठोकर खिलाà¤, तो उस को काटकर अपके पास से फेंक दे, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तेरे लिथे यही à¤à¤²à¤¾ है, कि तेरे अंगोंमें से à¤à¤• नाश हो जाठऔर तेरा सारा शरीर नरक में न डाला जाà¤à¥¤à¥¤ 31 यह à¤à¥€ कहा गया या, कि जो कोई अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥â€à¤¨à¥€ को तà¥à¤¯à¤¾à¤— दे तो उसे तà¥à¤¯à¤¾à¤—पतà¥à¤° दे। 32 परनà¥â€à¤¤à¥ मैं तà¥à¤® से यह कहता हूं कि जो कोई अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥â€à¤¨à¥€ को वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° के सिवा किसी और कारण से छोड़ दे, तो वह उस से वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° करवाता है; और जो कोई उस तà¥à¤¯à¤¾à¤—ी हà¥à¤ˆ से बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ करे, वह वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° करता है।। 33 फिर तà¥à¤® सà¥à¤¨ चà¥à¤•à¥‡ हो, कि पूरà¥à¤µà¤•à¤¾à¤² के लोगोंसे कहा गया या कि फूठी शपय न खाना, परनà¥â€à¤¤à¥ पà¥à¤°à¤à¥ के लिथे अपकà¥à¤•à¥€ शपय को पूरी करना। 34 परनà¥â€à¤¤à¥ मैं तà¥à¤® से यह कहता हूं, कि कà¤à¥€ शपय न खाना; न तो सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— की, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह परमेशà¥à¤µà¤° का सिंहासन है। 35 न धरती की, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह उसके पांवोंकी चौकी है; न यरूशलेम की, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह महाराजा का नगर है। 36 अपके सिर की à¤à¥€ शपय न खाना कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तू à¤à¤• बाल को à¤à¥€ न उजला, न काला कर सकता है। 37 परनà¥â€à¤¤à¥ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ बात हां की हां, या नहीं की नहीं हो; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जो कà¥à¤› इस से अधिक होता है वह बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ से होता है।। 38 तà¥à¤® सà¥à¤¨ चà¥à¤•à¥‡ हो, कि कहा गया या, कि आंख के बदले आंख, और दांत के बदले दांत। 39 परनà¥â€à¤¤à¥ मैं तà¥à¤® से यह कहता हूं, कि बà¥à¤°à¥‡ का सामना न करता; परनà¥â€à¤¤à¥ जो कोई तेरे दिहने गाल पर यपà¥â€à¤ªà¤¡à¤¼ मारे, उस की ओर दूसरा à¤à¥€ फेर दे। 40 और यदि कोई तà¥à¤ पर नालिश करके तेरा कà¥à¤°à¤¤à¤¾ लेना चाहे, तो उसे दोहर à¤à¥€ ले लेने दे। 41 और जो कोई तà¥à¤à¥‡ कोस à¤à¤° बेगार में ले जाठतो उसके साय दो कोस चला जा। 42 जो कोई तà¥à¤ से मांगे, उसे दे; और जो तà¥à¤ से उधार लेना चाहे, उस से मà¥à¤‚ह न मोड़।। 43 तà¥à¤® सà¥à¤¨ चà¥à¤•à¥‡ हो, कि कहा गया या; कि अपके पड़ोसी से पà¥à¤°à¥‡à¤® रखना, और अपके बैरी से बैर। 44 परनà¥â€à¤¤à¥ मैं तà¥à¤® से यह कहता हूं, कि अपके बैरियोंसे पà¥à¤°à¥‡à¤® रखो और अपके सतानेवालोंके लिथे पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करो। 45 जिस से तà¥à¤® अपके सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय पिता की सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨ ठहरोगे कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह à¤à¤²à¥‹à¤‚और बà¥à¤°à¥‹à¤‚दोनो पर अपना सूरà¥à¤¯ उदय करता है, और धमिरà¥à¤¯à¥‹à¤‚और अधमिरà¥à¤¯à¥‹à¤‚दोनोंपर मेंह बरसाता है। 46 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यदि तà¥à¤® अपके पà¥à¤°à¥‡à¤® रखनेवालोंही से पà¥à¤°à¥‡à¤® रखो, तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे कà¥â€à¤¯à¤¾ लाठहोगा कà¥â€à¤¯à¤¾ महसूल लेनेवाले à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ ही नहीं करते 47 और यदि तà¥à¤® केवल अपके à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚की को नमसà¥â€à¤•à¤¾à¤° करो, तो कौन सा बड़ा काम करते हो कà¥â€à¤¯à¤¾ अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ नहीं करते 48 इसलिथे चाहिथे कि तà¥à¤® सिदà¥à¤§ बनो, जैसा तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय पिता सिदà¥à¤§ है।।
1 सावधान रहो! तà¥à¤® मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚को दिखाने के लिथे अपके धरà¥à¤® के काम न करो, नहीं तो अपके सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय पिता से कà¥à¤› à¤à¥€ फल न पाओगे। 2 इसलिथे जब तू दान करे, तो अपके आगे तà¥à¤°à¤¹à¥€ न बजवा, जैसा कपकà¥à¤•à¥€, सà¤à¤¾à¤“ं और गलियोंमें करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चà¥à¤•à¥‡à¥¤ 3 परनà¥â€à¤¤à¥ जब तू दान करे, तो जो तेरा दिहना हाथ करता है, उसे तेरा बांया हाथ न जानने पाà¤à¥¤ 4 ताकि तेरा दान गà¥à¤ªà¥â€à¤¤ रहे; और तब तेरा पिता जो गà¥à¤ªà¥â€à¤¤ में देखता है, तà¥à¤à¥‡ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤«à¤² देगा।। 5 और जब तू पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करे, तो कपटियोंके समान न हो कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि लोगोंको दिखाने के लिथे सà¤à¤¾à¤“ं में और सड़कोंके मोड़ोंपर खड़े होकर पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करना उन को अचà¥â€à¤›à¤¾ लगता है; मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि वे अपना पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤«à¤² पा चà¥à¤•à¥‡à¥¤ 6 परनà¥â€à¤¤à¥ जब तू पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करे, तो अपकà¥à¤•à¥€ कोठरी में जा; और दà¥à¤µà¤¾à¤° बनà¥â€à¤¦ कर के अपके पिता से जो गà¥à¤ªà¥â€à¤¤ में है पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ कर; और तब तेरा पिता जो गà¥à¤ªà¥â€à¤¤ में देखता है, तà¥à¤à¥‡ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤«à¤² देगा। 7 पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करते समय अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की नाई बक बक न करो; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे समà¤à¤¤à¥‡ हैं कि उनके बहà¥à¤¤ बोलने से उन की सà¥à¤¨à¥€ जाà¤à¤—ी। 8 सो तà¥à¤® उन की नाई न बनो, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ पिता तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ मांगने से पहिले ही जानता है, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ कà¥â€à¤¯à¤¾ कà¥â€à¤¯à¤¾ आवशà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¾ है। 9 सो तà¥à¤® इस रीति से पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ किया करो; ?हे हमारे पिता, तू जो सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में हैं; तेरा नाम पवितà¥à¤° माना जाà¤à¥¤ 10 तेरा राजà¥à¤¯ आà¤; तेरी इचà¥â€à¤›à¤¾ जैसी सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में पूरी होती है, वैसे पृयà¥â€à¤µà¥€ पर à¤à¥€ हो। 11 हमारी दिन à¤à¤° की रोटी आज हमें दे। 12 और जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° हम ने अपके अपराधियोंको à¤à¤®à¤¾ किया है, वैसे ही तू à¤à¥€ हमारे अपराधोंको à¤à¤®à¤¾ कर। 13 और हमें पकà¥à¤•à¥€à¤à¤¾ में न ला, परनà¥â€à¤¤à¥ बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ से बचा; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि राजà¥à¤¯ और पराकà¥à¤°à¤® और महिमा सदा तेरे ही है। आमीन। 14 इसलिथे यदि तà¥à¤® मनà¥à¤·à¥à¤¯ के अपराध à¤à¤®à¤¾ करोगे, तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय पिता à¤à¥€ तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤®à¤¾ करेगा। 15 और यदि तà¥à¤® मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के अपराध à¤à¤®à¤¾ न करोगे, तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ पिता à¤à¥€ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ अपराध à¤à¤®à¤¾ न करेगा।। 16 जब तà¥à¤® उपासना करो, तो कपटियोंकी नाईं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ मà¥à¤‚ह पर उदासी न छाई रहे, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे अपना मà¥à¤‚ह बनाठरहते हैं, ताकि लोग उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ उपवासी जातें; मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि वे अपना पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤«à¤² पा चà¥à¤•à¥‡à¥¤ 17 परनà¥â€à¤¤à¥ जब तू उपवास करे तो अपके सिर पर तेल मल और मà¥à¤‚ह धो। 18 ताकि लोग नहीं परनà¥â€à¤¤à¥ तेरा पिता जो गà¥à¤ªà¥â€à¤¤ में है, तà¥à¤à¥‡ उपवासी जाने; इस दशा में तेरा पिता जो गà¥à¤ªà¥â€à¤¤ में देखता है, तà¥à¤à¥‡ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤«à¤² देगा।। 19 अपके लिथे पृयà¥â€à¤µà¥€ पर धन इकटà¥à¤ ा न करो; जहां कीड़ा और काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर सेंध लगाते और चà¥à¤°à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। 20 परनà¥â€à¤¤à¥ अपके लिथे सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में धन इकटà¥à¤ ा करो, जहां न तो कीड़ा, और न काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर न सेंध लगाते और न चà¥à¤°à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। 21 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जहां तेरा धन है वहां तेरा मन à¤à¥€ लगा रहेगा। 22 शरीर का दिया आंख है: इसलिथे यदि तेरी आंख निरà¥à¤®à¤² हो, तो तेरा सारा शरीर à¤à¥€ उजियाला होगा। 23 परनà¥â€à¤¤à¥ यदि तेरी आंख बà¥à¤°à¥€ हो, तो तेरा सारा शरीर à¤à¥€ अनà¥â€à¤§à¤¿à¤•à¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¤¾ होगा; इस कारण वह उजियाला जो तà¥à¤ में है यदि अनà¥â€à¤§à¤•à¤¾à¤° हो तो वह अनà¥â€à¤§à¤•à¤¾à¤° कैसा बड़ा होगा। 24 कोई मनà¥à¤·à¥à¤¯ दो सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की सेवा नहीं कर सकता, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह à¤à¤• से बैर ओर दूसरे से पà¥à¤°à¥‡à¤® रखेगा, वा à¤à¤• से मिला रहेगा और दूसरे को तà¥à¤šà¥â€à¤› जानेगा; ?तà¥à¤® परमेशà¥à¤µà¤° और धन दोनो की सेवा नहीं कर सकते। 25 इसलिथे मैं तà¥à¤® से कहता हूं, कि अपके पà¥à¤°à¤¾à¤£ के लिथे यह चिनà¥â€à¤¤à¤¾ न करना कि हम कà¥â€à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚गे और कà¥â€à¤¯à¤¾ पीà¤à¤‚गे और न अपके शरीर के लिथे कि कà¥â€à¤¯à¤¾ पहिनेंगे कà¥â€à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤£ à¤à¥‹à¤œà¤¨ से, और शरीर वसà¥â€à¤¤à¥à¤° से बढ़कर नहीं 26 आकाश के पà¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खतà¥à¤¤à¥‹à¤‚में बटोरते हैं; तौà¤à¥€ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय पिता उन को खिलाता है; कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® उन से अधिक मूलà¥à¤¯ नहीं रखते। 27 तà¥à¤® में कौन है, जो चिनà¥â€à¤¤à¤¾ करके अपकà¥à¤•à¥€ अवसà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¤• घड़ी à¤à¥€ बढ़ा सकता है 28 और वसà¥â€à¤¤à¥à¤° के लिथे कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚चिनà¥â€à¤¤à¤¾ करते हो जंगली सोसनोंपर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ करो, कि वै कैसे बढ़ते हैं, वे न तो परिशà¥à¤°à¥à¤® करते हैं, न कातते हैं। 29 तौà¤à¥€ मैं तà¥à¤® से कहता हूं, कि सà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤¨ à¤à¥€, अपके सारे विà¤à¤µ में उन में से किसी के समान वसà¥â€à¤¤à¥à¤° पहिने हà¥à¤ न या। 30 इसलिथे जब परमेशà¥à¤µà¤° मैदान की घास को, जो आज है, और कल à¤à¤¾à¤¡à¤¼ में फोंकी जाà¤à¤—ी, à¤à¤¸à¤¾ वसà¥â€à¤¤à¥à¤° पहिनाता है, तो हे अलà¥à¤ªà¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, तà¥à¤® को वह कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर न पहिनाà¤à¤—ा 31 इसलिथे तà¥à¤® चिनà¥â€à¤¤à¤¾ करके यह न कहना, कि हम कà¥â€à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚गे, या कà¥â€à¤¯à¤¾ पीà¤à¤‚गे, या कà¥â€à¤¯à¤¾ पहिनेंगे 32 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ इन सब वसà¥â€à¤¤à¥à¤“ं की खोज में रहते हैं, और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय पिता जानता है, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ थे सब वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ चाहिà¤à¥¤ 33 इसलिथे पहिले तà¥à¤® उसे राजà¥à¤¯ और धरà¥à¤® की खोज करो तो थे सब वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिल जाà¤à¤‚गी। 34 सो कल के लिथे चिनà¥â€à¤¤à¤¾ न करो, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤•à¤¿ कल का दिन अपकà¥à¤•à¥€ चिनà¥â€à¤¤à¤¾ आप कर लेगा; आज के लिथे आज ही का दà¥à¤– बहà¥à¤¤ है।।
1 दोष मत लगाओ, कि तà¥à¤® पर à¤à¥€ दोष न लगाया जाà¤à¥¤ 2 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जिस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° तà¥à¤® दोष लगाते हो, उसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° तà¥à¤® पर à¤à¥€ दोष लगाया जाà¤à¤—ा; और जिस नाप से तà¥à¤® नापके हो, उसी से तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे à¤à¥€ नापा जाà¤à¤—ा। 3 तू कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚अपके à¤à¤¾à¤ˆ की आंख के तिनके को देखता है, और अपकà¥à¤•à¥€ आंख का लटà¥à¤ ा तà¥à¤à¥‡ नहीं सूफता और जब तेरी ही आंख मे लटà¥à¤ ा है, तो तू अपके à¤à¤¾à¤ˆ से कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर कह सकता है, कि ला मैं तेरी आंख से तिनका निकाल दूं। 4 हे कपकà¥à¤•à¥€, पहले अपकà¥à¤•à¥€ आंख में से लटà¥à¤ ा निकाल ले, तक तू अपके à¤à¤¾à¤ˆ की आंख का तिनका à¤à¤²à¥€ à¤à¤¾à¤‚ति देखकर निकाल सकेगा।। 5 पवितà¥à¤° वसà¥â€à¤¤à¥ कà¥à¤¤à¥à¤¤à¥‹à¤‚को न दो, और अपके मोती सूअरोंके आगे मत डालो; à¤à¤¸à¤¾ न हो कि वे उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ पांवोंतले रौंदें और पलटकर तà¥à¤® को फाड़ डालें।। 6 मोंगो, तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ दिया जाà¤à¤—ा; ढूंढ़ो, तो तà¥à¤® पाओगे; खटखटाओ, तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे खोला जाà¤à¤—ा। 7 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो ढूंढ़ता है, वह पाता है और जो खटखटाता है, उसके लिथे खोला जाà¤à¤—ा। 8 तà¥à¤® में से à¤à¤¸à¤¾ कौन मनà¥à¤·à¥à¤¯ है, कि यदि उसका पà¥à¤¤à¥à¤° उस से रोटी मांगे, तो वह उसे पतà¥à¤¯à¤° दे 9 वा मछली मांगे, तो उसे सांप दे 10 सो जब तà¥à¤® बà¥à¤°à¥‡ होकर, अपके बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚को अचà¥â€à¤›à¥€ वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ देना जानते हो, तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय पिता अपके मांगनेवालोंको अचà¥â€à¤›à¥€ वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚न देगा 11 इस कारण जो कà¥à¤› तà¥à¤® चाहते हो, कि मनà¥à¤·à¥à¤¯ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ साय करें, तà¥à¤® à¤à¥€ उन के साय वैसा ही करो; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤“ं की शिà¤à¤¾ यही है।। 12 सकेत फाटक से पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करो, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि चौड़ा है वह फाटक और चाकल है वह मारà¥à¤— जो विनाश को पहà¥à¤‚चाता है; और बहà¥à¤¤à¥‡à¤°à¥‡ हैं जो उस से पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हैं। 13 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि सकेत है वह फाटक और सकरा है वह मारà¥à¤— जो जीवन को पहà¥à¤‚चाता है, और योड़े हैं जो उसे पाते हैं।। 14 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि सकेत है वह फाटक और सकरा है वह मारà¥à¤— जो जीवन को पहà¥à¤‚चाता है, और योड़े हैं जो उसे पाते हैं। 15 फूठे à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं से सावधान रहो, जो à¤à¥‡à¤¡à¤¼à¥‹à¤‚के à¤à¥‡à¤· में तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास आते हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ अनà¥â€à¤¤à¤° में फाड़नेवाले à¤à¥‡à¤¡à¤¿à¤ हैं। 16 उन के फलोंसे तà¥à¤® उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ पहचान लोगे कà¥â€à¤¯à¤¾ फाडिय़ोंसे अंगूर, वा ऊंटकटारोंसे अंजीर तोड़ते हैं 17 इसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° हर à¤à¤• अचà¥â€à¤›à¤¾ पेड़ अचà¥â€à¤›à¤¾ फल लाता है और निकमà¥à¤®à¤¾ पेड़ बà¥à¤°à¤¾ फल लाता है। 18 अचà¥â€à¤›à¤¾ पेड़ बà¥à¤°à¤¾ फल नहीं ला सकता, और न निकमà¥à¤®à¤¾ पेड़ अचà¥â€à¤›à¤¾ फल ला सकता है। 19 जो जो पेड़ अचà¥â€à¤›à¤¾ फल नहीं लाता, वह काटा और आग में डाला जाता है। 20 सो उन के फलोंसे तà¥à¤® उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ पहचान लोगे। 21 जो मà¥à¤ से, हे पà¥à¤°à¤à¥, हे पà¥à¤°à¤à¥ कहता है, उन में से हर à¤à¤• सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करेगा, परनà¥â€à¤¤à¥ वही जो मेरे सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय पिता की इचà¥â€à¤›à¤¾ पर चलता है। 22 उस दिन बहà¥à¤¤à¥‡à¤°à¥‡ मà¥à¤ से कहेंगे; हे पà¥à¤°à¤à¥, हे पà¥à¤°à¤à¥, कà¥â€à¤¯à¤¾ हम ने तेरे नाम से à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ नहीं की, और तेरे नाम से दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤“ं को नहीं निकाला, और तेरे नाम से बहà¥à¤¤ अचमà¥à¤à¥‡ के काम नहीं किठ23 तब मैं उन से खà¥à¤²à¤•à¤° कह दूंगा कि मैं ने तà¥à¤® को कà¤à¥€ नहीं जाना, हे कà¥à¤•à¤°à¥à¤® करनेवालों, मेरे पास से चले जाओ। 24 इसलिथे जो कोई मेरी थे बातें सà¥à¤¨à¤•à¤° उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ मानता है वह उस बà¥à¤¿à¤¦à¥à¤µà¤®à¤¾à¤¨ मनà¥à¤·à¥à¤¯ की नाई ठहरेगा जिस ने अपना घर चटान पर बनाया। 25 और मेंह बरसा और बाढ़ें आईं, और आनà¥â€à¤§à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ चकà¥à¤•à¥€à¤‚, और उस घर पर ट?रें लगीं, परनà¥â€à¤¤à¥ वह नहीं गिरा, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि उस की नेव चटान पर डाली गई यी। 26 परनà¥â€à¤¤à¥ जो कोई मेरी थे बातें सà¥à¤¨à¤¤à¤¾ है और उन पर नहीं चलता वह उस निरà¥à¤¬à¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ मनà¥à¤·à¥à¤¯ की नाईं ठहरेगा जिस ने अपना घर बालू पर बनाया। 27 और मेंह बरसा, और बाढ़ें आईं, और आनà¥â€à¤§à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ चकà¥à¤•à¥€à¤‚, और उस घर पर ट?रें लगीं और वह गिरकर सतà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤¾à¤¶ हो गया।। 28 जब यीशॠथे बातें कह चà¥à¤•à¤¾, तो à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤† कि à¤à¥€à¤¡à¤¼ उसके उपकेश से चकित हà¥à¤ˆà¥¤ 29 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह उन के शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के समान नहीं परनà¥â€à¤¤à¥ अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¥€ की नाई उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ उपकेश देता या।।
1 जब वह उस पहाड़ से उतरा, तो à¤à¤• बड़ी à¤à¥€à¤¡à¤¼ उसके पीछे हो ली। 2 और देखो, à¤à¤• कोढ़ी ने पास आकर उसे पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤® किया और कहा; कि हे पà¥à¤°à¤à¥ यदि तू चाहे, तो मà¥à¤à¥‡ शà¥à¤¦à¥à¤§ कर सकता है। 3 यीशॠने हाथ बढ़ाकर उसे छूआ, और कहा, मैं चाहता हूं, तू शà¥à¤¦à¥à¤§ हो जा और वह तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ कोढ़ से शà¥à¤¦à¥à¤§ हो गया। 4 यीशॠने उस से कहा; देख, किसी से न कहना परनà¥â€à¤¤à¥ जाकर अपके आप को याजक को दिखला और जो चढ़ावा मूसा ने ठहराया है उसे चढ़ा, ताकि उन के लिथे गवाही हो। 5 और जब वह कफरनहूम में आया तो à¤à¤• सूबेदार ने उसके पास आकर उस से बिनती की। 6 कि हे पà¥à¤°à¤à¥, मेरा सेवक घर में फोले का मारा बहà¥à¤¤ दà¥à¤–ी पड़ा है। 7 उस ने उस से कहा; मैं आकर उसे चंगा करूंगा। 8 सूबेदार ने उतà¥à¤¤à¤° दिया; कि हे पà¥à¤°à¤à¥ मैं इस योगà¥à¤¯ नहीं, कि तू मेरी छत के तले आà¤, पर केवल मà¥à¤– से कह दे तो मेरा सेवक चंगा हो जाà¤à¤—ा। 9 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं à¤à¥€ पराधीन मनà¥à¤·à¥à¤¯ हूं, और सिपाही मेरे हाथ में हैं, और जब à¤à¤• से कहता हूं, जा, तो वह जाता है; और दूसरे को कि आ, तो वह आता है; और अपके दास से कहता हूं, कि यह कर, तो वह करता है। 10 यह सà¥à¤¨à¤•à¤° यीशॠने अचमà¥à¤à¤¾ किया, और जो उसके पीछे आ रहे थे उन से कहा; मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि मैं ने इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² में à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ नहीं पाया। 11 और मैं तà¥à¤® से कहता हूं, कि बहà¥à¤¤à¥‡à¤°à¥‡ पूरà¥à¤µ और पशà¥â€à¤šà¤¿à¤® से आकर इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤® और इसहाक और याकूब के साय सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ में बैठेंगे। 12 परनà¥â€à¤¤à¥ राजà¥à¤¯ के सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨ बाहर अनà¥â€à¤§à¤¿à¤•à¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ में डाल दिठजाà¤à¤‚गे: वहां रोना और दांतोंका पीसना होगा। 13 और यीशॠने सूबेदार से कहा, जो; जैसा तेरा विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है, वैसा ही तेरे लिथे हो: और उसका सेवक उसी घड़ी चंगा हो गया।। 14 और यीशॠने पतरस के घर में आकर उस की सांस को जà¥â€à¤µà¤° में पड़ी देखा। 15 उस ने उसका हाथ छूआ और उसका जà¥â€à¤µà¤° उतर गया; और वह उठकर उस की सेवा करने लगी। 16 जब संधà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤ˆ तब वे उसके पास बहà¥à¤¤ से लोगोंको लाठजिन में दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤à¤‚ यीं और उस ने उन आतà¥à¥˜à¤¾à¤“ं को अपके वचन से निकाल दिया, और सब बीमारोंको चंगा किया। 17 ताकि जो वचन यशायाह à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ का गया या वह पूरा हो, कि उस ने आप हमारी रà¥à¤¦à¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾à¤“ं को ले लिया और हमारी बीमारियोंको उठा लिया।। 18 यीशॠने अपकà¥à¤•à¥€ चारोंओर à¤à¤• बड़ी à¤à¥€à¤¡à¤¼ देखकर उस पार जाने की आजà¥à¤žà¤¾ दी। 19 और à¤à¤• शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ ने पास आकर उस से कहा, हे गà¥à¤°à¥‚, जहां कहीं तू जाà¤à¤—ा, मैं तेरे पीछे पीछे हो लूंगा। 20 यीशॠने उस से कहा, लोमडिय़ोंके à¤à¤Ÿ और आकाश के पà¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के बसेरे होते हैं; परनà¥â€à¤¤à¥ मनà¥à¤·à¥à¤¯ के पà¥à¤¤à¥à¤° के लिथे सिर धरने की à¤à¥€ जगह नहीं है। 21 à¤à¤• और चेले ने उस से कहा, हे पà¥à¤°à¤à¥, मà¥à¤à¥‡ पहिले जाने दे, कि अपके पिता को गाढ़ दूं। 22 यीशॠने उस से कहा, तू मेरे पीछे हो ले; और मà¥à¤°à¤¦à¥‹à¤‚को अपके मà¥à¤°à¤¦à¥‡ गाड़ने दे।। 23 जब वह नाव पर चढ़ा, तो उसके चेले उसके पीछे हो लिà¤à¥¤ 24 और देखो, फील में à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ बड़ा तूफान उठा कि नाव लहरोंसे ढंपके लगी; और वह सो रहा या। 25 तब उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने पास आकर उसे जगाया, और कहा, हे पà¥à¤°à¤à¥, हमें बचा, हम नाश हà¥à¤ जाते हैं। 26 उस ने उन से कहा; हे अलà¥à¤ªà¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚डरते हो तब उस ने उठकर आनà¥â€à¤§à¥€ और पानी को डांटा, और सब शानà¥â€à¤¤ हो गया। 27 और लोग अचमà¥à¤à¤¾ करके कहने लगे कि यह कैसा मनà¥à¤·à¥à¤¯ है, कि आनà¥â€à¤§à¥€ और पानी à¤à¥€ उस की आजà¥à¤žà¤¾ मानते हैं। 28 जब वह उस पार गदरेनियोंके देश में पहà¥à¤‚चा, तो दो मनà¥à¤·à¥à¤¯ जिन में दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤à¤‚ यीं कबà¥à¤°à¥‹à¤‚से निकलते हà¥à¤ उसे मिले, जो इतने पà¥à¤°à¤šà¤£à¥â€à¤¡ थे, कि कोई उस मारà¥à¤— से जा नहीं सकता या। 29 और देखो, उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने चिलà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° कहा; हे परमेशà¥à¤µà¤° के पà¥à¤¤à¥à¤°, हमारा तà¥à¤ से कà¥â€à¤¯à¤¾ कहा कà¥â€à¤¯à¤¾ तू समय से पहिले हमें दà¥:ख देने यहां आया है 30 उन से कà¥à¤› दूर बहà¥à¤¤ से सूअरोंका फà¥à¤£à¥â€à¤¡ चर रहा या। 31 दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤“ं ने उस से यह कहकर बिनती की, कि यदि तू हमें निकालता है, तो सूअरोंके फà¥à¤£à¥â€à¤¡ में à¤à¥‡à¤œ दे। 32 उस ने उन से कहा, जाओ, वे निकलकर सूअरोंमें पैठगठऔर देखो, सारा फà¥à¤£à¥â€à¤¡ कड़ाड़े पर से फपटकर पानी में जा पड़ा और डूब मरा। 33 और चरवाहे à¤à¤¾à¤—े, और नगर में जाकर थे सब बातें और जिन में दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€à¤‚ उन का सारा हाल कह सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¤¾à¥¤ 34 और देखो, सारे नगर के लोगे यीशॠसे à¤à¥‡à¤‚ट करने को निकल आठऔर उसे देखकर बिनती की, कि हमारे सिवानोंसे बाहर निकल जा।।
1 फिर वह नाव पर चढ़कर पार गया; और अपके नगर में आया। 2 और देखो, कई लोग à¤à¤• फोले के मारे हà¥à¤ को खाट पर रखकर उसके पास लाà¤; यीशॠने उन का विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ देखकर, उस फोले के मारे हà¥à¤ से कहा; हे पà¥à¤¤à¥à¤°, ढाढ़स बानà¥â€à¤§; तेरे पाप à¤à¤®à¤¾ हà¥à¤à¥¤ 3 और देखो, कई शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने सोचा, कि यह तो परमेशà¥à¤µà¤° की निनà¥â€à¤¦à¤¾ करता है। 4 यीशॠने उन के मन की बातें मालूम करके कहा, कि तà¥à¤® लोग अपके अपके मन में बà¥à¤°à¤¾ विचार कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर रहे हो 5 सहज कà¥â€à¤¯à¤¾ है, यह कहना, कि तेरे पाप à¤à¤®à¤¾ हà¥à¤; या यह कहना कि उठऔर चल फिर। 6 परनà¥â€à¤¤à¥ इसलिथे कि तà¥à¤® जान लो कि मनà¥à¤·à¥à¤¯ के पà¥à¤¤à¥à¤° को पृयà¥â€à¤µà¥€ पर पाप à¤à¤®à¤¾ करने का अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ है (उस ने फोले के मारे हà¥à¤ से कहा ) उठ: अपकà¥à¤•à¥€ खाट उठा, और अपके घर चला जा। 7 वह उठकर अपके घर चला गया। 8 लोग यह देखकर डर गठऔर परमेशà¥à¤µà¤° की महिमा करने लगे जिस ने मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚को à¤à¤¸à¤¾ अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ दिया है।। 9 वहां से आगे बढ़कर यीशॠने मतà¥à¤¤à¥€ नाम à¤à¤• मनà¥à¤·à¥à¤¯ को महसूल की चौकी पर बैठे देखा, और उस से कहा, मेरे पीछे हो ले। वह उठकर उसके पीछे हो लिया।। 10 और जब वह घर में à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने के लिथे बैठा तो बहà¥à¤¤à¥‡à¤°à¥‡ महसूल लेनेवालोंऔर पापी आकर यीशॠऔर उसके चेलोंके साय खाने बैठे। 11 यह देखकर फरीसियोंने उसके चेलोंसे कहा; तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ गà¥à¤°à¥‚ महसूल लेनेवालोंऔर पापियोंके साय कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚खाता है 12 उस ने यह सà¥à¤¨à¤•à¤° उन से कहा, वैदà¥à¤¯ à¤à¤²à¥‡ चंगोंको नहीं परनà¥â€à¤¤à¥ बीमारोंको अवशà¥à¤¯ है। 13 सो तà¥à¤® जाकर इस का अरà¥à¤¯ सीख लो, कि मैं बलिदान नहीं परनà¥â€à¤¤à¥ दया चाहता हूं; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं धमिरà¥à¤¯à¥‹à¤‚को नहीं परनà¥â€à¤¤à¥ पापियोंको बà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ आया हूं।। 14 तब यूहनà¥à¤¨à¤¾ के चेलोंने उसके पास आकर कहा; कà¥â€à¤¯à¤¾ कारण है कि हम और फरीसी इतना उपवास करते हैं, पर तेरे चेले उपवास नहीं करते 15 यीशॠने उन से कहा; कà¥â€à¤¯à¤¾ बराती, जब तक दà¥à¤²à¥à¤¹à¤¾ उन के साय है शोक कर सकते हैं पर वे दिन आà¤à¤‚गे कि दूलà¥à¤¹à¤¾ उन से अलग किया जाà¤à¤—ा, उस समय वे उपवास करेंगे। 16 कोरे कपके का पैबनà¥â€à¤¦ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ पहिरावन पर कोई नहीं लगाता, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह पैबनà¥â€à¤¦ पहिरावन से और कà¥à¤› खींच लेता है, और वह अधिक फट जाता है। 17 और नया दाखरस पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ मशकोंमें नहीं à¤à¤°à¤¤à¥‡ हैं; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¤¾ करने से मशà¥â€à¤•à¥‡à¤‚ फट जाती हैं, और दाखरस बह जाता है और मशकें नाश हो जाती हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ नया दाखरस नई मशà¥â€à¤•à¥‹à¤‚में à¤à¤°à¤¤à¥‡ हैं और वह दोनोंबची रहती हैं। 18 वह उन से थे बातें कह ही रहा या, कि देखो, à¤à¤• सरदार ने आकर उसे पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤® किया और कहा मेरी पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ अà¤à¥€ मरी है; परनà¥â€à¤¤à¥ चलकर अपना हाथ उस पर रख, तो वह जीवित हो जाà¤à¤—ी। 19 यीशॠउठकर अपके चेलोंसमेत उसके पीछे हो लिया। 20 और देखो, à¤à¤• सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ ने जिस के बारह वरà¥à¤· से लोहू बहता या, उसके पीछे से आकर उसके वसà¥â€à¤¤à¥à¤° के आंचल को छू लिया। 21 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह अपके मन में कहती यी कि यदि मैं उसके वसà¥â€à¤¤à¥à¤° ही को छू लूंबी तो चंगी हो जाऊंगी। 22 यीशॠने फिरकर उसे देखा, और कहा; पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ ढाढ़स बानà¥â€à¤§; तेरे विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ ने तà¥à¤à¥‡ चंगा किया है; सो वह सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ उसी घड़ी चंगी हो गई। 23 जब यीशॠउस सरदार के घर में पहà¥à¤‚चा और बांसली बजानेवालोंऔर à¤à¥€à¤¡à¤¼ को हà¥à¤²à¥à¤²à¤¡à¤¼ मचाते देखा तब कहा। 24 हट जाओ, लड़की मरी नहीं, पर सोती है; इस पर वे उस की हंसी करने लगे। 25 परनà¥â€à¤¤à¥ जब à¤à¥€à¤¡à¤¼ निकाल दी गई, तो उस ने à¤à¥€à¤¤à¤° जाकर लड़की का हाथ पकड़ा, और वह जी उठी। 26 और इस बात की चरà¥à¤šà¤¾ उस सारे देश में फैल गई। 27 जब यीशॠवहां से आगे बढ़ा, तो दो अनà¥â€à¤§à¥‡ उसके पीछे यह पà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ चले, कि हे दाऊद की सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨, हम पर दया कर। 28 जब वह घर में पहà¥à¤‚चा, तो वे अनà¥â€à¤§à¥‡ उस के पास आà¤; और यीशॠने उन से कहा; कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है, कि मैं यह कर सकता हूं उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उस से कहा; हां पà¥à¤°à¤à¥à¥¤ 29 तब उस ने उन की आंखे छूकर कहा, तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे हो। 30 और उन की आंखे खà¥à¤² गई और यीशॠने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ चिताकर कहा; सावधान, कोई इस बात को न जाने। 31 पर उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने निकलकर सारे देश में उसका यश फैला दिया।। 32 जब वे बाहर जा रहे थे, तो देखो, लोग à¤à¤• गूंगे को जिस में दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾ यी उस के पास लाà¤à¥¤ 33 और जब दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾ निकाल दी गई, तो गूंगा बोलने लगा; और à¤à¥€à¤¡à¤¼ ने अचमà¥à¤à¤¾ करके कहा कि इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² में à¤à¤¸à¤¾ कà¤à¥€ नहीं देखा गया। 34 परनà¥â€à¤¤à¥ फरीसियोंने कहा, यह तो दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤“ं के सरदार की सहाथता से दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤“ं को निकालता है।। 35 और यीशॠसब नगरोंऔर गांवोंमें फिरता रहा और उन की सà¤à¤¾à¤“ं में उपकेश करता, और राजà¥à¤¯ का सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करता, और हर पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की बीमारी और रà¥à¤¦à¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ को दूर करता रहा। 36 जब उस ने à¤à¥€à¤¡à¤¼ को देखा तो उस को लोगोंपर तरस आया, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे उन à¤à¥‡à¤¡à¤¼à¥‹à¤‚की नाई जिनका कोई रखवाला न हो, वà¥à¤¯à¤¾à¤•à¥à¤² और à¤à¤Ÿà¤•à¥‡ हà¥à¤ से थे। 37 तब उस ने अपके चेलोंसे कहा, पके खेत तो बहà¥à¤¤ हैं पर मजदूर योड़े हैं। 38 इसलिथे खेत के सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ से बिनती करो कि वह अपके खेत काटने के लिथे मजदूर à¤à¥‡à¤œ दे।।
1 फिर उस ने अपके बारह चेलोंको पास बà¥à¤²à¤¾à¤•à¤°, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अशà¥à¤¦à¥à¤§ आतà¥à¥˜à¤¾à¤“ं पर अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ दिया, कि उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ निकालें और सब पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की बीमारियोंऔर सब पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की रà¥à¤¦à¥à¤¬à¤²à¤¤à¤¾à¤“ं को दूर करें।। 2 और बारह पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤à¥‹à¤‚के नाम थे हैं: पहिला शमौन, जो पतरस कहलाता है, और उसका à¤à¤¾à¤ˆ अनà¥â€à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¸; जबà¥â€à¤¦à¥€ का पà¥à¤¤à¥à¤° याकूब, और उसका à¤à¤¾à¤ˆ यूहनà¥à¤¨à¤¾; 3 फिरिलपà¥â€à¤ªà¥à¤¸ और बर-तà¥à¤²à¥à¤®à¥ˆ योमा और महसूल लेनेवाला मतà¥à¤¤à¥€, हलफै का पà¥à¤¤à¥à¤° याकूब और तदà¥à¤¦à¥ˆà¥¤ 4 शमौन कनानी, और यहूदा इसà¥â€à¤•à¤¿à¤°à¤¯à¥‹à¤¤à¥€, जिस ने उसे पकड़वा à¤à¥€ दिया।। 5 इन बारहोंको यीशॠने यह आजà¥à¤žà¤¾ देकर à¤à¥‡à¤œà¤¾ कि अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की ओर न जाना, और सामरियोंके किसी नगर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ न करना। 6 परनà¥â€à¤¤à¥ इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के घराने ही की खोई हà¥à¤ˆ à¤à¥‡à¤¡à¤¼à¥‹à¤‚के पास जाना। 7 और चलते चलते पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° कर कहो कि सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ निकट आ गया है। 8 बीमारोंको चंगा करो: मरे हà¥à¤“ं को जिलाओ: कोढिय़ोंको शà¥à¤¦à¥à¤§ करो: दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤“ं को निकालो: तà¥à¤® ने सेंतमेंत पाया है, सेंतमेंत दो। 9 अपके पटà¥à¤•à¥‹à¤‚में न तो सोना, और न रूपा, और न तांबा रखना। 10 मारà¥à¤— के लिथे न फोली रखो, न दो कà¥à¤°à¤¤à¥‡, न जूते और न लाठी लो, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मजदूर को उसका à¤à¥‹à¤œà¤¨ मिलना चाहिà¤à¥¤ 11 जिस किसी नगर या गांव में जाओ तो पता लगाओ कि वहां कौन योगà¥à¤¯ है और जब तक वहां से न निकलो, उसी के यहां रहो। 12 और घर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हà¥à¤ उस को आशीष देना। 13 यदि उस घर के लोग योगà¥à¤¯ होंगे तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ उन पर पहà¥à¤‚चेगा परनà¥â€à¤¤à¥ यदि वे योगय न होंतो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास लौट आà¤à¤—ा। 14 और जो कोई तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ गà¥à¤°à¤¹à¤£ न करे, और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ बातें न सà¥à¤¨à¥‡, उस घर या उस नगर से निकलते हà¥à¤ अपके पांवोंकी धूल फाड़ डालो। 15 मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के दिन उस नगर की दशा से सदोम और अमोरा के देश की दशा अधिक सहने योगà¥à¤¯ होगी।। 16 देखो, मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥‡à¤¡à¤¼à¥‹à¤‚की नाई à¤à¥‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¼à¥‹à¤‚के बीच में à¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾ हूं सो सांपोंकी नाई बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ और कबूतरोंकी नाई à¤à¥‹à¤²à¥‡ बनो। 17 परनà¥â€à¤¤à¥ लोगोंसे सावधान रहो, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ महासà¤à¤¾à¤“ं में सौपेंगे, और अपकà¥à¤•à¥€ पंचायत में तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ कोड़े मारेंगे। 18 तà¥à¤® मेरे लिथे हाकिमोंओर राजाओं के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ उन पर, और अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚पर गवाह होने के लिथे पहà¥à¤‚चाठजाओगे। 19 जब वे तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ पकड़वाà¤à¤‚गे तो यह चिनà¥â€à¤¤à¤¾ न करता, कि हम किस रीति से; या कà¥â€à¤¯à¤¾ कहेंगे: कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जो कà¥à¤› तà¥à¤® को कहना होगा, वह उसी घड़ी तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ बता दिया जाà¤à¤—ा। 20 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि बोलनेवाले तà¥à¤® नहीं हो परनà¥â€à¤¤à¥ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पिता का आतà¥à¥˜à¤¾ तà¥à¤® में बोलता है। 21 à¤à¤¾à¤ˆ, à¤à¤¾à¤ˆ को और पिता पà¥à¤¤à¥à¤° को, घात के लिथे सौंपेंगे, और लड़केबाले माता-पिता के विरोध में उठकर उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ मरवा डालेंगे। 22 मेरे नाम के कारण सब लोग तà¥à¤® से बैर करेंगे, पर जो अनà¥â€à¤¤ तक धीरज धरे रहेगा उसी का उदà¥à¤§à¤¾à¤° होगा। 23 जब वे तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• नगर में सताà¤à¤‚, तो दूसरे को à¤à¤¾à¤— जाना। मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, तà¥à¤® इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के सब नगरोंमें न फिर चà¥à¤•à¥‹à¤—े कि मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° आ जाà¤à¤—ा।। 24 चेला अपके गà¥à¤°à¥‚ से बड़ा नहीं; और न दास अपके सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ से। 25 चेले का गà¥à¤°à¥‚ के, और दास का सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ के बाराबर होना ही बहà¥à¤¤ है; जब उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने घर के सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ को शैतान कहा तो उसके घरवालोंको कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚न कहेंगे 26 सो उन से मत डरना, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¥à¤› ढपा नहीं, जो खोला न जाà¤à¤—ा; और न कà¥à¤› छिपा है, जो जाना न जाà¤à¤—ा। 27 जो मैं तà¥à¤® से अनà¥â€à¤§à¤¿à¤•à¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ मे कहता हूं, उसे उजियाले में कहो; और जो कानोंकान सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हो, उसे कोठोंपर से पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करो। 28 जो शरीर को घात करते हैं, पर आतà¥à¥˜à¤¾ को घात नहीं कर सकते, उन से मत डरना; पर उसी से डरो, जो आतà¥à¥˜à¤¾ और शरीर दोनोंको नरक में नाश कर सकता है। 29 कà¥â€à¤¯à¤¾ पैसे मे दो गौरैथे नहीं बिकती तौà¤à¥€ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पिता की इचà¥â€à¤›à¤¾ के बिना उन में से à¤à¤• à¤à¥€ à¤à¥‚मि पर नहीं गिर सकती। 30 तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ सिर के बाल à¤à¥€ सब गिने हà¥à¤ हैं। 31 इसलिथे, डरो नहीं; तà¥à¤® बहà¥à¤¤ गौरैयोंसे बढ़कर हो। 32 जो कोई मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ मà¥à¤à¥‡ मान लेगा, उसे मैं à¤à¥€ सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय पिता के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ मान लूंगा। 33 पर जो कोई मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ मेरा इनà¥â€à¤•à¤¾à¤° करेगा उस से मैं à¤à¥€ अपके सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय पिता के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ इनà¥â€à¤•à¤¾à¤° करूंगा। 34 यह न समà¤à¥‹, कि मैं पृयà¥â€à¤µà¥€ पर मिलाप कराने को आया हूं; मैं मिलाप कराने को नहीं, पर तलवार चलवाने आया हूं। 35 मैं तो आया हूं, कि मनà¥à¤·à¥à¤¯ को उसक पिता से, और बेटी को उस की मां से, और बहू को उस की सास से अलग कर दूं। 36 मनà¥à¤·à¥à¤¯ के बैरी उसक घर ही के लोग होंगे। 37 जो माता या पिता को मà¥à¤ से अधिक पà¥à¤°à¤¿à¤¯ जानता है, वह मेरे योगà¥à¤¯ नहीं और जो बेटा या बेटी को मà¥à¤ से अधिक पà¥à¤°à¤¿à¤¯ जानता है, वह मेरे योगà¥à¤¯ नहीं। 38 और जो अपना कà¥à¤°à¥‚स लेकर मेरे पीछे न चले वह मेरे योगà¥à¤¯ नहीं। 39 जो अपके पà¥à¤°à¤¾à¤£ बचाता है, वह उसे खोà¤à¤—ा; और जो मेरे कारण अपना पà¥à¤°à¤¾à¤£ खोता है, वह उसे पाà¤à¤—ा। 40 जो तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ गà¥à¤°à¤¹à¤£ करता है, वह मà¥à¤à¥‡ गà¥à¤°à¤¹à¤£ करता है; और जो मà¥à¤à¥‡ गà¥à¤°à¤¹à¤£ करता है, वह मेरे à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡à¤µà¤¾à¤²à¥‡ को गà¥à¤°à¤¹à¤£ करता है। 41 जो à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ को à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ जानकर गà¥à¤°à¤¹à¤£ करे, वह à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ का बदला पाà¤à¤—ा; और जो धरà¥à¤®à¥€ जानकर धरà¥à¤®à¥€ को गà¥à¤°à¤¹à¤£ करे, वह धरà¥à¤®à¥€ का बदला पाà¤à¤—ा। 42 जो कोई इन छोटोंमें से à¤à¤• को चेला जानकर केवल à¤à¤• कटोरा ठंडा पानी पिलाà¤, मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, वह किसी रीति से अपना पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤«à¤² न खोà¤à¤—ा।।
1 जब यीशॠअपके बारह चेलोंको आजà¥à¤žà¤¾ दे चà¥à¤•à¤¾, तो वह उन के नगरोंमें उपकेश और पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करने को वहां से चला गया।। 2 यूहनà¥à¤¨à¤¾ ने बनà¥â€à¤¦à¥€à¤—ृह में मसीह के कामोंका समाचार सà¥à¤¨à¤•à¤° अपके चेलोंको उस से यह पूछने à¤à¥‡à¤œà¤¾à¥¤ 3 कि कà¥â€à¤¯à¤¾ आनेवाला तू ही है: या हम दूसरे की बाट जोहें 4 यीशॠने उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि जो कà¥à¤› तà¥à¤® सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हो और देखते हो, वह सब जाकर यूहनà¥à¤¨à¤¾ से कह दो। 5 कि अनà¥â€à¤§à¥‡ देखते हैं और लंगड़े चलते फिरते हैं; कोढ़ी शà¥à¤¦à¥à¤§ किठजाते हैं और बहिरे सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं, मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ जिलाठजाते हैं; और कंगालोंको सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¤¾ जाता है। 6 और धनà¥à¤¯ है वह, जो मेरे कारण ठोकर न खाà¤à¥¤ 7 जब वे वहां से चल दिà¤, तो यीशॠयूहनà¥à¤¨à¤¾ के विषय में लोगोंसे कहने लगा; तà¥à¤® जंगल में कà¥â€à¤¯à¤¾ देखते गठथे कà¥â€à¤¯à¤¾ हवा से हिलते हà¥à¤ सरकणà¥â€à¤¡à¥‡ को 8 फिर तà¥à¤® कà¥â€à¤¯à¤¾ देखने गठथे देखो, जो कोमल वसà¥â€à¤¤à¥à¤° पहिनते हैं, वे राजà¤à¤µà¤¨à¥‹à¤‚में रहते हैं। 9 तो फिर कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚गठथे कà¥â€à¤¯à¤¾ किसी à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ को देखने को हां; मैं तà¥à¤® से कहता हूं, बरन à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ से à¤à¥€ बड़े को। 10 यह वही है, जिस के विषय में लिखा है, कि देख; मैं अपके दूत को तेरे आगे à¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾ हूं, जो तेरे आगे तेरा मारà¥à¤— तैयार करेगा। 11 मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि जो सà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚से जनà¥à¥˜à¥‡ हैं, उन में से यूहनà¥à¤¨à¤¾ बपतिसà¥à¥˜à¤¾ देनेवालोंसे कोई बड़ा नहीं हà¥à¤†; पर जो सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ में छोटे से छोटा है वह उस से बड़ा है। 12 यूहनà¥à¤¨à¤¾ बपतिसà¥à¥˜à¤¾ देनेवाले के दिनोंसे अब तक सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ पर जोर होता रहा है, और बलवाल उसे छीन लेते हैं। 13 यूहनà¥à¤¨à¤¾ तक सारे à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ और वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤µà¤¾à¤£à¥€ करते रहे। 14 और चाहो तो मानो, à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥à¤¯à¤¾à¤¹ जो आनेवाला या, वह यही है। 15 जिस के सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ के कान हों, वह सà¥à¤¨ ले। 16 मैं इस समय के लोगोंकी उपमा किस से दूं वे उन बालकोंके समान हैं, जो बाजारोंमें बैठे हà¥à¤ à¤à¤• दूसरे से पà¥à¤•à¤¾à¤°à¤•à¤° कहते हैं। 17 कि हम ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे बांसली बजाई, और तà¥à¤® न नाचे; हम ने विलाप किया, और तà¥à¤® ने छाती नहीं पीटी। 18 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यूहनà¥à¤¨à¤¾ न खाता आया और न पीता, और वे कहते हैं कि उस में दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾ है। 19 मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° खाता-पीता आया, और वे कहते हैं कि देखो, पेटू और पिय?ड़ मनà¥à¤·à¥à¤¯, महसूल लेनेवालोंऔर पापियोंका मितà¥à¤°; पर जà¥à¤žà¤¾à¤¨ अपके कामोंमें सचà¥â€à¤šà¤¾ ठहराया गया है। 20 तब वह उन नगरोंको उलाहना देने लगा, जिन में उस ने बहà¥à¤¤à¥‡à¤°à¥‡ सामरà¥à¤¯ के काम किठथे; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने अपना मन नहीं फिराया या। 21 हाथ, खà¥à¤°à¤¾à¤œà¥€à¤¨; हाथ, बैतसैदा; जो सामरà¥à¤¯ के काम तà¥à¤® में किठगà¤, यदि वे सूर और सैदा में किठजाते, तो टाट ओढ़कर, और राख में बैठकर, वे कब से मन फिरा लेते। 22 परनà¥â€à¤¤à¥ मैं तà¥à¤® से कहता हूं; कि नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के दिन तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ दशा से सूर और सैदा की दशा अधिक सहने योगà¥à¤¯ होगी। 23 और हे कफरनहूम, कà¥â€à¤¯à¤¾ तू सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— तक ऊंचा किया जाà¤à¤—ा तू तो अधोलोक तक नीचे जाà¤à¤—ा; जो सामरà¥à¤¯ के काम तà¥à¤ में किठगठहै, यदि सदोम में किठजाते, तो वह आज तक बना रहता। 24 पर मैं तà¥à¤® से कहता हूं, कि नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के दिन तेरी दशा से सदोम के देश की दशा अधिक सहने योगà¥à¤¯ होगी। 25 उसी समय यीशॠने कहा, हे पिता, सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— और पृयà¥â€à¤µà¥€ के पà¥à¤°à¤à¥; मैं तेरा धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ करता हूं, कि तू ने इन बातोंको जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚से छिपा दखा, और बालकोंपर पà¥à¤°à¤—ट किया है। 26 हां, हे पिता, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤à¥‡ यही अचà¥â€à¤›à¤¾ लगा। 27 मेरे पिता ने मà¥à¤à¥‡ सब कà¥à¤› सौंपा है, और कोई पà¥à¤¤à¥à¤° को नहीं जानता, केवल पिता; और कोई पिता को नहीं जानता, केवल पà¥à¤¤à¥à¤° और वह जिस पर पà¥à¤¤à¥à¤° उसे पà¥à¤°à¤—ट करना चाहे। 28 हे सब परिशà¥à¤°à¥à¤® करनेवालोंऔर बोफ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ विशà¥à¤°à¤® दूंगा। 29 मेरा जूआ अपके ऊपर उठा लो; और मà¥à¤ से सीखो; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं नमà¥à¤° और मन में दी हूं: और तà¥à¤® अपके मन में विशà¥à¤°à¤® पाओगे। 30 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मेरा जूआ सहज और मेरा बोफ हलà¥à¤•à¤¾ है।।
1 उस समय यीशॠसबà¥â€à¤¤ के दिन खेतोंमें से होकर जा रहा या, और उसके चेलोंको à¤à¥‚ख लगी, सो वे बालें तोड़ तोड़कर खाने लगे। 2 फरीसियोंने यह देखकर उस से कहा, देख तेरे चेले वह काम कर रहे हैं, जो सबà¥â€à¤¤ के दिन करना उचित नहीं। 3 उस ने उन से कहा; कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® ने नहीं पढ़ा, कि दाऊद ने, जब वह और उसके सायी à¤à¥‚खे हà¥à¤ तो कà¥â€à¤¯à¤¾ किया 4 वह कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर परमेशà¥à¤µà¤° के घर में गया, और à¤à¥‡à¤‚ट की रोटियां खाईं, जिनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ खाना न तो उसे और उसके सायियोंको, पर केवल याजकोंको उचित या 5 या तà¥à¤® ने वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ में नहीं पढ़ा, कि याजक सबà¥â€à¤¤ के दिन मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° में सबà¥â€à¤¤ के दिन के विधि को तोड़ने पर à¤à¥€ निरà¥à¤¦à¥‹à¤· ठहरते हैं। 6 पर मैं तà¥à¤® से कहता हूं, कि यहां वह है, जो मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° से à¤à¥€ बड़ा है। 7 यदि तà¥à¤® इस का अरà¥à¤¯ जानते कि मैं दया से पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ हूं, बलिदान से नहीं, तो तà¥à¤® निरà¥à¤¦à¥‹à¤· को दोषी न ठहराते। 8 मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° तो सबà¥â€à¤¤ के दिन का à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¥ है।। 9 वहां से चलकर वह उन की सà¤à¤¾ के घर में आया। 10 और देखो, à¤à¤• मनà¥à¤·à¥à¤¯ या, जिस का हाथ सूखा हà¥à¤† या; और उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उस पर दोष लगाने के लिेय उस से पूछा, कि कà¥â€à¤¯à¤¾ सबà¥â€à¤¤ के दिन चंगा करना उचित है 11 उस ने उन से कहा; तà¥à¤® में à¤à¤¸à¤¾ कौन है, जिस की à¤à¤• à¤à¥‡à¤¡à¤¼ हो, और वह सबà¥â€à¤¤ के दिन गड़हे में गिर जाà¤, तो वह उसे पकड़कर न निकाले 12 à¤à¤²à¤¾, मनà¥à¤·à¥à¤¯ का मूलà¥à¤¯ à¤à¥‡à¤¡à¤¼ से कितना बढ़ कर है; इसलिथे सबà¥â€à¤¤ के दिन à¤à¤²à¤¾à¤ˆ करना उचित है: तब उस ने उस मनà¥à¤·à¥à¤¯ से कहा, अपना हाथ बढ़ा। 13 उस ने बढ़ाया, और वह फिर दूसरे हाथ की नाई अचà¥â€à¤›à¤¾ हो गया। 14 तब फरीसियोंने बाहर जाकर उसके विरोध में समà¥à¤®à¤¤à¤¿ की, कि उसे किस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° नाश करें 15 यह जानकर यीशॠवहां से चला गया; और बहà¥à¤¤ लागे उसके पीछे हो लिथे; और उस ने सब को चंगा किया। 16 और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ चिताया, कि मà¥à¤à¥‡ पà¥à¤°à¤—ट न करना। 17 कि जो वचन यशायाह à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कहा गया या, वह पूरा हो। 18 कि देखो, यह मेरा सेवक है, जिसे मैं ने चà¥à¤¨à¤¾ है; मेरा पà¥à¤°à¤¿à¤¯, जिस से मेरा मन पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ है: मैं अपना आतà¥à¥˜à¤¾ उस पर डालूंगा; और वह अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ का समाचार देगा। 19 वह न फगड़ा करेगा, और न धूम मचाà¤à¤—ा; और न बाजारोंमें कोई उसका शबà¥â€à¤¦ सà¥à¤¨à¥‡à¤—ा। 20 वह कà¥à¤šà¤²à¥‡ हà¥à¤ सरकणà¥â€à¤¡à¥‡ को न तोड़ेगा; और धूआं देती हà¥à¤ˆ बतà¥à¤¤à¥€ को न बà¥à¤«à¤¾à¤à¤—ा, जब तक नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ को पà¥à¤°à¤¬à¤² न कराà¤à¥¤ 21 और अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ उसके नाम पर आशा रखेंगी। 22 तब लोग à¤à¤• अनà¥â€à¤§à¥‡-गूंगे को जिस में दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾ यी, उसके पास लाà¤; और उस ने उसे अचà¥â€à¤›à¤¾ किया; और वह गूंगा बोलने और देखने लगा। 23 इस पर सब लोग चकित होकर कहने लगे, यह कà¥â€à¤¯à¤¾ दाऊद की सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨ का है 24 परनà¥â€à¤¤à¥ फरीसियोंने यह सà¥à¤¨à¤•à¤° कहा, यह तो दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤“ं के सरदार शैतान की सहाथता के बिना दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤“ं को नहीं निकालता। 25 उस ने उन के मन की बात जानकर उन से कहा; जिस किसी राजà¥à¤¯ में फूट होती है, वह उजड़ जाता है, और कोई नगर या घराना जिस में फूट होती है, बना न रहेगा। 26 और यदि शैतान ही शैतान को निकाले, तो वह अपना ही विरोधी हो गया है; फिर उसका राजà¥à¤¯ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर बना रहेगा 27 à¤à¤²à¤¾, यदि मैं शैतान की सहाथता से दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤“ं को निकालता हूं, तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ वंश किस की सहाथता से निकालते हैं इसलिथे वे ही तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ चà¥à¤•à¤¾à¤à¤‚गे। 28 पर यदि मैं परमेशà¥à¤µà¤° के आतà¥à¥˜à¤¾ की सहाथता से दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾à¤“ं को निकालता हूं, तो परमेशà¥à¤µà¤° का राजà¥à¤¯ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास आ पहà¥à¤‚चा है। 29 या कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर कोई मनà¥à¤·à¥à¤¯ किसी बलवनà¥â€à¤¤ के घर में घà¥à¤¸à¤•à¤° उसका माल लूट सकता है जब तक कि पहिले उस बलवनà¥â€à¤¤ को न बानà¥â€à¤§ ले और तब वह उसका घर लूट लेगा। 30 जो मेरे साय नहीं, वह मेरे विरोध में है; और जो मेरे साय नहीं बटोरता, वह बियराता है। 31 इसलिथे मैं तà¥à¤® से कहता हूं, कि मनà¥à¤·à¥à¤¯ का सब पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° का पाप और निनà¥â€à¤¦à¤¾ à¤à¤®à¤¾ की जाà¤à¤—ी, पर आतà¥à¥˜à¤¾ की निनà¥â€à¤¦à¤¾ à¤à¤®à¤¾ न की जाà¤à¤—ी। 32 जो कोई मनà¥à¤·à¥à¤¯ के पà¥à¤¤à¥à¤° के विरोध में कोई बात कहेगा, उसका यह अपराध à¤à¤®à¤¾ किया जाà¤à¤—ा, परनà¥â€à¤¤à¥ जो कोई पवितà¥à¤°à¤†à¤¤à¥à¥˜à¤¾ के विरोध में कà¥à¤› कहेगा, उसका अपराध न तो इस लोक में और न परलोक में à¤à¤®à¤¾ किया जाà¤à¤—ा। 33 यदि पेड़ को अचà¥â€à¤›à¤¾ कहो, तो उसके फल को à¤à¥€ अचà¥â€à¤›à¤¾ कहो; या पेड़ को निकमà¥à¤®à¤¾ कहो; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि पेड़ फल ही से पहचाना जाता है। 34 हे सांप के बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚, तà¥à¤® बà¥à¤°à¥‡ होकर कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर अचà¥â€à¤›à¥€ बातें कह सकते हो कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जो मन में à¤à¤°à¤¾ है, वही मà¥à¤‚ह पर आता है। 35 à¤à¤²à¤¾, मनà¥à¤·à¥à¤¯ मन के à¤à¤²à¥‡ à¤à¤£à¥â€à¤¡à¤¾à¤° से à¤à¤²à¥€ बातें निकालता है; और बà¥à¤°à¤¾ मनà¥à¤·à¥à¤¯ बà¥à¤°à¥‡ à¤à¤£à¥â€à¤¡à¤¾à¤° से बà¥à¤°à¥€ बातें निकालता है। 36 और मै तà¥à¤® से कहता हूं, कि जो जो निकमà¥à¤®à¥€ बातें मनà¥à¤·à¥à¤¯ कहेंगे, नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के दिन हर à¤à¤• बात का लेखा देंगे। 37 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तू अपकà¥à¤•à¥€ बातोंके कारण निरà¥à¤¦à¥‹à¤· और अपकà¥à¤•à¥€ बातोंही के कारण दोषी ठहराया जाà¤à¤—ा।। 38 इस पर कितने शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और फरीसियोंने उस से कहा, हे गà¥à¤°à¥‚, हम तà¥à¤ से à¤à¤• चिनà¥â€à¤¹ देखना चाहते हैं। 39 उस ने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि इस यà¥à¤— के बà¥à¤°à¥‡ और वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤°à¥€ लोग चिनà¥â€à¤¹ ढूंढ़ते हैं; परनà¥â€à¤¤à¥ यूनà¥à¤¸ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ के चिनà¥â€à¤¹ को छोड़ कोई और चिनà¥â€à¤¹ उन को न दिया जाà¤à¤—ा। 40 यूनà¥à¤¸ तीन राज दिन जल जनà¥â€à¤¤à¥ के पेट में रहा, वैसे ही मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° तीन रात दिन पृयà¥â€à¤µà¥€ के à¤à¥€à¤¤à¤° रहेगा। 41 नीनवे के लोग नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के दिन इस यà¥à¤— के लोगोंके साय उठकर उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ दोषी ठहराà¤à¤‚गे, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने यूनà¥à¤¸ का पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° सà¥à¤¨à¤•à¤°, मन फिराया और देखो, यहां वह है जो यूनà¥à¤¸ से बड़ा है। 42 दकà¥â€à¤–िन की रानी नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के दिन इस यà¥à¤— के लोगोंके साय उठकर उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ दोषी ठहराà¤à¤—ी, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह सà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤¨ का जà¥à¤žà¤¾à¤¨ सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ के लिथे पृयà¥â€à¤µà¥€ की छोर से आई, और देखो, यहां वह है जो सà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤¨ से à¤à¥€ बड़ा है। 43 जब अशà¥à¤¦à¥à¤§ आतà¥à¥˜à¤¾ मनà¥à¤·à¥à¤¯ में से निकल जाती है, तो सूखी जगहोंमें विशà¥à¤°à¤® ढूंढ़ती फिरती है, और पाती नहीं। 44 तब कहती है, कि मैं अपके उसी घर में जहां से निकली यी, लौट जाऊंगी, और आकर उसे सूना, फाड़ा-बà¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ और सजा सजाया पाती है। 45 तब वह जाकर अपके से और बà¥à¤°à¥€ सात आतà¥à¥˜à¤¾à¤“ं को अपके साय ले आती है, और वे उस में पैठकर वहां वास करती है, और उस मनà¥à¤·à¥à¤¯ की पिछली दशा पहिले से à¤à¥€ बà¥à¤°à¥€ हो जाती है; इस यà¥à¤— के बà¥à¤°à¥‡ लोगोंकी दशा à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ ही होगी। 46 जब वह à¤à¥€à¤¡à¤¼ से बातें कर ही रहा या, तो देखो, उस की माता और à¤à¤¾à¤ˆ बाहर खड़े थे, और उस से बातें करना चाहते थे। 47 किसी ने उस से कहा; देख तेरी माता और तेरे à¤à¤¾à¤ˆ बाहर खड़े हैं, और तà¥à¤ से बातें करना चाहते हैं। 48 यह सà¥à¤¨ उस ने कहनेवाले को उतà¥à¤¤à¤° दिया; कौन है मेरी माता 49 और कौन है मेरे à¤à¤¾à¤ˆ और अपके चेलोंकी ओर अपना हाथ बढ़ा कर कहा; देखो, मेरी माता और मेरे à¤à¤¾à¤ˆ थे हैं। 50 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जो कोई मेरे सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय पिता की इचà¥â€à¤›à¤¾ पर चले, वही मेरा à¤à¤¾à¤ˆ और बहिन और माता है।।
1 उसी दिन यीशॠघर से निकलकर फील के किनारे जा बैठा। 2 और उसके पास à¤à¤¸à¥€ बड़ी à¤à¥€à¤¡à¤¼ इकटà¥à¤ ी हà¥à¤ˆ कि वह नाव पर चढ़ गया, और सारी à¤à¥€à¤¡à¤¼ किनारे पर खड़ी रही। 3 और उस ने उन से दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤à¥‹à¤‚में बहà¥à¤¤ सी बातें कही, कि देखो, à¤à¤• बोनेवाला बीज बोने निकला। 4 बोते समय कà¥à¤› बीज मारà¥à¤— के किनारे गिरे और पà¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने आकर उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ चà¥à¤— लिया। 5 कà¥à¤› पतà¥à¤¯à¤°à¥€à¤²à¥€ à¤à¥‚मि पर गिरे, जहां उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ बहà¥à¤¤ मिटà¥à¤Ÿà¥€ न मिली और गहरी मिटà¥à¤Ÿà¥€ न मिलने के कारण वे जलà¥à¤¦ उग आà¤à¥¤ 6 पर सूरज निकलने पर वे जल गà¤, और जड़ न पकड़ने से सूख गà¤à¥¤ 7 कà¥à¤› फाडिय़ोंमें गिरे, और फाडिय़ोंने बढ़कर उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ दबा डाला। 8 पर कà¥à¤› अचà¥â€à¤›à¥€ à¤à¥‚मि पर गिरे, और फल लाà¤, कोई सौ गà¥à¤¨à¤¾, कोई साठगà¥à¤¨à¤¾, कोई तीस गà¥à¤¨à¤¾à¥¤ 9 जिस के कान होंवह सà¥à¤¨ ले।। 10 और चेलोंने पास आकर उस से कहा, तू उन से दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤à¥‹à¤‚में कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚बातें करता है 11 उस ने उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि तà¥à¤® को सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ के à¤à¥‡à¤¦à¥‹à¤‚की समठदी गई है, पर उन को नहीं। 12 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जिस के पास है, उसे दिया जाà¤à¤—ा; और उसके पास बहà¥à¤¤ हो जाà¤à¤—ा; पर जिस के पास कà¥à¤› नहीं है, उस से जो कà¥à¤› उसके पास है, वह à¤à¥€ ले लिया जाà¤à¤—ा। 13 मैं उन से दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤à¥‹à¤‚में इसलिथे बातें करता हूं, कि वे देखते हà¥à¤ नहीं देखते; और सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हà¥à¤ नहीं सà¥à¤¨à¤¤à¥‡; और नहीं समà¤à¤¤à¥‡à¥¤ 14 और उन के विषय में यशायाह की यह à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤µà¤¾à¤£à¥€ पूरी होती है, कि तà¥à¤® कानोंसे तो सà¥à¤¨à¥‹à¤—े, पर समà¤à¥‹à¤—े नहीं; और आंखोंसे तो देखोगे, पर तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ न सूफेगा। 15 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इन लोगोंका मन मोटा हो गया है, और वे कानोंसे ऊंचा सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं और उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने अपकà¥à¤•à¥€ आंखें मूंद लीं हैं; कहीं à¤à¤¸à¤¾ न हो कि वे आंखोंसे देखें, और कानोंसे सà¥à¤¨à¥‡à¤‚ और मन से समà¤à¥‡à¤‚, और फिर जाà¤à¤‚, और मैं उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ चंगा करूं। 16 पर धनà¥à¤¯ है तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ आंखें, कि वे देखती हैं; और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ कान, कि वे सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं। 17 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि बहà¥à¤¤ से à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने और धमिरà¥à¤¯à¥‹à¤‚ने चाहा कि जो बातें तà¥à¤® देखते हो, देखें पर न देखीं; और जो बातें तà¥à¤® सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हो, सà¥à¤¨à¥‡à¤‚, पर न सà¥à¤¨à¥€à¤‚। 18 सो तà¥à¤® बानेवाले का दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ सà¥à¤¨à¥‹à¥¤ 19 जो कोई राजà¥à¤¯ का वचन सà¥à¤¨à¤•à¤° नहीं समà¤à¤¤à¤¾, उसके मन में जो कà¥à¤› बोया गया या, उसे वह दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿ आकर छीन ले जाता है; यह वही है, जो मारà¥à¤— के किनारे बोया गया या। 20 और जो पतà¥à¤¯à¤°à¥€à¤²à¥€ à¤à¥‚मि पर बोया गया, यह वह है, जो वचन सà¥à¤¨à¤•à¤° तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ आननà¥â€à¤¦ के साय मान लेता है। 21 पर अपके में जड़ न रखने के कारण वह योड़े ही दिन का है, और जब वचन के कारण कà¥â€à¤²à¥‡à¤¶ या उपदà¥à¤°à¤µ होता है, तो तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ ठोकर खाता है। 22 जो फाडिय़ोंमें बोया गया, यह वह है, जो वचन को सà¥à¤¨à¤¤à¤¾ है, पर इस संसार की चिनà¥â€à¤¤à¤¾ और धन का धोखा वचन को दबाता है, और वह फल नहीं लाता। 23 जो अचà¥â€à¤›à¥€ à¤à¥‚मि में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सà¥à¤¨à¤•à¤° समà¤à¤¤à¤¾ है, और फल लाता है कोई सौ गà¥à¤¨à¤¾, कोई साठगà¥à¤¨à¤¾, कोई तीस गà¥à¤¨à¤¾à¥¤ 24 उस ने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• और दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ दिया कि सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ उस मनà¥à¤·à¥à¤¯ के समान है जिस ने अपके खेत में अचà¥â€à¤›à¤¾ बीज बोया। 25 पर जब लोग सो रहे थे तो उसका बैरी आकर गेहूं के बीच जंगली बीज बोकर चला गया। 26 जब अंकà¥à¤° निकले और बालें लगी, तो जंगली दाने à¤à¥€ दिखाई दिà¤à¥¤ 27 इस पर गृहसà¥à¤¯ के दासोंने आकर उस से कहा, हे सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€, कà¥â€à¤¯à¤¾ तू ने अपके खेत में अचà¥â€à¤›à¤¾ बीज न बोया या फिर जंगती दाने के पौधे उस में कहां से आठ28 उस ने उन से कहा, यह किसी बैरी का काम है। दासोंने उस से कहा कà¥â€à¤¯à¤¾ तेरी इचà¥â€à¤›à¤¾ है, कि हम जाकर उन को बटोर लें 29 उस ने कहा, à¤à¤¸à¤¾ नहीं, न हो कि जंगती दाने के पौधे बटोरते हà¥à¤ उन के साय गेहूं à¤à¥€ उखाड़ लो। 30 कटनी तक दोनोंको à¤à¤• साय बढ़ने दो, और कटनी के समय मैं काटनेवालोंसे कहूंगा; पहिले जंगली दाने के पौधे बटोरकर जलाने के लिथे उन के गटà¥à¤ े बानà¥â€à¤§ लो, और गेहूं को मेरे खतà¥à¤¤à¥‡ में इकटà¥à¤ ा करो।। 31 उस ने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• और दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ दिया; कि सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ राई के à¤à¤• दाने के समान है, जिसे किसी मनà¥à¤·à¥à¤¯ ने लेकर अपके खेत में बो दिया। 32 वह सब बीजोंसे छोटा तो है पर जब बढ़ जाता है तब सब साग पात से बड़ा होता है; और à¤à¤¸à¤¾ पेड़ हो जाता है, कि आकाश के पकà¥à¤•à¥€ आकर उस की डालियोंपर बसेरा करते हैं।। 33 उस ने à¤à¤• और दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¤¾; कि सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ खमीर के समान है जिस को किसी सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ ने लेकर तीन पकेरी आटे में मिला दिया और होते होते वह सब खमीर हो गया।। 34 थे सब बातें यीशॠने दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤à¥‹à¤‚में लोगोंसे कहीं, और बिना दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ वह उन से कà¥à¤› न कहता या। 35 कि जो वचन à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कहा गया या, वह पूरा हो कि मैं दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ कहने को अपना मà¥à¤‚ह खोलूंगा: मैं उन बातोंको जो जगत की उतà¥â€à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ से गà¥à¤ªà¥â€à¤¤ रही हैं पà¥à¤°à¤—ट करूंगा।। 36 तब वह à¤à¥€à¤¡à¤¼ को छोड़कर घर में आया, और उसके चेलोंने उसके पास आकर कहा, खेत के जंगली दाने का दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ हमें समà¤à¤¾ दे। 37 उस ने उन को उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि अचà¥â€à¤›à¥‡ बीज का बोनेवाला मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° है। 38 खेत संसार है, अचà¥â€à¤›à¤¾ बीज राजà¥à¤¯ के सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨, और जंगली बीज दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿ के सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨ हैं। 39 जिस बैरी ने उन को बोया वह शैतान है; कटनी जगत का अनà¥â€à¤¤ है: और काटनेवाले सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—दूत हैं। 40 सो जैसे जंगली दाने बटोरे जाते और जलाठजाते हैं वैसा ही जगत के अनà¥â€à¤¤ में होगा। 41 मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° अपके सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—दूतोंको à¤à¥‡à¤œà¥‡à¤—ा, और वे उसके राजà¥à¤¯ में से सब ठोकर के कारणोंको और कà¥à¤•à¤°à¥à¤® करनेवालोंको इकटà¥à¤ ा करेंगे। 42 और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ आग के कà¥à¤‚ड में डालेंगे, वहां रोना और दांत पीसना होगा। 43 उस समय धरà¥à¤®à¥€ अपके पिता के राजà¥à¤¯ में सूरà¥à¤¯ की नाई चमकेंगे; जिस के कान होंवह सà¥à¤¨ ले।। 44 सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ खेत में छिपे हà¥à¤ धन के समान है, जिसे किसी मनà¥à¤·à¥à¤¯ ने पाकर छिपा दिया, और मारे आननà¥â€à¤¦ के जाकर और अपना सब कà¥à¤› बेचकर उस खेत को मोल लिया।। 45 फिर सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ à¤à¤• वà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¤¾à¤°à¥€ के समान है जो अचà¥â€à¤›à¥‡ मोतियोंकी खोज में या। 46 जब उसे à¤à¤• बहà¥à¤®à¥‚लà¥à¤¯ मोती मिला तो उस ने जाकर अपना सब कà¥à¤› बेच डाला और उसे मोल ले लिया।। 47 फिर सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ उस बड़े जाल के समान है, जो समà¥à¤¦à¥à¤° में डाला गया, और हर पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की मछिलयोंको समेट लाया। 48 और जब à¤à¤° गया, तो उस को किनारे पर खींच लाà¤, और बैठकर अचà¥â€à¤›à¥€ अचà¥â€à¤›à¥€ तो बरतनोंमें इकटà¥à¤ ा किया और निकमà¥à¤®à¥€, निकमà¥à¤®à¥€à¤‚ फेंक दी। 49 जगत के अनà¥â€à¤¤ में à¤à¤¸à¤¾ ही होगा: सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—दूत आकर दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¥‹à¤‚को धमिरà¥à¤¯à¥‹à¤‚से अलग करेंगे, और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ आग के कà¥à¤‚ड में डालेंगे। 50 वहां रोना और दांत पीसना होगा। 51 कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® ने थे सब बातें समà¤à¥€à¤‚ 52 उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उस से कहा, हां; उस ने उन से कहा, इसलिथे हर à¤à¤• शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ जो सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ का चेला बना है, उस गृहसà¥à¤¯ के समान है जो अपके à¤à¤£à¥â€à¤¡à¤¾à¤° से नई और पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ वसà¥â€à¤¤à¥à¤à¤‚ निकालता है।। 53 जब यीशॠने सब दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ कह चà¥à¤•à¤¾, तो वहां से चला गया। 54 और अपके देश में आकर उन की सà¤à¤¾ में उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¸à¤¾ उपकेश देने लगा; कि वे चकित होकर कहने लगे; कि इस को यह जà¥à¤žà¤¾à¤¨ और समरà¥à¤¯ के काम कहां से मिले 55 कà¥â€à¤¯à¤¾ यह बढ़ई का बेटा नहीं और कà¥â€à¤¯à¤¾ इस की माता का नाम मरियम और इस के à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚के नाम याकूब और यूसà¥à¤« और शमौन और यहूदा नहीं 56 और कà¥â€à¤¯à¤¾ इस की सब बहिनें हमारे बीच में नहीं रहती फिर इस को यह सब कहां से मिला 57 सो उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उसके कारण ठोकर खाई, पर यीशॠने उन से कहा, à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ अपके देश और अपके घर को छोड़ और कहीं निरादर नहीं होता। 58 और उस ने वहां उन के अविशà¥à¤µà¤¾à¤¸ के कारण बहà¥à¤¤ सामरà¥à¤¯ के काम नहीं किà¤à¥¤à¥¤
1 उस समय चौयाई देश के राजा हेरोदेस ने यीशॠकी चरà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¨à¥€à¥¤ 2 और अपके सेवकोंसे कहा, यह यूहनà¥à¤¨à¤¾ बपतिसà¥à¥˜à¤¾ देनेवाला है: वह मरे हà¥à¤“ं में से जी उठा है, इसी लिथे उस से सामरà¥à¤¯ के काम पà¥à¤°à¤—ट होते हैं। 3 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हेरोदेस ने अपके à¤à¤¾à¤ˆ फिलपà¥â€à¤ªà¥à¤¸ की पतà¥â€à¤¨à¥€ हेरोदियास के कारण, यूहनà¥à¤¨à¤¾ को पकड़कर बानà¥â€à¤§à¤¾, और जेलखाने में डाल दिया या। 4 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यूहनà¥à¤¨à¤¾ ने उस से कहा या, कि इस को रखना तà¥à¤à¥‡ उचित नहीं है। 5 और वह उसे मार डालना चाहता या, पर लोगोंसे डरता या, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे उसे à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ जानते थे। 6 पर जब हेरोदेस का जनà¥à¥˜ दिन आया, तो हेरोदियास की बेटी ने उतà¥â€à¤¸à¤µ में नाच दिखाकर हेरोदेस को खà¥à¤¶ किया। 7 इसलिथे उस ने शपय खाकर वचन दिया, कि जो कà¥à¤› तू मांगेगी, मैं तà¥à¤à¥‡ दूंगा। 8 वह अपकà¥à¤•à¥€ माता की उसà¥â€à¤•à¤¾à¤ˆ हà¥à¤ˆ बोली, यूहनà¥à¤¨à¤¾ बपतिसà¥à¥˜à¤¾ देनेवाले का सिर याल में यहीं मà¥à¤à¥‡ मंगवा दे। 9 राजा दà¥à¤–ित हà¥à¤†, पर अपकà¥à¤•à¥€ शपय के, और साय बैठनेवालोंके कारण, आजà¥à¤žà¤¾ दी, कि दे दिया जाà¤à¥¤ 10 और जेलखाने में लोगोंको à¤à¥‡à¤œà¤•à¤° यूहनà¥à¤¨à¤¾ का सिर कटवा दिया। 11 और उसका सिर याल में लाया गया, और लड़की को दिया गया; और वह उस को अपकà¥à¤•à¥€ मां के पास ले गई। 12 और उसके चेलोंने आकर और उस की लोय को ले जाकर गाढ़ दिया और जाकर यीशॠको समाचार दिया।। 13 जब यीशॠने यह सà¥à¤¨à¤¾, तो नाव पर चढ़कर वहां से किसी सà¥à¤¨à¤¸à¤¾à¤¨ जगह à¤à¤•à¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ में चला गया; और लोग यह सà¥à¤¨à¤•à¤° नगर नगर से पैदल उसके पीछे हो लिà¤à¥¤ 14 उस ने निकलकर बड़ी à¤à¥€à¤¡à¤¼ देखी; और उन पर तरस खाया; और उस ने उन के बीमारोंको चंगा किया। 15 जब सांफ हà¥à¤ˆ, तो उसके चेलोंने उसके पास आकर कहा; यह तो सà¥à¤¨à¤¸à¤¾à¤¨ जगह है और देर हो रही है, लोगोंको विदा किया जाठकि वे बसà¥â€à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚में जाकर अपके लिथे à¤à¥‹à¤œà¤¨ मोल लें। 16 यीशॠने उन से कहा उन का जाना आवशà¥à¤¯à¤• नहीं! तà¥à¤® ही इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ खाने को दो। 17 उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उस से कहा; यहां हमारे पास पांच रोटी और दो मछिलयोंको छोड़ और कà¥à¤› नहीं है। 18 उस ने कहा, उन को यहां मेरे पास ले आओ। 19 तब उस ने लोगोंको घास पर बैठने को कहा, और उन पांच रोटियोंऔर दो मछिलयोंको लिया; और सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— की ओर देखकर धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ किया और रोटियां तोड़ तोड़कर चेलोंको दीं, और चेलोंने लोगोंको। 20 और सब खाकर तृपà¥â€à¤¤ हो गà¤, और उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने बचे हà¥à¤ टà¥à¤•à¤¡à¤¼à¥‹à¤‚से à¤à¤°à¥€ हà¥à¤ˆ बारह टोकिरयां उठाई। 21 और खानेवाले सà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और बालकोंको छोड़कर पांच हजार पà¥à¤°à¥‚षोंके अटकल थे।। 22 और उस ने तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ अपके चेलोंको बरबस नाव पर चढ़ाया, कि वे उस से पहिले पार चले जाà¤à¤‚, जब तक कि वह लोगोंको विदा करे। 23 वह लोगोंको विदा करके, पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करने को अलग पहाड़ पर चढ़ गया; और सांफ को वहां अकेला या। 24 उस समय नाव फील के बीच लहरोंसे डगमगा रही यी, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हवा सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ की यी। 25 और वह रात के चौथे पहर फील पर चलते हà¥à¤ उन के पास आया। 26 चेले उस को फील पर चलते हà¥à¤ देखकर घबरा गà¤! और कहने लगे, वह à¤à¥‚त है; और डार के मारे चिलà¥à¤²à¤¾ उठे। 27 यीशॠने तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ उन से बातें की, और कहा; ढाढ़स बानà¥â€à¤§à¥‹; मैं हूं; डरो मत। 28 पतरस ने उस को उतà¥à¤¤à¤° दिया, हे पà¥à¤°à¤à¥, यदि तू ही है, तो मà¥à¤à¥‡ अपके पास पानी पर चलकर आने की आजà¥à¤žà¤¾ दे। 29 उस ने कहा, आ: तब पतरस नाव पर से उतरकर यीशॠके पास जाने को पानी पर चलने लगा। 30 पर हवा को देखकर डर गया, और जब डूबने लगा, तो चिलà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° कहा; हे पà¥à¤°à¤à¥, मà¥à¤à¥‡ बचा। 31 यीशॠने तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ हाथ बढ़ाकर उसे याम लिया, और उस से कहा, हे अलà¥à¤ª-विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥€, तू ने कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚सनà¥â€à¤¦à¥‡à¤¹ किया 32 जब वे नाव पर चढ़ गà¤, तो हवा यम गई। 33 इस पर जो नाव पर थे, उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उसे दणà¥â€à¤¡à¤µà¤¤ करके कहा; सचमà¥à¤š तू परमेशà¥à¤µà¤° का पà¥à¤¤à¥à¤° है।। 34 वे पार उतरकर गनà¥à¤¨à¥‡à¤¸à¤°à¤¤ देश में पहà¥à¤‚चे। 35 और वहां के लोगोंने उसे पहचानकर आस पास के सारे देश में कहला à¤à¥‡à¤œà¤¾, और सब बीमारोंको उसके पास लाà¤à¥¤ 36 और उस से बिनती करने लगे, कि वह उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अपके वसà¥â€à¤¤à¥à¤° के आंचल ही को छूने दे: और जितनोंने उसे छूआ, वे चंगे हो गà¤à¥¤à¥¤
1 तब यरूशलेम से कितने फरीसी और शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ यीशॠके पास आकर कहने लगे। 2 तेरे चेले पà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤¯à¥‹à¤‚की रीतोंको कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚टालते हैं, कि बिना हाथ धोठरोटी खाते हैं 3 उस ने उन को उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि तà¥à¤® à¤à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ रीतोंके कारण कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚परमेशà¥à¤µà¤° की आजà¥à¤žà¤¾ टालते हो 4 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि परमेशà¥à¤µà¤° ने कहा या, कि अपके पिता और अपकà¥à¤•à¥€ माता का आदर करना: और जो कोई पिता या माता को बà¥à¤°à¤¾ कहे, वह मार डाला जाà¤à¥¤ 5 पर तà¥à¤® कहते हो, कि यदि कोई अपके पिता या माता से कहे, कि जो कà¥à¤› तà¥à¤à¥‡ मà¥à¤ से लाठपहà¥à¤‚च सकता या, वह परमेशà¥à¤µà¤° को à¤à¥‡à¤‚ट चढ़ाई जा चà¥à¤•à¥€à¥¤ 6 तो वह अपके पिता का आदर न करे, सो तà¥à¤® ने अपकà¥à¤•à¥€ रीतोंके कारण परमेशà¥à¤µà¤° का वचन टाल दिया। 7 हे कपटियों, यशायाह ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ विषय में यह à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤£à¥€ ठीक की। 8 कि थे लोग होठोंसे तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मà¥à¤ से दूर रहता है। 9 और थे वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¯ मेरी उपासना करते हैं, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मनà¥à¤·à¥à¤¯ की विधियोंको धरà¥à¤®à¥‹à¤ªà¤•à¥‡à¤¶ करके सिखाते हैं। 10 और उस ने लोगोंको अपके पास बà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° उन से कहा, सà¥à¤¨à¥‹; और समà¤à¥‹à¥¤ 11 जो मà¥à¤‚ह में जाता है, वह मनà¥à¤·à¥à¤¯ को अशà¥à¤¦à¥à¤§ नहीं करता, पर जो मà¥à¤‚ह से निकलता है, वही मनà¥à¤·à¥à¤¯ को अशà¥à¤¦à¥à¤§ करता है। 12 तब चेलोंने आकर उस से कहा, कà¥â€à¤¯à¤¾ तू जानता है कि फरीसियोंने यह वचन सà¥à¤¨à¤•à¤° ठोकर खाई 13 उस ने उतà¥à¤¤à¤° दिया, हर पौधा जो मेरे सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय पिता ने नहीं लगाया, उखाड़ा जाà¤à¤—ा। 14 उन को जाने दो; वे अनà¥â€à¤§à¥‡ मारà¥à¤— दिखानेवाले हैं: और अनà¥â€à¤§à¤¾ यदि अनà¥â€à¤§à¥‡ को मारà¥à¤— दिखाà¤, तो दोनोंगड़हे में गिर पकेंगे। 15 यह सà¥à¤¨à¤•à¤°, पतरस ने उस से कहा, यह दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ हमें समà¤à¤¾ दे। 16 उस ने कहा, कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® à¤à¥€ अब तक ना समठहो 17 कà¥â€à¤¯à¤¾ नहीं समà¤à¤¤à¥‡, कि जो कà¥à¤› मà¥à¤‚ह में जाता, वह पेट में पड़ता है, और सणà¥â€à¤¡à¤¾à¤¸ में निकल जाता है 18 पर जो कà¥à¤› मà¥à¤‚ह से निकलता है, वह मन से निकलता है, और वही मनà¥à¤·à¥à¤¯ को अशà¥à¤¦à¥à¤§ करता है। 19 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¥à¤šà¤¿à¤¨à¥â€à¤¤à¤¾, हतà¥à¤¯à¤¾, परसà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤—मन, वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤°, चोरी, फूठी गवाही और निनà¥â€à¤¦à¤¾ मन ही से निकलती है। 20 यही हैं जो मनà¥à¤·à¥à¤¯ को अशà¥à¤¦à¥à¤§ करती हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ हाथ बिना धोठà¤à¥‹à¤œà¤¨ करना मनà¥à¤·à¥à¤¯ को अशà¥à¤¦à¥à¤§ नहीं करता।। 21 यीशॠवहां से निकलकर, सूर और सैदा के देशोंकी ओर चला गया। 22 और देखो, उस देश से à¤à¤• कनानी सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ निकली, और चिलà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° कहने लगी; हे पà¥à¤°à¤à¥ दाऊद के सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨, मà¥à¤ पर दया कर, मेरी बेटी को दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾ बहà¥à¤¤ सता रहा है। 23 पर उस ने उसे कà¥à¤› उतà¥à¤¤à¤° न दिया, और उसके चेलोंने आकर उस से बिनती कर कहा; इसे विदा कर; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह हमारे पीछे चिलà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥€ आती है। 24 उस ने उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के घराने की खोई हà¥à¤ˆ à¤à¥‡à¤¡à¤¼à¥‹à¤‚को छोड़ मैं किसी के पास नहीं à¤à¥‡à¤œà¤¾ गया। 25 पर वह आई, और उसे पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤® करके कहने लगी; हे पà¥à¤°à¤à¥, मेरी सहाथता कर। 26 उस ने उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि लड़कोंकी रोटी लेकर कà¥à¤¤à¥à¤¤à¥‹à¤‚के आगे डालना अचà¥â€à¤›à¤¾ नहीं। 27 उस ने कहा, सतà¥à¤¯ है पà¥à¤°à¤à¥; पर कà¥à¤¤à¥à¤¤à¥‡ à¤à¥€ वह चूरचार खाते हैं, जो उन के सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚की मेज से गिरते हैं। 28 इस पर यीशॠने उस को उतà¥à¤¤à¤° देकर कहा, कि हे सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€, तेरा विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ बड़ा है: जैसा तू चाहती है, तेरे लिथे वैसा ही हो; और उस की बेटी उसी घड़ी चंगी हो गई।। 29 यीशॠवहां से चलकर, गलील की फील के पास आया, और पहाड़ पर चढ़कर वहां बैठगया। 30 और à¤à¥€à¤¡à¤¼ पर à¤à¥€à¤¡à¤¼ लंगड़ों, अनà¥â€à¤§à¥‹à¤‚, गूंगों, टà¥à¤‚ड़ों, और बहà¥à¤¤ औरोंको लेकर उसके पास आà¤; और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ उसके पांवोंपर डाल दिया, और उस ने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ चंगा किया। 31 सो जब लोगोंने देखा, कि गूंगे बोलते और टà¥à¤£à¥â€à¤¡à¥‡ चंगे होते और लंगड़े चलते और अनà¥â€à¤§à¥‡ देखते हैं, तो अचमà¥à¤à¤¾ करके इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के परमेशà¥à¤µà¤° की बड़ाई की।। 32 यीशॠने अपके चेलोंको बà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° कहा, मà¥à¤à¥‡ इस à¤à¥€à¤¡à¤¼ पर तरस आता है; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे तीन दिन से मेरे साय हैं और उन के पास कà¥à¤› खाने को नहींं; और मैं उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥‚खा विदा करना नहीं चाहता; कहीं à¤à¤¸à¤¾ न हो कि मारà¥à¤— में यककर रह जाà¤à¤‚। 33 चेलोंने उस से कहा, हमें जंगल में कहां से इतनी रोटी मिलेगी कि हम इतनी बड़ी à¤à¥€à¤¡à¤¼ को तृपà¥â€à¤¤ करें 34 यीशॠने उन से पूछा, तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास कितनी रोटियां हैं उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा; सात और योड़ी सी छोटी मछिलयां। 35 तब उस ने लोगोंको à¤à¥‚मि पर बैठने की आजà¥à¤žà¤¾ दी। 36 और उन सात रोटियोंऔर मछिलयोंको ले धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ करके तोड़ा और अपके चेलोंको देता गया; और चेले लोगोंको। 37 सो सब खाकर तृपà¥â€à¤¤ हो गठऔर बचे हà¥à¤ टà¥à¤•à¤¡à¤¼à¥‹à¤‚से à¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ सात टोकरे उठाà¤à¥¤ 38 और खानेवाले सà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और बालकोंको छोड़ चार हजार पà¥à¤°à¥‚ष थे। 39 तब वह à¤à¥€à¤¡à¤¼ को विदा करके नाव पर चढ़ गया, और मगदन देश के सिवानोंमें आया।।
1 और फरीसियोंऔर सदूकियोंने पास आकर उसे परखने के लिथे उस से कहा, कि हमें आकाश का कोई चिनà¥â€à¤¹ दिखा। 2 उस ने उन को उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि सांफ को तà¥à¤® कहते हो कि खà¥à¤²à¤¾ रहेगा कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि आकाश लाल है। 3 और à¤à¥‹à¤° को कहते हो, कि आज आनà¥â€à¤§à¥€ आà¤à¤—ी कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि आकाश लाल और धà¥à¤®à¤²à¤¾ है; तà¥à¤® आकाश का लà¤à¤£ देखकर à¤à¥‡à¤¦ बता सकते हो पर समयोंके चिनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚को à¤à¥‡à¤¦ नहीं बता सकते 4 इस यà¥à¤— के बà¥à¤°à¥‡ और वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤°à¥€ लोग चिनà¥â€à¤¹ ढूंढ़ते हैं पर यूनà¥à¤¸ के चिनà¥â€à¤¹ को छोड़ कोई और चिनà¥â€à¤¹ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ न दिया जाà¤à¤—ा, और वह उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ छोड़कर चला गया।। 5 और चेले पार जाते समय रोटी लेना à¤à¥‚ल गठथे। 6 यीशॠने उन से कहा, देखो; फरीसियोंऔर सदूकियोंके खमीर से चौकस रहना। 7 वे आपस में विचार करने लगे, कि हम तो रोटी नहीं लाà¤à¥¤ 8 यह जानकर, यीशॠने उन से कहा, हे अलà¥à¤ªà¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, तà¥à¤® आपस में कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚विचार करते हो कि हमारे पास रोटी नहीं 9 कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® अब तक नहीं समà¤à¥‡ और उन पांच हजार की पांच रोटी सà¥à¥˜à¤°à¤£ नहीं करते, और न यह कि कितनी टोकिरयां उठाईं यीं 10 और न उन चार हजार की सात रोटी; और न यह कि कितने टोकरे उठाठगठथे 11 तà¥à¤® कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚नहीं समà¤à¤¤à¥‡ कि मैं ने तà¥à¤® से रोटियोंके विषय में नहीं कहा फरीसियोंऔर सदूकियोंके खमीर से चौकस रहना। 12 तब उन को समठमें आया, कि उस ने रोटी के खमीर से नहीं, पर फरीसियोंऔर सदूकियोंकी शिà¤à¤¾ से चौकस रहने को कहा या। 13 यीशॠकैसरिया फिलिपà¥à¤ªà¥€ के देश में आकर अपके चेलोंसे पूछने लगा, कि लोग मनà¥à¤·à¥à¤¯ के पà¥à¤¤à¥à¤° को कà¥â€à¤¯à¤¾ कहते हैं 14 उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, कितने तो यूहनà¥à¤¨à¤¾ बपतिसà¥à¥˜à¤¾ देनेवाला कहते हैं और कितने à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥à¤¯à¤¾à¤¹, और कितने यिरà¥à¤®à¤¯à¤¾à¤¹ या à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं में से कोई à¤à¤• कहते हैं। 15 उस ने उन से कहा; परनà¥â€à¤¤à¥ तà¥à¤® मà¥à¤à¥‡ कà¥â€à¤¯à¤¾ कहते हो 16 शमौन पतरस ने उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि तू जीवते परमेशà¥à¤µà¤° का पà¥à¤¤à¥à¤° मसीह है। 17 यीशॠने उस को उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि हे शमौन योना के पà¥à¤¤à¥à¤°, तू धनà¥à¤¯ है; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मांस और लोहू ने नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ मेरे पिता ने जो सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में है, यह बात तà¥à¤ पर पà¥à¤°à¤—ट की है। 18 और मैं à¤à¥€ तà¥à¤ से कहता हूं, कि तू पतरस है; और मैं इस पतà¥à¤¯à¤° पर अपकà¥à¤•à¥€ कलीसिया बनाऊंगा: और अधोलोक के फाटक उस पर पà¥à¤°à¤¬à¤² न होंगे। 19 मैं तà¥à¤à¥‡ सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ की कà¥à¤‚जियां दूंगा: और जो कà¥à¤› तू पृयà¥â€à¤µà¥€ पर बानà¥â€à¤§à¥‡à¤—ा, वह सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में बनà¥â€à¤§à¥‡à¤—ा; और जो कà¥à¤› तू पृयà¥â€à¤µà¥€ पर खोलेगा, वह सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में खà¥à¤²à¥‡à¤—ा। 20 तब उस ने चेलोंको चिताया, कि किसी से न कहना! कि मैं मसीह हूं। 21 उस समय से यीशॠअपके चेलोंको बताने लगा, कि मà¥à¤à¥‡ अवशà¥à¤¯ है, कि यरूशलेम को जाऊं, और पà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤¯à¥‹à¤‚और महाथाजकोंऔर शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के हाथ से बहà¥à¤¤ दà¥à¤– उठाऊं; और मार डाला जाऊं; और तीसरे दिन जी उठूं। 22 इस पर पतरस उसे अलग ले जाकर फिड़कने लगा कि हे पà¥à¤°à¤à¥, परमेशà¥à¤µà¤° न करे; तà¥à¤ पर à¤à¤¸à¤¾ कà¤à¥€ न होगा। 23 उस ने फिरकर पतरस से कहा, हे शैतान, मेरे सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ से दूर हो: तू मेरे लिथे ठोकर का कारण है; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तू परमेशà¥à¤µà¤° की बातें नहीं, पर मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚की बातोंपर मन लगाता है। 24 तब यीशॠने अपके चेलोंसे कहा; यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपके आप का इनà¥â€à¤•à¤¾à¤° करे और अपना कà¥à¤°à¥‚स उठाà¤, और मेरे पीछे हो ले। 25 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जो कोई अपना पà¥à¤°à¤¾à¤£ बचाना चाहे, वह उसे खोà¤à¤—ा; और जो कोई मेरे लिथे अपना पà¥à¤°à¤¾à¤£ खोà¤à¤—ा, वह उसे पाà¤à¤—ा। 26 यदि मनà¥à¤·à¥à¤¯ सारे जगत को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ करे, और अपके पà¥à¤°à¤¾à¤£ की हाति उठाà¤, तो उसे कà¥â€à¤¯à¤¾ लाठहोगा या मनà¥à¤·à¥à¤¯ अपके पà¥à¤°à¤¾à¤£ के बदले में कà¥â€à¤¯à¤¾ देगा 27 मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° अपके सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—दूतोंके साय अपके पिता की महिमा में आà¤à¤—ा, और उस समय वह हर à¤à¤• को उसके कामोंके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤«à¤² देगा। 28 मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि जो यहां खड़े हैं, उन में से कितने à¤à¤¸à¥‡ हैं; कि जब तक मनà¥à¤·à¥à¤¯ के पà¥à¤¤à¥à¤° को उसके राजà¥à¤¯ में आते हà¥à¤ न देख लेंगे, तब तक मृतà¥à¤¯à¥ का सà¥â€à¤µà¤¾à¤¦ कà¤à¥€ न चखेंगे।
1 छ: दिन के बाद यीशॠने पतरस और याकूब और उसके à¤à¤¾à¤ˆ यूहनà¥à¤¨à¤¾ को साय लिया, और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤•à¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ में किसी ऊंचे पहाड़ पर ले गया। 2 और उनके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ उसका रूपानà¥â€à¤¤à¤° हà¥à¤† और उसका मà¥à¤‚ह सूरà¥à¤¯ की नाई चमका और उसका वसà¥â€à¤¤à¥à¤° जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿ की नाईं उजला हो गया। 3 और देखो, मूसा और à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥à¤¯à¤¾à¤¹ उसके साय बातें करते हà¥à¤ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ दिखाई दिà¤à¥¤ 4 इस पर पतरस ने यीशॠसे कहा, हे पà¥à¤°à¤à¥, हमारा यहां रहना अचà¥â€à¤›à¤¾ है; इचà¥â€à¤›à¤¾ हो तो यहां तीन मणà¥â€à¤¡à¤ª बनाऊं; à¤à¤• तेरे लिथे, à¤à¤• मूसा के लिथे, और à¤à¤• à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥à¤¯à¤¾à¤¹ के लिथे। 5 वह बोल ही रहा या, कि देखो, à¤à¤• उजले बादल ने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ छा लिया, और देखो; उस बादल में से यह शबà¥â€à¤¦ निकला, कि यह मेरा पà¥à¤°à¤¿à¤¯ पà¥à¤¤à¥à¤° है, जिस से मैं पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ हूं: इस की सà¥à¤¨à¥‹à¥¤ 6 चेले यह सà¥à¤¨à¤•à¤° मà¥à¤‚ह के बल गिर गठऔर अतà¥à¤¯à¤¨à¥â€à¤¤ डर गà¤à¥¤ 7 यीशॠने पास आकर उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ छूआ, और कहा, उठो; डरो मत। 8 तब उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने अपकà¥à¤•à¥€ आंखे उठाकर यीशॠको छोड़ और किसी को न देखा। 9 जब वे पहाड़ से उतर रहे थे तब यीशॠने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ यह आजà¥à¤žà¤¾ दी; कि जब तक मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° मरे हà¥à¤“ं में से न जी उठे तब तक जो कà¥à¤› तà¥à¤® ने देखा है किसी से न कहना। 10 और उसके चेलोंने उस से पूछा, फिर शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कहते हैं, कि à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥à¤¯à¤¾à¤¹ का पहले आना अवशà¥à¤¯ है 11 उस ने उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥à¤¯à¤¾à¤¹ तो आà¤à¤—ा: और सब कà¥à¤› सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‡à¤—ा। 12 परनà¥â€à¤¤à¥ मैं तà¥à¤® से कहता हूं, कि à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥à¤¯à¤¾à¤¹ आ चà¥à¤•à¤¾; और उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उसे नहीं पहचाना; परनà¥â€à¤¤à¥ जैसा चाहा वैसा ही उसके साय किया: इसी रीति से मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° à¤à¥€ उन के हाथ से दà¥à¤– उठाà¤à¤—ा। 13 तब चेलोंने समà¤à¤¾ कि उस ने हम से यूहनà¥à¤¨à¤¾ बपतिसà¥à¥˜à¤¾ देनेवाले के विषय में कहा है। 14 जब वे à¤à¥€à¤¡à¤¼ के पास पहà¥à¤‚चे, तो à¤à¤• मनà¥à¤·à¥à¤¯ उसके पास आया, और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ टेककर कहने लगा। 15 हे पà¥à¤°à¤à¥, मेरे पà¥à¤¤à¥à¤° पर दया कर; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि उस को मिरà¥à¤—ी आती है: और वह बहà¥à¤¤ दà¥à¤– उठाता है; और बार बार आग में और बार बार पानी में गिर पड़ता है। 16 और मैं उस को तेरे चेलोंके पास लाया या, पर वे उसे अचà¥â€à¤›à¤¾ नहीं कर सके। 17 यीशॠने उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि हे अविशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥€ और हठीले लोगोंमैं कब तक तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ साय रहूंगा कब तक तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ सहूंगा उसे यहां मेरे पास लाओ। 18 तब यीशॠने उसे घà¥à¤¡à¤¼à¤•à¤¾, और दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¤à¥à¥˜à¤¾ उस में से निकला; और लड़का उसी घड़ी अचà¥â€à¤›à¤¾ हो गया। 19 तब चेलोंने à¤à¤•à¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ में यीशॠके पास आकर कहा; हम इसे कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚नहीं निकाल सके 20 उस ने उन से कहा, अपके विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ की घटी के कारण: कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, यदि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ राई के दाने के बराबर à¤à¥€ हो, तो इस पहाड़ से कह सकोगे, कि यहां से सरककर वहां चला जा, तो वह चला जाà¤à¤—ा; और कोई बात तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे अनà¥â€à¤¹à¥‹à¤¨à¥€ न होगी। 21 जब वे गलील में थे, तो यीशॠने उन से कहा; मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के हाथ में पकड़वाया जाà¤à¤—ा। 22 और वे उसे मार डालेंगे, और वह तीसरे दिन जी उठेगा। 23 इस पर वे बहà¥à¤¤ उदास हà¥à¤à¥¤à¥¤ 24 जब वे कफरनहूम में पहà¥à¤‚चे, तो मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° के लिथे कर लेनेवालोंने पतरस के पास आकर पूछा, कि कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ गà¥à¤°à¥‚ मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° का कर नहीं देता उस ने कहा, हां देता तो है। 25 जब वह घर में आया, तो यीशॠने उसके पूछने से पहिले उस से कहा, हे शमौन तू कà¥â€à¤¯à¤¾ समà¤à¤¤à¤¾ है पृयà¥â€à¤µà¥€ के राजा महसूल या कर किन से लेते हैं अपके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚से या परायोंसे पतरस ने उन से कहा, परायोंसे। 26 यीशॠन उस से कहा, तो पà¥à¤¤à¥à¤° बच गà¤à¥¤ 27 तौà¤à¥€ इसलिथे कि हम उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ ठोकर न खिलाà¤à¤‚, तू फील के किनारे जाकर बंसी डाल, और जो मछली पहिले निकले, उसे ले; तो तà¥à¤à¥‡ उसका मà¥à¤‚ह खोलने पर à¤à¤• सि?ा मिलेगा, उसी को लेकर मेरे और अपके बदले उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ दे देना।।
1 उसी घड़ी चेले यीशॠके पास आकर पूछने लगे, कि सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ में बड़ा कौन है 2 इस पर उस ने à¤à¤• बालक को पास बà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° उन के बीच में खड़ा किया। 3 और कहा, मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, यदि तà¥à¤® न फिरो और बालकोंके समान न बनो, तो सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने नहीं पाओगे। 4 जो कोई अपके आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ में बड़ा होगा। 5 और जो कोई मेरे नाम से à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ बालक को गà¥à¤°à¤¹à¤£ करता है वह मà¥à¤à¥‡ गà¥à¤°à¤¹à¤£ करता है। 6 पर जो कोई इन छोटोंमें से जो मà¥à¤ पर विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करते हैं à¤à¤• को ठोकर खिलाà¤, उसके लिथे à¤à¤²à¤¾ होता, कि बड़ी चकà¥à¤•à¥€ का पाट उसके गले में लटकाया जाता, और वह गहिरे समà¥à¤¦à¥à¤° में डà¥à¤¬à¤¾à¤¯à¤¾ जाता। 7 ठोकरोंके कारण संसार पर हाथ! ठोकरोंका लगना अवशà¥à¤¯ है; पर हाथ उस मनà¥à¤·à¥à¤¯ पर जिस के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ठोकर लगती है। 8 यदि तेरा हाथ या तेरा पांव तà¥à¤à¥‡ ठोकर खिलाà¤, तो काटकर फेंक दे; टà¥à¤£à¥â€à¤¡à¤¾ या लंगड़ा होकर जीवन में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करना तेरे लिथे इस से à¤à¤²à¤¾ है, कि दो हाथ या दो पांव रहते हà¥à¤ तू अननà¥â€à¤¤ आग में डाला जाà¤à¥¤ 9 और यदि तेरी आंख तà¥à¤à¥‡ ठोकर खिलाà¤, तो उसे निकालकर फेंक दे। 10 काना होकर जीवन में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करना तेरे लिथे इस से à¤à¤²à¤¾ है, कि दो आंख रहते हà¥à¤ तू नरक की आग में डाला जाà¤à¥¤ 11 देखो, तà¥à¤® इन छोटोंमें से किसी को तà¥à¤šà¥â€à¤› न जानना; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं तà¥à¤® से कहता हूं, कि सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में उन के दूत मेरे सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—ीय पिता का मà¥à¤‚ह सदा देखते हैं। 12 तà¥à¤® कà¥â€à¤¯à¤¾ समà¤à¤¤à¥‡ हो यदि किसी मनà¥à¤·à¥à¤¯ की सौ à¤à¥‡à¤¡à¤¼à¥‡à¤‚ हों, और उन में से à¤à¤• à¤à¤Ÿà¤• जाà¤, तो कà¥â€à¤¯à¤¾ निनà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¤µà¥‡ को छोड़कर, और पहाड़ोंपर जाकर, उस à¤à¤Ÿà¤•à¥€ हà¥à¤ˆ को न ढूंढ़ेगा 13 और यदि à¤à¤¸à¤¾ हो कि उसे पाà¤, तो मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि वह उन निनà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¤µà¥‡ à¤à¥‡à¤¡à¤¼à¥‹à¤‚के लिथे जो à¤à¤Ÿà¤•à¥€ नहीं यीं इतना आननà¥â€à¤¦ नहीं करेगा, जितना कि इस à¤à¥‡à¤¡à¤¼ के लिथे करेगा। 14 à¤à¤¸à¤¾ ही तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पिता की जो सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में है यह इचà¥â€à¤›à¤¾ नहीं, कि इन छोटोंमें से à¤à¤• à¤à¥€ नाश हो। 15 यदि तेरा à¤à¤¾à¤ˆ तेरा अपराध करे, तो जा और अकेले में बातचीत करके उसे समà¤à¤¾; यदि वह तेरी सà¥à¤¨à¥‡ तो तू ने अपके à¤à¤¾à¤ˆ को पा लिया। 16 और यदि वह न सà¥à¤¨à¥‡, तो और à¤à¤• दो जन को अपके साय ले जा, कि हर à¤à¤• बात दो या तीन गवाहोंके मà¥à¤‚ह से ठहराई जाà¤à¥¤ 17 यदि वह उन की à¤à¥€ न माने, तो कलीसिया से कह दे, परनà¥â€à¤¤à¥ यदि वह कलीसिया की à¤à¥€ न माने, तो तू उसे अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ और महसूल लेनेवाले के à¤à¤¸à¤¾ जान। 18 मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, जो कà¥à¤› तà¥à¤® पृयà¥â€à¤µà¥€ पर बानà¥â€à¤§à¥‹à¤—े, वह सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— पर बनà¥â€à¤§à¥‡à¤—ा और जो कà¥à¤› तà¥à¤® पृयà¥â€à¤µà¥€ पर खोलोगे, वह सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— पर खà¥à¤²à¥‡à¤—ा। 19 फिर मैं तà¥à¤® से कहता हूं, यदि तà¥à¤® में से दो जन पृयà¥â€à¤µà¥€ पर किसी बात के लिथे जिसे वे मांगें, à¤à¤• मन के हों, तो वह मेरे पिता की ओर से सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में है उन के लिथे हो जाà¤à¤—ी। 20 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जहां दो या तीन मेरे नाम पर इकटà¥à¤ े होते हैं वहां मैं उन के बीच में होता हूं।। 21 तब पतरस ने पास आकर, उस से कहा, हे पà¥à¤°à¤à¥, यदि मेरा à¤à¤¾à¤ˆ अपराध करता रहे, तो मैं कितनी बार उसे à¤à¤®à¤¾ करूं, कà¥â€à¤¯à¤¾ सात बार तक 22 यीशॠने उस से कहा, मैं तà¥à¤ से यह नहीं कहता, कि सात बार, बरन सात बार के सतà¥à¤¤à¤° गà¥à¤¨à¥‡ तक। 23 इसलिथे सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ उस राजा के समान है, जिस ने अपके दासोंसे लेखा लेना चाहा। 24 जब वह लेखा लेने लगा, तो à¤à¤• जन उसके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ लाया गया जो दस हजार तोड़े धारता या। 25 जब कि चà¥à¤•à¤¾à¤¨à¥‡ को उसके पास कà¥à¤› न या, तो उसके सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने कहा, कि यह और इस की पतà¥â€à¤¨à¥€ और लड़केबाले और जो कà¥à¤› इस का है सब बेचा जाà¤, और वह करà¥à¤œ चà¥à¤•à¤¾ दिया जाà¤à¥¤ 26 इस पर उस दास ने गिरकर उसे पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤® किया, और कहा; हे सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€, धीरज धर, मैं सब कà¥à¤› à¤à¤° दूंगा। 27 तब उस दास के सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने तरस खाकर उसे छोड़ दिया, और उसका धार à¤à¤®à¤¾ किया। 28 परनà¥â€à¤¤à¥ जब वह दास बाहर निकला, तो उसके संगी दासोंमें से à¤à¤• उस को मिला, जो उसके सौ दीनार धारता या; उस ने उसे पकड़कर उसका गला घोंटा, और कहा; जो कà¥à¤› तू धारता है à¤à¤° दे। 29 इस पर उसका संगी दास गिरकर, उस से बिनती करने लगा; कि धीरज धर मैं सब à¤à¤° दूंगा। 30 उस ने न माना, परनà¥â€à¤¤à¥ जाकर उसे बनà¥â€à¤¦à¥€à¤—ृह में डाल दिया; कि जब तक करà¥à¤œ को à¤à¤° न दे, तब तक वहीं रहे। 31 उसके संगी दास यह जो हà¥à¤† या देखकर बहà¥à¤¤ उदास हà¥à¤, और जाकर अपके सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ को पूरा हाल बता दिया। 32 तब उसके सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने उस को बà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° उस से कहा, हे दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿ दास, तू ने जो मà¥à¤ से बिनती की, तो मैं ने तो तेरा वह पूरा करà¥à¤œ à¤à¤®à¤¾ किया। 33 सो जैसा मैं ने तà¥à¤ पर दया की, वैसे ही कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤à¥‡ à¤à¥€ अपके संगी दास पर दया करना नहीं चाहिठया 34 और उसके सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने कà¥à¤°à¥‹à¤§ में आकर उसे दणà¥â€à¤¡ देनेवालोंके हाथ में सौंप दिया, कि जब तक वह सब करà¥à¤œà¤¾ à¤à¤° न दे, तब तक उन के हाथ में रहे। 35 इसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° यदि तà¥à¤® में से हर à¤à¤• अपके à¤à¤¾à¤ˆ को मन से à¤à¤®à¤¾ न करेगा, तो मेरा पिता जो सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में है, तà¥à¤® से à¤à¥€ वैसा ही करेगा।।
1 जब यीशॠथे बातें कह चà¥à¤•à¤¾, तो गलील से चला गया; और यहूदिया के देश में यरदन के पार आया। 2 और बड़ी à¤à¥€à¤¡à¤¼ उसके पीछे हो ली, और उस ने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ वहां चंगा किया।। 3 तब फरीसी उस की पकà¥à¤•à¥€à¤à¤¾ करने के लिथे पास आकर कहने लगे, कà¥â€à¤¯à¤¾ हर à¤à¤• कारण से अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥â€à¤¨à¥€ को तà¥à¤¯à¤¾à¤—ना उचित है 4 उस ने उतà¥à¤¤à¤° दिया, कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® ने नहीं पढ़ा, कि जिस ने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ बनाया, उस ने आरमà¥à¤ से नर और नारी बनाकर कहा। 5 कि इस कारण मनà¥à¤·à¥à¤¯ अपके माता पिता से अलग होकर अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥â€à¤¨à¥€ के साय रहेगा और वे दोनोंà¤à¤• तन होंगे 6 सो व अब दो नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ à¤à¤• तन हैं: इसलिथे जिसे परमेशà¥à¤µà¤° ने जोड़ा है, उसे मनà¥à¤·à¥à¤¯ अलग न करे। 7 उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उस से कहा, फिर मूसा ने कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚यह ठहराया, कि तà¥à¤¯à¤¾à¤—पतà¥à¤° देकर उसे छोड़ दे 8 उस ने उन से कहा, मूसा ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ मन की कठोरता के कारण तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥â€à¤¨à¥€ को छोड़ देने की आजà¥à¤žà¤¾ दी, परनà¥â€à¤¤à¥ आरमà¥à¤ में à¤à¤¸à¤¾ नहीं या। 9 और मैं तà¥à¤® से कहता हूं, कि जो कोई वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° को छोड़ और किसी कारण से अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥â€à¤¨à¥€ को तà¥à¤¯à¤¾à¤—कर, दूसरी से बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ करे, वह वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° करता है: और जो छोड़ी हà¥à¤ˆ को बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ करे, वह à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° करता है। 10 चेलोंने उस से कहा, यदि पà¥à¤°à¥‚ष का सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के साय à¤à¤¸à¤¾ समà¥à¤¬à¤¨à¥â€à¤§ है, तो बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ करना अचà¥â€à¤›à¤¾ नहीं। 11 उस ने उन से कहा, सब यह वचन गà¥à¤°à¤¹à¤£ नहीं कर सकते, केवल वे जिन को यह दान दिया गया है। 12 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¥à¤› नपà¥à¤‚सक à¤à¤¸à¥‡ हैं जो माता के गरà¥à¤ ही से à¤à¤¸à¥‡ जनà¥à¥˜à¥‡à¤‚; और कà¥à¤› नंपà¥à¤¸à¤• à¤à¤¸à¥‡ हैं, जिनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ मनà¥à¤·à¥à¤¯ ने नपà¥à¤‚सक बनाया: और कà¥à¤› नपà¥à¤‚सक à¤à¤¸à¥‡ हैं, जिनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ के लिथे अपके आप को नपà¥à¤‚सक बनाया है, जो इस को गà¥à¤°à¤¹à¤£ कर सकता है, वह गà¥à¤°à¤¹à¤£ करे। 13 तब लोग बालकोंको उसके पास लाà¤, कि वह उन पर हाथ रखे और पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करे; पर चेलोंने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ डांटा। 14 यीशॠने कहा, बालकोंको मेरे पास आने दो: और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ मना न करो, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ à¤à¤¸à¥‹à¤‚ही का है। 15 और वह उन पर हाथ रखकर, वहां से चला गया। 16 और देखो, à¤à¤• मनà¥à¤·à¥à¤¯ ने पास आकर उस से कहा, हे गà¥à¤°à¥‚; मैं कौन सा à¤à¤²à¤¾ काम करूं, कि अननà¥â€à¤¤ जीवन पाऊं 17 उस ने उस से कहा, तू मà¥à¤ से à¤à¤²à¤¾à¤ˆ के विषय में कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚पूछता है à¤à¤²à¤¾ तो à¤à¤• ही है; पर यदि तू जीवन में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करना चाहता है, तो आजà¥à¤žà¤¾à¤“ं को माना कर। 18 उस ने उस से कहा, कौन सी आजà¥à¤žà¤¾à¤à¤‚ यीशॠने कहा, यह कि हतà¥à¤¯à¤¾ न करना, वà¥à¤¯à¤à¤¿à¤šà¤¾à¤° न करना, चोरी न करना, फूठी गवाही न देना। 19 अपके पिता और अपकà¥à¤•à¥€ माता का आदर करना, और अपके पड़ोसी से अपके समान पà¥à¤°à¥‡à¤® रखना। 20 उस जवान ने उस से कहा, इन सब को तो मैं ने माना है अब मà¥à¤ में किस बात की घटी है 21 यीशॠने उस से कहा, यदि तू सिदà¥à¤§ होना चाहता है; तो जा, अपना माल बेचकर कंगालोंको दे; और तà¥à¤à¥‡ सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में धन मिलेगा; और आकर मेरे पीछे हो ले। 22 परनà¥â€à¤¤à¥ वह जवान यह बात सà¥à¤¨ उदास होकर चला गया, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह बहà¥à¤¤ धनी या।। 23 तब यीशॠने अपके चेलोंसे कहा, मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि धनवान का सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करना किठन है। 24 फिर तà¥à¤® से कहता हूं, कि परमेशà¥à¤µà¤° के राजà¥à¤¯ में धनवान के पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने से ऊंट का सूई के नाके में से निकल जाना सहज है। 25 यह सà¥à¤¨à¤•à¤°, चेलोंने बहà¥à¤¤ चकित होकर कहा, फिर किस का उदà¥à¤§à¤¾à¤° हो सकता है 26 यीशॠने उन की ओर देखकर कहा, मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚से तो यह नहीं हो सकता, परनà¥â€à¤¤à¥ परमेशà¥à¤µà¤° से सब कà¥à¤› हो सकता है। 27 इस पर पतरस ने उस से कहा, कि देख, हम तो सब कà¥à¤› छोड़ के तेरे पीछे हो लिथे हैं: तो हमें कà¥â€à¤¯à¤¾ मिलेगा 28 यीशॠने उन से कहा, मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि नई उतà¥â€à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ से जब मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° अपकà¥à¤•à¥€ महिमा के सिहांसन पर बैठेगा, तो तà¥à¤® à¤à¥€ जो मेरे पीछे हो लिथे हो, बारह सिंहासनोंपर बैठकर इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² के बारह गोतà¥à¤°à¥‹à¤‚का नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ करोगे। 29 और जिस किसी ने घरोंया à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚या बहिनोंया पिता या माता या लड़केबालोंया खेतोंको मेरे नाम के लिथे छोड़ दिया है, उस को सौ गà¥à¤¨à¤¾ मिलेगा: और वह अननà¥â€à¤¤ जीवन का अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¥€ होगा। 30 परनà¥â€à¤¤à¥ बहà¥à¤¤à¥‡à¤°à¥‡ जो पहिले हैं, पिछले होंगे; और जो पिछले हैं, पहिले होंगे।।
1 सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ किसी गृहसà¥à¤¯ के समान है, जो सबेरे निकला, कि अपके दाख की बारी में मजदूरोंको लगाà¤à¥¤ 2 और उस ने मजदूरोंसे à¤à¤• दीनार राज पर ठहराकर, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अपके दाख की बारी में à¤à¥‡à¤œà¤¾à¥¤ 3 फिर पहर à¤à¤• दिन चढ़े, निकलकर, और औरोंको बाजार में बेकार खड़े देखकर, 4 उन से कहा, तà¥à¤® à¤à¥€ दाख की बारी में जाओ, और जो कà¥à¤› ठीक है, तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूंगा; सो वे à¤à¥€ गà¤à¥¤ 5 फिर उस ने दूसरे और तीसरे पहर के निकट निकलकर वैसा ही किया। 6 और à¤à¤• घंटा दिन रहे फिर निकलकर औरोंको खड़े पाया, और उन से कहा; तॠकà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚यहां दिन à¤à¤° बेकार खड़े रहे उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उस से कहा, इसलिथे, कि किसी ने हमें मजदूरी पर नहीं लगाया। 7 उस ने उन से कहा, तà¥à¤® à¤à¥€ दा,ा की बारी में जाओ। 8 सांफ को दाख बारी के सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने अपके à¤à¤£à¥â€à¤¡à¤¾à¤°à¥€ से कहा, मजदूरोंको बà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° पिछलोंसे लेकर पहिलोंतक उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ मजदूरी दे दे। 9 सो जब वे आà¤, जो घंटा à¤à¤° दिन रहे लगाठगठथे, तो उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• à¤à¤• दीनार मिला। 10 जो पहिले आà¤, उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने यह समà¤à¤¾, कि हमें अधिक मिलेगा; परनà¥â€à¤¤à¥ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ à¤à¤• ही à¤à¤• दीनार मिला। 11 जब मिला, तो वह गृहसà¥à¤¯ पर कà¥à¤¡à¤•à¥à¤¡à¤¼à¤¾ के कहने लगे। 12 कि इन पिछलोंने à¤à¤• ही घंटा काम किया, और तू ने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ हमारे बराबर कर दिया, जिनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने दिन à¤à¤° का à¤à¤¾à¤° उठाया और घाम सहा 13 उस ने उन में से à¤à¤• को उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि हे मितà¥à¤°, मैं तà¥à¤ से कà¥à¤› अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ नहीं करता; कà¥â€à¤¯à¤¾ तू ने मà¥à¤ से à¤à¤• दीनार न ठहराया 14 जो तेरा है, उठा ले, और चला जा; मेरी इचà¥â€à¤›à¤¾ यह है कि जितना तà¥à¤à¥‡, उतना ही इस पिछले को à¤à¥€ दूं। 15 कà¥â€à¤¯à¤¾ उचित नहीं कि मं अपके माल से जो चाहूं सो करूं कà¥â€à¤¯à¤¾ तू मेरे à¤à¤²à¥‡ होने के कारण बà¥à¤°à¥€ दृषà¥â€à¤Ÿà¤¿ से देखता है 16 इसी रीति से जो पिछले हैं, वह पहिले होंगे, और जो पहिले हैं, वे पिछले होंगे।। 17 यीशॠयरूशलेम को जाते हà¥à¤ बारह चेलोंको à¤à¤•à¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ में ले गया, और मारà¥à¤— में उन से कहने लगा। 18 कि देखो, हम यरूशलेम को जाते हैं; और मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° महाथाजकोंऔर शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के हाथ पकड़वाया जाà¤à¤—ा और वे उस को घात के योगà¥à¤¯ ठहराà¤à¤‚गे। 19 और उस को अनà¥à¤¯à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚के हाथ सोंपेंगे, कि वे उसे ठटà¥à¤ ोंमें उड़ाà¤à¤‚, और कोड़े मारें, और कà¥à¤°à¥‚स पर चढ़ाà¤à¤‚, और वह तीसरे दिन जिलाया जाà¤à¤—ा।। 20 जब जबà¥â€à¤¦à¥€ के पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚की माता ने अपके पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚के साय उसके पास आकर पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤® किया, और उस से कà¥à¤› मांगने लगी। 21 उस ने उस से कहा, तू कà¥â€à¤¯à¤¾ चाहती है वह उस से बोली, यह कह, कि मेरे थे दो पà¥à¤¤à¥à¤° तेरे राजà¥à¤¯ में à¤à¤• तेरे दिहने और à¤à¤• तेरे बाà¤à¤‚ बैठें। 22 यीशॠने उतà¥à¤¤à¤° दिया, तà¥à¤® नहीं जानते कि कà¥â€à¤¯à¤¾ मांगते हो जो कटोरा मैं पीने पर हूं, कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® पी सकते हो उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उस से कहा, पी सकते हैं। 23 उस ने उन से कहा, तà¥à¤® मेरा कटोरा तो पीओगे पर अपके दिहने बाà¤à¤‚ किसी को बिठाना मेरा काम नहीं, पर जिन के लिथे मेरे पिता की ओर से तैयार किया गया, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ के लिथे है। 24 यह सà¥à¤¨à¤•à¤°, दसोंचेले उन दोनोंà¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚पर कà¥à¤°à¥à¤¦à¥à¤§ हà¥à¤à¥¤ 25 यीशॠने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ पास बà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° कहा, तà¥à¤® जानते हो, कि अनà¥à¤¯ जातियोंके हाकिम उन पर पà¥à¤°à¤à¥à¤¤à¤¾ करते हैं; और जो बड़े हैं, वे उन पर अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ जताते हैं। 26 परनà¥â€à¤¤à¥ तà¥à¤® में à¤à¤¸à¤¾ न होगा; परनà¥â€à¤¤à¥ जो कोई तà¥à¤® में बड़ा होना चाहे, वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ सेवक बने। 27 और जो तà¥à¤® में पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ होना चाहे वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ दास बने। 28 जैसे कि मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤°, वह इसलिथे नहीं आया कि उस की सेवा टहल किई जाà¤, परनà¥â€à¤¤à¥ इसलिथे आया कि आप सेवा टहल करे और बहà¥à¤¤à¥‹à¤‚की छà¥à¤¡à¥Œà¤¤à¥€ के लिथे अपके पà¥à¤°à¤¾à¤£ दे।। 29 जब वे यरीहो से निकल रहे थे, तो à¤à¤• बड़ी à¤à¥€à¤¡à¤¼ उसके पीछे हो ली। 30 और देखो, दो अनà¥â€à¤§à¥‡, जो सड़कर के किनारे बैठे थे, यह सà¥à¤¨à¤•à¤° कि यीशॠजा रहा है, पà¥à¤•à¤¾à¤°à¤•à¤° कहने लगे; कि हे पà¥à¤°à¤à¥, दाऊद की सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨, हम पर दया कर। 31 लोगोंने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ डांटा, कि चà¥à¤ª रहे, पर वे और à¤à¥€ चिलà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° बोले, हे पà¥à¤°à¤à¥, दाऊद की सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨, हम पर दया कर। 32 तब यीशॠने खडे होकर, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾, और कहा; 33 तà¥à¤® कà¥â€à¤¯à¤¾ चाहते हो कि मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे करूं उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उस से कहा, हे पà¥à¤°à¤à¥; यह कि हमारी आंखे खà¥à¤² जाà¤à¤‚। 34 यीशॠने तरस खाकर उन की आंखे छूई, और वे तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ देखने लगे; और उसके पीछे हो लिà¤à¥¤à¥¤
1 जब वे यरूशलेम के निकट पहà¥à¤‚चे और जैतून पहाड़ पर बैतफगे के पास आà¤, तो यीशॠने दो चेलोंको यह कहकर à¤à¥‡à¤œà¤¾à¥¤ 2 कि अपके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ के गांव में जाओ, वहां पंहà¥à¤šà¤¤à¥‡ ही à¤à¤• गदही बनà¥â€à¤§à¥€ हà¥à¤ˆ, और उसके साय बचà¥â€à¤šà¤¾ तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिलेगा; उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ खोलकर, मेरे पास ले आओ। 3 यदि तà¥à¤® में से कोई कà¥à¤› कहे, तो कहो, कि पà¥à¤°à¤à¥ को इन का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤œà¤¨ है: तब वह तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥‡à¤œ देगा। 4 यह इसलिथे हà¥à¤†, कि जो वचन à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कहा गया या, वह पूरा हो; 5 कि सियà¥à¤¯à¥‹à¤¨ की बेटी से कहो, देख, तेरा राजा तेरे पास आता है; वह नमà¥à¤° है और गदहे पर बैठा है; बरन लादू के बचà¥â€à¤šà¥‡ पर। 6 चेलोंने जाकर, जैसा यीशॠने उन से कहा या, वैसा ही किया। 7 और गदही और बचà¥â€à¤šà¥‡ को लाकर, उन पर अपके कपके डाले, और वह उन पर बैठगया। 8 और बहà¥à¤¤à¥‡à¤°à¥‡ लोगोंने अपके कपके मारà¥à¤— में बिछाà¤, और और लोगोंने पेड़ोंसे डालियां काटकर मारà¥à¤— में बिछाई। 9 और जो à¤à¥€à¤¡à¤¼ आगे आगे जाती और पीछे पीछे चकà¥à¤•à¥€ आती यी, पà¥à¤•à¤¾à¤° पà¥à¤•à¤¾à¤° कर कहती यी, कि दाऊद की सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨ को होशाना; धनà¥à¤¯ है वह जो पà¥à¤°à¤à¥ के नाम से आता है, आकाश में होशाना। 10 जब उस ने यरूशलेम में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ किया, तो सारे नगर में हलचल मच गई; और लोग कहने लगे, यह कौन है 11 लोगोंने कहा, यह गलील के नासरत का à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ यीशॠहै।। 12 यीशॠने परमेशà¥à¤µà¤° के मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° में जाकर, उन सब को, जो मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° में लेन देन कर रहे थे, निकाल दिया; और सरà¥à¤°à¤¾à¤«à¥‹à¤‚के पीढ़े और कबूतरोंके बेचनेवालोंकी चौकियां उलट दीं। 13 और उन से कहा, लिखा है, कि मेरा घर पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ का घर कहलाà¤à¤—ा; परनà¥â€à¤¤à¥ तà¥à¤® उसे डाकà¥à¤“ं की खोह बनाते हो। 14 और अनà¥â€à¤§à¥‡ और लंगड़े, मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° में उसके पास लाà¤, और उस ने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ चंगा किया। 15 परनà¥â€à¤¤à¥ जब महाथजकोंऔर शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने इन अदà¥à¤à¥à¤¤ कामोंको, जो उस ने किà¤, और लड़कोंको मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° में दाऊद की सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨ को होशाना पà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ देखा, तो कà¥à¤°à¥‹à¤§à¤¿à¤¤ होकर उस से कहने लगे, कà¥â€à¤¯à¤¾ तू सà¥à¤¨à¤¤à¤¾ है कि थे कà¥â€à¤¯à¤¾ कहते हैं 16 यीशॠने उन से कहा, हां; कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® ने यह कà¤à¥€ नहीं पढ़ा, कि बालकोंऔर दूध पीते बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚के मà¥à¤‚ह से तॠने सà¥â€à¤¤à¥à¤¤à¤¿ सिदà¥à¤§ कराई 17 तब वह उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ छोड़कर नगर के बाहर बैतनियà¥à¤¯à¤¾à¤¹ को गया, ओर वहंा रात बिताई।। 18 à¤à¥‹à¤° को जब वह नगर को लौट रहा या, तो उसे à¤à¥‚ख लगी। 19 और अंजीर के पेड़ सड़क के किनारे देखकर वह उसके पास गया, और पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚को छोड़ उस में और कà¥à¤› न पाकर उस से कहा, अब से तà¥à¤ में फिर कà¤à¥€ फल न लगे; और अंजीर का पेड़ तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ सà¥à¤– गया। 20 यह देखकर चेलोंने अचमà¥à¤à¤¾ किया, और कहा, यह अंजीर का पेड़ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ सूख गया 21 यीशॠने उन को उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं; यदि तà¥à¤® विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ रखो, और सनà¥â€à¤¦à¥‡à¤¹ न करो; तो न केवल यह करोगे, जो इस अंजीर के पेड़ से किया गया है; परनà¥â€à¤¤à¥ यदि इस पहाड़ से à¤à¥€ कहोगे, कि उखड़ जो; और समà¥à¤¦à¥à¤° में जा पड़, तो यह हो जाà¤à¤—ा। 22 और जो कà¥à¤› तà¥à¤® पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ में विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ से मांगोगे वह सब तà¥à¤® को मिलेगा।। 23 वह मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° में जाकर उपकेश कर रहा या, कि महाथाजकोंऔर लोगोंके पà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤¯à¥‹à¤‚ने उसके पास आकर पूछा, तू थे काम किस के अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ से करता है और तà¥à¤à¥‡ यह अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ किस ने दिया है 24 यीशॠने उन को उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि मैं à¤à¥€ तà¥à¤® से à¤à¤• बात पूछता हूं; यदि वह मà¥à¤à¥‡ बताओगे, तो मैं à¤à¥€ तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ बताऊंगा; कि थे काम किस अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ से करता हूं। 25 यूहनà¥à¤¨à¤¾ का बपतिसà¥à¥˜à¤¾ कहां से या सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— की ओर से या मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚की ओर से या तब वे आपस में विवाद करने लगे, कि यदि हम कहें सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— की ओर से, तो वह हमे से कहेगा, फिर तà¥à¤® ने उस की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚न की 26 और यदि कहें मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚की ओर से तो हमें à¤à¥€à¤¡à¤¼ का डर है; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे सब यà¥à¤¹à¤¨à¥à¤¨à¤¾ को à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ जानते हैं। 27 सो उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने यीशॠको उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि हम नहीं जानते; उस ने à¤à¥€ उन से कहा, तो मैं à¤à¥€ तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ नहीं बताता, कि थे काम किस अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ से करता हूं। 28 तà¥à¤® कà¥â€à¤¯à¤¾ समà¤à¤¤à¥‡ हो किसी मनà¥à¤·à¥à¤¯ के दो पà¥à¤¤à¥à¤° थे; उस ने पहिले के पास जाकर कहा; हे पà¥à¤¤à¥à¤° आज दाख की बारी में काम कर। 29 उस ने उतà¥à¤¤à¤° दिया, मैं नहीं जाऊंगा, परनà¥â€à¤¤à¥ पीछे पछता कर गया। 30 फिर दूसरे के पास जाकर à¤à¤¸à¤¾ ही कहा, उस ने उतà¥à¤¤à¤° दिया, जी हां जाता हूं, परनà¥â€à¤¤à¥ नहीं गया। 31 इन दोनोंमें से किस ने पिता की इचà¥â€à¤›à¤¾ पूरी की उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, पहिले ने: यीशॠने उन से कहा, मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि महसूल लेनेवाले और वेशà¥à¤¯à¤¾ तà¥à¤® से पहिले परमेशà¥à¤µà¤° के राजà¥à¤¯ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हैं। 32 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यूहनà¥à¤¨à¤¾ धरà¥à¤® के मारà¥à¤— से तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास आया, और तà¥à¤® ने उस की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ न की: पर महसूल लेनेवालोंऔर वेशà¥à¤¯à¤¾à¤“ं ने उस की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ की: और तà¥à¤® यह देखकर पीछे à¤à¥€ न पछताठकि उस की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ कर लेते।। 33 à¤à¤• और दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ सà¥à¤¨à¥‹: à¤à¤• गृहसà¥à¤¯ या, जिस ने दाख की बारी लगाई; और उसके चारोंओर बाड़ा बानà¥â€à¤§à¤¾; और उस मे रस का कà¥à¤‚ड खोदा; और गà¥à¤®à¥à¤®à¤Ÿ बनाया; और किसानोंको उसका ठीका देकर परदेश चला गया। 34 जब फल का समय निकट आया, तो उस ने अपके दासोंको उसका फल लेने के लिथे किसानोंके पास à¤à¥‡à¤œà¤¾à¥¤ 35 पर किसानोंने उसके दासोंको पकड़ के, किसी को पीटा, और किसी को मार डाला; और किसी को पतà¥à¤¯à¤°à¤µà¤¾à¤¹ किया। 36 फिर उस ने और दासोंको à¤à¥‡à¤œà¤¾, जो पहिलोंसे अधिक थे; और उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उन से à¤à¥€ वैसा ही किया। 37 अनà¥â€à¤¤ में उस ने अपके पà¥à¤¤à¥à¤° को उन के पास यह कहकर à¤à¥‡à¤œà¤¾, कि वे मेरे पà¥à¤¤à¥à¤° का आदर करेंगे। 38 परनà¥â€à¤¤à¥ किसानोंने पà¥à¤¤à¥à¤° को देखकर आपस में कहा, यह तो वारिस है, आओ, उसे मार डालें: और उस की मीरास ले लें। 39 और उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उसे पकड़ा और दाख की बारी से बाहर निकालकर मार डाला। 40 इसलिथे जब दाख की बारी का सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ आà¤à¤—ा, तो उन किसानोंके साय कà¥â€à¤¯à¤¾ करेगा 41 उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उस से कहा, वह उन बà¥à¤°à¥‡ लोगोंको बà¥à¤°à¥€ रीति से नाश करेगा; और दाख की बारी का ठीका और किसानोंको देगा, जो समय पर उसे फल दिया करेंगे। 42 यीशॠने उन से कहा, कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® ने कà¤à¥€ पवितà¥à¤° शासà¥â€à¤¤à¥à¤° में यह नहीं पढ़ा, कि जिस पतà¥à¤¯à¤° को राजमिसà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ने निकमà¥à¤®à¤¾ ठहराया या, वही कोने के सिकà¥à¤•à¥‡ का पतà¥à¤¯à¤° हो गया 43 यह पà¥à¤°à¤à¥ की ओर से हà¥à¤†, और हमारे देखते में अदà¥à¤à¥à¤¤ है, इसलिथे मैं तà¥à¤® से कहता हूं, कि परमेशà¥à¤µà¤° का राजà¥à¤¯ तà¥à¤® से ले लिया जाà¤à¤—ा; और à¤à¤¸à¥€ जाति को जो उसका फल लाà¤, दिया जाà¤à¤—ा। 44 जो इस पतà¥à¤¯à¤° पर गिरेगा, वह चकनाचूर हो जाà¤à¤—ा: और जिस पर वह गिरेगा, उस को पीस डालेगा। 45 महाथाजक और फरीसी उसके दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤à¥‹à¤‚को सà¥à¤¨à¤•à¤° समठगà¤, कि वह हमारे विषय में कहता है। 46 और उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उसे पकड़ना चाहा, परनà¥â€à¤¤à¥ लोगोंसे डर गठकà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे उसे à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ जानते थे।।
1 इस पर यीशॠफिर उन से दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤à¥‹à¤‚में कहने लगा। 2 सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ उस राजा के समान है, जिस ने अपके पà¥à¤¤à¥à¤° का बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ किया। 3 और उस ने अपके दासोंको à¤à¥‡à¤œà¤¾, कि नेवताहारियोंको बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ के à¤à¥‹à¤œ में बà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚; परनà¥â€à¤¤à¥ उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने आना न चाहा। 4 फिर उस ने और दासोंको यह कहकर à¤à¥‡à¤œà¤¾, कि नेवताहारियोंसे कहो, देखो; मैं à¤à¥‹à¤œ तैयार कर चà¥à¤•à¤¾ हूं, और मेरे बैल और पके हà¥à¤ पशॠमारे गठहैं: और सब कà¥à¤› तैयार है; बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ के à¤à¥‹à¤œ में आओ। 5 परनà¥â€à¤¤à¥ वे बेपरवाई करके चल दिà¤: कोई अपके खेत को, कोई अपके बà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¤¾à¤° को। 6 औरोंने जो बच रहे थे उसके दासोंको पकड़कर उन का अनादर किया और मार डाला। 7 राजा ने कà¥à¤°à¥‹à¤§ किया, और अपकà¥à¤•à¥€ सेना à¤à¥‡à¤œà¤•à¤° उन हतà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤‚को नाश किया, और उन के नगर फूंक दिया। 8 तब उस ने अपके दासोंसे कहा, बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ का à¤à¥‹à¤œ तो तैयार है, परनà¥â€à¤¤à¥ नेवताहारी योगà¥à¤¯ न ठहरे। 9 इसलिथे चौराहोंमें जाओ, और जितने लोग तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिलें, सब को बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ के à¤à¥‹à¤œ में बà¥à¤²à¤¾ लाओ। 10 सो उन दासोंने सड़कोंपर जाकर कà¥â€à¤¯à¤¾ बà¥à¤°à¥‡, कà¥â€à¤¯à¤¾ à¤à¤²à¥‡, जितने मिले, सब को इकटà¥à¤ े किया; और बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ का घर जेवनहारोंसे à¤à¤° गया। 11 जब राजा जेवनहारोंके देखने को à¤à¥€à¤¤à¤° आया; तो उस ने वहां à¤à¤• मनà¥à¤·à¥à¤¯ को देखा, जो बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ का वसà¥â€à¤¤à¥à¤° नहीं पहिने या। 12 उस ने उससे पूछा हे मितà¥à¤°; तू बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ का वसà¥â€à¤¤à¥à¤° पहिने बिना यहां कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚आ गया उसका मà¥à¤‚ह बनà¥â€à¤¦ हो गया। 13 तब राजा ने सेवकोंसे कहा, इस के हाथ पांव बानà¥â€à¤§à¤•à¤° उसे बाहर अनà¥â€à¤§à¤¿à¤•à¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ में डाल दो, वहां रोना, और दांत पीसना होगा। 14 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि बà¥à¤²à¤¾à¤ हà¥à¤ तो बहà¥à¤¤ परनà¥â€à¤¤à¥ चà¥à¤¨à¥‡ हà¥à¤ योड़े हैं।। 15 तब फरीसियोंने जाकर आपस में विचार किया, कि उस को किस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° बातोंमें फंसाà¤à¤‚। 16 सो उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने अपके चेलोंको हेरोदियोंके साय उसके पास यह कहने को à¤à¥‡à¤œà¤¾, कि हे गà¥à¤°à¥‚; हम जानते हैं, कि तू सचà¥â€à¤šà¤¾ है; और परमेशà¥à¤µà¤° का मारà¥à¤— सचà¥â€à¤šà¤¾à¤ˆ से सिखाता है; और किसी की परवा नहीं करता, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तू मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚का मà¥à¤‚ह देखकर बातें नही करता। 17 इस लिथे हमें बता तू कà¥â€à¤¯à¤¾ समà¤à¤¤à¤¾ है कैसर को कर देना उचित है, कि नहीं। 18 यीशॠने उन की दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿà¤¤à¤¾ जानकर कहा, हे कपटियों; मà¥à¤à¥‡ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚परखते हो 19 कर का सि?ा मà¥à¤à¥‡ दिखाओ: तब वे उसके पास à¤à¤• दीनार ले आà¤à¥¤ 20 उस ने, उन से पूछा, यह मूतà¥à¤¤à¤¿à¤°à¥ और नाम किस का है 21 उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उस से कहा, कैसर का; तब उस ने, उन से कहा; जो कैसर का है, वह कैसर को; और जो परमेशà¥à¤µà¤° का है, वह परमेशà¥à¤µà¤° को दो। 22 यह सà¥à¤¨à¤•à¤° उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने अचमà¥à¤à¤¾ किया, और उसे छोड़कर चले गà¤à¥¤à¥¤ 23 उसी दिन सदूकी जो कहते हैं कि मरे हà¥à¤“ं का पà¥à¤¨à¤°à¥‚तà¥à¤¯à¤¾à¤¨ है ही नहीं उसके पास आà¤, और उस से पूछा। 24 कि हे गà¥à¤°à¥‚; मूसा ने कहा या, कि यदि कोई बिना सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨ मर जाà¤, तो उसका à¤à¤¾à¤ˆ उस की पतà¥â€à¤¨à¥€ को बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ करके अपके à¤à¤¾à¤ˆ के लिथे वंश उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करे। 25 अब हमारे यहां सात à¤à¤¾à¤ˆ थे; पहिला बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ करके मर गया; और सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨ न होने के कारण अपकà¥à¤•à¥€ पतà¥â€à¤¨à¥€ को अपके à¤à¤¾à¤ˆ के लिथे छोड़ गया। 26 इसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° दूसरे और तीसरे ने à¤à¥€ किया, और सातोंतक यही हà¥à¤†à¥¤ 27 सब के बाद वह सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ à¤à¥€ मर गई। 28 सो जी उठने पर, वह उन सातोंमें से किस की पतà¥â€à¤¨à¥€ होगी कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह सब की पतà¥â€à¤¨à¥€ हो चà¥à¤•à¥€ यी। 29 यीशॠने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि तà¥à¤® पवितà¥à¤° शासà¥â€à¤¤à¥à¤° और परमेशà¥à¤µà¤° की सामरà¥à¤¯ नहीं जानते; इस कारण à¤à¥‚ल में पड़ गठहो। 30 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जी उठने पर बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ शादी न होगी; परनà¥â€à¤¤à¥ वे सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में परमेशà¥à¤µà¤° के दूतोंकी नाई होंगे। 31 परनà¥â€à¤¤à¥ मरे हà¥à¤“ं के जी उठने के विषय में कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® ने यह वचन नहीं पढ़ा जो परमेशà¥à¤µà¤° ने तà¥à¤® से कहा। 32 कि मैं इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤® का परमेशà¥à¤µà¤°, और इसहाक का परमेशà¥à¤µà¤°, और याकूब का परमेशà¥à¤µà¤° हूं वह तो मरे हà¥à¤“ं का नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ जीवतोंका परमेशà¥à¤µà¤° है। 33 यह सà¥à¤¨à¤•à¤° लोग उसके उपकेश से चकित हà¥à¤à¥¤ 34 जब फरीसियोंने सà¥à¤¨à¤¾, कि उस ने सदूकियोंका मà¥à¤‚ह बनà¥â€à¤¦ कर दिया; तो वे इकटà¥à¤ े हà¥à¤à¥¤ 35 और उन में से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• ने परखने के लिथे, उस से पूछा। 36 हे गà¥à¤°à¥‚; वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ में कौन सी आजà¥à¤žà¤¾ बड़ी है 37 उस ने उस से कहा, तू परमेशà¥à¤µà¤° अपके पà¥à¤°à¤à¥ से अपके सारे मन और अपके सारे पà¥à¤°à¤¾à¤£ और अपकà¥à¤•à¥€ सारी बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ के साय पà¥à¤°à¥‡à¤® रख। 38 बड़ी और मà¥à¤–à¥à¤¯ आजà¥à¤žà¤¾ तो यही है। 39 और उसी के समान यह दूसरी à¤à¥€ है, कि तू अपके पड़ोसी से अपके समान पà¥à¤°à¥‡à¤® रख। 40 थे ही दो आजà¥à¤žà¤¾à¤à¤‚ सारी वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं का आधार है।। 41 जब फरीसी इकटà¥à¤ े थे, तो यीशॠने उन से पूछा। 42 कि मसीह के विषय में तà¥à¤® कà¥â€à¤¯à¤¾ समà¤à¤¤à¥‡ हो वह किस का सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨ है उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उस से कहा, दाऊद का। 43 उस ने उन से पूछा, तो दाऊद आतà¥à¥˜à¤¾ में होकर उसे पà¥à¤°à¤à¥ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कहता है 44 कि पà¥à¤°à¤à¥ ने, मेरे पà¥à¤°à¤à¥ से कहा; मेरे दिहने बैठ, जब तक कि मैं तेरे बैरियोंको तेरे पांवोंके नीचे न कर दूं। 45 à¤à¤²à¤¾, जब दाऊद उसे पà¥à¤°à¤à¥ कहता है, तो वह उसका पà¥à¤¤à¥à¤° कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर ठहरा 46 उसके उतà¥à¤¤à¤° में कोई à¤à¥€ à¤à¤• बात न कह सका; परनà¥â€à¤¤à¥ उस दिन से किसी को फिर उस से कà¥à¤› पूछने का हियाव न हà¥à¤†à¥¤à¥¤
1 तब यीशॠने à¤à¥€à¤¡à¤¼ से और अपके चेलोंसे कहा। 2 शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ और फरीसी मूसा की गदà¥à¤¦à¥€ पर बैठे हैं। 3 इसलिथे वे तà¥à¤® से जो कà¥à¤› कहें वह करना, और मानना; परनà¥â€à¤¤à¥ उन के से काम मत करना; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वे कहते तो हैं पर करते नहीं। 4 वे à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ à¤à¤¾à¤°à¥€ बोफ को जिन को उठाना किठन है, बानà¥â€à¤§à¤•à¤° उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के कनà¥â€à¤§à¥‹à¤‚पर रखते हैं; परनà¥â€à¤¤à¥ आप उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अपकà¥à¤•à¥€ उंगली से à¤à¥€ सरकाना नहीं चाहते । 5 वे अपके सब काम लोगोंको दिखाने के लिथे करते हैं: वे अपके तावीजोंको चौड़े करते, और अपके वसà¥â€à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚की कोरें बढ़ाते हैं। 6 जेवनारोंमें मà¥à¤–à¥à¤¯ मà¥à¤–à¥à¤¯ जगहें, और सà¤à¤¾ में मà¥à¤–à¥à¤¯ मà¥à¤–à¥à¤¯ आसन। 7 और बाजारोंमें नमसà¥â€à¤•à¤¾à¤° और मनà¥à¤·à¥à¤¯ में रबà¥â€à¤¬à¥€ कहलाना उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। 8 परनà¥â€à¤¤à¥, तà¥à¤® रबà¥â€à¤¬à¥€ न कहलाना; कयोंकि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤• ही गà¥à¤°à¥‚ है: और तà¥à¤® सब à¤à¤¾à¤ˆ हो। 9 और पृयà¥â€à¤µà¥€ पर किसी को अपना पिता न कहना, कयोंकि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤• ही पिता है, जो सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— में है। 10 और सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ à¤à¥€ न कहलाना, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤• ही सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ है, अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€ मसीह। 11 जो तà¥à¤® में बड़ा हो, वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ सेवक बने। 12 जो कोई अपके आप को बड़ा बनाà¤à¤—ा, वह छोटा किया जाà¤à¤—ा: और जो कोई अपके आप को छोटा बनाà¤à¤—ा, वह बड़ा किया जाà¤à¤—ा।। 13 हे कपकà¥à¤•à¥€ शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और फरीसियोंतà¥à¤® पर हाथ!14 तà¥à¤® मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚के विरोध में सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के राजà¥à¤¯ का दà¥à¤µà¤¾à¤° बनà¥â€à¤¦ करते हो, न तो आप ही उस में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हो और न उस में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करनेवालोंको पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने देते हो।।15 हे कपकà¥à¤•à¥€ शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और फरीसियोंतà¥à¤® पर हाथ! तà¥à¤® à¤à¤• जन को अपके मत में लाने के लिथे सारे जल और यल में फिरते हो, और जब वह मत में आ जाता है, तो उसे अपके से दूना नारकीय बना देते हो।। 16 हे अनà¥â€à¤§à¥‡ अगà¥à¤µà¥‹à¤‚, तà¥à¤® पर हाथ, जो कहते हो कि यदि कोई मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° की शपय खाठतो कà¥à¤› नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ यदि कोई मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° के सोने की सौगनà¥â€à¤§ खाठतो उस से बनà¥â€à¤§ जाà¤à¤—ा। 17 हे मूरà¥à¤–ो, और अनà¥â€à¤§à¥‹à¤‚, कौन बड़ा है, सोना या वह मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° जिस से सोना पवितà¥à¤° होता है 18 फिर कहते हो कि यदि कोई वेदी की शपय खाठतो कà¥à¤› नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ जो à¤à¥‡à¤‚ट उस पर है, यदि कोई उस की शपय खाठतो बनà¥â€à¤§ जाà¤à¤—ा। 19 हे अनà¥â€à¤§à¥‹à¤‚, कौन बड़ा है, à¤à¥‡à¤‚ट या वेदी: जिस से à¤à¥‡à¤‚ट पवितà¥à¤° होता है 20 इसलिथे जो वेदी की शपय खाता है, वह उस की, और जो कà¥à¤› उस पर है, उस की à¤à¥€ शपय खाता है। 21 और जो मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° की शपय खाता है, वह उस की और उस में रहनेवालोंकी à¤à¥€ शपय खाता है। 22 और जो सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— की शपय खाता है, वह परमेशà¥à¤µà¤° के सिहांसन की और उस पर बैठनेवाले की à¤à¥€ शपय खाता है।। 23 हे कपकà¥à¤•à¥€ शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, और फरीसियों, तà¥à¤® पर हाथ; तà¥à¤® पोदीने और सौंफ और जीरे का दसवां अंश देते हो, परनà¥â€à¤¤à¥ तà¥à¤® ने वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¯à¤¾ की गमà¥à¤à¥€à¤° बातोंको छोड़ दिया है; चाहिथे या कि इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ करते रहते, और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ न छोड़ते। 24 हे अनà¥â€à¤§à¥‡ अगà¥à¤µà¥‹à¤‚, तà¥à¤® मचà¥â€à¤›à¤¡à¤¼ को तो छान डालते हो, परनà¥â€à¤¤à¥ ऊंट को निगल जाते हो। 25 हे कपकà¥à¤•à¥€ शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, और फरीसियों, तà¥à¤® पर हाथ, तà¥à¤® कटोरे और याली को ऊपर ऊपर से तो मांजते हो परनà¥â€à¤¤à¥ वे à¤à¥€à¤¤à¤° अनà¥â€à¤§à¥‡à¤° असंयम से à¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ हैं। 26 हे अनà¥â€à¤§à¥‡ फरीसी, पहिले कटोरे और याली को à¤à¥€à¤¤à¤° से मांज कि वे बाहर से à¤à¥€ सà¥â€à¤µà¤šà¥â€à¤› हों।। 27 हे कपकà¥à¤•à¥€ शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, और फरीसियों, तà¥à¤® पर हाथ; तà¥à¤® चूना फिरी हà¥à¤ˆ कबà¥à¤°à¥‹à¤‚के समान हो जो ऊपर से तो सà¥à¤¨à¥â€à¤¦à¤° दिखाई देती हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ à¤à¥€à¤¤à¤° मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚की हिडà¥à¤¡à¤¯à¥‹à¤‚और सब पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की मलिनता से à¤à¤°à¥€ हैं। 28 इसी रीति से तà¥à¤® à¤à¥€ ऊपर से मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚को धरà¥à¤®à¥€ दिखाई देते हो, परनà¥â€à¤¤à¥ à¤à¥€à¤¤à¤° कपट और अधरà¥à¤® से à¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ हो।। 29 हे कपकà¥à¤•à¥€ शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, और फरीसियों, तà¥à¤® पर हाथ; तà¥à¤® à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं की कबà¥à¤°à¥‡à¤‚ संवारते और धमिरà¥à¤¯à¥‹à¤‚की कबà¥à¤°à¥‡à¤‚ बनाते हो। 30 और कहते हो, कि यदि हम अपके बापदादोंके दिनोंमें होते तो à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं की हतà¥à¤¯à¤¾ में उन के साफी न होते। 31 इस से तो तà¥à¤® अपके पर आप ही गवाही देते हो, कि तà¥à¤® à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं के घातकोंकी सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨ हो। 32 सो तà¥à¤® अपके बापदादोंके पाप का घड़ा à¤à¤° दो। 33 हे सांपो, हे करैतोंके बचà¥â€à¤šà¥‹, तà¥à¤® नरक के दणà¥â€à¤¡ से कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर बचोगे 34 इसलिथे देखो, मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं और बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚और शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को à¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾ हूं; और तà¥à¤® उन में से कितनोंको मार डालोगे, और कà¥à¤°à¥‚स पर चढ़ाओगे; और कितनोंको अपकà¥à¤•à¥€ सà¤à¤¾à¤“ं में कोड़े मारोगे, और à¤à¤• नगर से दूसरे नगर में खदेड़ते फिरोगे। 35 जिस से धरà¥à¤®à¥€ हाबिल से लेकर बिरिकà¥â€à¤¯à¤¾à¤¹ के पà¥à¤¤à¥à¤° जकरयाह तक, जिसे तà¥à¤® ने मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° और वेदी के बीच में मार डाला या, जितने धमिरà¥à¤¯à¥‹à¤‚का लोहू पृयà¥â€à¤µà¥€ पर बहाथा गया है, वह सब तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ सिर पर पकेगा। 36 मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, थे सब बातें इस समय के लोगोंपर आ पकेंगी।। 37 हे यरूशलेम, हे यरूशलेम; तू जो à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं को मार डालता है, और जो तेरे पास à¤à¥‡à¤œà¥‡ गà¤, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ पतà¥à¤¯à¤°à¤µà¤¾à¤¹ करता है, कितनी ही बार मैं ने चाहा कि जैसे मà¥à¤°à¥à¤—ी अपके बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚को अपके पंखोंके नीचे इकटà¥à¤ े करती है, वैसे ही मैं à¤à¥€ तेरे बालकोंको इकटà¥à¤ े कर लूं, परनà¥â€à¤¤à¥ तà¥à¤® ने न चाहा। 38 देखो, तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ घर तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे उजाड़ छोड़ा जाता है। 39 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं तà¥à¤® से कहता हूं, कि अब से जब तक तà¥à¤® न कहोगे, कि धनà¥à¤¯ है वह, जो पà¥à¤°à¤à¥ के नाम से आता है, तब तक तà¥à¤® मà¥à¤à¥‡ फिर कà¤à¥€ न देखोगे।।
1 जब यीशॠमनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° से निकलकर जा रहा या, तो उसके चेले उस को मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° की रचना दिखाने के लिथे उस के पास आà¤à¥¤ 2 उस ने उन से कहा, कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® यह सब नहीं देखते मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, यहां पतà¥à¤¯à¤° पर पतà¥à¤¯à¤° à¤à¥€ न छूटेगा, जो ढाया न जाà¤à¤—ा। 3 और जब वह जैतून पहाड़ पर बैठा या, तो चेलोंने अलग उसके पास आकर कहा, हम से कह कि थे बातें कब होंगी और तेरे आने का, और जगत के अनà¥â€à¤¤ का कà¥â€à¤¯à¤¾ चिनà¥â€à¤¹ होगा 4 यीशॠने उन को उतà¥à¤¤à¤° दिया, सावधान रहो! कोई तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ न à¤à¤°à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ पाà¤à¥¤ 5 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि बहà¥à¤¤ से à¤à¤¸à¥‡ होंगे जो मेरे नाम से आकर कहेंगे, कि मैं मसीह हूं: और बहà¥à¤¤à¥‹à¤‚को à¤à¤°à¤®à¤¾à¤à¤‚गे। 6 तà¥à¤® लड़ाइयोंऔर लड़ाइयोंकी चरà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¨à¥‹à¤—े; देखो घबरा न जाना कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इन का होना अवशà¥à¤¯ है, परनà¥â€à¤¤à¥ उस समय अनà¥â€à¤¤ न होगा। 7 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जाति पर जाति, और राजà¥à¤¯ पर राजà¥à¤¯ चढ़ाई करेगा, और जगह जगह अकाल पकेंगे, और à¤à¥à¤ˆà¤¡à¥‹à¤² होंगे। 8 थे सब बातें पीड़ाओं का आरमà¥à¤ होंगी। 9 तब वे कà¥â€à¤²à¥‡à¤¶ दिलाने के लिथे तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ पकड़वाà¤à¤‚गे, और तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ मार डालेंगे और मेरे नाम के कारण सब जातियोंके लोग तà¥à¤® से बैर रखेंगे। 10 तब बहà¥à¤¤à¥‡à¤°à¥‡ ठोकर खाà¤à¤‚गे, और à¤à¤• दूसरे से बैर रखेंगे। 11 और बहà¥à¤¤ से फूठे à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ उठखड़े होंगे, और बहà¥à¤¤à¥‹à¤‚को à¤à¤°à¤®à¤¾à¤à¤‚गे। 12 और अधरà¥à¤® के बढ़ने से बहà¥à¤¤à¥‹à¤‚का पà¥à¤°à¥‡à¤® ठणà¥â€à¤¡à¤¾ हो जाà¤à¤—ा। 13 परनà¥â€à¤¤à¥ जो अनà¥â€à¤¤ तक धीरज धरे रहेगा, उसी का उदà¥à¤§à¤¾à¤° होगा। 14 और राजà¥à¤¯ का यह सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° सारे जगत में पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° किया जाà¤à¤—ा, कि सब जातियोंपर गवाही हो, तब अनà¥â€à¤¤ आ जाà¤à¤—ा।। 15 सो जब तà¥à¤® उस उजाड़नेवाली घृणित वसà¥â€à¤¤à¥ को जिस की चरà¥à¤šà¤¾ दानियà¥à¤¥à¥‡à¤² à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हà¥à¤ˆ यी, पवितà¥à¤° सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में खड़ी हà¥à¤ˆ देखो, (जो पढ़े, वह समà¤à¥‡ )। 16 तब जो यहूदिया में होंवे पहाड़ोंपर à¤à¤¾à¤— जाà¤à¤‚। 17 जो कोठे पर हो, वह अपके घर में से सामान लेने को न उतरे। 18 और जो खेत में हो, वह अपना कपड़ा लेने को पीछे न लौटे। 19 उन दिनोंमें जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ और दूध पिलाती होंगी, उन के लिथे हाथ, हाथ। 20 और पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करो; कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ जाड़े में या सबà¥â€à¤¤ के दिन à¤à¤¾à¤—ना न पके। 21 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि उस समय à¤à¤¸à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¥€ कà¥â€à¤²à¥‡à¤¶ होगा, जैसा जगत के आरमà¥à¤ से न अब तक हà¥à¤†, और न कà¤à¥€ होगा। 22 और यदि वे दिन घटाठन जाते, तो कोई पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ न बचता; परनà¥â€à¤¤à¥ चà¥à¤¨à¥‡ हà¥à¤“ं के कारण वे दिन घटाठजाà¤à¤‚गे। 23 उस समय यदि कोई तà¥à¤® से कहे, कि देखो, मसीह यहां हैं! या वहां है तो पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ न करना। 24 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि फूठे मसीह और फूठे à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ उठखड़े होंगे, और बड़े चिनà¥â€à¤¹ और अदà¥à¤à¥à¤¤ काम दिखाà¤à¤‚गे, कि यदि हो सके तो चà¥à¤¨à¥‡ हà¥à¤“ं को à¤à¥€ à¤à¤°à¤®à¤¾ दें। 25 देखो, मैं ने पहिले से तà¥à¤® से यह सब कà¥à¤› कह दिया है। 26 इसलिथे यदि वे तà¥à¤® से कहें, देखो, वह जंगल में है, तो बाहर न निकल जाना; देखो, वह कोठिरयोंमें हैं, तो पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤à¤¿ न करना। 27 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जैसे बिजली पूरà¥à¤µ से निकलकर पशà¥â€à¤šà¤¿à¤® तक चमकती जाती है, वैसा ही मनà¥à¤·à¥à¤¯ के पà¥à¤¤à¥à¤° का à¤à¥€ आना होगा। 28 जहां लोय हो, वहीं गिदà¥à¤§ इकटà¥à¤ े होंगे।। 29 उन दिनोंके कà¥â€à¤²à¥‡à¤¶ के बाद तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ सूरà¥à¤¯ अनà¥â€à¤§à¤¿à¤•à¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¤¾ हो जाà¤à¤—ा, और चानà¥â€à¤¦ का पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤¶ जाता रहेगा, और तारे आकाश से गिर पकेंगे और आकाश की शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हिलाई जाà¤à¤‚गी। 30 तब मनà¥à¤·à¥à¤¯ के पà¥à¤¤à¥à¤° का चिनà¥â€à¤¹ आकाश में दिखाई देगा, और तब पृयà¥â€à¤µà¥€ के सब कà¥à¤²à¥‹à¤‚के लोग छाती पीटेंगे; और मनà¥à¤·à¥à¤¯ के पà¥à¤¤à¥à¤° को बड़ी सामरà¥à¤¯ और à¤à¤¶à¥à¤µà¤°à¥à¤¯ के साय आकाश के बादलोंपर आते देखेंगे। 31 और वह तà¥à¤°à¤¹à¥€ के बड़े शबà¥â€à¤¦ के साय, अपके दूतोंको à¤à¥‡à¤œà¥‡à¤—ा, और वे आकाश के इस छोर से उस छोर तक, चारोंदिशा से उसके चà¥à¤¨à¥‡ हà¥à¤“ं को इकटà¥à¤ े करेंगे। 32 अंजीर के पेड़ से यह दृषà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥â€à¤¤ सीखो: जब उस की डाली कोमल हो जाती और पतà¥à¤¤à¥‡ निकलने लगते हैं, तो तà¥à¤® जान लेते हो, कि गà¥à¤°à¥€à¤·à¥à¥˜ काल निकट है। 33 इसी रीति से जब तà¥à¤® इन सब बातोंको देखो, तो जान लो, कि वह निकट है, बरन दà¥à¤µà¤¾à¤° पर है। 34 मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि जबतब थे सब बातें पूरी न हो लें, तब तक यह पीढ़ी जाती न रहेगी। 35 आकाश और पृयà¥â€à¤µà¥€ टल जाà¤à¤‚गे, परनà¥â€à¤¤à¥ मेरी बातें कà¤à¥€ न टलेंगी। 36 उस दिन और उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता, न सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— के दूत, और न पà¥à¤¤à¥à¤°, परनà¥â€à¤¤à¥ केवल पिता। 37 जैसे नूह के दिन थे, वैसा ही मनà¥à¤·à¥à¤¯ के पà¥à¤¤à¥à¤° का आना à¤à¥€ होगा। 38 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जैसे जल-पà¥à¤°à¤²à¤¯ से पहिले के दिनोंमें, जिस दिन तक कि नूह जहाज पर न चढ़ा, उस दिन तक लोग खाते-पीते थे, और उन में बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ शादी होती यी। 39 और जब तक जल-पà¥à¤°à¤²à¤¯ आकर उन सब को बहा न ले गया, तब तक उन को कà¥à¤› à¤à¥€ मालूम न पड़ा; वैसे ही मनà¥à¤·à¥à¤¯ के पà¥à¤¤à¥à¤° का आना à¤à¥€ होगा। 40 उस समय दो जन खेत में होंगे, à¤à¤• ले लिया जाà¤à¤—ा और दूसरा छोड़ दिया जाà¤à¤—ा। 41 दो सà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ चकà¥à¤•à¥€ पीसती रहेंगी, à¤à¤• ले ली जाà¤à¤—ी, और दूसरी छोड़ दी जाà¤à¤—ी। 42 इसलिथे जागते रहो, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤® नहीं जानते कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¥ किस दिन आà¤à¤—ा। 43 परनà¥â€à¤¤à¥ यह जान लो कि यदि घर का सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ जानता होता कि चोर किस पहर आà¤à¤—ा, तो जागता रहता; और अपके घर में सेंघ लगने न देता। 44 इसलिथे तà¥à¤® à¤à¥€ तैयार रहो, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जिस घड़ी के विषय में तà¥à¤® सोचते à¤à¥€ नहीं हो, उसी घड़ी मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° आ जाà¤à¤—ा। 45 सो वह विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤¯ और बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ दास कौन है, जिसे सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने अपके नौकर चाकरोंपर सरदार ठहराया, कि समय पर उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥‹à¤œà¤¨ दे 46 धनà¥à¤¯ है, वह दास, जिसे उसका सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ आकर à¤à¤¸à¤¾ की करते पाà¤à¥¤ 47 मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं; वह उसे अपकà¥à¤•à¥€ सारी संपतà¥à¤¤à¤¿ पर सरदार ठहराà¤à¤—ा। 48 परनà¥â€à¤¤à¥ यदि वह दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿ दास सोचने लगे, कि मेरे सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ के आने में देर है। 49 और अपके सायी दासोंको पीटने लगे, और पिय?ड़ोंके साय खाठपीà¤à¥¤ 50 तो उस दास का सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ à¤à¤¸à¥‡ दिन आà¤à¤—ा, जब वह उस की बाट न जोहता हो। 51 और à¤à¤¸à¥€ घड़ी कि वह न जानता हो, और उसे à¤à¤¾à¤°à¥€ ताड़ना देकर, उसका à¤à¤¾à¤— कपटियोंके साय ठहराà¤à¤—ा: वहां रोना और दांत पीसना होगा।।
1 तब सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— का राजà¥à¤¯ उन दस कà¥à¤‚वारियोंके समान होगा जो अपकà¥à¤•à¥€ मशालें लेकर दूलà¥à¤¹à¥‡ से à¤à¥‡à¤‚ट करने को निकलीं। 2 उन में पांच मूरà¥à¤– और पांच समà¤à¤¦à¤¾à¤° यीं। 3 मूरà¥à¤–ोंने अपकà¥à¤•à¥€ मशालें तो लीं, परनà¥â€à¤¤à¥ अपके साय तेल नहीं लिया। 4 परनà¥â€à¤¤à¥ समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ने अपकà¥à¤•à¥€ मशालोंके साय अपकà¥à¤•à¥€ कà¥à¤ªà¥â€à¤ªà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚में तेल à¤à¥€ à¤à¤° लिया। 5 जब दà¥à¤²à¥à¤¹à¥‡ के आने में देर हà¥à¤ˆ, तो वे सब ऊंघने लगीं, और सो गई। 6 आधी रात को धूम मची, कि देखो, दूलà¥à¤¹à¤¾ आ रहा है, उस से à¤à¥‡à¤‚ट करने के लिथे चलो। 7 तब वे सब कà¥à¤‚वारियां उठकर अपकà¥à¤•à¥€ अपकà¥à¤•à¥€ मशलें ठीक करने लगीं। 8 और मूरà¥à¤–ोंने समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚से कहा, अपके तेल में से कà¥à¤› हमें à¤à¥€ दो, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि हमारी मशालें बà¥à¤«à¥€ जाती हैं। 9 परनà¥â€à¤¤à¥ समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ने उतà¥à¤¤à¤° दिया कि कदाचित हमारे और तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे पूरा न हो; à¤à¤²à¤¾ तो यह है, कि तà¥à¤® बेचनेवालोंके पास जाकर अपके लिथे मोल ले लो। 10 जब वे मोल लेने को जा रही यीं, तो दूलà¥à¤¹à¤¾ आ पहà¥à¤‚चा, और जो तैयार यीं, वे उसके साय बà¥à¤¯à¤¾à¤¹ के घर में चकà¥à¤•à¥€à¤‚ गई और दà¥à¤µà¤¾à¤° बनà¥â€à¤¦ किया गया। 11 इसके बाद वे दूसरी कà¥à¤‚वारियां à¤à¥€ आकर कहने लगीं, हे सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€, हे सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€, हमारे लिथे दà¥à¤µà¤¾à¤° खोल दे। 12 उस ने उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ नहीं जानता। 13 इसलिथे जागते रहो, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤® न उस दिन को जानते हो, न उस घड़ी को।। 14 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यह उस मनà¥à¤·à¥à¤¯ की सी दशा है जिस ने परदेश को जाते समय अपके दासोंको बà¥à¤²à¤¾à¤•à¤°, अपकà¥à¤•à¥€ संपतà¥à¤¤à¤¿ उन को सौंप दी। 15 उस ने à¤à¤• को पांच तोड़, दूसरे को दो, और तीसरे को à¤à¤•; अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€ हर à¤à¤• को उस की सामरà¥à¤¯ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° दिया, और तब परदेश चला गया। 16 तब जिस को पांच तोड़े मिले थे, उस ने तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ जाकर उन से लेन देन किया, और पांच तोड़े और कमाà¤à¥¤ 17 इसी रीति से जिस को दो मिले थे, उस ने à¤à¥€ दो और कमाà¤à¥¤ 18 परनà¥â€à¤¤à¥ जिस को à¤à¤• मिला या, उस ने जाकर मिटà¥à¤Ÿà¥€ खोदी, और अपके सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ के रूपके छिपा दिà¤à¥¤ 19 बहà¥à¤¤ दिनोंके बाद उन दासोंका सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ आकर उन से लेखा लेने लगा। 20 जिस को पांच तोड़े मिले थे, उस ने पांच तोड़े और लाकर कहा; हे सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€, तू ने मà¥à¤à¥‡ पांच तोड़े सौंपे थे, देख मैं ने पांच तोड़े और कमाठहैं। 21 उसके सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने उससे कहा, धनà¥à¤¯ है अचà¥â€à¤›à¥‡ और विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤¯ दास, तू योड़े में विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤¯ रहा; मैं तà¥à¤à¥‡ बहà¥à¤¤ वसà¥â€à¤¤à¥à¤“ं का अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¥€ बनाऊंगा अपके सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ के आननà¥â€à¤¦ में समà¥à¤à¤¾à¤—ी हो। 22 और जिस को दो तोड़े मिले थे, उस ने à¤à¥€ आकर कहा; हे सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ तू ने मà¥à¤à¥‡ दो तोड़े सौंपें थे, देख, मैं ने दो तोड़े और कमाà¤à¤‚। 23 उसके सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने उस से कहा, धनà¥à¤¯ हे अचà¥â€à¤›à¥‡ और विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤¯ दास, तू योड़े में विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤¯ रहा, मैं तà¥à¤à¥‡ बहà¥à¤¤ वसà¥â€à¤¤à¥à¤“ं का अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¥€ बनाऊंगा अपके सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ के आननà¥â€à¤¦ में समà¥à¤à¤¾à¤—ी हो। 24 तब जिस को à¤à¤• तोड़ा मिला या, उस ने आकर कहा; हे सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€, मैं तà¥à¤à¥‡ जानता या, कि तू कठोर मनà¥à¤·à¥à¤¯ है, और जहां नहीं छीटता वहां से बटोरता है। 25 सो मैं डर गया और जाकर तेरा तोड़ा मिटà¥à¤Ÿà¥€ में छिपा दिया; देख, जो तेरा है, वह यह है। 26 उसके सà¥â€à¤µà¤¾à¤®à¥€ ने उसे उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि हे दà¥à¤·à¥â€à¤Ÿ और आलसी दास; जब यह तू जानता या, कि जहां मैं ने नहीं बोया वहां से काटता हूं; और जहां मैं ने नहीं छीटा वहां से बटोरता हूं। 27 तो तà¥à¤à¥‡ चाहिठया, कि मेरा रूपया सरà¥à¤°à¤¾à¤«à¥‹à¤‚को दे देता, तब मैं आकर अपना धन बà¥à¤¯à¤¾à¤œ समेत ले लेता। 28 इसलिथे वह तोड़ा उस से ले लो, और जिस के पास दस तोड़े हैं, उस को दे दो। 29 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जिस किसी के पास है, उसे और दिया जाà¤à¤—ा; औशà¥à¤°à¥ उसके पास बहà¥à¤¤ हो जाà¤à¤—ा: परनà¥â€à¤¤à¥ जिस के पास नहीं है, उस से वह à¤à¥€ जो उसके पास है, ले लिया जाà¤à¤—ा। 30 और इस निकमà¥à¤®à¥‡ दास को बाहर के अनà¥â€à¤§à¥‡à¤°à¥‡ में डाल दो, जहां रोना औशà¥à¤°à¥ दांत पीसना होगा। 31 जब मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° अपकà¥à¤•à¥€ महिमा में आà¤à¤—ा, और सब सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— दूत उसके साय आà¤à¤‚गे तो वह अपकà¥à¤•à¥€ महिमा के सिहांसन पर विराजमान होगा। 32 और सब जातियां उसके सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ इकटà¥à¤ ी की जाà¤à¤‚गी; और जैसा चरवाहा à¤à¥‡à¤¡à¤¼à¥‹à¤‚को बकिरयोंसे अलग कर देता है, वैसा ही वह उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• दूसरे से अलग करेगा। 33 और वह à¤à¥‡à¤¡à¤¼à¥‹à¤‚को अपकà¥à¤•à¥€ दिहनी ओर और बकिरयोंको बाई और खड़ी करेगा। 34 तब राजा अपकà¥à¤•à¥€ दिहनी ओर वालोंसे कहेगा, हे मेरे पिता के धनà¥à¤¯ लोगों, आओ, उस राजà¥à¤¯ के अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡à¥€ हो जाओ, जो जगत के आदि से तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे तैयार किया हà¥à¤† है। 35 कयोंकि मै। à¤à¥‚खा या, और तà¥à¤® ने मà¥à¤à¥‡ खाने को दिया; मैं पियासा या, और तà¥à¤® ने मà¥à¤à¥‡ पानी पिलाया, मैं परदेशी या, तà¥à¤® ने मà¥à¤à¥‡ अपके घर में ठहराया। 36 मैं नंगा या, तà¥à¤® ने मà¥à¤à¥‡ कपके पहिनाà¤; मैं बीमार या, तà¥à¤® ने मेरी सà¥à¤§à¤¿ ली, मैं बनà¥â€à¤¦à¥€à¤—ृह में या, तà¥à¤® मà¥à¤ से मिलने आà¤à¥¤ 37 तब धरà¥à¤®à¥€ उस को उतà¥à¤¤à¤° देंगे कि हे पà¥à¤°à¤à¥, हम ने कब तà¥à¤à¥‡ à¤à¥‚खा देखा और सिखाया या पियासा देखा, और पिलाया 38 हम ने कब तà¥à¤à¥‡ परदेशी देखा और अपके घर में ठहराया या नंगा देखा, और कपके पहिनाठ39 हम ने कब तà¥à¤à¥‡ बीमार या बनà¥â€à¤¦à¥€à¤—ृह में देखा और तà¥à¤ से मिलने आठ40 तब राजा उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ उतà¥à¤¤à¤° देगा; मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि तà¥à¤® ने जो मेरे इन छोटे से छोटे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚में से किसी à¤à¤• के साय किया, वह मेरे ही साय किया। 41 तब वह बाईं ओर वालोंसे कहेगा, हे सà¥à¤°à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ लोगो, मेरे सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ से उस अननà¥â€à¤¤ आग में चले जाओ, जो शैतान और उसके दूतोंके लिथे तैयार की गई है। 42 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं à¤à¥‚खा या, और तà¥à¤® ने मà¥à¤à¥‡ खाने को नहीं दिया, मैं पियासा या, और तà¥à¤® ने मà¥à¤à¥‡ पानी नहीं पिलाया। 43 मैं परदेशी या, और तà¥à¤® ने मà¥à¤à¥‡ अपके घर में नहीं ठहराया; मैं नंगा या, और तà¥à¤® ने मà¥à¤à¥‡ कपके नहीं पहिनाà¤; बीमार और बनà¥â€à¤¦à¥€à¤—ृह में या, और तà¥à¤® ने मेरी सà¥à¤§à¤¿ न ली। 44 तब वे उतà¥à¤¤à¤° देंगे, कि हे पà¥à¤°à¤à¥, हम ने तà¥à¤à¥‡ कब à¤à¥‚खा, या पियासा, या परदेशी, या नंगा, या बीमार, या बनà¥â€à¤¦à¥€à¤—ृह में देखा, और तेरी सेवा टहल न की 45 तब वह उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ उतà¥à¤¤à¤° देगा, मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं कि तà¥à¤® ने जो इन छोटे से छोटोंमें से किसी à¤à¤• के साय नहीं किया, वह मेरे साय à¤à¥€ नहीं किया। 46 और यह अननà¥â€à¤¤ दणà¥â€à¤¡ à¤à¥‹à¤—ेंगे परनà¥â€à¤¤à¥ धरà¥à¤®à¥€ अननà¥â€à¤¤ जीवन में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करेंगे।
1 जब यीशॠथे सब बातें कह चà¥à¤•à¤¾, तो अपके चेलोंसे कहने लगा। 2 तà¥à¤® जानते हो, कि दो दिन के बाद फसह का परà¥à¤µà¥â€à¤µ होगा; और मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° कà¥à¤°à¥‚स पर चढ़ाठजाने के लिथे पकड़वाया जाà¤à¤—ा। 3 तब महाथाजक और पà¥à¤°à¤œà¤¾ के पà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤ काइफा नाम महाथाजक के आंगन में इकटà¥à¤ े हà¥à¤à¥¤ 4 और आपस में विचार करने लगे कि यीशॠको छत से पकड़कर मार डालें। 5 परनà¥â€à¤¤à¥ वे कहते थे, कि परà¥à¤µà¥â€à¤µ के समय नहीं; कहीं à¤à¤¸à¤¾ न हो कि लोगोंमें बलवा मच जाà¤à¥¤ 6 जब यीशॠबैतनियà¥à¤¯à¤¾à¤¹ में शमौन कोढ़ी के घर में या। 7 तो à¤à¤• सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ संगमरमर के पातà¥à¤° में बहà¥à¤®à¥‹à¤² इतà¥à¤° लेकर उसके पास आई, और जब वह à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने बैठा या, तो उसके सिर पर उणà¥â€à¤¡à¥‡à¤² दिया। 8 यह देखकर, उसके चेले रिसयाठऔर कहने लगे, इस का कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚सतà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¶ किया गया 9 यह तो अचà¥â€à¤›à¥‡ दाम पर बिककर कंगालोंको बांटा जा सकता या। 10 यह जानकर यीशॠने उन से कहा, सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ को कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚सताते हो उस ने मेरे साय à¤à¤²à¤¾à¤ˆ की है। 11 कंगाल तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ साय सदा रहते हैं, परनà¥â€à¤¤à¥ मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ साय सदैव न रहूंगा। 12 उस ने मेरी देह पर जो यह इतà¥à¤° उणà¥â€à¤¡à¥‡à¤²à¤¾ है, वह मेरे गाढ़े जाने के लिथे किया है 13 मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि सारे जगत में जहां कहीं यह सà¥à¤¸à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤° पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° किया जाà¤à¤—ा, वहां उसके इस काम का वरà¥à¤£à¤¨ à¤à¥€ उसके सà¥à¥˜à¤°à¤£ में किया जाà¤à¤—ा। 14 तब यहूदा इसà¥â€à¤•à¤¿à¤°à¤¯à¥‹à¤¤à¥€ नाम बारह चेलोंमें से à¤à¤• ने महाथाजकोंके पास जाकर कहा। 15 यदि मैं उसे तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ हाथ पकड़वा दूं, तो मà¥à¤à¥‡ कà¥â€à¤¯à¤¾ दोगे उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उसे तीस चानà¥â€à¤¦à¥€ के सिकà¥à¤•à¥‡ तौलकर दे दिà¤à¥¤ 16 और वह उसी समय से उसे पकड़वाने का अवसर ढूंढ़ने लगा।। 17 अखमीरी रोटी के परà¥à¤µà¥â€à¤µ के पहिले दिन, चेले यीशॠके पास आकर पूछने लगे; तू कहां चाहता है कि हम तेरे लिथे फसह खाने की तैयारी करें 18 उस ने कहा, नगर में फà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ के पास जाकर उस से कहो, कि गà¥à¤°à¥‚ कहता है, कि मेरा समय निकट है, मैं अपके चेलोंके साय तेरे यहां परà¥à¤µà¥â€à¤µ मनाऊंगा। 19 सो चेलोंने यीशॠकी आजà¥à¤žà¤¾ मानी, और फसह तैयार किया। 20 जब सांफ हà¥à¤ˆ, तो वह बारहोंके साय à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने के लिथे बैठा। 21 जब वे खा रहे थे, तो उस ने कहा, मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि तà¥à¤® में से à¤à¤• मà¥à¤à¥‡ पकड़वाà¤à¤—ा। 22 इस पर वे बहà¥à¤¤ उदास हà¥à¤, और हर à¤à¤• उस से पूछने लगा, हे गà¥à¤°à¥‚, कà¥â€à¤¯à¤¾ वह मैं हूं 23 उस ने उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि जिस ने मेरे साय याली में हाथ डाला है, वही मà¥à¤à¥‡ पकड़वाà¤à¤—ा। 24 मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° तो जैसा उसके विषय में लिखा है, जाता ही है; परनà¥â€à¤¤à¥ उस मनà¥à¤·à¥à¤¯ के लिथे शोक है जिस के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° पकड़वाया जाता है: यदि उस मनà¥à¤·à¥à¤¯ का जनà¥à¥˜ न होता, तो उसके लिथे à¤à¤²à¤¾ होता। 25 तब उसके पकड़वानेवाले यहूदा ने कहा कि हे रबà¥â€à¤¬à¥€, कà¥â€à¤¯à¤¾ वह मैं हूं 26 उस ने उस से कहा, तू कह चà¥à¤•à¤¾: जब वे खा रहे थे, तो यीशॠने रोटी ली, और आशीष मांगकर तोड़ी, और चेलोंको देकर कहा, लो, खाओ; यह मेरी देह है। 27 फिर उस ने कटोरा लेकर, धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ किया, और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ देकर कहा, तà¥à¤® सब इस में से पीओ। 28 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यह वाचा का मेरा वह लोहू है, जो बहà¥à¤¤à¥‹à¤‚के लिथे पापोंकी à¤à¤®à¤¾ के निमितà¥à¤¤ बहाथा जाता है। 29 मैं तà¥à¤® से कहता हूं, कि दाख का यह रस उस दिन तक कà¤à¥€ न पीऊंगा, जब तक तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ साय अपके पिता के राजà¥à¤¯ में नया न पीऊं।। 30 फिर वे à¤à¤œà¤¨ गाकर जैतून पहाड़ पर गà¤à¥¤à¥¤ 31 तब यीशॠने उन से कहा; तà¥à¤® सब आज ही रात को मेरे विषय में ठोकर खाओगे; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि लिखा है, कि मैं चरवाहे को मारूंगा; और फà¥à¤£à¥â€à¤¡ की à¤à¥‡à¤¡à¤¼à¥‡à¤‚ तितà¥à¤¤à¤° बितà¥à¤¤à¤° हो जाà¤à¤‚गी। 32 परनà¥â€à¤¤à¥ मैं अपके जी उठने के बाद तà¥à¤® से पहले गलील को जाऊंगा। 33 इस पर पतरस ने उस से कहा, यदि सब तेरे विषय में ठोकर खाà¤à¤‚ तो खाà¤à¤‚, परनà¥â€à¤¤à¥ मैं कà¤à¥€ à¤à¥€ ठोकर न खाऊंगा। 34 यीशॠने उस से कहा, मैं तà¥à¤® से सच कहता हूं, कि आज ही राज को मà¥à¤°à¥à¤—े के बांग देने से पहिले, तू तीन बार मà¥à¤ से मà¥à¤•à¤° जाà¤à¤—ा। 35 पतरस ने उस से कहा, यदि मà¥à¤à¥‡ तेरे साय मरना à¤à¥€ हो, तौà¤à¥€, मैं तà¥à¤ से कà¤à¥€ न मà¥à¤•à¤°à¥‚ंगा: और à¤à¤¸à¤¾ ही सब चेलोंने à¤à¥€ कहा।। 36 तब यीशॠने अपके चेलोंके साय गतसमनी नाम à¤à¤• सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में आया और अपके चेलोंसे कहने लगा कि यहीं बैठे रहना, जब तक कि मैं वहां जाकर पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करूं। 37 और वह पतरस और जबà¥â€à¤¦à¥€ के दोनोंपà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚को साय ले गया, और उदास और वà¥à¤¯à¤¾à¤•à¥à¤² होने लगा। 38 तब उस ने उन से कहा; मेरा जी बहà¥à¤¤ उदास है, यहां तक कि मेरे पà¥à¤°à¤¾à¤£ निकला चाहते: तà¥à¤® यहीं ठहरो, और मेरे साय जागते रहो। 39 फिर वह योड़ा और आगे बढ़कर मà¥à¤‚ह के बल गिरा, और यह पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मà¥à¤ से टल जाà¤; तौà¤à¥€ जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परनà¥â€à¤¤à¥ जैसा तू चाहता है वैसा ही हो। 40 फिर चेलोंके पास आकर उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ सोते पाया, और पतरस से कहा; कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® मेरे साय à¤à¤• घड़ी à¤à¥€ न जाग सके 41 जागते रहो, और पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ करते रहो, कि तà¥à¤® पकà¥à¤•à¥€à¤à¤¾ में न पड़ो: आतà¥à¥˜à¤¾ तो तैयार है, परनà¥â€à¤¤à¥ शरीर रà¥à¤¦à¥à¤¬à¤² है। 42 फिर उस ने दूसरी बार जाकर यह पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ की; कि हे मेरे पिता, यदि यह मेरे पीठबिना नहीं हट सकता तो तेरी इचà¥â€à¤›à¤¾ पूरी हो। 43 तब उस ने आकर उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ फिर सोते पाया, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि उन की आंखें नींद से à¤à¤°à¥€ यीं। 44 और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ छोड़कर फिर चला गया, और वही बात फिर कहकर, तीसरी बार पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¯à¤¨à¤¾ की। 45 तब उस ने चेलोंके पास आकर उन से कहा; अब सोते रहो, और विशà¥à¤°à¤® करो: देखो, घड़ी आ पहà¥à¤‚ची है, और मनà¥à¤·à¥à¤¯ का पà¥à¤¤à¥à¤° पापियोंके हाथ पकड़वाया जाता है। 46 उठो, चलें; देखो, मेरा पकड़वानेवाला निकट आ पहà¥à¤‚चा है।। 47 वह यह कह ही रहा या, कि देखो यहूदा जो बारहोंमें से à¤à¤• या, आया, और उसके साय महाथाजकोंऔर लोगोंके पà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤¯à¥‹à¤‚की ओर से बड़ी à¤à¥€à¤¡à¤¼, तलवारें और लाठियां लिठहà¥à¤ आई। 48 उसके पकड़वानेवाले ने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ यह पता दिया या कि जिस को मैं चूम लूं वही है; उसे पकड़ लेना। 49 और तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ यीशॠके पास आकर कहा; हे रबà¥â€à¤¬à¥€ नमसà¥â€à¤•à¤¾à¤°; और उस को बहà¥à¤¤ चूमा। 50 यीशॠने उस से कहा; हे मितà¥à¤°, जिस काम के लिथे तू आया है, उसे कर ले। तब उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने पास आकर यीशॠपर हाथ डाले, और उसे पकड़ लिया। 51 और देखो, यीशॠके सायियोंमें से à¤à¤• ने हाथ बढ़ाकर अपकà¥à¤•à¥€ तलवार खींच ली और महाथाजक के दास पर चलाकर उस का कान उड़ा दिया। 52 तब यीशॠने उस से कहा; अपकà¥à¤•à¥€ तलवार काठी में रख ले कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि जो तलवार चलाते हैं, वे सब तलवार से नाश किठजाà¤à¤‚गे। 53 कà¥â€à¤¯à¤¾ तू नहीं समà¤à¤¤à¤¾, कि मैं अपके पिता से बिनती कर सकता हूं, और वह सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—दूतोंकी बारह पलटन से अधिक मेरे पास अà¤à¥€ उपसà¥à¤¯à¤¿à¤¤ कर देगा 54 परनà¥â€à¤¤à¥ पवितà¥à¤° शासà¥â€à¤¤à¥à¤° की बातें कि à¤à¤¸à¤¾ ही होना अवशà¥à¤¯ है, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कर पूरी होंगी 55 उसी घड़ी यीशॠने à¤à¥€à¤¡à¤¼ से कहा; कà¥â€à¤¯à¤¾ तà¥à¤® तलवारें और लाठियां लेकर मà¥à¤à¥‡ डाकू के समान पकड़ने के लिथे निकले हो मैं हर दिन मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° में बैठकर उपकेश दिया करता या, और तà¥à¤® ने मà¥à¤à¥‡ नहीं पकड़ा। 56 परनà¥â€à¤¤à¥ यह सब इसलिथे हà¥à¤† है, कि à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾à¤“ं के वचन के पूरे हों: तब सब चेलें उसे छोड़कर à¤à¤¾à¤— गà¤à¥¤à¥¤ 57 और यीशॠके पकड़नेवाले उस को काइफा नाम महाथाजक के पास ले गà¤, जहां शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ और पà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤ इकटà¥à¤ े हà¥à¤ थे। 58 और पतरस दूर से उसके पीछे पीछे महाथाजक के आंगन तक गया, और à¤à¥€à¤¤à¤° जाकर अनà¥â€à¤¤ देखने को पà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¥‹à¤‚के साय बैठगया। 59 महाथाजक और सारी महासà¤à¤¾ यीशॠको मार डालने के लिथे उसके विरोध में फूठी गवाही की खोज में थे। 60 परनà¥â€à¤¤à¥ बहà¥à¤¤ से फूठे गवाहोंके आने पर à¤à¥€ न पाई। 61 अनà¥â€à¤¤ में दो जनोंने आकर कहा, कि उस ने कहा है; कि मैं परमेशà¥à¤µà¤° के मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° को ढा सकता हूं और उसे तीन दिन में बना सकता हूं। 62 तब महाथाजक ने खड़े होकर उस से कहा, कà¥â€à¤¯à¤¾ तू कोई उतà¥à¤¤à¤° नहीं देता थे लोग तेरे विरोध में कà¥â€à¤¯à¤¾ गवाही देते हैं परनà¥â€à¤¤à¥ यीशॠचà¥à¤ª रहा: महाथाजक ने उस से कहा। 63 मैं तà¥à¤à¥‡ जीवते परमेशà¥à¤µà¤° की शपय देता हूं, कि यदि तू परमेशà¥à¤µà¤° का पà¥à¤¤à¥à¤° मसीह है, तो हम से कह दे। 64 यीशॠने उस से कहा; तू ने आप ही कह दिया: बरन मैं तà¥à¤® से यह à¤à¥€ कहता हूं, कि अब से तà¥à¤® मनà¥à¤·à¥à¤¯ के पà¥à¤¤à¥à¤° को सरà¥à¤µà¤¶à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ की दिहनी ओर बैठे, और आकाश के बादलोंपर आते देखोगे। 65 तब महाथाजक ने अपके वसà¥â€à¤¤à¥à¤° फाड़कर कहा, इस ने परमेशà¥à¤µà¤° की निनà¥â€à¤¦à¤¾ की है, अब हमें गवाहोंका कà¥â€à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤œà¤¨ 66 देखो, तà¥à¤® ने अà¤à¥€ यह निनà¥â€à¤¦à¤¾ सà¥à¤¨à¥€ है! तà¥à¤® कà¥â€à¤¯à¤¾ समà¤à¤¤à¥‡ हो उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उतà¥à¤¤à¤° दिया, यह वध होने के योगà¥à¤¯ है। 67 तब उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उस से मà¥à¤‚ह पर यूका, और उसे घूंसे मारे, औरोंने यपà¥â€à¤ªà¤¡à¤¼ मार के कहा। 68 हे मसीह, हम से à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤µà¤¾à¤£à¥€ करके कह: कि किस ने तà¥à¤à¥‡ मारा 69 और पतरस बाहर आंगन में बैठा हà¥à¤† या: कि à¤à¤• लौंड़ी ने उसके पास आकर कहा; तू à¤à¥€ यीशॠगलीली के साय या। 70 उस ने सब के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ यह कह कर इनà¥â€à¤•à¤¾à¤° किया और कहा, मैं नहीं जानता तू कà¥â€à¤¯à¤¾ कह रही है। 71 जब वह बाहर डेवढ़ी में चला गया, तो दूसरी ने उसे देखकर उन से जो वहां थे कहा; यह à¤à¥€ तो यीशॠनासरी के साय या। 72 उस ने शपय खाकर फिर इनà¥â€à¤•à¤¾à¤° किया कि मैं उस मनà¥à¤·à¥à¤¯ को नहीं जानता। 73 योड़ी देर के बाद, जो वहां खड़े थे, उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने पतरस के पास आकर उस से कहा, सचमà¥à¤š तू à¤à¥€ उन में से à¤à¤• है; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि तेरी बोली तेरा à¤à¥‡à¤¦ खोल देती है। 74 तब वह धिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ देने और शपय खाने लगा, कि मैं उस मनà¥à¤·à¥à¤¯ को नहीं जानता; और तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ मà¥à¤°à¥à¤— ने बांग दी। 75 तब पतरस को यीशॠकी कही हà¥à¤ˆ बात सà¥à¥˜à¤°à¤£ आई की मà¥à¤°à¥à¤— के बांग देने से पहिले तू तीन बार मेरा इनà¥â€à¤•à¤¾à¤° करेगा और वह बाहर जाकर फूट फूट कर रोने लगा।।
1 जब à¤à¥‹à¤° हà¥à¤ˆ, तो सब महाथाजकोंऔर लोगोंके पà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤¯à¥‹à¤‚ने यीशॠके मार डालने की समà¥à¤®à¤¤à¤¿ की। 2 और उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उसे बानà¥â€à¤§à¤¾ और ले जाकर पीलातà¥à¤¸ हाकिम के हाथ में सौंप दिया।। 3 जब उसके पकड़वानेवाले यहूदा ने देखा कि वह दोषी ठहराया गया है तो वह पछताया और वे तीस चानà¥â€à¤¦à¥€ के सिकà¥à¤•à¥‡ महाथाजकोंऔर पà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤¯à¥‹à¤‚के पास फेर लाया। 4 और कहा, मैं ने निरà¥à¤¦à¥‹à¤·à¥€ को घात के लिथे पकड़वाकर पाप किया है उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, हमें कà¥â€à¤¯à¤¾ तू ही जान। 5 तब वह उन सिकà¥à¤•à¥‹à¤‚ मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° में फेंककर चला गया, और जाकर अपके आप को फांसी दी। 6 महाथाजकोंने उन सिकà¥à¤•à¥‹à¤‚ लेकर कहा, इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤£à¥â€à¤¡à¤¾à¤° में रखना उचित नहीं, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यह लोहू का दाम है। 7 सो उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने समà¥à¤®à¤¤à¤¿ करके उन सिकà¥à¤•à¥‹à¤‚ परदेशियोंके गाड़ने के लिथे कà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤° का खेत मोल ले लिया। 8 इस कारण वह खेत आज तक लोहू का खेत कहलाता है। 9 तब जो वचन यिरà¥à¤®à¤¯à¤¾à¤¹ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¤¦à¥à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कहा गया या वह पूरा हà¥à¤†; कि उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने वे तीस सिकà¥à¤•à¥‡ अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€ उस ठहराठहà¥à¤ मूलà¥à¤¯ को (जिसे इसà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤à¤² की सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨ में से कितनोंने ठहराया या) ले लिà¤à¥¤ 10 और जैसे पà¥à¤°à¤à¥ ने मà¥à¤à¥‡ आजà¥à¤žà¤¾ दी यी वैसे ही उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤° के खेत के मूलà¥à¤¯ में दे दिया।। 11 जब यीशॠहाकिम के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ खड़ा या, तो हाकिम ने उस से पूछा; कि कà¥â€à¤¯à¤¾ तू यहूदियोंका राजा है यीशॠने उस से कहा, तू आप ही कह रहा है। 12 जब महाथाजक और पà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤ उस पर दोष लगा रहे थे, तो उस ने कà¥à¤› उतà¥à¤¤à¤° नहीं दिया। 13 इस पर पीलातà¥à¤¸ ने उस से कहा: कà¥â€à¤¯à¤¾ तू नहीं सà¥à¤¨à¤¤à¤¾, कि थे तेरे विरोध में कितनी गवाहियां दे रहे हैं 14 परनà¥â€à¤¤à¥ उस ने उस को à¤à¤• बात का à¤à¥€ उतà¥à¤¤à¤° नहीं दिया, यहां तक कि हाकिम को बड़ा आशà¥â€à¤šà¤°à¥à¤¯ हà¥à¤†à¥¤ 15 और हाकिम की यह रीति यी, कि उस परà¥à¤µà¥â€à¤µ में लोगोंके लिथे किसी à¤à¤• बनà¥â€à¤§à¥à¤ को जिसे वे चाहते थे, छोड़ देता या। 16 उस समय बरअबà¥â€à¤¬à¤¾ नाम उनà¥â€à¤¹à¥€à¤‚ में का à¤à¤• नामी बनà¥â€à¤§à¥à¤† या। 17 सो जब वे इकटà¥à¤ े हà¥à¤, तो पीलातà¥à¤¸ ने उन से कहा; तà¥à¤® किस को चाहते हो, कि मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे छोड़ दूं बरअबà¥â€à¤¬à¤¾ को, या यीशॠको जो मसीह कहलाता है 18 कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि वह जानता या कि उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उसे डाह से पकड़वाया है। 19 जब वह नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ की गदà¥à¤¦à¥€ पर बैठा हà¥à¤† या तो उस की पतà¥â€à¤¨à¥€ ने उसे कहला à¤à¥‡à¤œà¤¾, कि तू उस धरà¥à¤®à¥€ के मामले में हाथ न डालना; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मैं ने आज सà¥â€à¤µà¤ªà¥â€à¤¨ में उसके कारण बहà¥à¤¤ दà¥à¤– उठाया है। 20 महाथाजकोंऔर पà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤¯à¥‹à¤‚ने लोगोंको उà¤à¤¾à¤°à¤¾, कि वे बरअबà¥â€à¤¬à¤¾ को मांग ले, और यीशॠको नाश कराà¤à¤‚। 21 हाकिम ने उन से पूछा, कि इन दोनोंमें से किस को चाहते हो, कि तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ लिथे छोड़ दूं उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा; बरअबà¥â€à¤¬à¤¾ को। 22 पीलातà¥à¤¸ ने उन से पूछा; फिर यीशॠको जो मसीह कहलाता है, कà¥â€à¤¯à¤¾ करूं सब ने उस से कहा, वह कà¥à¤°à¥‚स पर चढ़ाया जाà¤à¥¤ 23 हाकिम ने कहा; कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚उस ने कà¥â€à¤¯à¤¾ बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ की है परनà¥â€à¤¤à¥ वे और à¤à¥€ चिलà¥à¤²à¤¾, चिलà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° कहने लगे, ?वह कà¥à¤°à¥‚स पर चढ़ाया जाà¤à¥¤ 24 जब पीलातà¥à¤¸ ने देखा, कि कà¥à¤› बन नहीं पड़ता परनà¥â€à¤¤à¥ इस के विपकà¥à¤•à¥€à¤¤ हà¥à¤²à¥à¤²à¤¡à¤¼ होता जाता है, तो उस ने पानी लेकर à¤à¥€à¤¡à¤¼ के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ अपके हाथ धोà¤, और कहा; मैं इस धरà¥à¤®à¥€ के लोहू से निरà¥à¤¦à¥‹à¤· हूं; तà¥à¤® ही जानो। 25 सब लोगोंने उतà¥à¤¤à¤° दिया, कि इस का लोहू हम पर और हमारी सनà¥â€à¤¤à¤¾à¤¨ पर हो। 26 इस पर उस ने बरअबà¥â€à¤¬à¤¾ को उन के लिथे छोड़ दिया, और यीशॠको कोड़े लगवाकर सौंप दिया, कि कà¥à¤°à¥‚स पर चढ़ाया जाà¤à¥¤à¥¤ 27 तब हाकिम के सिपाहियोंने यीशॠको किले में ले जाकर सारी पलटन उसके चहà¥à¤‚ ओर इकटà¥à¤ ी की। 28 और उसके कपके उतारकर उसे किरिमजी बागा पहिनाया। 29 और काटोंको मà¥à¤•à¥à¤Ÿ गूंयकर उसके सिर पर रखा; और उसके दिहने हाथ में सरकणà¥â€à¤¡à¤¾ दिया और उसके आगे घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ टेककर उसे ठटà¥à¤ े में उड़ाने लगे, कि हे यहूदियोंके राज नमसà¥â€à¤•à¤¾à¤°à¥¤ 30 और उस पर यूका; और वही सरकणà¥â€à¤¡à¤¾ लेकर उसके सिर पर मारने लगे। 31 जब वे उसका ठटà¥à¤ ा कर चà¥à¤•à¥‡, तो वह बागा उस पर से उतारकर फिर उसी के कपके उसे पहिनाà¤, और कà¥à¤°à¥‚स पर चढ़ाने के लिथे ले चले।। 32 बाहर जाते हà¥à¤ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ शमौन नाम à¤à¤• कà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥€ मनà¥à¤·à¥à¤¯ मिला, उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उसे बेगार में पकड़ा कि उसका कà¥à¤°à¥‚स उठा ले चले। 33 और उस सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ पर जो गà¥à¤²à¤—à¥à¤¤à¤¾ नाम की जगह अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€ खोपड़ी का सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ कहलाता है पहà¥à¤‚चकर। 34 उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने पितà¥à¤¤ मिलाया हà¥à¤† दाखरस उसे पीने को दिया, परनà¥â€à¤¤à¥ उस ने चखकर पीना न चाहा। 35 तब उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उसे कà¥à¤°à¥‚स पर चढ़ाया; और चिटà¥à¤ ियां डालकर उसके कपके बांट लिà¤à¥¤ 36 और वहां बैठकर उसका पहरा देने लगे। 37 और उसका दोषपतà¥à¤°, उसके सिर के ऊपर लगाया, कि ?यह यहूदियोंका राजा यीशॠहै। 38 तब उसके साय दो डाकू à¤à¤• दिहने और à¤à¤• बाà¤à¤‚ कà¥à¤°à¥‚सोंपर चढ़ाठगà¤à¥¤ 39 और आने जाने वाले सिर हिला हिलाकर उस की निनà¥â€à¤¦à¤¾ करते थे। 40 और यह कहते थे, कि हे मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° के ढानेवाले और तीन दिन में बनानेवाले, अपके आप को तो बचा; यदि तू परमेशà¥à¤µà¤° का पà¥à¤¤à¥à¤° है, तो कà¥à¤°à¥‚स पर से उतर आ। 41 इसी रीति से महाथाजक à¤à¥€ शासà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚और पà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤¯à¥‹à¤‚समेत ठटà¥à¤ ा कर करके कहते थे, इस ने औरोंको बचाया, और अपके को नहीं बचा सकता। 42 यह तो ?इसà¥à¤°à¤¾à¤à¤² का राजा है। अब कà¥à¤°à¥‚स पर से उतर आà¤, तो हम उस पर विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करें। 43 उस ने परमेशà¥à¤µà¤° का à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ रखा है, यदि वह इस को चाहता है, तो अब इसे छà¥à¤¡à¤¼à¤¾ ले, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इस ने कहा या, कि ?मैं परमेशà¥à¤µà¤° का पà¥à¤¤à¥à¤° हूं। 44 इसी पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° डाकू à¤à¥€ जो उसके साय कà¥à¤°à¥‚सोंपर चढ़ाठगठथे उस की निनà¥â€à¤¦à¤¾ करते थे।। 45 दोपहर से लेकर तीसरे पहर तक उस सारे देश में अनà¥â€à¤§à¥‡à¤°à¤¾ छाया रहा। 46 तीसरे पहर के निकट यीशॠने बड़े शबà¥â€à¤¦ से पà¥à¤•à¤¾à¤°à¤•à¤° कहा, à¤à¤²à¥€, à¤à¤²à¥€, लमा शबकà¥à¤¤à¤¨à¥€ अरà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥â€ हे मेरे परमेशà¥à¤µà¤°, हे मेरे परमेशà¥à¤µà¤°, तू ने मà¥à¤à¥‡ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚छोड़ दिया 47 जो वहां खड़े थे, उन में से कितनोंने यह सà¥à¤¨à¤•à¤° कहा, वह तो à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥à¤¯à¤¾à¤¹ को पà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¤à¤¾ है। 48 उन में से à¤à¤• तà¥à¤°à¤¨à¥â€à¤¤ दौड़ा, और सà¥â€à¤ªà¤‚ज लेकर सिरके में डà¥à¤¬à¥‹à¤¯à¤¾, और सरकणà¥â€à¤¡à¥‡ पर रखकर उसे चà¥à¤¸à¤¾à¤¯à¤¾à¥¤ 49 औरोंने कहा, रह जाओ, देखें, à¤à¤²à¤¿à¤¯à¥à¤¯à¤¾à¤¹ उसे बचाने आता है कि नहीं। 50 तब यीशॠने फिर बड़े शबà¥â€à¤¦ से चिलà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤£ छोड़ दिà¤à¥¤ 51 और देखो मनà¥â€à¤¦à¤¿à¤° का परदा ऊपर से नीचे तक फट कर दो टà¥à¤•à¤¡à¤¼à¥‡ हो गया: और धरती डोल गई और चटानें तड़कर गईं। 52 और कबà¥à¤°à¥‡à¤‚ खà¥à¤² गईं; और सोठहà¥à¤ पवितà¥à¤° लोगोंकी बहà¥à¤¤ लोथें जी उठीं। 53 और उसके जी उठने के बाद वे कबà¥à¤°à¥‹à¤‚में से निकलकर पवितà¥à¤° नगर में गà¤, और बहà¥à¤¤à¥‹à¤‚को दिखाई दिà¤à¥¤ 54 तब सूबेदार और जो उसके साय यीशॠका पहरा दे रहे थे, à¤à¥à¤ˆà¤¡à¥‹à¤² और जो कà¥à¤› हà¥à¤† या, देखकर अतà¥à¤¯à¤¨à¥â€à¤¤ डर गà¤, और कहा, सचमà¥à¤š ?यह परमेशà¥à¤µà¤° का पà¥à¤¤à¥à¤° या। 55 वहां बहà¥à¤¤ सी सà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जो गलील से यीशॠकी सेवा करती हà¥à¤ˆà¤‚ उसके साय आईं यीं, दूर से देख रही यीं। 56 उन में मरियम मगदलीली और याकूब और योसेस की माता मरियम और जबà¥â€à¤¦à¥€ के पà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚की माता यीं। 57 जब सांफ हà¥à¤ˆ तो यूसà¥à¤« नाम अरिमतियाह का à¤à¤• धनी मनà¥à¤·à¥à¤¯ जो आप ही यीशॠका चेला या आया: उस ने पीलातà¥à¤¸ के पास जाकर यीशॠकी लोय मांगी। 58 इस पर पीलातà¥à¤¸ ने दे देने की आजà¥à¤žà¤¾ दी। 59 यूसà¥à¤« ने लोय को लेकर उसे उजà¥à¥›à¤µà¤² चादर में लपेटा। 60 और उसे अपकà¥à¤•à¥€ नई कबà¥à¤° में रखा, जो उस ने चटान में खà¥à¤¦à¤µà¤¾à¤ˆ यी, और कबà¥à¤° के दà¥à¤µà¤¾à¤° पर बड़ा पतà¥à¤¯à¤° लà¥à¤¢à¤¼à¤•à¤¾à¤•à¤° चला गया। 61 और मरियम मगदलीनी और दूसरी मरियम वहां कबà¥à¤° के सामà¥à¤¹à¤¨à¥‡ बैठी यीं।। 62 दूसरे दिन जो तैयारी के दिन के बाद का दिन या, महाथाजकोंऔर फरीसियोंने पीलातà¥à¤¸ के पास इकटà¥à¤ े होकर कहा। 63 हे महाराज, हमें सà¥à¥˜à¤°à¤£ है, कि उस à¤à¤°à¤®à¤¾à¤¨à¥‡à¤µà¤¾à¤²à¥‡ ने अपके जीते जी कहा या, कि मैं तीन दिन के बाद जी उठूंगा। 64 सो आजà¥à¤žà¤¾ दे कि तीसरे दिन तक कबà¥à¤° की रखवाली की जाà¤, à¤à¤¸à¤¾ न हो कि उसके चेले आकर उसे चà¥à¤°à¤¾ ले जाà¤à¤‚, और लोगोंसे कहनें लगें, कि वह मरे हà¥à¤“ं में से जी उठा है: तब पिछला धोखा पहिले से à¤à¥€ बà¥à¤°à¤¾ होगा। 65 पीलातà¥à¤¸ ने उन से कहा, तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास पहरूठतो हैं जाओ, अपकà¥à¤•à¥€ समठके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° रखवाली करो। 66 सो वे पहरूओं को साय ले कर गà¤, और पतà¥à¤¯à¤° पर मà¥à¤¹à¤° लगाकर कबà¥à¤° की रखवाली की।।
1 सबà¥â€à¤¤ के दिन के बाद सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के पहिले दिन पह फटते ही मरियम मगदलीनी और दूसरी मरियम कबà¥à¤° को देखने आई। 2 और देखो à¤à¤• बड़ा à¤à¥à¤ˆà¤‚डोल हà¥à¤†, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¤à¥ का à¤à¤• दूत सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— से उतरा, और पास आकर उसने पतà¥à¤¯à¤° को लà¥à¤¢à¤¼à¤•à¤¾ दिया, और उस पर बैठगया। 3 उसका रूप बिजली का सा और उसका वसà¥â€à¤¤à¥à¤° पाले की नाई उजà¥à¥›à¥â€à¤µà¤² या। 4 उसके à¤à¤¯ से पहरूठकांप उठे, और मृतक समान हो गà¤à¥¤ 5 सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤—दूत ने सà¥â€à¤¤à¥à¤°à¥à¤¯à¤¿à¥‹à¤‚से कहा, कि तà¥à¤® मत डरो : मै जानता हूठकि तà¥à¤® यीशॠको जो कà¥à¤°à¥à¤¸ पर चढ़ाया गया या ढूंढ़ती हो। 6 वह यहाठनहीं है, परनà¥â€à¤¤à¥ अपके वचन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° जी उठा है; आओ, यह सà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देखो, जहाठपà¥à¤°à¤à¥ पड़ा या। 7 और शीघà¥à¤° जाकर उसके चेलोंसे कहो, कि वह मृतकोंमें से जी उठा है; और देखो वह तà¥à¤® से पहिले गलील को जाता है, वहाठउसका दरà¥à¤¶à¤¨ पाओगे, देखो, मैं ने तà¥à¤® से कह दिया। 8 और वे à¤à¤¯ और बड़े आननà¥â€à¤¦ के साय कबà¥à¤° से शीघà¥à¤° लौटकर उसके चेलोंको समाचार देने के लिथे दौड़ गई। 9 और देखो, यीशॠउनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ मिला और कहा; ?सलाम और उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने पास आकर और उसके पाà¤à¤µ पकड़कर उसको दणडवत किया। 10 तब यीशॠने उन से कहा, मत डरो; मेरे à¤à¤¾à¤ˆà¤¯à¥‹à¤‚से जाकर कहो, कि गलील को चलें जाà¤à¤‚ वहाठमà¥à¤à¥‡ देखेंगे।। 11 वे जा ही रही यी, कि देखो, पहरूओं में से कितनोंने नगर में आकर पूरा हाल महाथाजकोंसे कह सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¤¾à¥¤ 12 तब उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने पà¥à¤°à¤¿à¤¨à¤¯à¥‹à¤‚के साय इकटà¥à¤ े होकर समà¥à¤®à¤¤à¤¿ की, और सिपाहियोंको बहà¥à¤¤ चानà¥â€à¤¦à¥€ देकर कहा। 13 कि यह कहना, कि रात को जब हम सो रहे थे, तो उसके चेले आकर उसे चà¥à¤°à¤¾ ले गà¤à¥¤ 14 और यदि यह बात हाकिम के कान तक पहà¥à¤‚चेगी, तो हम उसे समà¤à¤¾ लेंगे और तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ जोखिम से बचा लेंगे। 15 सो उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने रूपठलेकर जैसा सिखाठगठथे, वैसा ही किया; और यह बात आज तक यहूदियोंमें पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ है।। 16 और गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¹ चेले गलील में उस पहाड़ पर गà¤, जिसे यीशॠने उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ बताया या। 17 और उनà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ने उसके दरà¥à¤¶à¤¨ पाकर उसे पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤® किया, पर किसी किसी को सनà¥â€à¤¦à¥‡à¤¹ हà¥à¤†à¥¤ 18 यीशॠने उन के पास आकर कहा, कि सà¥â€à¤µà¤°à¥à¤— और पृयà¥â€à¤µà¥€ का सारा अधिकà¥à¤•à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ मà¥à¤à¥‡ दिया गया है। 19 इसलिथे तà¥à¤® जाकर सब जातियोंके लोगोंको चेला बनाओ और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ पिता और पà¥à¤¤à¥à¤° और पवितà¥à¤°à¤†à¤¤à¥à¥˜à¤¾ के नाम से बपतिसà¥à¥˜à¤¾ दो। 20 और उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ सब बातें जो मैं ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ आजà¥à¤žà¤¾ दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अनà¥â€à¤¤ तक सदैव तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ संग हूं।।